खुल्ला खेल फ़र्रुखाबादी (109) : रामप्यारी

हाय….आंटीज..अंकल्स एंड दीदी लोग..या..दिस इज मी..रामप्यारी.. आज से रामप्यारी शुरु कर रही है "खुल्ला खेल फ़र्रुखाबादी" यानि नो माडरेशन..नथिंग...सबके सामने रहेंगे सारे जवाब..नकल करना हो करिये..नो प्राबलम टू रामप्यारी....बट यू नो?..टिप्पणियों मे लिंक देना कतई मना है..इससे फ़र्रुखाबादी खेल खराब हो जाता है. लिंक देने वाले पर कम से कम २१ टिप्पणियों का कम से कम दंड है..अधिकतम की कोई सीमा नही है. इसलिये लिंक मत दिजिये.

परेशानी हो...डाक्टर झटका आपकी सेवा मे मौजूद हैं.. २१ सालों के तजुर्बेकार हैं डाक्टर झटका. पर आप अपनी रिस्क पर ही उनसे मदद मांगे. क्योंकि वो सही या गलत कुछ भी राय दे सकते हैं. रिस्क इज यूवर्स..रामप्यारी की कोई जिम्मेदारी नही है.

तो आज के इस खुल्ला खेल फ़र्रुखाबादी मे रामप्यारी और डाक्टर झटका आपका हार्दिक स्वागत करते है. और अब शुरु करते हैं आज का “खुल्ला खेल फ़र्रुखाबादी” मे आज का सवाल.


सवाल है : इस चिडिया को कोई खा रहा है? तो वो कौन है? और अगर यह चीडिया किसी को खा रही है तो किसको खा रही है? संपुर्ण उत्तर दिजिये. यह सवाल उडनतश्तरी अंकल की फ़रमाईश पर दिया गया है.




तो अब फ़टाफ़ट जवाब दिजिये. इसका जवाब कल शाम को 4:00 बजे दिया जायेगा, तब तक रामप्यारी और डाक्टर झटका की तरफ़ से रामराम.




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126 comments:

  Udan Tashtari

10 November 2009 at 18:00

बगुला :)

  Udan Tashtari

10 November 2009 at 18:02

pelican

  Murari Pareek

10 November 2009 at 18:02

saras hai machhali kha rahi hai

  Devendra

10 November 2009 at 18:02

बगुला मछली खा रहा है

  Udan Tashtari

10 November 2009 at 18:04

brown pelican

  पं.डी.के.शर्मा"वत्स"

10 November 2009 at 18:05

चिडिया छिपकली/मगरमच्छ के बच्चे जैसे दिखने वाले किसी जीव का भक्षण कर रही है...

  Udan Tashtari

10 November 2009 at 18:05

सांप को खा रही है.

  ललित शर्मा

10 November 2009 at 18:05

bagula

  ललित शर्मा

10 November 2009 at 18:06

राम-राम भाई लोगो-मन्ने इंगरेजी आवे नही हिन्दी मे बताओ-नही तो अबु आजमी को बुलाऊँ

  Udan Tashtari

10 November 2009 at 18:09

इस प्रश्न में हिंसा का पुट है, अतः सिद्धांतः जबाब मालूम होते हुए भी देने में असमर्थ महसूस कर रहा हूँ.

  ललित शर्मा

10 November 2009 at 18:10

brown pelican- इंगरेजी मे यो ही सै -लाक किया जाये -जो पहले लाक करवायेगा वो ही विजयी घोषित होगा

  Devendra

10 November 2009 at 18:10

हम उत्तर से छेड़खानी नहीं करेंगे जितने की पूरी संभावना है

  ललित शर्मा

10 November 2009 at 18:12

@ समीर भाई कल तो आप पुरी ही हिंसा पर उतारु थे आज थोड़ी भी नही कर सकते। मंगलवार है- मुर्गे को बुखार है।

  Devendra

10 November 2009 at 18:14

ऐसी हिंसक फरमाइश क्यों की उड़न तश्तरी ने ऊपर लिखा है यह फरमाइय उड़न तश्तरी अंकल की है।

  ललित शर्मा

10 November 2009 at 18:15

@ मुरारी जी कठे गया-गुगल मे कोनी मिल्यो के?

