खुल्ला खेल फ़र्रुखाबादी (129) रामप्यारी

हाय….आंटीज..अंकल्स एंड दीदी लोग..या..दिस इज मी..रामप्यारी.. आज के इस खुल्ला खेल फ़र्रुखाबादी मे रामप्यारी और डाक्टर झटका आपका हार्दिक स्वागत करते है. और अब शुरु करते हैं आज का “खुल्ला खेल फ़र्रुखाबादी”


आज का सवाल प्रस्तुतकर्ता है ताऊजी लठ्ठवाले! तो आईये ताऊजी..सवाल प्रस्तुत किजिये!

हां तो बहनों और भाईयो रामराम !

अक्सर लोगों को लगता है कि पहेली पूछना सबसे आसान काम है. तो आप शायद गलत सोच रहे हैं. कल वत्स जी ने एक नया वर्ग खडा कर दिया कि द्विपाद प्राणी के बारे मे सवाल पूछा जाये. और इसीलिये आज मुझे आकर सवाल पूछना पड रहा है.

हम ने सोचा था कि यह आसान तो नही होगा पर किसी भी मनुष्य को खडा करके फ़ोटो खींच लेंगे...हो गई पहेली. हम इसी जोगाड में एक मोहतरमा का फ़ोटो खींच रहे थे कि रात को आप सब लोगों के जाने के बाद अल्पना वर्मा जी कल की पहेली पर द्विपाद प्राणी वाला विषय देखकर रामप्यारी को भडका गई..उन्होने कहा कि पक्षी भी द्विपाद होते हैं और रामप्यारी तू भी तो द्विपाद प्राणी है.

बस रामप्यारी तो भडक गई और बोली कि वो तो पक्षी है और उस मोहतरमा के सामने अपने पंख खोल कर उडने लगी कि मेरा फ़ोटो लगाओ और सवाल पूछो..

अब हम तो जानते हैं कि रामप्यारी मायावी है पर है तो चतुष्पायी ही..सो आपको यह बताना है कि रामप्यारी के पीछे यह द्विपाद प्राणी कौन है?

आज के "खुल्ला खेल फ़र्रुखाबादी" का चित्र नीचे देखिये और बताईये रामप्यारी के पीछे यह द्विपाद प्राणी कौन है? यानि इस मनुष्य नामक प्राणी का नाम बताईये.




यहां माडरेशन नही है....यह आपका खेल आप ही खेल रहे हैं... अत: ऐसा कोई काम मत करिये जिससे खेल की रोचकता समाप्त हो ... सारे जवाब सबके सामने ही हैं...नकल करना हो करिये..नो प्राबलम टू मी....बट यू नो?..टिप्पणियों मे लिंक देना कतई मना है..इससे फ़र्रुखाबादी खेल खराब हो जाता है. लिंक देने वाले पर कम से कम २१ टिप्पणियों का दंड है..अधिकतम की कोई सीमा नही है. इसलिये लिंक मत दिजिये.

परेशानी हो...डाक्टर झटका आपकी सेवा मे मौजूद हैं.. २१ सालों के तजुर्बेकार हैं डाक्टर झटका. पर आप अपनी रिस्क पर ही उनसे मदद मांगे. क्योंकि वो सही या गलत कुछ भी राय दे सकते हैं. रिस्क इज यूवर्स.. हमारी की कोई जिम्मेदारी नही है.

तो अब फ़टाफ़ट जवाब दिजिये. इसका जवाब कल शाम को 4:00 बजे दिया जायेगा, तब तक ताऊजी लठ्ठवाले की तरफ़ से रामराम और डाक्टर झटका खेल के दौरान आपके साथ रहेंगे. जैसा की पिछला विजेता विषय चुनता है तो कल के विजेता उडनतश्तरी आने वाले कल के लिये विषय का चुनाव करलें और बतादें.


"बकरा बनाओ और बकरा मेकर बनो"


हिंट का चित्र रात ८:०० बजे लगाया गया है.




