खुल्ला खेल फ़र्रुखाबादी (120) : रामप्यारी

हाय….आंटीज..अंकल्स एंड दीदी लोग..या..दिस इज मी..रामप्यारी.. आज के इस खुल्ला खेल फ़र्रुखाबादी मे रामप्यारी और डाक्टर झटका आपका हार्दिक स्वागत करते है. और अब शुरु करते हैं आज का “खुल्ला खेल फ़र्रुखाबादी” आज का सवाल मुरारी जी की पसंद का है.


आज के "खुल्ला खेल फ़र्रुखाबादी" का चित्र नीचे देखिये और बताईये ये मनुष्य क्या कर रहा है?




यहां माडरेशन नही है....यह आपका खेल आप ही खेल रहे हैं... अत: ऐसा कोई काम मत करिये जिससे खेल की रोचकता समाप्त हो ... सारे जवाब सबके सामने ही हैं...नकल करना हो करिये..नो प्राबलम टू रामप्यारी....बट यू नो?..टिप्पणियों मे लिंक देना कतई मना है..इससे फ़र्रुखाबादी खेल खराब हो जाता है. लिंक देने वाले पर कम से कम २१ टिप्पणियों का दंड है..अधिकतम की कोई सीमा नही है. इसलिये लिंक मत दिजिये.

परेशानी हो...डाक्टर झटका आपकी सेवा मे मौजूद हैं.. २१ सालों के तजुर्बेकार हैं डाक्टर झटका. पर आप अपनी रिस्क पर ही उनसे मदद मांगे. क्योंकि वो सही या गलत कुछ भी राय दे सकते हैं. रिस्क इज यूवर्स..रामप्यारी की कोई जिम्मेदारी नही है.

तो अब फ़टाफ़ट जवाब दिजिये. इसका जवाब कल शाम को 4:00 बजे दिया जायेगा, तब तक रामप्यारी की तरफ़ से रामराम और डाक्टर झटका खेल दौरान आपके साथ रहेंगे.


"बकरा बनाओ और बकरा मेकर बनो"


हिंट की यह तस्वीर आज रात 8:50 पर प्रकाशित की गई!


हिंट की तस्वीर

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Promoted By : ताऊ और भतीजाएवम कोटिश:धन्यवाद

60 comments:

  Murari Pareek

21 November 2009 at 18:00

bhans duh raha hai

  Murari Pareek

21 November 2009 at 18:01

bhains ka dudh nikaal rahaa hai aur iska link bhi nahi melga ha..ha..ha..

  Murari Pareek

21 November 2009 at 18:02

nahi nahi ye hath dho raha hai

  Rekhaa Prahalad

21 November 2009 at 18:02

Namaskar. ye kya patchwork sa lag raha hai. do chitra ek me gadha aur ek me bensa? aadmi chara khila raha hai.

  Dipak 'Mashal'

21 November 2009 at 18:03

bhaiya lagta to hai jaise laghushanka kar raha hai Murari ji kya khyal hai?

  Murari Pareek

21 November 2009 at 18:03

gaay ka dudh nikal riya hai

  Murari Pareek

21 November 2009 at 18:04

100% gaay duh rahaa hai!!!!!

  Devendra

21 November 2009 at 18:04

janavar ke liye chara bana raha hai

  Murari Pareek

21 November 2009 at 18:07

link mil gaya ha..ha..ha..

  Dipak 'Mashal'

21 November 2009 at 18:07

are jaise gadha sharma raha hai usse to yahi lagta hai ki deewal kharab hi kar raha hai...

  Murari Pareek

21 November 2009 at 18:07

aaj sab kahaan gayab ho gaye!!! google khankhaal rahe hain kya???

  Murari Pareek

21 November 2009 at 18:08

wo deewar nahi hai safed gaay hai!!!

  Ratan Singh Shekhawat

21 November 2009 at 18:08

ये तो घास खोद रहा है |

  Dipak 'Mashal'

21 November 2009 at 18:10

wo gaay nahin safed gadha hai murari ji
lagta hai uske pairon me kuchh dawa laga raha hai ya pair baandh raha hai...

  Rekhaa Prahalad

21 November 2009 at 18:12

safed bakri ya gadhe ka dudh duh raha hai.

  Murari Pareek

21 November 2009 at 18:13

itnaa badaa gadhaa??? hota bhi hai kya!!! jursey gaay hai!!!