  Murari Pareek

10 November 2009 at 18:18

athe hi haan ye heron bird hai bhaai !!! jo girgit ko kha rahi hai

  ललित शर्मा

10 November 2009 at 18:18

@ देवेन्द्र जी-आपने ब्लाग से बड़ी तो फ़ोटु लगा रखी है अभी सैर करने गया था सोचा वहीं उत्तर मिल जाये-लेकिन आपने समुद्र इतना भव्य लगा दिया कि मुझे कुछ दिखा ही नही।

  ललित शर्मा

10 November 2009 at 18:20

मुरारी जी,हो सके हे भाया-मन्ने तो सारे पुलिस वाले एक जैसे ही दिक्खे सै।

  Udan Tashtari

10 November 2009 at 18:21

fanged frog चिड़िया को पकड़े है.

  Udan Tashtari

10 November 2009 at 18:22

देवेन्द्र ही जीतेंगे आज लगता है :)

  Murari Pareek

10 November 2009 at 18:24

kyaa musibat hai aakhir chidiyaa kisi ko kha rahi hai ki chidiya ko koi kha raha hai !!!

  Udan Tashtari

10 November 2009 at 18:26

हमें तो पसंद ही नही आई आज की पहेली..जबाब देने का मन ही नहीं हो रहा.

  Devendra

10 November 2009 at 18:27

शर्मा जी - वहाँ तो बेचैन आत्मा रहती है वहाँ कहाँ चले गये शुक्र है सही सलामत वापस आ गए

  ललित शर्मा

10 November 2009 at 18:29

समीर भाई, पसंद नही है तो उत्तर बदल दो।

  ललित शर्मा

10 November 2009 at 18:33

देवेन्द्र भाई अच्छा हो गया मै वहां चला गया, बैचेन आत्माओं को मे्रे से ही चैन मिलता है, अब आप भी जाईये मैने सब ठीक कर दिया है, आत्माओं से सम्पर्क करना ही मुझे आंनद देता है।

  Udan Tashtari

10 November 2009 at 18:34

आज तो मन खट्टा हो गया.

  ललित शर्मा

10 November 2009 at 18:35

कुछ मीठा हो जाये-आज्ञा हो तो मालपुआ लाऊं, शुद्ध देशी घी का है-मुरारी लाल जी द्वारा निर्मित,

  महफूज़ अली

10 November 2009 at 18:36

Aadarniya Sameerji......

Lalitji .....Ram.........Ram.......

  महफूज़ अली

10 November 2009 at 18:37

Arey! aaj kahan phans gaya main.....dimaag ki jalebi ban gayi hai...

  Murari Pareek

10 November 2009 at 18:37

ha..ha.. maal puaa aur kheer aaj baanaa hai!!!

  Murari Pareek

10 November 2009 at 18:37

aandolan karna hoga aaj

  पी.सी.गोदियाल

10 November 2009 at 18:37

मकडी

  Murari Pareek

10 November 2009 at 18:37

khaa pi ke andolan sameer ji paheli badli jaaye!!!!

  ललित शर्मा

10 November 2009 at 18:37

राम-राम भाई,राम-राम
आज गाड़ी फ़िर लेट?

  Murari Pareek

10 November 2009 at 18:38

mahfuj bhai asssalaam alekam!!!

  महफूज़ अली

10 November 2009 at 18:40

Murari.........ji...........namaskar............

arey ! bhai .....aaj phir late ho gaya............

  Udan Tashtari

10 November 2009 at 18:41

सभी को राम राम.

कुछ देर तो शांति का मार्ग अपनाना सीखो आप लोग. :)

अभी तो विचित्र जबाब वाले तीन तीन लोग आना बाकी ही हैं. :)

  महफूज़ अली

10 November 2009 at 18:41

answer khoj raha hoon..... doorbeen laga ke...

  ललित शर्मा

10 November 2009 at 18:47

इतना सन्नाटा क्युं है भाई? कहां गये सब मुझे अकेला छोड़ के?

  ललित शर्मा

10 November 2009 at 18:48

कहीं आज बगुला ही तो नही पकाने लग गये?पकड़ के,

  महफूज़ अली

10 November 2009 at 18:49

Lalitji..... answer khoj rahe hain...

  महफूज़ अली

10 November 2009 at 18:50

answer mil gaya.........

  Udan Tashtari

10 November 2009 at 18:52

अंतिम १५ मिनट -जल्दी जबाब दो.

वरना मुझे मजबूरीवश सही जबाब देना पड़ेगा.

Your Time Start Now.

  महफूज़ अली

10 November 2009 at 18:53

Aadarniya...Sameerji.........

hehehehehe........dar lag raha hai....