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फ़र्रुखाबादी विजेता (128) : उडनतश्तरी

"खुल्ला खेल फ़र्रुखाबादी" (128) के सही जवाब का चित्र यह रहा !



और फ़र्रुखाबादी विजेता हैं उडनतश्तरी बधाई!


Udan Tashtari said...
एक गधा और एक घोड़ा....

-जबाब समाप्त



एक गधा और एक घोड़ा
दोनों को जंगल में छोड़ा
साथ साथ जब देखा उनको
चिलम लिए बाबा भी दौड़ा!!


-रचना समाप्त

29 November 2009 18:52


अगला फ़र्रुखाबादी सवाल आज शाम को ठीक ६ बजे. तब तक रामप्यारी की तरफ़ से नमस्ते.



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ताऊ की चौपाल मे : दिमागी कसरत - 2

ताऊ की चौपाल मे आपका स्वागत है. ताऊ की चौपाल मे सांस्कृतिक, राजनैतिक और ऐतिहासिक विषयों पर सवाल पूछे जायेंगे. आशा है आपको हमारा यह प्रयास अवश्य पसंद आयेगा.

सवाल के विषय मे आप तथ्यपुर्ण जानकारी हिंदी भाषा मे, टिप्पणी द्वारा दे सकें तो यह सराहनीय प्रयास होगा.


आज का सवाल नीचे दिया है. इसका जवाव और विजेताओं के नाम अगला सवाल आने के साथ साथ, इसी पोस्ट मे अपडेट कर दिया जायेगा.

आज का सवाल :-

आर्यभट्ट ने किस ज्योतिष ग्रंथ की रचना की थी? जिसके सूत्र आज कंप्युटर के लिये उपयोगी पाये गये हैं?


अब ताऊ की रामराम.

उत्तर :-

आर्यभट्ट द्वारा रचित इस ग्रंथ का नाम आर्यभट्टियम (शक संवत ४२१ लगभग सन ५००) है. सही जवाब मुरारी पारीक
काजलकुमार,
पी.सी.गोदियाल,
जी. के. अवधिया
प्रकाश गोविंद
ने दिया है. विस्तृत विवरण के लिये आप प्रकाश गोविंद की और मुरारी पारीक की टिप्पणियां इसी पोस्ट पर देखें.



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खुल्ला खेल फ़र्रुखाबादी (128) रामप्यारी

हाय….आंटीज..अंकल्स एंड दीदी लोग..या..दिस इज मी..रामप्यारी.. आज के इस खुल्ला खेल फ़र्रुखाबादी मे रामप्यारी और डाक्टर झटका आपका हार्दिक स्वागत करते है. और अब शुरु करते हैं आज का “खुल्ला खेल फ़र्रुखाबादी” आज का सवाल मुरारी पारीक की पसंद का है.


आज के "खुल्ला खेल फ़र्रुखाबादी" का चित्र नीचे देखिये. रामप्यारी ने फ़ोटो खींचने के लिये क्लिक किया ही था कि एक उडती हुई स्टार्क सामने आगई. अब ये बताईये कि इस उडती हुई स्टार्क के पीछे कौन है?



यहां माडरेशन नही है....यह आपका खेल आप ही खेल रहे हैं... अत: ऐसा कोई काम मत करिये जिससे खेल की रोचकता समाप्त हो ... सारे जवाब सबके सामने ही हैं...नकल करना हो करिये..नो प्राबलम टू रामप्यारी....बट यू नो?..टिप्पणियों मे लिंक देना कतई मना है..इससे फ़र्रुखाबादी खेल खराब हो जाता है. लिंक देने वाले पर कम से कम २१ टिप्पणियों का दंड है..अधिकतम की कोई सीमा नही है. इसलिये लिंक मत दिजिये.

परेशानी हो...डाक्टर झटका आपकी सेवा मे मौजूद हैं.. २१ सालों के तजुर्बेकार हैं डाक्टर झटका. पर आप अपनी रिस्क पर ही उनसे मदद मांगे. क्योंकि वो सही या गलत कुछ भी राय दे सकते हैं. रिस्क इज यूवर्स..रामप्यारी की कोई जिम्मेदारी नही है.

