रामप्यारी का सवाल 96

हाय….आंटीज..अंकल्स एंड दीदी लोग..या..दिस इज मी..रामप्यारी.. आज शाम के नये सवाल मे आपका स्वागत है. तो आईये अब शुरु करते हैं आज का “कुछ भी-कही से भी” मे आज का सवाल.

सवाल है : इन को पहचानिये?





तो अब फ़टाफ़ट जवाब दिजिये. तब तक रामप्यारी की रामराम.


Promoted By : ताऊ और भतीजा

81 comments:

  Udan Tashtari

28 October 2009 at 18:00

तेंदुआ

  Udan Tashtari

28 October 2009 at 18:01

Leopard = तेंदुआ :)

  Murari Pareek

28 October 2009 at 18:02

chitaah

  Murari Pareek

28 October 2009 at 18:02

aaj net bahut slow tha !!!

  शुभम आर्य

28 October 2009 at 18:02

cheetah hai

  ललित शर्मा

28 October 2009 at 18:04

तेंदुआ तो ठीक है, लेकिन ये जिंदा है या मुर्दा,
या किसी "अभिनेत्री" ने इसकी खाल का ओवर कोट पहन रक्खा है-सपस्ट किया जाये। अभी मेरा उत्तर बाकी है।

  Murari Pareek

28 October 2009 at 18:05

samir ji baaji maar gaye par hum apnaa jawaab bhi nahi badlenge !!!

  ललित शर्मा

28 October 2009 at 18:06

राम-राम भाईयों मेरे सवाल पे ध्यान दो, मन्ने मामला कुछ गड़-बड़ लाग रह्या सै-क्युं समीर भाई- ठीक कही ना

  Murari Pareek

28 October 2009 at 18:07

कुछ इन्तेजार करें दाग्धर झटका आयेंगे झटका देने ...

  Murari Pareek

28 October 2009 at 18:08

dacter saab

  M VERMA

28 October 2009 at 18:08

तेंदुआ

  ललित शर्मा

28 October 2009 at 18:10

बुन्दिया है।

  mehek

28 October 2009 at 18:10

chita

  Murari Pareek

28 October 2009 at 18:12

gadbad hai bahut gadbad hai !!!!

  ललित शर्मा

28 October 2009 at 18:13

डाकदर साब कठे चले गये, पहले मेरी संका का समाधान करो-जब तो जवाब दुंगा-जल्दी आओ, मरीज का कुछ नही बिगड़ेगा, मरना तो उसने उस तरियां भी सै-अपणै बिहार मै न्यु ही चाल्या करे,

  Murari Pareek

28 October 2009 at 18:13

तेंदुए की छाल है @ललित भाईजी!!!

  Murari Pareek

28 October 2009 at 18:15

ओह धत तेरी अब समझ में आया अब सर्दी आ रही है ये कम्बल है !!!! हा..हा...

  संगीता पुरी

28 October 2009 at 18:17

तेंदुआ ही लगता है !!

  Murari Pareek

28 October 2009 at 18:17

hyena

  ललित शर्मा

28 October 2009 at 18:18

कोट है-तेंदुए की खाल का-मेरा जवाब फ़िक्स है
लाक किया जाए।

  ललित शर्मा

28 October 2009 at 18:19

आज का विजेता घोषित किया जाए"ललित शर्मा"

  ललित शर्मा

28 October 2009 at 18:21

@ मुरारी जी-चलो एक क्लु देता हुं-आज डाक्टर झटका तो नही आए इस लिए- इस कोट मे एक हाथ भी नजर आ रहा है जरा गौर फ़रमाईये।

  Murari Pareek

28 October 2009 at 18:26

ललित जी ये रंग बदलू प्राणी है कभी कोट और कभी कम्बल कभी जिनावर कभी जंतु लागे लेकिन ये तेंदुआ या चिता तो नहीं होगा >>> अगर दाग्धर झटका नहीं आये तो समझ लीज्यो समीर जी की जित पक्की!!! नहीं तो बवाल है .......

  संगीता पुरी

28 October 2009 at 18:30

क्‍या रामप्‍यारी ,
कुछ दिनों तक जानवरों के चित्र दिखा दिखाकर हमारा दिमाग जंगलों में ले गयी और आज कोट दिखा दिया..ललित शर्मा जी जीत गए और हम सब हार गए क्‍या ??