  महफूज़ अली

10 November 2009 at 18:53

यह चील है...जो सांप खा रही है.......

  महफूज़ अली

10 November 2009 at 18:53

De diya....jawab....

  महफूज़ अली

10 November 2009 at 18:53

ab aur dar lag raha hai....

  महफूज़ अली

10 November 2009 at 18:54

par isko lock kar diya....

  महफूज़ अली

10 November 2009 at 18:54

jawab mera badal bhi sakta hai....

  ललित शर्मा

10 November 2009 at 18:56

ये 50

  Udan Tashtari

10 November 2009 at 18:57

कल क्या पूछवाओगे मुरारी बाबू..अब उसी की तैयारी करें :)

  ललित शर्मा

10 November 2009 at 18:59

महफ़ुज जी चील कभी पानी मे बैठ कर नही खाती,
झट्टा मार कर ले जाती है और ऊँचे पर बैठ्कर खाती है-और तलाश करो।

  महफूज़ अली

10 November 2009 at 18:59

Murari bhai.... jaldi batayiye....kal kya puchwayenge...ab to dil baitha ja raha hai......

  महफूज़ अली

10 November 2009 at 19:00

Lalitji......... hehehehehehe........ isiliye to kaha tha ki jawab badal bhi sakta hai..... ab searchia rahe hain.......

  डाँ. झटका..

10 November 2009 at 19:03

डाक्टर झटका आप सभी महानुभावों का इस्तकबाल करता है. आज यहां बहुत बरसात हो रही है. रामप्यारी मैम ने अभी पकौडे और चाय बनवाई है. आप सब भी आनंद ले. लिजिये पिजिये गर्मा गर्म चाय के साथ प्याज के पकौडे.

  संगीता पुरी

10 November 2009 at 19:03

मुर्गी सांप खा रही है!!

  संगीता पुरी

10 November 2009 at 19:05

सही हूं मैं ??

  ललित शर्मा

10 November 2009 at 19:12

संगीता जी - बिलकुल सही, आज आप काफ़ी लेट, टिप्पणी का ग्राफ़ भी नही चढ़ रहा है, सवा घंटा हो गया है।

  महफूज़ अली

10 November 2009 at 19:13

aaj to haalat kharaab hai.......

  डाँ. झटका..

10 November 2009 at 19:14

उम्मीद है चाय और प्याज के पकौडे पसंद आये होंगे? अब आपसे निवेदन है कि कांफ़्रेंस रूम में पधारें

  महफूज़ अली

10 November 2009 at 19:16

jee.... aa gaye hain...

  डाँ. झटका..

10 November 2009 at 19:17

@ मुरारी पारीक

आपको सवाल ११० को का विषय चुनने का मौका दिया गया है. कृपया ७:३० तक अपना पसंदीदा विषय लोक करवायें.
आपके विषय हैं :

१.पशु
२.पक्षी
३.फ़िल्मी
४.अन्य कोई आपकी पसंद का सवाल?

  संगीता पुरी

10 November 2009 at 19:18

मुरारी जी से उम्‍मीद है कि अब पशु पक्षी नहीं पूछेंगे वे !!

  महफूज़ अली

10 November 2009 at 19:25

Murari ji.jaldi aayiye....

  सुनीता शानू

10 November 2009 at 19:29

अरे भैया ये तो बाज़ है,साँप खा रहा है।

  संगीता पुरी

10 November 2009 at 19:32

Haast eagle

  सुनीता शानू

10 November 2009 at 19:32

अभी खा नही रहा यह तो उड़ने वाला है बस चोंच में पकड़कर...:) ए ए ये उड़ा देखना जरा पकौड़े खाने तो नही गया रामप्यारी के पास?

  पं.डी.के.शर्मा"वत्स"

10 November 2009 at 19:32

मुरारी जी के "गधा" प्रेम को देखते हुए इतनी उम्मीद है कि वो अगली पहेली के लिए भी पशु ही चुनेंगें :)

  सुनीता शानू

10 November 2009 at 19:33

संगीता जी कैसी हैं आप? लगता है यहाँ जवाब देने कम चैटियाने ज्यादा आते हैं हम...:)

  पं.डी.के.शर्मा"वत्स"

10 November 2009 at 19:33

Salamander

  ललित शर्मा

10 November 2009 at 19:34

@ सुनीता जी बधाई हो -आपका जवाब सही लगता है, आप पुरा सर्च करके आई हैं लगता है।

  संगीता पुरी

10 November 2009 at 19:35

अच्‍छी हूं .. आप बताएं !!