तो अब फ़टाफ़ट जवाब दिजिये. इसका जवाब कल शाम को 4:00 बजे दिया जायेगा, तब तक रामप्यारी की तरफ़ से रामराम और डाक्टर झटका खेल दौरान आपके साथ रहेंगे.


"बकरा बनाओ और बकरा मेकर बनो"




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फ़र्रुखाबादी विजेता (127) : पं.डी.के.शर्मा"वत्स"

"खुल्ला खेल फ़र्रुखाबादी" (127) के सही जवाब का चित्र यह रहा ! यह रामप्यारी मैम को International Space Station से बादल ऐसे दिखाई दिये!



औरफ़र्रुखाबादी विजेता हैं प. डी.के. शर्मा "वत्स",
बधाई!


पं.डी.के.शर्मा"वत्स" said...
Von Karman cloud vortices

28 November 2009 18:17


इसके अलावा उडनतश्तरी,
ने सही जवाब दिया, आप को बहुत बधाई और शुभकामनाएं.

अगला फ़र्रुखाबादी सवाल आज शाम को ठीक ६ बजे. तब तक रामप्यारी की तरफ़ से नमस्ते.



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ताऊ की चौपाल मे : दिमागी कसरत - 1

ताऊ की चौपाल मे आपका स्वागत है. ताऊ की चौपाल मे सांस्कृतिक, राजनैतिक और ऐतिहासिक विषयों पर सवाल पूछे जायेंगे. आशा है आपको हमारा यह प्रयास अवश्य पसंद आयेगा.

सवाल के विषय मे आप तथ्यपुर्ण जानकारी हिंदी भाषा मे, टिप्पणी द्वारा दे सकें तो यह सराहनीय प्रयास होगा.


आज का सवाल नीचे दिया है. इसका जवाव और विजेताओं के नाम अगला सवाल आने के साथ साथ, इसी पोस्ट मे अपडेट कर दिया जायेगा.

आज का सवाल है :-

भीम के उस पौत्र का क्या नाम था? जो महाभारत के युद्ध मे अश्वत्थामा के द्वारा मारा गया था?


अब ताऊ की रामराम.

उत्तर :-

उपरोक्त सवाल का सबसे पहले सही जवाब दिया
प्रकाश गोविंद ने और फ़िर
जी. के. अवधिया ने. सही जवाब है अंजनपर्वा, जो कि घटोत्कच का पुत्र और भीम का पौत्र था, सही उत्तर है। अंजनपर्वा का वध महाभारत के 14वें दिन के युद्ध में अश्वत्थामा के हाथों हुआ था।

कृपया प्रकाश गोविंद जी की दूसरी टिप्पणी और जी के अवधिया की टिप्पणी इसी पोस्ट पर देखें.

खुल्ला खेल फ़र्रुखाबादी (127) रामप्यारी

हाय….आंटीज..अंकल्स एंड दीदी लोग..या..दिस इज मी..रामप्यारी.. आज के इस खुल्ला खेल फ़र्रुखाबादी मे रामप्यारी और डाक्टर झटका आपका हार्दिक स्वागत करते है. और अब शुरु करते हैं आज का “खुल्ला खेल फ़र्रुखाबादी” आज का सवाल उडनतश्तरी की पसंद से अंतरिक्ष से है.


आज के "खुल्ला खेल फ़र्रुखाबादी" का चित्र नीचे देखिये और बताईये यह क्या दिखाई दे रहा है?




यहां माडरेशन नही है....यह आपका खेल आप ही खेल रहे हैं... अत: ऐसा कोई काम मत करिये जिससे खेल की रोचकता समाप्त हो ... सारे जवाब सबके सामने ही हैं...नकल करना हो करिये..नो प्राबलम टू रामप्यारी....बट यू नो?..टिप्पणियों मे लिंक देना कतई मना है..इससे फ़र्रुखाबादी खेल खराब हो जाता है. लिंक देने वाले पर कम से कम २१ टिप्पणियों का दंड है..अधिकतम की कोई सीमा नही है. इसलिये लिंक मत दिजिये.