  संजय बेंगाणी

28 October 2009 at 18:32

चीता भी पीता है.

  पं.डी.के.शर्मा"वत्स"

28 October 2009 at 18:37

serval cat

  Murari Pareek

28 October 2009 at 18:38

हम्म लगता है आज डॉ. साहेब कहीं तुर पर निकल गए !!

  ललित शर्मा

28 October 2009 at 18:40

पंडत जी-हिन्दी मे बताओ तो कुछ म्हारी समझ मै भी आवे, नही तो अपात्र घोषित किया जा सकता है,

  Murari Pareek

28 October 2009 at 18:43

पंडित जी आप सही हो सकते हैं !!! आप पता नहीं कहाँ से और कैसे देख लेते है !!! पर हमारा जवाब तो HYENA

  Murari Pareek

28 October 2009 at 18:45

पीन्डत जी बता रया हैं की या कोई डाकण बिलौड़ है ~!!

  ललित शर्मा

28 October 2009 at 18:47

@समीर भाई! लिंक मिल गया क्या- जरा "मैडोना" के कोट को ढुंढा जाए।

  ललित शर्मा

28 October 2009 at 18:50

@ मुरारी जी, ईं का हाथ तो बिलोड़ की नाईं कोनी।
थोड़ो ध्यान लगाओ थे, बिलौड़ को तो पंजो होवणो चाहिए।

  पं.डी.के.शर्मा"वत्स"

28 October 2009 at 18:55

भई मुरारी जी, हमने स्वपनचक्रेशवरी साधना की हुई है......रामप्यारी की पहेली के टाईम पर हम थोडी देर के लिए नीँद की छपकी ले लेते हैं..बस स्वपनचक्रेशरी देवी नीँद में आकर सही जवाब बता जाती है :)

  Murari Pareek

28 October 2009 at 18:55

हम्म्म ललित भाईजी अडंगो थो इस्यो ही है आज थारी जीत लो लिकडा!!

  Murari Pareek

28 October 2009 at 18:58

पंडित जी ये तो छलावा है फिर !! हम सीधे सादे लोग ऐसे ही माता पच्ची करते है फिर !!! रामप्यारी एक नोटिस लगाया जाए की कृपया देव और जादू का सहारा न लेवें !!!!!

  Murari Pareek

28 October 2009 at 19:00

महक जी की टिपण्णी को देखकर फोटू देखने से लगता है चिता बोल कर शरमा गयी हा..हा..

  ललित शर्मा

28 October 2009 at 19:02

@ भाई मुरारी लाल जी! मै भी आज बाबा घोळ्ड़ नाथ को सवा आना को परसाद बोल के आयो थो,
फ़ेर भी टिराई मार के देख ल्यो थे। हो सके लम्बर लाग जासी, काल की न्याईं।

  Murari Pareek

28 October 2009 at 19:05

This comment has been removed by the author.
  Nirmla Kapila

28 October 2009 at 19:05

राम प्यारी राम प्यारी रामप्यारी बस?

  Murari Pareek

28 October 2009 at 19:05

बाबा घोळङनाथ ग नाडे में मनेइ जानो पाडसी ललित भाइजी!!

  ललित शर्मा

28 October 2009 at 19:10

रामप्यारी कठे गई, कदे राम नै ही तो नही होयगी,
अरे देक्खो रे भाई, मन्ने तो कुछ मामला गड़बड़ लाग्गे सै-और समीर भाई भी एक बार बोल्ली लगा के चल दिए,कही मैच फ़िक्सिग तो कोनी? मुरारी जी! नोट किया जाए।

  ललित शर्मा

28 October 2009 at 19:13

राम नै प्यारी- छुट गया था। हा हा हा

  पं.डी.के.शर्मा"वत्स"

28 October 2009 at 19:14

@मुरारी लाल
"हम सीधे सादे लोग ऐसे ही माता पच्ची करते है"
सीधे....बिल्कुल जलेबी जैसे
आप तो पहेली बूझने के बजाय चुटकुले सुनाने लगे :)

  पं.डी.के.शर्मा"वत्स"