  डाँ. झटका..

10 November 2009 at 19:35

@ मुरारी पारीक

आपका समय 7:45 तक बढाया गया है. इस अवधि के बाद आपका नामिनेटेड व्यक्ति ही ८:०५ तक विषय लाक करवा सकेगा.

इसके बाद में विषय रामप्यारी मैम की इच्छानुसार रहेगा.

  सुनीता शानू

10 November 2009 at 19:37

ए काश ललीत जी म्हारो जवाब साचो निकल जावै और मै फ़ेर थारै लोगां सै खाद्य सामग्री की पहेली पुछूँ...पण काश...:(

  POTPOURRI

10 November 2009 at 19:37

sabhi ko namaskar, idhar bhi baarish ho rahi hai aur main gramagarma cut mirchi khane me itni vysta thi ki samay ka paata hi nahi chala. Murariji kal ki jeet ke liye aaj hi badhai sweekar keejiye, mere khayl se ye jo rampyari ne pucha hai Indian pond heron hai sa lagata hai.

  संगीता पुरी

10 November 2009 at 19:39

मुरारी जी सही हैं क्‍या .. मैं तो अभी तक ढूंढ ढूंढ कर परेशान थी।

  संगीता पुरी

10 November 2009 at 19:40

मुरारी जी को बधाई !!

  डाँ. झटका..

10 November 2009 at 19:42

मुझे इस सवाल का जवाब तो मालूम है मगर मैं क्यों बताऊं? आपको हिंट चाहिये तो मैं मौजूद हूं.

  पं.डी.के.शर्मा"वत्स"

10 November 2009 at 19:42

चिडिया ने मुँह में एक Salamander को पकड रखा है जिसे कि उदरस्थ करने से पूर्व वो अभी अन्नपूर्णा मंत्र का जाप कर रही है !

  ललित शर्मा

10 November 2009 at 19:42

@ सुनीता जी-मुरारी लाल आज मालपुआ बणा रह्यो है, थारो भी चुल्ला न्युतो है, पधारो थे-आज रोटी बणावन की जरुरत कोनी, सगला पधारो।

  POTPOURRI

10 November 2009 at 19:46

@lalit ji,sagala padharo yaane mare ko bhi न्युतो hai kai?

  POTPOURRI

10 November 2009 at 19:48

Dr. Jhtaka humko हिंट चाहिये..........

  सुनीता शानू

10 November 2009 at 19:49

मुरारी भाया म्हारै कुटुम्ब मै २५० जणा है जिको थे या बताओ की चूल्हो नोत है कि...सोच लेवो इबी भी रोटी करू की नही।

  सुनीता शानू

10 November 2009 at 19:50

डॉक्टर झटका मुझे लगता है इन सबको आप एक झटका दे ही दो...नही हिन्ट दे ही दो जी

  ललित शर्मा

10 November 2009 at 19:51

@ पाटपुरी जी-मुरारी जी कह्यो है थारो सगला को न्युतो है, पधारो।

  ललित शर्मा

10 November 2009 at 19:57

@ डाकदर झटका कित चले गये कुछ तो करो, नही तो आपां भी दुकान बढावां ओर अपणो ठिकाणो पकड़ां ।

  POTPOURRI

10 November 2009 at 19:58

@lalit ji, murari ji kathe chaal diye?

  संगीता पुरी

10 November 2009 at 19:58

मै मुरारी भाई के साथ हूं .. सारस ही है !!

  डाँ. झटका..

10 November 2009 at 19:58

मैं हिंट तो एक बार फ़िर दे दूंगा मगर रिश्वत मे क्या मिलेगा?

  सुनीता शानू

10 November 2009 at 20:00

अरे सरे आम रिश्वत माँग रहे है आप? माँगन मरन समान है न कोई माँगे रिश्वत...

  सुनीता शानू

10 November 2009 at 20:01

डॉक्टर साहब अब जाना ही होगा। सभी को शुभरात्री जी...

  डाँ. झटका..

10 November 2009 at 20:02

@ मुरारी पारीक

आपके नामिनेटॆड प्रतिनिधी का नाम नही आया है. और अब समय बचा है सिर्फ़ ३ मिनट. इसके बाद रामप्यारी मैम की पसंद का सवाल आयेगा.

धन्यवाद.