  Rekhaa Prahalad

21 November 2009 at 18:26

Dr.J ke do hints ke baad hi jawaab dena samajhdaari hai, isliye ab me unki prateeksha karungi. vyarth me kyo googling karu?

  Gagan Sharma, Kuchh Alag sa

21 November 2009 at 18:26

गधे के पैर बांध या खोल रहा है।

  Gagan Sharma, Kuchh Alag sa

21 November 2009 at 18:30

rekhaajii,
'Gadhe' ko 'gadhee' to banaa detin. :)

  Gagan Sharma, Kuchh Alag sa

21 November 2009 at 18:37

murariji
gajab!!
hath dho kar bhains, wah bhii saphed, ko gaay banaa diyaa. :)

  Rekhaa Prahalad

21 November 2009 at 18:39

@gagan sharma ji, thik hai bana diya!

  काजल कुमार Kajal Kumar

21 November 2009 at 18:40

जैसे शेर, पेड़ पर कुत्ते की तरह टांग उठा कर अपना क्षेत्र चिन्हित करते हैं ये शहर की दीवार पर 'मेरा क्षेत्र' घोषित करता लग रहा है...

  काजल कुमार Kajal Kumar

21 November 2009 at 18:44

ओह ! ये तो गधे की सेवा में है.

  सुनीता शानू

21 November 2009 at 18:53

गधे के पीछे खड़ा होकर थपकी दे रहा लगता है...थोड़ी देर में पीछे हट जायेगा जब लात खायेगा...:(

  सुनीता शानू

21 November 2009 at 18:54

मुरारी भाई दुहने का काम क्या खड़े होकर करेगा...:)

  सुनीता शानू

21 November 2009 at 18:55

रेखा जी चारा खिलाने के लिये मुह की तरह जायेगा या पूँछ की तरह...हहहहहह

  सुनीता शानू

21 November 2009 at 18:56

दीपक मशाल आपकी बात सही हो सकती है भई...:(

  सुनीता शानू

21 November 2009 at 18:58

डॉक्टर झटका कहाँ हो भई...जल्दी आओ...

  पी.सी.गोदियाल

21 November 2009 at 19:04

shushoo tau shushoo :)

  M VERMA

21 November 2009 at 19:07

शायद यह कुछ सोच रहा है

  संगीता पुरी

21 November 2009 at 19:09

गाय ही दूहा जा रहा हो .. ये हो सकता है .. मुरारी जी सही लग रहे हैं .. वो तो ग्रहों का प्रभाव है कि .. आज भी 9 बजे से पहले कोई नकल नहीं कर सकता !!

  Udan Tashtari

21 November 2009 at 19:13

दूसरे सफेद घोड़े की सफाई कर रहा है.


ऑफिस में व्यस्तता के चलते पहेली में निष्क्रिय!!

सबको राम राम!!

  पं.डी.के.शर्मा"वत्स"

21 November 2009 at 19:18

शायद ब्रुश के साथ रगडकर घोडे की सफाई कर रहा है....

  महफूज़ अली

21 November 2009 at 19:35

आदरणीय समीरजी.... नमस्कार.....
ललितजी.... राम..... राम.....
सुनीता दी.....नमस्ते....
संगीता जी नमस्कार....
पंडित जी नमस्कार....
मुरारी जी ...जय हिंद...
रेखा जी....नमस्ते...
सीमा जी ...नमस्ते....
गोदियाल जी नमस्कार....
रतन जी..नमस्कार....
काजल जी... नमस्कार
देवेन्द्र जी नमस्कार...
गगन जी नमस्कार...
वर्माजी नमस्कार...
दीपक को ढेर सारा प्यार...

और रामप्यारी ..... I Love u...

  Rekhaa Prahalad

21 November 2009 at 19:38

@महफूज़ अली, Namaste aur Namaskar ka phark smajhana plz

  महफूज़ अली

21 November 2009 at 19:39

आज तनिक लेट हो गए हैं.... आज हमारी कार के सामने एक ठो आदमी जैसा कोई चीज़ आ गया था....देखा तो साइकिल समेत ऊपर उड़ गया था... उसी आदमी नुमा चीज़ को अस्पताल छोड़ के आ रहे हैं....
अभी ठीक है....

