राम्प्यारी का सवाल -34

हाय….आंटीज..अंकल्स एंड दीदी लोग..या..दिस इज मी..रामप्यारी.. आज शाम के नये सवाल मे आपका स्वागत है. तो आईये अब शुरु करते हैं आज का “कुछ भी-कही से भी” मे आज का सवाल.

सवाल है : इन को पहचानिये?




तो अब फ़टाफ़ट जवाब दिजिये. तब तक रामप्यारी की रामराम.

Promoted By : ताऊ और भतीजा

23 comments:

  प्रकाश गोविन्द

27 August 2009 at 18:00

Zeenat Amaan

  Udan Tashtari

27 August 2009 at 18:08

जीनत अमान

  Udan Tashtari

27 August 2009 at 18:09

zeenat aman

  संजीव गौतम

27 August 2009 at 18:19

जीनत अमान

  seema gupta

27 August 2009 at 18:48

jeenat aman. Regards

  mehek

27 August 2009 at 18:57

zeenataman

  प्रकाश गोविन्द

27 August 2009 at 19:21

प्रिय समीर जी आपके लिए हिंट :

चित्र वाली महिला का सम्बन्ध
टेनिस अथवा क्रिकेट से नहीं है !

  M VERMA

27 August 2009 at 19:23

Ranjeeta

  Gagan Sharma, Kuchh Alag sa

27 August 2009 at 19:38

Jinat Aman

  Anil Pusadkar

27 August 2009 at 19:43

राम राम राम, इन सब लफ़्ड़ो से दूर् ही भले,

  Nirmla Kapila

27 August 2009 at 20:09

vaise to madhuri diXit lag rahi hai baki ram piari jane raam raam

  Udan Tashtari

27 August 2009 at 20:20

Prakash Bhai

Rajniti se inka koi sambandh hai kya, please help!!

  अल्पना वर्मा

27 August 2009 at 20:20

Zeenat Amaan hain...der se pahunche ab ak to bahuton ne bataa hi diya hoga!

  प्रकाश गोविन्द

27 August 2009 at 20:37

भाई बहुत खूब समीर जी
दाद देता हूँ ...
ताडने वाले भी क़यामत की नजर रखते हैं

आप जैसा कोई पहेली में आये तो बात बन जाए
आनंद ही आनद

  सैयद | Syed

27 August 2009 at 20:39

Zeenat Amaan

  Udan Tashtari

27 August 2009 at 21:33

ये कोई ब्लॉगर की तस्वीर तो नहीं??

  बवाल

27 August 2009 at 23:37

लारा दत्ता

  विपिन बिहारी गोयल

28 August 2009 at 00:18

कहीं केटरीना जी तो नहीं ,आज कल वो ही वो नजर आती हैं

  mahashakti

28 August 2009 at 05:52

ये तो राम प्‍यारी की तस्वीर है,सॉरी राम प्‍यारी तो इतनी सुन्‍दर हो ही नही सकती।

जीनत अमान को लॉक किया जाये।

  रज़िया "राज़"

28 August 2009 at 11:02

क्या हमारी भाभी जी ये फ़ोटु देखती हैं? मेरा सवाल प्रकाशजी से है?

  प्रकाश गोविन्द

28 August 2009 at 11:58

नहीं रजिया जी
खुशनसीब हूँ कि अभी तक आपकी भाभी जी आयीं नहीं जिंदगी में ! तभी तो लट्ठ वाले ताऊ के मजमें में आकर रोज किसी की आँखें देखकर ..किसी के झुमके देखकर पहचान लेता हूँ !

आप एकदम से गायब कहाँ हो जाती हैं ?
अभी आपके ब्लॉग पर होकर आया हूँ !

  नीरज गोस्वामी

28 August 2009 at 12:20

"जीनत अमान"...मुझे तो येही लाग्गे है.

  वन्दना अवस्थी दुबे

28 August 2009 at 14:37

क्या बात है?कोई पहचान क्यों नहीं रहा? ये तो ज़ीनत अमान हैं.

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