खुल्ला खेल फ़र्रुखाबादी (116) : रामप्यारी

हाय….आंटीज..अंकल्स एंड दीदी लोग..या..दिस इज मी..रामप्यारी.. आज के इस खुल्ला खेल फ़र्रुखाबादी मे रामप्यारी और डाक्टर झटका आपका हार्दिक स्वागत करते है. और अब शुरु करते हैं आज का “खुल्ला खेल फ़र्रुखाबादी” जो कि अल्पना वर्मा
की पसंद का है.


आज के "खुल्ला खेल फ़र्रुखाबादी" का चित्र नीचे देखिये और सवाल का जवाब दिजीये कि यह कौन सा और कहां का लोक-नृत्य है?



यहां माडरेशन नही है....यह आपका खेल आप ही खेल रहे हैं... अत: ऐसा कोई काम मत करिये जिससे खेल की रोचकता समाप्त हो ... सारे जवाब सबके सामने ही हैं...नकल करना हो करिये..नो प्राबलम टू रामप्यारी....बट यू नो?..टिप्पणियों मे लिंक देना कतई मना है..इससे फ़र्रुखाबादी खेल खराब हो जाता है. लिंक देने वाले पर कम से कम २१ टिप्पणियों का दंड है..अधिकतम की कोई सीमा नही है. इसलिये लिंक मत दिजिये.

परेशानी हो...डाक्टर झटका आपकी सेवा मे मौजूद हैं.. २१ सालों के तजुर्बेकार हैं डाक्टर झटका. पर आप अपनी रिस्क पर ही उनसे मदद मांगे. क्योंकि वो सही या गलत कुछ भी राय दे सकते हैं. रिस्क इज यूवर्स..रामप्यारी की कोई जिम्मेदारी नही है.

तो अब फ़टाफ़ट जवाब दिजिये. इसका जवाब कल शाम को 4:00 बजे दिया जायेगा, तब तक रामप्यारी की तरफ़ से रामराम और डाक्टर झटका खेल दौरान आपके साथ रहेंगे.


"बकरा बनाओ और बकरा मेकर बनो"


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55 comments:

  Udan Tashtari

17 November 2009 at 18:00

कुचीपुड़ी दक्षिण भारत का

  Varun Kumar Jaiswal

17 November 2009 at 18:01

nautanki . up

  रंजन

17 November 2009 at 18:02

भारत का लोक नृत्य है...

  Murari Pareek

17 November 2009 at 18:03

karala dance

  Rekhaa Prahalad

17 November 2009 at 18:05

yakshagana, karnataka

  पी.सी.गोदियाल

17 November 2009 at 18:06

सभी पार्टिसिपेंट को राम-राम, शायद केरला का कथकली डांस है

  Murari Pareek

17 November 2009 at 18:08

raam raam ji godiyaal ji aur samst upasthit sajjno ko!!!

  पी.सी.गोदियाल

17 November 2009 at 18:09

राम राम मुरारी जी

  संगीता पुरी

17 November 2009 at 18:09

सबों को नमस्‍कार !

  संगीता पुरी

17 November 2009 at 18:10

कथकली ही तो लग रही है !!

  पी.सी.गोदियाल

17 November 2009 at 18:11

थैंकयु, संगीता जी इसका मतलब पहेली न. ११६ के विजेता हुए पी सी गोदियाल !!

  पी.सी.गोदियाल

17 November 2009 at 18:13

इस खुशी में सभी पार्टिसिपेंट को मेरी तरफ से एक-एक ३६ गढ़ी पान , बाहार जाकार ललित जी के खोके से ले लेना, पैसे मत देना ! उन्हें कह देना कि गोदियाल जी के खाते में लिख ले !

  Gagan Sharma, Kuchh Alag sa

17 November 2009 at 18:16

ओडिसा का झाऊ नाच।

  Udan Tashtari

17 November 2009 at 18:16

Yakshagana dance from karnataka

  पी.सी.गोदियाल

17 November 2009 at 18:18

पश्चिम बंगाल का डांस है, दुर्गा पूजा के अवसर पर मुखौटे पहनकर किया जाता है !

  पं.डी.के.शर्मा"वत्स"

17 November 2009 at 18:21

पश्चिमी बंगाल का एक लोक नृ्त्य---छाऊ

  संगीता पुरी

17 November 2009 at 18:26

छौ डांस बंगाल का ही है !!

  संगीता पुरी

17 November 2009 at 18:30

रामप्‍यार भी न फोटो ख्‍ींचने कहां से कहां चली जाती है .. एक दिशा से घूमा करो तो कुछ अनुमान हो न !!

  संगीता पुरी

17 November 2009 at 18:31

This comment has been removed by the author.
  Udan Tashtari

17 November 2009 at 18:32

Chhau performed in Purulia dist

  संगीता पुरी

17 November 2009 at 18:32

उत्‍तर ढूंढने में व्‍यस्‍त थी गोदियाल जी .. बधाई दे दूं क्‍या ??

  Rekhaa Prahalad

17 November 2009 at 18:33

chaau tribal martial dance jo ki orissa, jharkhand aur west bengal me prachalit hai.
@gagan sharma ji badhai sweekar kariye in advance.

aap sabhi ko namaskar aur shubh raatri.

  संगीता पुरी

17 November 2009 at 18:34

@ गोदियाल जी .. वैसे आज मैं लगातार आपकी नकल किए जा रही हूं !!