परेशानी हो...डाक्टर झटका आपकी सेवा मे मौजूद हैं.. २१ सालों के तजुर्बेकार हैं डाक्टर झटका. पर आप अपनी रिस्क पर ही उनसे मदद मांगे. क्योंकि वो सही या गलत कुछ भी राय दे सकते हैं. रिस्क इज यूवर्स..रामप्यारी की कोई जिम्मेदारी नही है.

तो अब फ़टाफ़ट जवाब दिजिये. इसका जवाब कल शाम को 4:00 बजे दिया जायेगा, तब तक रामप्यारी की तरफ़ से रामराम और डाक्टर झटका खेल दौरान आपके साथ रहेंगे.


"बकरा बनाओ और बकरा मेकर बनो"




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फ़र्रुखाबादी विजेता (126) : मुरारी पारीक

"खुल्ला खेल फ़र्रुखाबादी" (126) के सही जवाब का चित्र यह रहा !




और फ़र्रुखाबादी विजेता हैं मुरारी पारीक जी,
बधाई!


Murari Pareek said...
shot put

27 November 2009 18:02



अन्य विजेता इस प्रकार रहे!

२.प. डी.के. शर्मा "वत्स",
3.श्री श्री बाबा शठाधीश जी महाराज

आप को बहुत बधाई और शुभकामनाएं.

जरुरी घोषणा



आज पंचों द्वारा प.डी.के.शर्मा "वत्स" मामले की अपील पर सुनवाई की गई. उपरोक्त केस मे यह पाया गया है कि कुल ५५ टिप्पणियां अतिरिक्त जुर्माना लेट फ़ीस के रुप मे हुआ.

पंचों का यह निर्णय रहा कि मूल मे कुछ भी छूट नही दी जा सकती. अत: सिर्फ़ यह अतिरिक्त जुर्माने की ५५ टिप्पणियां और ८ टिप्पणियां मानसिक क्लेश पेटे यानि कुल ६३ टिप्पणियां ही वापस करने की सिफ़ारिश मानी गई.

अब पंचों ने यह व्यवस्था दे दी है कि प.डी.के. शर्मा "वत्स" आज टिप्पणी में अपना ब्लाग का पता देंगे. वहां पर जाकर निम्न लोगों को यह भार ऊठाना होगा.

क्युं कि सरकारी कुयें मे एक बार गिरने के बाद कुछ भी वापस नही आ सकता. तो अब पंच ही भुगतेंगे.

१. आज के प्रथम विजेता मुरारी पारीक २१ टिप्पणियां अपने पास से "वत्स" जी को देंगे.
२. आज के दूसरे विजेता श्री श्री बाबा शठाधीश जी महाराज को भी २१ टिपण्णियां वापस करनी हैं.

आप दोनों को आज जीते हैं इस लिये यह खर्चा आपकी जेब से करना है. इसके अलावा..कहीं ना कहीं वत्स जी को उकसाने का दोषी उडनतश्तरी को पाया गया है, हालांकि यह सिद्ध नही हुआ है.

अत: बाकी बची शेष २१ टिप्पणीयां उडनतश्तरी को देनी है "वत्स" जी के ब्लाग पर. आप तीनों से निवेदन है कि अविलंब यह राशि वत्स जी को भुगतान करें.




अगला फ़र्रुखाबादी सवाल आज शाम को ठीक ६ बजे. तब तक रामप्यारी की तरफ़ से नमस्ते.



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खुल्ला खेल फ़र्रुखाबादी (126) : रामप्यारी

हाय….आंटीज..अंकल्स एंड दीदी लोग..या..दिस इज मी..रामप्यारी.. आज के इस खुल्ला खेल फ़र्रुखाबादी मे रामप्यारी और डाक्टर झटका आपका हार्दिक स्वागत करते है. और अब शुरु करते हैं आज का “खुल्ला खेल फ़र्रुखाबादी” आज का सवाल देवेंद्र की पसंद का है.