रामप्यारी का प्यार हमारे साथ था.... इसलिए उ बच गया.... हल्का फुल्का चोट आया है... उ डेंटिंग - पेंटिंग से ठीक हो जायेगा.... दोनों हमारा कार भी और उ आदमी भी..... पुलिस वाला एक ठो गाँधी बाबा लिया हमसे.... कौनो रपट नहीं हुई.... गाँधी जी जिंदाबाद....

  पं.डी.के.शर्मा"वत्स"

21 November 2009 at 19:40

नमस्कार महफूज जी....क्या बात है! अभी तक रामप्यारी की ओर से कोई जवाब आया कि नहीं ? :)

  डाँ. झटका..

21 November 2009 at 19:40

कोई भी सही जवाब नही आया है. हिंट बस थोडी ही देर मे दी जाने वाली है.

  महफूज़ अली

21 November 2009 at 19:41

अरे ! कोई भी डिफ़रेंस नहीं है.... थोडा चंगे के लिए लिखा था.....

  महफूज़ अली

21 November 2009 at 19:43

सही जवाब यही है कि... उ आदमी सू-सू कर रहा है....

  महफूज़ अली

21 November 2009 at 19:44

नहीं नहीं.... उ आदमी नलके से पानी भर रहा है.... बाल्टी में....

  डाँ. झटका..

21 November 2009 at 19:44

हिंट : ये आदमी दिवार खराब नही कर रहा है. क्या इतना हिंट उपयुक्त है?

  महफूज़ अली

21 November 2009 at 19:47

इसका मतलब हमारा जवाब सही है..... उ बाल्टी में पानी भर रहा है.....

  महफूज़ अली

21 November 2009 at 19:49

नहीं नहीं..... उ आदमी बैल का दूध निकाल रहा है.....

  पं.डी.के.शर्मा"वत्स"

21 November 2009 at 19:50

शायद ब्रुश के साथ रगडकर गधे की सफाई कर रहा है....

  डाँ. झटका..

21 November 2009 at 19:51

@ सीमा गुप्ता
आप चाहे तो कल का विषय लोक करवा सकती हैं. आपका समय है ८:०५ तक. उसके बाद आप्का प्रतिनिधी ८:२० तक लोक करवा सकता है.

सूचना समाप्त हुई.

  पं.डी.के.शर्मा"वत्स"

21 November 2009 at 20:12

घोडे का बच्चा दूध पी रहा है ओर ये आदमी शायद उसकी मदद कर रहा है....

जै राम जी की....अब चलते हैं !!!!

  Rekhaa Prahalad

21 November 2009 at 20:13

neeli shirtwaala safed jantu ka dud duh raha hai stool par baith kar.

shub raatri.

  Murari Pareek

21 November 2009 at 20:32

gaay ke pair me nyano bandh riyo hai!!! rasshi badh raha hai gaay ke pairon me !!!

  डाँ. झटका..

21 November 2009 at 20:44

जरुरी सूचना : हिंट की तस्वीर पोस्ट के साथ अटॆच की जारही है. अगर इससे भी सही जवाब नही मिला तो अगला हिंट भी बाद मे दिया जायेगा.

  ज्ञान

21 November 2009 at 20:50

आदमी वही कर रहा है जो जानवर भी करते हैं

  संगीता पुरी

21 November 2009 at 20:53

जल्‍दी दीजिए डा झटका !!

  डाँ. झटका..

21 November 2009 at 20:55

हिंट का चित्र पोस्ट मे जोड दिया गया है सबसे आखिर में.

  संगीता पुरी

21 November 2009 at 21:06

कुछ समझ में नहीं आ रहा है !!

  डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक

21 November 2009 at 21:46

खच्चर का दूध दुह रहा है!

  महफूज़ अली

21 November 2009 at 22:47

khachchar/gadhaa ki pichhli dono taangon ko baandh raha hai.......

  संगीता पुरी

21 November 2009 at 23:01

महफूज अली जी की बात से सहमत हुआ जा सकता है !!

  Ratan Singh Shekhawat

22 November 2009 at 07:16

खूंटे से बाँध रहा है

  डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक

22 November 2009 at 09:24

पहले कमेंट में भूल से-
"खच्चर का दूध दुह रहा है!"
लिख दिया खा,
मगर खच्चर तो दूध देता ही नही है।

सही कमेण्ट है-
गधी का दूध दुह रहा है।

  रंजन

22 November 2009 at 15:03

शु शु कर रहा लगता है..

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