  ललित शर्मा

10 November 2009 at 20:04

जीमण वाला मेहमान बढ़ गया सुण कै मुरारी लाल जी -असला महाराज नै बुलावण गयो है। राजस्थानी हाँ मेहमान की खातिर दारी मे कोई कमी कोनी होणी चाहिए।

  डाँ. झटका..

10 November 2009 at 20:04

आज रामप्यारी मैम छुट्टी पर है अत: रिश्वत लेने की छूट है. मगर क्या करुं? कोई देता ही नही है.

  डाँ. झटका..

10 November 2009 at 20:23

अफ़्सोस मेरे तीन तीन हिंट देने के बाद भी कोई जवाब नही आया? रामप्यारी मैम बहुत नाराज होगी आज तो. मगर क्या किया जा सकता है?

है कोई माई का लाल जो कल का विषय लोक करवा सके? खुली छूट है. जिसकी भी इच्छा हो वो विषय लोक करवाये. जो पहले करवायेगा वही मान लिया जायेगा.

  सुनीता शानू

10 November 2009 at 20:28

कल का विषय कोश्च्यूम रख लीजिये...यानि की परीधान....

  सुनीता शानू

10 November 2009 at 20:29

जैसे कि यह वेशभूषा किस क्षेत्र की है...आदि आदि...अरे मै फ़िर आ गई...ओह्ह जाने दो भई खाना मुरारी भाई नही खिलाने वाले...:)

  डाँ. झटका..

10 November 2009 at 20:30

@ सुनिता शानु

आपका सुझाया गया विषय लोक किया गया है. धन्यवाद. आप दो मिनट अगली घोषणा के लिये रुकिये मैं तीन मिनट मे वापस आया.

  सुनीता शानू

10 November 2009 at 20:32

दो मिनिट मै रूकूँ तो आप तीन मिनिट में पक्का आ जायेंगे न...कहीं पकौड़े खाने बैठ जायें...बाकि सब कहाँ भाग गये?

  डाँ. झटका..

10 November 2009 at 20:32

सुनिता शानु

क्या आप कोई चित्र भेज सकती हैं इस वेशभूषा वाली पहेली के लिये? पर ध्यान रहे कि फ़िर आप स्वयम भाग नही ले पायेंगी. आप उस पहेली की आयोजक कहलायेंगी. मंजूर है तो बोलिये और फ़ोटो भेजिये.

  Murari Pareek

10 November 2009 at 20:48

ye meri

  सुनीता शानू

10 November 2009 at 20:49

हाँ मगर कैसे?

  Murari Pareek

10 November 2009 at 20:51

sari daagdhar sahab aaj bhukh jor se lagi thi bich me khana khane chala gayaa!! kal ke liye

  Udan Tashtari

10 November 2009 at 20:51

हिंट ने काम बना दिया.

लिंक देने का बहुत मन कर रहा है लेकिन २५ टिप्पणियाँ...बाप रे!!


ये एक चिड़िया मगर के बच्चे को चोंच में दाबे है. :)

  पं.डी.के.शर्मा"वत्स"

10 November 2009 at 20:51

हमारा तो पहले वाला जवाब ही सही है....चिडिया नें मगरमच्छ के नवजात शिशु को मुँह में पकड रखा है...बस खाने की तैयारी ही है ।
डा. झटका बिना सोचे विचारे बस इसी पर हमारी तरफ से हरीसन का ताला ठोंक दो....

  Murari Pareek

10 November 2009 at 20:51

kal ke liye paheli koi sports se sambandhit ho jaye!!!

  Murari Pareek

10 November 2009 at 20:53

sunitaa ji hamaara bana khanaa khayengi to ungaliyaa chatati rah jayengi!!!

  डाँ. झटका..

10 November 2009 at 20:57

सुनिता शानु

आप वह चित्र रामप्यारी मैम को भिजवा दिजिये उनका पता नोट किजिये

rampyari@taau.in पर कृपया अभी नही हो तो कल दोपहर १२ :०० बजे तक भिजवा दिजिये.

इस सहयोग के लिये रामप्यारी मैम की तरफ़ से आपको धन्यवाद.