आज के "खुल्ला खेल फ़र्रुखाबादी" का चित्र नीचे देखिये और बताईये ये कौन से खेल का एक्शन है?




यहां माडरेशन नही है....यह आपका खेल आप ही खेल रहे हैं... अत: ऐसा कोई काम मत करिये जिससे खेल की रोचकता समाप्त हो ... सारे जवाब सबके सामने ही हैं...नकल करना हो करिये..नो प्राबलम टू रामप्यारी....बट यू नो?..टिप्पणियों मे लिंक देना कतई मना है..इससे फ़र्रुखाबादी खेल खराब हो जाता है. लिंक देने वाले पर कम से कम २१ टिप्पणियों का दंड है..अधिकतम की कोई सीमा नही है. इसलिये लिंक मत दिजिये.

परेशानी हो...डाक्टर झटका आपकी सेवा मे मौजूद हैं.. २१ सालों के तजुर्बेकार हैं डाक्टर झटका. पर आप अपनी रिस्क पर ही उनसे मदद मांगे. क्योंकि वो सही या गलत कुछ भी राय दे सकते हैं. रिस्क इज यूवर्स..रामप्यारी की कोई जिम्मेदारी नही है.

तो अब फ़टाफ़ट जवाब दिजिये. इसका जवाब कल शाम को 4:00 बजे दिया जायेगा, तब तक रामप्यारी की तरफ़ से रामराम और डाक्टर झटका खेल दौरान आपके साथ रहेंगे.


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फ़र्रुखाबादी विजेता (125) : उडनतश्तरी

"खुल्ला खेल फ़र्रुखाबादी" (125) के सही जवाब का चित्र यह रहा !




और फ़र्रुखाबादी विजेता हैं उडनतश्तरी बधाई!


Udan Tashtari said...
कटरीना कैफ

26 November 2009 18:01



आज पंचों के सामने दो जरुरी बातें :-


पहली तो यह है कि
कल एक मोहतरमा ने सुझाव दिया था की...(उन्हीं के शब्दों में)...इसका नाम खुला खेल फरुखाबादी नहीं बल्कि "निठ्ठलों की चौपाल" रखना चाहिए.. आप सबकी इस पर क्या राय है? हमको तो यह नाम ज्यादा उपयुक्त लग रहा है. आप इससे सहमत हों तो बताईये.


और दूसरी यह है कि

प. डी.के. शर्मा "वत्स", जी ने उन पर किया गया समस्त जुर्माना जमा करवा दिया है. और उन्होंने इस मामले में उचित न्याय की मांग करते हुये पुनर्विचार की अपील की है. उनकी यह अपील सुनवाई हेतु मंजूर की जाती है. और इस मामले में न्यायोचित फ़ैसला पंचों द्वारा शीघ्र ही दिया जायेगा.

"वत्स" जी उनके द्वारा लिये गये अनुकरणिय फ़ैसले के लिये धन्यवाद दिया जाता है. उन्होने नियम मानकर पंचायत का मान रखा है. अत: पंचायत का भी फ़र्ज बनता है कि फ़ैसले की उचित समीक्षा करे.

वत्स जी द्वारा दायर अपील याचिका इस प्रकार है :-

पं.डी.के.शर्मा"वत्स" said...
रामप्यारी हमने पंचों की राय मानकर आवश्यकता से भी अधिक टिप्पणियों का भुगतान तो जरूर कर दिया है...लेकिन हम ये भी मानते हैं कि हमारे साथ धोखा हुआ है...जिसमें समीर लाल जी की भी मिलीभगत दिखाई देती है :)
इसलिए हमें हमें हमारी सभी टिप्पणियाँ मय ब्याज तथा हर्जे खर्चे सहित वापिस की जाएँ :)

27 NOVEMBER 2009 13:54


अगला फ़र्रुखाबादी सवाल आज शाम को ठीक ६ बजे. तब तक रामप्यारी की तरफ़ से नमस्ते.