28 October 2009 at 19:16

इतनी जोरदार मेहनत देखते हुए अब की बार विजेता तो ललित जी ही होंगें :)

  Udan Tashtari

28 October 2009 at 19:19

सभी से निवेदन है कि कोई भी अपने आपको खुद से विजेता न घोषित करे और न ही एक दूसरे को बधाई दे. असल विजेता चुप बैठा है और बाकी लोग ऐसी बातें करें, तो अच्छा नहीं लगता. :)

  Gagan Sharma, Kuchh Alag sa

28 October 2009 at 19:21

kutte kii ek jaatii, "delmeshiyan"

  ललित शर्मा

28 October 2009 at 19:24

@ जय हो समीर भाई-मुझे तो पहले ही शंका थी के,डाकदर झट्का,रामप्यारी,आप,सब एक साथ गायब्। मैच फ़िक्स हो गया है।

  Murari Pareek

28 October 2009 at 19:31

ha..ha..samirji vijetaa ghosit ho chuke hain!!!

  महफूज़ अली

28 October 2009 at 19:33

Yeh tendua hai......... is baar pakka.......

  Murari Pareek

28 October 2009 at 19:33

gagan sharmaaji nayaa bakhedaa le aaye ab ise bhi dekhnaa padegaa!!google uncle.....

  Murari Pareek

28 October 2009 at 19:35

आज दाग्धर साब कोई लम्बे ओपरेशन में बीजी हैं !!! लगता है केश उलझ गया है " हे काली मैया इनकी पहली भेंट स्वीकार करें!!!!

  डा.. झटका...21 सालों के तजुर्बेकार

28 October 2009 at 19:37

लो जी आगये जी आगये.. डाक्टर झटका..असल मे हम एक मरीज की सर्जरी करके माल झटकने में लगे थे और रामप्यारी अभी भी कैट स्केन मे लगी है.

  Murari Pareek

28 October 2009 at 19:39

अब दाग्धर साब ज़रा पसीना वासीना पूँछ कर कुछ हिंट विंट हो जाए !!!

  ललित शर्मा

28 October 2009 at 19:39

@ भाई मुरारी लाल जी "delmeshiyan" मे बुंदिया कोनी होया करे, बी मे चतका होवे सैं, इसते बड़े, गगन शर्मा जी तो आपकी परीक्षा लेणे आये सैं। बिचलित नही होणा, हम थारे साथ सै, लगे रहो भाई, 15 मिन्ट ओर सैं मेरे कने।

  डा.. झटका...21 सालों के तजुर्बेकार

28 October 2009 at 19:40

@ मुरारी साहब चिंता की कोई बात नही है.
असल मे डाकटर झटका का कोई मरीज बचता ही नही है..वो तो उसकी जेब खाली होने तक ही जिंदा रह सकता है...जय काली मा....मां काली की सेवा मे ..डाक्टर झटका

  Udan Tashtari

28 October 2009 at 19:40

गगन जी वाला कुत्ता तो गुगल में है ही नहीं. :)


कृप्या अभी औपचारिक घोषण के पहले बधाई न दें. मात्र निवेदन है. बाकी करोगे तो सब मन का ही. :)


रामप्यारी का क्लू नहीं आया.

  डा.. झटका...21 सालों के तजुर्बेकार

28 October 2009 at 19:41

अब हिंट मे क्या चाहिये?

  Murari Pareek

28 October 2009 at 19:41

१५ मिनट में तो दुनिया उने की बुने हु ज्यावे ललित भाईजी!! biyaan 15 minute baad ke muhurt hai!!!

  Udan Tashtari

28 October 2009 at 19:42

ये डॉक्टर झटका तो टाईम खोटी डॉग्दर है..कुछ बताता ही नहीं.

  Murari Pareek

28 October 2009 at 19:43

abhi kisi ka sahi jawaab aayaa ki nahi yahi bataa do daagdhar saaab!!

  Murari Pareek

28 October 2009 at 19:44

समीरजी दाग्धर ने बातों बाटों में भोत कुछ बता दिया है!!!

