खुल्ला खेल फ़र्रुखाबादी (130) रामप्यारी

हाय….आंटीज..अंकल्स एंड दीदी लोग..या..दिस इज मी..रामप्यारी.. आज के इस खुल्ला खेल फ़र्रुखाबादी मे रामप्यारी और डाक्टर झटका आपका हार्दिक स्वागत करते है. और अब शुरु करते हैं आज का “खुल्ला खेल फ़र्रुखाबादी” आज का सवाल उडनतश्तरी की पसंद का है.


आज के "खुल्ला खेल फ़र्रुखाबादी" का चित्र नीचे देखिये और सवाल यह नही है कि यह बगुला महाराज क्या कर रहे हैं? यह तो साफ़ दिखाई दे रहा है कि यह अपने भोजन के लिये सांप की पूंछ पकड कर खींच रहे हैं. और चूंकी आज वनस्पति के सवाल का विषय है तो रामप्यारी की अक्ल तो खराब हुई नही है.

तो आज का सवाल यह है कि ये किस चीज के खेत में ऐसा कर रहे हैं? यानि यह खेत किस चीज का है? समीर अंकल हेट्रिक के लिये अग्रिम बधाई..और इसीलिये इतना सीधा सवाल दिया है. इससे सीधा और आसान सवाल तो हो ही नही सकता.

आज आप जीतो यानि हैप्पी तिबारा और कल भी जीतेंगे तो कहेंगे हैप्पी चौबारा...वैसे राजस्थान हरयाणा मे घर की सबसे उपर की मंजिल पर बने कमरे को भी चौबारा कहते हैं. जिसमे एक दरवाजा और तीन तरफ़ खिडकियां होती हैं...नही मैं तो वैसे ही अपना ज्ञान बघार रही थी.:)




यहां माडरेशन नही है....यह आपका खेल आप ही खेल रहे हैं... अत: ऐसा कोई काम मत करिये जिससे खेल की रोचकता समाप्त हो ... सारे जवाब सबके सामने ही हैं...नकल करना हो करिये..नो प्राबलम टू रामप्यारी....बट यू नो?..टिप्पणियों मे लिंक देना कतई मना है..इससे फ़र्रुखाबादी खेल खराब हो जाता है. लिंक देने वाले पर कम से कम २१ टिप्पणियों का दंड है..अधिकतम की कोई सीमा नही है. इसलिये लिंक मत दिजिये.

परेशानी हो...डाक्टर झटका आपकी सेवा मे मौजूद हैं.. २१ सालों के तजुर्बेकार हैं डाक्टर झटका. पर आप अपनी रिस्क पर ही उनसे मदद मांगे. क्योंकि वो सही या गलत कुछ भी राय दे सकते हैं. रिस्क इज यूवर्स..रामप्यारी की कोई जिम्मेदारी नही है.

तो अब फ़टाफ़ट जवाब दिजिये. इसका जवाब कल शाम को 4:00 बजे दिया जायेगा, तब तक रामप्यारी की तरफ़ से रामराम और डाक्टर झटका खेल दौरान आपके साथ रहेंगे.


"बकरा बनाओ और बकरा मेकर बनो"


कल यह बहस चली कि हेट्रिक शब्द क्या और कैसे चलन में आया? और चार बार के लिये क्या शब्द है? जिस पर समीर अंकल ने हेट्रिक का सारा इतिहास कल की पोस्ट पर टिप्पणी करके लिख दिया और चार बार के लिये कोई शब्द की उत्पति नही होना बताया.

तो रामप्यारी के रहते आपको कोई चिंता करने की आवश्यकता नही है. सीधी बात है जैसे दो बार के लिये दुबारा..तीन बार के लिये तिबारा हम लोग हिंदी मे कहते हैं उसी तरह से हम हिंदी में चार बार के लिये चौबारा कहेंगे...समीर अंकल आज आप जीत कर तिबारा (हेट्रिक) बनाईये और कल जीतकर चौबारा बनईये.

फ़िर हम कहेंगे "हैप्पी चौबारा समीर अंकल" .... आपको अग्रिम बधाई!


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Promoted By : ताऊ और भतीजाएवम कोटिश:धन्यवाद

166 comments:

  Udan Tashtari

1 December 2009 at 18:00

ज्वार

  ललित शर्मा

1 December 2009 at 18:01

ज्वार

  Devendra

1 December 2009 at 18:02

chhotaki jonari

  ललित शर्मा

1 December 2009 at 18:02

समीर भाई राम-राम
आज पहले ही झटके मे काम तमाम

  Udan Tashtari

1 December 2009 at 18:05

राम राम भाई

  Devendra

1 December 2009 at 18:05

bajara

  डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक

1 December 2009 at 18:07

बाजरे का भुट्टा!

  श्री श्री बाबा शठाधीश जी महाराज

1 December 2009 at 18:07

स्वामी समीरानंद कैसे हैं?

  हिमांशु । Himanshu

1 December 2009 at 18:07

बाजरा !

  ललित शर्मा

1 December 2009 at 18:08

जुवार फ़ायनल है "लाक" किया जाय

  Devendra

1 December 2009 at 18:09

yah BAJARA hi hai jvar nahin

  ललित शर्मा

1 December 2009 at 18:10

calamus

  संगीता पुरी

1 December 2009 at 18:11

calamus तो है .. पर इसका अर्थ ??