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खुल्ला खेल फ़र्रुखाबादी (125) : रामप्यारी

हाय….आंटीज..अंकल्स एंड दीदी लोग..या..दिस इज मी..रामप्यारी.. आज के इस खुल्ला खेल फ़र्रुखाबादी मे रामप्यारी और डाक्टर झटका आपका हार्दिक स्वागत करते है. और अब शुरु करते हैं आज का “खुल्ला खेल फ़र्रुखाबादी” आज का सवाल उडनतश्तरी की पसंद का है.


आज के "खुल्ला खेल फ़र्रुखाबादी" का चित्र नीचे बिल्कुल ध्यान से देखिये और बताईये ये कौन है?




हिंट का चित्र : ७:१५ पर जोडा गया




यहां माडरेशन नही है....यह आपका खेल आप ही खेल रहे हैं... अत: ऐसा कोई काम मत करिये जिससे खेल की रोचकता समाप्त हो ... सारे जवाब सबके सामने ही हैं...नकल करना हो करिये..नो प्राबलम टू रामप्यारी....बट यू नो?..टिप्पणियों मे लिंक देना कतई मना है..इससे फ़र्रुखाबादी खेल खराब हो जाता है. लिंक देने वाले पर कम से कम २१ टिप्पणियों का दंड है..अधिकतम की कोई सीमा नही है. इसलिये लिंक मत दिजिये.

परेशानी हो...डाक्टर झटका आपकी सेवा मे मौजूद हैं.. २१ सालों के तजुर्बेकार हैं डाक्टर झटका. पर आप अपनी रिस्क पर ही उनसे मदद मांगे. क्योंकि वो सही या गलत कुछ भी राय दे सकते हैं. रिस्क इज यूवर्स..रामप्यारी की कोई जिम्मेदारी नही है.

तो अब फ़टाफ़ट जवाब दिजिये. इसका जवाब कल शाम को 4:00 बजे दिया जायेगा, तब तक रामप्यारी की तरफ़ से रामराम और डाक्टर झटका खेल दौरान आपके साथ रहेंगे.


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फ़र्रुखाबादी विजेता (124) : देवेंद्र

"खुल्ला खेल फ़र्रुखाबादी" (124) के सही जवाब का चित्र यह रहा !




और फ़र्रुखाबादी विजेता हैं देवेंद्र जी, बधाई!


Devendra said...
matar ka khet

25 November 2009 18:02


इसके अलावा अन्य विजेता इस प्रकार रहे.

२.रेखा प्रहलाद
३.मुरारी पारीक
४.संगीता पुरी,
५.डा.रुपचंद्र शाश्त्री "मयंक,
६.अजयकुमार जी झा
७.M VERMA

आप सबको बहुत बधाई और शुभकामनाएं.


अब प. डी.के. शर्मा "वत्स", का हिसाब किताब इस प्रकार है.

कुल टिप्पणीयां लेना बाकी थी = ५५
कल वसूल पाई = १३
बाकी बची = ४२
आज का दंड ब्याज = ११
गिनने का खर्चा = ११
हिसाब रखने का खर्चा = ११
कुल शेष टिप्पणियां लेना बाकी = ७५

पंडितजी को नेक सलाह है कि अविलंब शेष राशि का भुगतान करने की व्यवस्था करें. कल मुन्नाभाई की चर्चा मे भी इसकी चर्चा हो चुकी है. फ़िर दूसरी जगह भी चर्चा होगी...अच्छा नही लगता. आपकी फ़ोटो भी सब जगह छप रही है.:)

और ज्यादा विलंब होने पर कमेटी यह केस मुन्ना भाई और सर्किट को वसूली हेतु भी सौप सकती है. अगर आपने यह नोटिस मिलने तक राशि जमा करा दी हो तो इसे निरस्त समझा जावे.

सदैव आपकी सेवा में.


अगला फ़र्रुखाबादी सवाल आज शाम को ठीक ६ बजे. तब तक रामप्यारी की तरफ़ से नमस्ते.



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