  Udan Tashtari

17 November 2009 at 18:35

Chhau performed in Purulia dist

-Chhau, the rare mask dances of eastern India

  Udan Tashtari

17 November 2009 at 18:36

जय हो!! नमस्कार.

  पी.सी.गोदियाल

17 November 2009 at 18:38

@ संगीता जी फिर तो आप जीत नहीं पाएंगी, फोलो करने का यही तो नुकशान है क्योंकि विजेता तो उसको किया जाएगा जिसे फोलो किया गया !

  संगीता पुरी

17 November 2009 at 18:40

पुरूलिया से छाऊ पार्टी आती थी हमारे गांव में .. कितने बार डांस देखा है .. पर वह तो ऐसा नहीं होता !!

  पी.सी.गोदियाल

17 November 2009 at 18:40

ये समीर जी भी मैदान छोड़ गए लगता है !

  Murari Pareek

17 November 2009 at 18:41

छतीसगढ़ का नाचा साखी लोक नृत्य

  Murari Pareek

17 November 2009 at 18:42

kisi ko link chahiye to bol dijiyegaa sharmaiyegaa nahi!!!!

  संगीता पुरी

17 November 2009 at 18:43

जीत हार की चिंता क्‍या करनी ?

  संगीता पुरी

17 November 2009 at 18:44

मुरारी जी आप कैसे लिंक देंगे हमें ??

  Murari Pareek

17 November 2009 at 18:45

ye nacha sakhi nrity hai !!!

  पी.सी.गोदियाल

17 November 2009 at 18:45

अब बोलिए मुरारी जी शर्माइयेगा नहीं !

  Murari Pareek

17 November 2009 at 18:47

sharmaa nahi rahe bas jara si ghabrahat ho rahi raampyaari ke dand se!!!

  संगीता पुरी

17 November 2009 at 18:48

हां मुरारी जी .. दूध का जला छाछ भी फूंकफूंककर पीता है !!

  संगीता पुरी

17 November 2009 at 18:49

आज बहुत लोग नहीं .. चाय पिलानेवाले लोग भी नहीं .. जबाब भी नहीं .. चलना पडेगा अब !!

  Murari Pareek

17 November 2009 at 18:51

chhau dance of west bengal the correct answer! lock karein

  Murari Pareek

17 November 2009 at 18:52

Chhau dance (or Chau dance) is a genre of tribal martial dance, which is popular in the Indian states of West Bengal, Jharkhand and Orissa. Its origin is attributed to Mayurbhanj, an erstwhile princly state of Orissa.There are three subgenres of the dance, based on its places of origin and development. Seraikella Chhau was developed in Seraikela,

  Murari Pareek

17 November 2009 at 18:53

good night !!!

  संगीता पुरी

17 November 2009 at 18:55

मुरारी जी रामप्‍यारी की सजा का कोई डर नहीं !!

  संगीता पुरी

17 November 2009 at 18:57

वैसे आज टिप्‍पणियां गिनने का काम भी कोई नहीं करेंगे .. अकेले रातभर टिप्‍पणियां करते रहें !!

  डाँ. झटका..

17 November 2009 at 19:06

प.डी.के. शर्मा "वत्स"

आप ७:३० तक कल के सवाल के लिये विषय लोक करवाना चाहे तो करवा सकते हैं. उसके बाद आपका प्रतिनिधी ८:०५ तक करवा सकता है.

  पं.डी.के.शर्मा"वत्स"

17 November 2009 at 19:25

डा. झटका कल के लिए विषय जीवजगत ही ठीक रहेगा...

  ललित शर्मा

17 November 2009 at 19:28

सभी भाईयों एव बहनों को राम-राम

  ललित शर्मा

17 November 2009 at 19:30

ये नृत्य हमारे छतीसगढ का है मै थोड़ी देर मे नाम बता रहा हुं। आज तो मेरे को ही जीतना है,
आज मै थोड़ा लेट हो गया हमारी भैंस की पाड़ी भाग गयी थी ढुढ़ने गया था।

  डाँ. झटका..

17 November 2009 at 19:41

प.डी.के.शर्मा "वत्स"

जीव जगत से आपका क्या आशय है? यह तो समस्त चराचर ही जीव जगत है? कृपया स्पश्ट करे की यह पशु-पक्षी सहित कोई भी जीव के बारे में पूछा जा सकता है क्या?

  Dr. Mahesh Sinha

17 November 2009 at 20:18

manipuri

  Nirmla Kapila

17 November 2009 at 21:01

shubharaatree

  संगीता पुरी

17 November 2009 at 21:30

छाऊ है पक्‍का .. पं बंगाल का नृत्‍य !!

  पं.डी.के.शर्मा"वत्स"

17 November 2009 at 21:54

डा. झटका चाहे इस जीवजगत के किसी भी पशु/पक्षी/इन्सान/कीटाणु/विषाणु/जीवाणु इत्यादि में से जो तुम्हे मन करे, पूछ लो.......

  shikha varshney

18 November 2009 at 00:33

कथकली केरल का

  Dipak 'Mashal'

18 November 2009 at 04:40

भैया मानने तो जे रामलीला लागे हे...
जय हिंद...

  Dipak 'Mashal'

18 November 2009 at 04:45

हाँ जी ये छाऊ नृत्य ही है... lock किया जाये... संगीता जी आपके गाँव आते वक्त ये लोग मुखौटा भूल आये होंगे :)

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