  सुनीता शानू

10 November 2009 at 20:58

ठीक है जी, मुरारी जी कल खायेंगे...ओके सभी को राम राम

  Murari Pareek

10 November 2009 at 20:59

अरे भाई इतने खाने वाले थे तो खाना बनाने गया था !!! बना कर तैयार है सभी लाइन बैठ जाइये !!!!! समीर जी आप मुखिया वाली चेयर पे बैठिये !!! संगेताजी आप सामे वाली पे सुनिताजी आप इधर अं!!! आं!!! हाँ यहाँ बैठिये पंडित जी ललित पास में बेठिये महफूज भाई और में खाना परोस रहे हैं !!! potpourri आप थलिया लगाइए और सब्जी वाला धामा ले कर सबको सब्जी परोसिये!!! हाँ शुरू कीजिये खाना!!!

  डाँ. झटका..

10 November 2009 at 20:59

मुरारी पारीक

आपका समय ८:०५ बजे खत्म होगया था. आपकी अनुपस्थिति मे वह चांस पहले सुझाव देने वाले को चला गया. और वो भाग्यशाली रही आज सुनिता शानु.

कल का विषय होगा वेशभूषा और पहेली की आयोजक होंगी सुनीता शानु.

तालियां

  Murari Pareek

10 November 2009 at 21:02

thik hai ji koi ni !!!

  Murari Pareek

10 November 2009 at 21:03

oh taliyaan gad...gad..gad.. tad..tad...ttd..

  Murari Pareek

10 November 2009 at 21:15

ye taaj dhari saras jisko crowned crane kahte hai aur ye gigit prajati ka prani kha rahi hai bedardi!!!

  Udan Tashtari

10 November 2009 at 21:21

जय हो मुरारी बाबू की...

  Murari Pareek

10 November 2009 at 21:23

ha..ha.. sameerji kayaas lagaa rahe hain !!!hum to!!!

  Udan Tashtari

10 November 2009 at 21:23

Salamander क्या मगरमच्छ ह्ता है, पंडित जी? कृप्या ज्ञानप्रकाश फैंके.

  Murari Pareek

10 November 2009 at 21:26

salamnadar?? pahli baar sunaa ye naam!!! (amitabh sholey style)

  makrand

10 November 2009 at 21:28

ये तो सलाम नाडर है यानि नाडर को सलाम कर रहे हैं पंडित जी तो.:)

  सुनीता शानू

10 November 2009 at 21:28

क्या आपको मेल मिल गई है?

  सुनीता शानू

10 November 2009 at 21:29

बाज़ मगरमच्छ(बच्चे) को खा रहा होगा

  Murari Pareek

10 November 2009 at 21:30

nadar ke jinawar hai bhai!!!

  डाँ. झटका..

10 November 2009 at 21:50

@ सुनीता शानु

आपकी भेजी हुई तस्वीरें रामप्यारी मैम को पहुंचा दी गई हैं. आपको वो खुद धन्यवाद का मेल प्रेषित करेंगी. और कल के सवाल ११० की आप आयोजक रहेंगी. यानि कल का सवाल आपकी तरफ़ से पेश होगा.

पुन: धन्यवाद

10 November 2009 21:48

  Udan Tashtari

10 November 2009 at 21:52

कल सुनीता जी जबाब नहीं दे सकेंगी...मजा आया!!

  'अदा'

11 November 2009 at 10:37

Cheel ya Baaz jo bhi kahen yahi hai...

  HEY PRABHU YEH TERA PATH

11 November 2009 at 12:38

Aadarniy Sameerji, MurariPareekji,
P.D.K. Sharmaji,
Llitji sharmaji,
Devendraji,
Sangeet puriji,
Adaaji,
Mahfooz aliji

SABHI KO TAAOO-TAAOO..
(ram ram)

आप लोगो की धमाल, कमाल की लगी! इस ताऊ चोपाल से लगता है सोसल नेटवर्किग का भट्टा ही बैठ जाएगा...... लगता है अब मुझे भी आर्कुट एवम फ़ेसबुक से यहा ही सिफ़्ट होना पडेगा.....

आज ही रामप्यारी को एप्प्लिकेश्न लगाए देता हू...... अपनी जान पहचान की है जल्दी रजिस्ट्रीशन कर देगी!
क्यू रामप्यारी ?
तु कितनी क्यूट लग रही है पता है?
तू तो ताऊ की भी ताऊ है ?
समीरजी तो तेरी समझदारी के चर्चे अक्सर मुझसे करते रहते है.


अच्छा राम्प्यारी थोडा मेरी एप्पलीकेसन पर ध्यान जरुर दियो. हा ताऊ, ताई को राम राम कहना, और हा.... उनसे कहना वो ........!
चल जाने दे फ़िर कभी
फ़ुरसत से बतियाएगे......

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