रामप्यारी का सवाल न. 35

हाय….आंटीज..अंकल्स एंड दीदी लोग..या..दिस इज मी..रामप्यारी.. आज शाम के नये सवाल मे आपका स्वागत है. तो आईये अब शुरु करते हैं आज का “कुछ भी-कही से भी” मे आज का सवाल.

सवाल है : इन चौकीदार महोदय को पहचानिये?



तो अब फ़टाफ़ट जवाब दिजिये. तब तक रामप्यारी की रामराम.


Promoted By : ताऊ और भतीजा

32 comments:

  Udan Tashtari

28 August 2009 at 18:01

चीता है.

  Udan Tashtari

28 August 2009 at 18:01

बिल्ली है.

  नीरज गोस्वामी

28 August 2009 at 18:02

टायगर

  प्रकाश गोविन्द

28 August 2009 at 18:02

शेर का बच्चा

  M VERMA

28 August 2009 at 18:08

Polar Bear

  अल्पना वर्मा

28 August 2009 at 18:08

Squirrel

  संगीता पुरी

28 August 2009 at 19:01

कुत्‍ते की कोई प्रजाति

  M VERMA

28 August 2009 at 19:05

Langoor

  प्रकाश गोविन्द

28 August 2009 at 19:07

ये जी भालू का बच्चा ... न जी ये तो बिल्ली है जी ..रुको ..रुको ..ये शर्तिया लोमडी का बच्चा लगे है ...टाईगर का भी हो सके है ...बन्दर का बच्चा है जी ..फाईनल ..वेट करो जी ...बकरी का बच्चा लास्ट फाईनल ....न जी उसके तो पंजे ही न होवें हैं ... तो ये बन बिलाव का ...या ......

लगता है आज फिर से इक्कीस रुपैया चढाना पड़ेगा जी ...... जिसने भी बनायीं पहेली ...नतमस्तक हैं जी !

  अजय कुमार झा

28 August 2009 at 19:40

मारिए ..ई त ससुर ..कुकुर अरे माने कुत्ता है जी..खाली तनिक गोरा है..और खाते पीते घर का है ..

  संगीता पुरी

28 August 2009 at 19:40

जिसने भी बनायीं पहेली ...नतमस्तक हैं जी !
बनानेवालों का क्‍या है .. कुछ भी बना सकते हैं .. इस बार बूझनेवाले के आगे नतमस्‍तक होना होगा !!

  एकलव्य

28 August 2009 at 19:44

सफ़ेद बर्फीला भालू समझ आ रहा है .
हाय रामप्यारी तेरे तो वो लग रहे है है है है

  एकलव्य

28 August 2009 at 19:45

सफ़ेद बर्फीला भालू समझ आ रहा है .

  sonia

28 August 2009 at 19:48

अरे ताऊजी ये कोई चौकीदार नही है.सुने बंगले मे कोई ऊदबिलाव है.

  sonia

28 August 2009 at 19:49

मेरा मतलब ऊदबिलाव या बनबिलाव ..मेरे हिसाब से दोनो एक ही हैं.

  भानाराम जाट

28 August 2009 at 19:49

पामेरियन डाग

  भानाराम जाट

28 August 2009 at 19:50

अगर पामेरियन नही है तो फ़िर रामप्यारी मैम की छोटी बहन है.:)

  दीपक "तिवारी साहब"

28 August 2009 at 19:52

अरे वाह रामप्यारीजी आपने तो यहां अच्छी दूकान लगा रखी है? हाम्को तो मालूम ही नही था? अब आज से हम भी आते हैं.

ये जो फ़ोटो है ये छछूंदरी का है.

  दीपक "तिवारी साहब"

28 August 2009 at 19:54

छछूंदरी समझती हो ना प्यारी? कहीं ऐसा ना हो कि तुम्हारी जबान मे कुछ और कहते होंं? और मुझे हरा दो. दूसरा कोई नाम याद है तो बताता हूं.

