रामप्यारी का सवाल - 57

हाय….आंटीज..अंकल्स एंड दीदी लोग..या..दिस इज मी..रामप्यारी.. आज शाम के नये सवाल मे

आपका स्वागत है. तो आईये अब शुरु करते हैं आज का “कुछ भी-कही से भी” मे आज का सवाल.

सवाल है : इन किस चीज के पौधे हैं? पहचानिये?


तो अब फ़टाफ़ट जवाब दिजिये. तब तक रामप्यारी की रामराम.


Promoted By : ताऊ और भतीजा

25 comments:

  Udan Tashtari

19 September 2009 at 18:00

हरी घास.

  Udan Tashtari

19 September 2009 at 18:01

खरपतवार..


हा हा!! जीत गये.

  Udan Tashtari

19 September 2009 at 18:02

अजवाईन का पौधा

  विवेक सिंह

19 September 2009 at 18:03

पालक

  Udan Tashtari

19 September 2009 at 18:05

गवारपाठा का पौधा

  प्रकाश गोविन्द

19 September 2009 at 18:06

bajra

  Udan Tashtari

19 September 2009 at 18:06

जंगली मिर्च-तेज वाली

बैंगलूरु के पास मिलती है.

  Kajal Kumar

19 September 2009 at 18:08

गेहूं बाजरा सरसों तीनों ही नज़र आ रहे हैं

  Udan Tashtari

19 September 2009 at 18:10

अमरख

  प्रकाश गोविन्द

19 September 2009 at 18:13

Rice

  Udan Tashtari

19 September 2009 at 18:15

सुर भस्मि की झाड़ी, राजस्थान में होती है.

  Udan Tashtari

19 September 2009 at 18:17

तिवरा..छत्तीसगढ़ की फसल

चने के साथ लगाते है.

  Udan Tashtari

19 September 2009 at 18:22

अरे, ये तो वो वाली घास का पौधा है जिसमें ३६ में से बाकी की बची टिप्पणीयाँ छिपा दी गई थी. दो तीन तो फोटो में से झांक भी रही है.

-उत्तर: टिप्पणीछुपाउ घास

सांटिफिक नेम: Commentohido Grasso

:)

जीत गये.

  Nirmla Kapila

19 September 2009 at 18:22

dhaan lag rahaa hai

  Udan Tashtari

19 September 2009 at 18:24

सारी घसियल फसल तो गिना दिये..अब बचा क्या है. :)

  समयचक्र - महेंद्र मिश्र

19 September 2009 at 18:39

केली के पत्ते है .

  समयचक्र - महेंद्र मिश्र

19 September 2009 at 18:40

गवारपाठा

  Udan Tashtari

19 September 2009 at 18:40

अनाम पौधा

साईंस का नाम: Annonymusio Plantecio

  प्रेमलता पांडे

19 September 2009 at 18:43

ज्वार-बाजरा और कचरी की बेल।

  हिमांशु । Himanshu

19 September 2009 at 19:01

गेहूँ ही लग रहा है ।

  अजय कुमार झा

19 September 2009 at 19:24

खाली घास है जी ...थोडा फ़ूस भी है...बकिया जो जो बचा है उ उडनतशतरी जी बता कर ही छोडेंगे...अभी देखिये न कौन कौन अल्हुआ सुथनी का नाम बतायेंगे...

  अविनाश वाचस्पति

19 September 2009 at 19:36

गाजर घास
कभी तो हमें भी जीतने दें

  Udan Tashtari

19 September 2009 at 23:54

ये है सफेद मूसली. असम में खूब होती है. जड़ी बूटिओं के काम आती है.

  Udan Tashtari

19 September 2009 at 23:57

रामप्यारी, कहीं यह जिनसेंग तो नहीं...

अरे, वो जो चायनीज़ लोग पीते हैं...लेकिन देश के बाहर का तो आऊट ऑफ सिलेबस माना जायेगा..



-लगता है आज सच का सामना में हार का सामना होगा. इत्ती मेहनत पहली बार लग रही है.

  Udan Tashtari

20 September 2009 at 00:10

http://images.google.co.in/imgres?imgurl=http://www.abhyudaypsyllium.com/images/isabgol-plant.jpg&imgrefurl=http://www.abhyudaypsyllium.com/aboutpsyllium.html&usg=__ceo0TXUe1_N45fKWtfuGrjxHNFs=&h=168&w=126&sz=41&hl=en&start=17&sig2=Z3aPj82QMh8hqX8J5VwrVw&um=1&tbnid=6AyO-VuuIrIe6M:&tbnh=99&tbnw=74&prev=/images%3Fq%3Disabgol%26hl%3Den%26sa%3DG%26um%3D1&ei=Ody0StT3O4Hq6AOak93nCQ



बड़ी मुश्किल से ढ़ूंढ़कर निकाला इसे. स्ट्रिंग ऑपरेशन के डर से इसबगोल के खेत में ही जाकर गोल हो गई थी.

पक्का पता मिला है:

इसबगोल का पौधा है.

Followers