  डा.. झटका...21 सालों के तजुर्बेकार

28 October 2009 at 19:44

डाक्टर झटका का हिंट - ये चीता, तेंदुआ, बघेरा, जिंदा या मुर्दा, या कंबल, या साडी या बाटिक प्रिंट की बैडशीट, या कोट या और भी कूछ यानि सिरेमिक की कलाकृति...कुछ भी हो सकती है.

अब बताईये कितने हिंट दूं? हां एक हिंट और दू क्या कि ये.............

  ललित शर्मा

28 October 2009 at 19:44

@ डाकदर साब-राम-राम, जब पुरा तेल निमड़ लिया जब तो आप आये सो, इब अंधेरा होण आळा सै, हस्पताळ के इन्वर्टर की बेवस्था करो या फ़ेर क्लु दो,

  ललित शर्मा

28 October 2009 at 19:49

@डाकदर साब आपने तो इतणे हिंट दे दिये के काळ्जा ही बैठ ग्या, चक्कर आणे लग गे, कुछ कांट-छांट करो, वैसे भी मेरा तो उत्तर मैने लाक कर दिय है।

  Murari Pareek

28 October 2009 at 19:50

अरे बापरे खतरनाक झटका मैंने बोल्या था दाग्धर साब झटका देने आयेंगे!!!

  Murari Pareek

28 October 2009 at 19:51

ha..ha..lalit bhaaiji ko injection dijiye daagdhar saab

  Murari Pareek

28 October 2009 at 19:54

इब मेरा फायनल जबाब है की ये की वही ...........hyena

  डा.. झटका...21 सालों के तजुर्बेकार

28 October 2009 at 19:55

@ संजय बेंगाणी said...
चीता भी पीता है.


संजय जी अब चीता भी पीने लग गया? वाह फ़िर तो विजय माल्या साहब की उड के लग जायेगी...:)

  Udan Tashtari

28 October 2009 at 20:02

मेरे जबाब की नकल मत करना, आजकल किस्मत ठीक नहीं चल रही है यहाँ.

  Dipak 'Mashal'

28 October 2009 at 20:06

Lakadbaggha..

  ललित शर्मा

28 October 2009 at 20:06

@समीर भाई-शनि महाराज अभी गये नही हैं, उनको तेल अर्पण करो और छुट्टी पाओ,

  Murari Pareek

28 October 2009 at 20:07

nakl to hum hargij nahi karte chahe hame conform ho ki jawaab aa gayaa aur ye sahi hai!! hum to tukaa apnaa hi chhodate hain !!!

  दिलीप कवठेकर

28 October 2009 at 20:31

ये तो चीता है. इसके स्पोट्स अलग है जो तेंदुए से नहीं मिलते.

  Murari Pareek

28 October 2009 at 20:40

@दिलीप जी आप ऐसा कह कर क्यूँ शनि का साथ दे रहे हैं !! समीर जी की पूरी पूरी संभावना हैं !! ऐसा कह्नेगे तो वो जवाब बदल देंगे !!!

  Vivek Rastogi

28 October 2009 at 20:44

तेंदुआ, हम बहुत लेट हो गये

हमें विजेता माना जाये

  अजय कुमार झा

28 October 2009 at 21:05

अमां भैये ...आप सभी लोग ई जवाब जवाब खेल रहे हो ..कौनो बाहर का खिलाडी का करेगा आ के..टिप्पी करने के लिये ही आधा घंटा का सफ़र तय करके नीचे के पेज पर पहुंचे हैं ...अरे टीप भी पढना होता है जी....ई बिल्लन की कौनो रिश्तेदार है इतना तो पक्का है...

वैसे ई का है.....

ई का असली जवाब है....

ई एक ठो पहेली है...जिसको पूछ कर बिल्लन कतना बिलागर लोग को बिजी कर देती है..।

  MUMBAI TIGER मुम्बई टाईगर

28 October 2009 at 22:52

yeh to rampiyari ki moosi lagte hai.....






i am at surat

  MUMBAI TIGER मुम्बई टाईगर

28 October 2009 at 22:54

यह समीर भाई भी हर बार जीतने का नशा बना चुके है.......

  विवेक सिंह

28 October 2009 at 23:21

This comment has been removed by the author.
  Anil Pusadkar

28 October 2009 at 23:56

न चीता है पीता है ये तो कुत्ता है,डाल्मेशियन्।

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