  प्रकाश गोविन्द

28 August 2009 at 20:01

आप सभी लोगों से गुजारिश है कि अपने-अपने जवाब की पर्ची बना कर तैयार रखें .... बाद में सभी पर्चियों को ब्रह्म मुहूरत में प्रातः 4 बजे एक कनस्तर में एकत्र किया जाएगा और पहेली में हिस्सा न लेने वालों में से किसी को जगा कर एक पर्ची चुनने को बोला जाएगा !

बाकी आपकी किस्मत ......

  Udan Tashtari

28 August 2009 at 20:58

गिलहरी है. :)

  Udan Tashtari

28 August 2009 at 21:02

Squirrel (अंग्रजी में) गिलहरी

  Udan Tashtari

28 August 2009 at 21:25

कनस्तर कहाँ मिलेगा प्रकाश भाई, जिसमे पर्ची डालनी है?

  अजय कुमार झा

28 August 2009 at 22:31

कनस्तर मिलेगा तो सबसे पहले ..इसी बिल्लन को डाला जाये उसमें....अपने आप बता देगी यो..कि किसकी फ़ोटो है..

  प्रकाश गोविन्द

28 August 2009 at 22:50

अरे बन्धु समीर जी
कनस्तर वगैरह की सारी जिम्मेदारी आयोजक की होती है ! वही करेंगे इंतजाम !

सवाल यहाँ यह है कि ब्रह्म मुहूरत में जगाया किसको जाए ?
मैं श्री अनूप शुक्ल "फ़ुरसतिया" जी के नाम का प्रस्ताव रखता हूँ !

  mehek

28 August 2009 at 22:58

isko gwala yakwala kehte hai english mein,shayad wahi hai.

  भानाराम जाट

29 August 2009 at 07:59

भाईयो ये कहीं अनिलपूसदकर जी जो सांडे का तेल बेचने वालों के बारें मे बता रहे थे वो सांडा तो नही है?

हमको पक्का मालूंम है अनिल भाई ताऊबाबा आश्रम के भक्त हैं उन्होने ही यह सांडा ताऊबाबा को भेंट किया होगा और उसकी फ़ोटो खींच कर यह पहेली बन गई.

चलो सारे जने इक्कीस इक्कीस रुपये भेंट चढावो ताऊबाबा को.

बोलो ताऊबाबा की जय!!!

  अविनाश वाचस्पति

29 August 2009 at 08:05

पहचानें और वो भी बिना शक्‍ल के
वाह बहुत खूब
पहले शक्‍ल दिखाते थे
शक्‍लें गड्ड मड्ड करते थे
अब गायब कर दीं
फिर भी कहते हैं
पहचानो

कल खाली मैदान दिखा देंगे
और पूछेंगे कि बतलायें
घास चर के कौन गया है ?

  makrand

29 August 2009 at 08:05

ये नेवला है रामप्यारी पक्के से. हमने सारी रात माथा खपा लिया और कुछ हो ही नही सकता. शर्त लगी. अगर नेवला ना हो तो मैं तुझसे १०१ रुपये लूंगा और अगर नेवला हुआ तो तू मुझे १०१ रुपये देगी. शर्त पक्की.

भाईयो आप सब गवाह हो इस शर्त के. ताऊ इस पहेली के लिये तो आपको घणी रामराम करता हूं.
अगर किसी ने सही जवाब दिया है तो उसके तो पांव पकड कर शिष्यत्व ग्रहण करता हूं. यह पहेली भी बिना जवाब ही निकलेगी.

  अल्पना वर्मा

29 August 2009 at 12:10

waah Rampyari !
is paheli se jyada is par aaye comments rochak hain!

:D

  संगीता पुरी

29 August 2009 at 15:20

कठिन पहेली में मजेदार कमेंट्स आते हैं .. इसलिए तो जानबूझकर रामप्‍यारी कठिन पूछा करती है !!

  अविनाश वाचस्पति

29 August 2009 at 15:32

@ मकरंद
इतने सारे जवाबों के बाद भी बिना जवाब
गलत कह रहे हो
गलत जवाब के साथ तो निकल सकती है
पर बेजवाब कैसे हो सकती है
जबकि इतने सारे गलत जवाब आए हों

गिलहरी तो हो ही नहीं सकती
तीन फुटिया गिलहरी कहां मिलती है
अपने देश में या विदेश में।

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