फ़र्रुखाबादी विजेता (113) : देवेंद्र


भाईयों और बहनों आप…सभी को नमस्कार….जैसा कि आप जानते ही हैं..मैं प. डी.के.शर्मा "वत्स" "खुल्ला खेल फ़र्रुखाबादी" (113) के जवाबी अंक में आप सबका एक बार पुन: स्वागत करता हूं.

कल आप सबके साथ आयोजक के रुप मे बहुत आनंद आया. एक अलग प्रकार का अनुभव...यानि चुपचाप आप सब को देखा. बीच बीच मे आपसे बात की...जिस तरह मुरारी पारीक के साथ सबकी चुहलबाजी चली..वो तो हंस हंस कर पेट दर्द करने वाली ही थी. वाकई बडा आनंद आया.

आपके सहयोग और इस आयोजन को सफ़ल बनाने के लिये आप सभी का आभार और यह मौका देने के लिये रामप्यारी मैम का भी बहुत आभार
.

अब "खुल्ला खेल फ़र्रुखाबादी" (113) के सही जवाब का चित्र देखिये ...यह रहा !




और फ़र्रुखाबादी विजेता हैं देवेंद्र बधाई!


Devendra said...
kangaroo

14 November 2009 18:03


इसके अलावा अन्य विजेता इस प्रकार रहे.
२.मुरारी पारीक जी,
३.संगीता पुरी जी,
४. भाई समीर लालजी,
५. POTPOURRI
६.महफ़ूज भाई,
७. ललित शर्मा जी,
८.Gagan Sharma, Kuchh Alag sa

यहां जो आनंद मिला आयोजक के रुप में उसको शब्दों मे व्यक्त करना मुश्किल है.

और अब अंत में.. पी.सी.गोदियाल जी, मकरंद जी, दीपक तिवारी साहब, गब्बर और सांभा, पुर्णिमा, काजलकुमार जी, डा.रुपचंद्र शाश्त्री का आभार व्यक्त करता हूं. और साथ ही डाँ. झटका का भी..जो इस खेल को हमारे लिये मनोरंजक बनाते हैं. और सबसे आखिर मे ऐसा शानदार और मनोरंजक मंच उपलब्ध करवाने के लिये ताऊजी का भी आभार व्यक्त करता हूं.

आज चारों तरफ़ जहां तू तू मैं मैं और वैमनस्य का माहौल दिखाई देता है वहीं आज ताऊ डाट काम ने एक बिल्कुल ही हंसने मुस्कराने का माहोल उपलब्ध करा दिया है. शाम को ६ बजते ही दिन भर की थकान दूर करने सब यहां इकठ्ठे होते हैं. और वाकई ऐसा माहोल बनता है जैसे सभी लोग एक घर मे बैठे गप्पे मार रहे हों.

आज मेरे उपरोक्त कथन और सोच को सच ठहराने वाली भाई गोदियाल जी की इस टिप्पणी को मैं यहां प्रकाशित करना चाहुंगा.


पी.सी.गोदियाल said...
सच में मन बहलाने का यह अच्छा तरीका ढूंढ निकाला ताऊ ने, ताऊ जी को मेरी लख-लख बधाई !

14 November 2009 18:32


इसके अलावा मुरारी पारीक के नाम को मैने टिप्पणी-वीर पुरस्कार के लिये रामप्यारी मैम को प्रेषित किया है. मंजूरी मिलते ही उनको यह पुरस्कार प्रदान किया जायेगा. तालियां....

अब अगला फ़र्रुखाबादी सवाल आज शाम को ठीक ६ बजे पेश करेंगी खुद रामप्यारी मैम और डाँ.झटका, जो कि रेखा राव की फ़रमाईश पर जायका यानि कि खाने पीने के विषय से होगा. अब मैं आप सबसे इजाजत चाहुंगा. नमस्कार.



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10 comments:

  संगीता पुरी

15 November 2009 at 16:03

देवेन्‍द्र जी को बहुत बहुत बधाई !!

  M VERMA

15 November 2009 at 16:33

देवेन्द्र जी को बधाई

  सैयद | Syed

15 November 2009 at 16:52

देवेन्द्र जी को बधाई !!

  अल्पना वर्मा

15 November 2009 at 16:58

1-Devendra ji ko Badhaayee.
2-Pandit Sharma ji ko paheli-post number 113 ke safal ayojan ke liye badhaayee.
3-Rampyari Mam' ko 113 post par 516 comments Ka naya itihaas banane ke liye Badhaayee.
4-Murari ji ko 'Tippani veer' ke liye nominated hone par Badhaayee.
5-Hansi-thahakon wale is naye platform ke liye'Time Pass 'blog ko badhaayee.

  makrand

15 November 2009 at 17:32

देवेंद्र जी को बधाई और आज के लिये सभी को शुभकामनाएं।

  Udan Tashtari

15 November 2009 at 17:36

फाईनली: अन्ततः, देवेन्द्र भाई को बहुत बहुत बधाई..जय हो!! अब तो हैट्रिक लगा कर ही रुकना. अनन्त शुभकामनाएँ. आज तो मुरारी बाबू थक कर सोये होंगे तो एक कॉम्पटीटर कम रहेगा. :)

आनन्द आया.

  Murari Pareek

15 November 2009 at 17:47

devendraji ko badhaai aur panditji ke taliyon ki gadgadahat!!!

  Murari Pareek

15 November 2009 at 17:48

@sameerji nind kahaan aayegi bina paheli!!! paheli dekhkar show karnaa hai aaj to !!!

  Murari Pareek

15 November 2009 at 17:51

6 bajte hi blogwaani ki dhadkane bhi badh jaati hain!!!

  महेन्द्र मिश्र

15 November 2009 at 18:02

देवेन्द्र जी को बधाई ..

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