  Udan Tashtari

1 December 2009 at 18:15

millet field कहते हैं!!! (ज्वार का खेत)

  ललित शर्मा

1 December 2009 at 18:17

calamus है हिंदी मे इसको "खस" कहा जाता है इसकी जड़ रुम कुलर मे पैड पर लगाने के काम आती है/ राम प्यारी लाक किया जाय्।

  ललित शर्मा

1 December 2009 at 18:19

Acorus calamus है हिंदी मे इसको "खस" कहा जाता है इसकी जड़ रुम कुलर मे पैड पर लगाने के काम आती है/ राम प्यारी लाक किया जाय्।

  संगीता पुरी

1 December 2009 at 18:21

ललित शर्मा जी सही कह रहे हैं .. इसे हिन्‍दी में खस कहा जाता है !!

  पं.डी.के.शर्मा"वत्स"

1 December 2009 at 18:22

समीर जी...तनिक हौंसला रखिए...हार-जीत तो जीवन में लगी ही रहती है :)

  श्री श्री बाबा शठाधीश जी महाराज

1 December 2009 at 18:22

ये चिलम का पेड़ है-अलख निरंजन

  Udan Tashtari

1 December 2009 at 18:23

a plant, Acorus calamus, of the arum family, having long, sword-shaped leaves and a pungent, aromatic rootstock.

  Udan Tashtari

1 December 2009 at 18:24

आज क्या ललित बाबू जीतने वाले हैं..मैने देखा था कल संगीता जी ने उन्हें भविष्य बताया था....

  Udan Tashtari

1 December 2009 at 18:24

बाबा जी की जय बम बम!!

  ललित शर्मा

1 December 2009 at 18:25

@ संगीता जी प्रणाम-आज का पंचांग क्या बता रहा?

  संगीता पुरी

1 December 2009 at 18:28

पंचांग अब भारत के पक्ष में हो गया है !!

  Udan Tashtari

1 December 2009 at 18:28

बच है जिसे sweet flack कहते हैं

औषधिय पौधा है.

हमारे जाबलपुर मे खूब होता है.

  संगीता पुरी

1 December 2009 at 18:28

पर दिक्‍कत है ना .. यहां इतने सारे लोग !!

  श्री श्री बाबा शठाधीश जी महाराज

1 December 2009 at 18:29

@स्वामी समीरानंद जी, वो बच्चा मुरारी हमारी लंगोटी धोने ले गया है, तीन दिन हो गया लाया नही है। हमे लंगोटी के लिए मजबुरी मे आश्रम छोड़ कर आना पड़ता है, वहां कितना काम है कल आप देख चुके हो।

  संगीता पुरी

1 December 2009 at 18:29

हममें से कोई जीतेंगे .. पर कनाडा के पक्ष में रहने से एक को ही जीतना है .. इसलिए समीर जी बाजी मार लेते हैं !!

  Udan Tashtari

1 December 2009 at 18:31

अब लंगोट पहनना छोड़ दो बाबा!!


सूट पहना करो और रेडीमेड रंजीत के लंगोट....मुरारी बाबू के चक्कर में रहोगे तो वो कहीं का नहीं छोड़ेंगे. :)

  Udan Tashtari

1 December 2009 at 18:32

संगीता जी यही अटूट विश्वास तो नतमस्तक कर जाता है. कॉपी कर लिजिये संगीता जी मेरे जबाब से. :)

  Udan Tashtari

1 December 2009 at 18:34

पंडित वत्स की सलाह का आभार...हौसला रखना काम आया..हा हा!! :)

  पं.डी.के.शर्मा"वत्स"

1 December 2009 at 18:34

This comment has been removed by the author.
  श्री श्री बाबा शठाधीश जी महाराज

1 December 2009 at 18:34

कुछ दंड विधान किया जाय, संतो के साथ धोखाधड़ी ठीक नही है। अलख निरंजन

  Udan Tashtari

1 December 2009 at 18:37

यह खस नही है..... यह बच या इसेगौर बच भी कहते है.


१०१% डॆड श्यूर...लिंक मिल चुका है मुझे...हा हा

  ललित शर्मा

1 December 2009 at 18:38

@ वाह पं वत्स जी, पुरा "सुमेरु पर्वत" ही उखाड़ लाय्। गोड़ लागी महाराज

  Udan Tashtari

1 December 2009 at 18:38

बाबा, वो आयेगा अभी...आप श्राप दे देना कि तुमको जल्दी २१ टिप्पणी का दंड लगे... :)

  संगीता पुरी

1 December 2009 at 18:40

@ उडनतश्‍तरी
आज आपकी कॉपी नहीं करना है .. जो जबाब है मैं पहले बता चुकी .. कॉपी करवानी हो तो कल से इंडिया आ जाइए .. दो चार दिनों तक रामप्‍यारी की पहेली जीतने के तभी चांस हैं .. कनाडा में रहकर अब कोई चांस नहीं!!

  makrand

1 December 2009 at 18:40

वत्स जी जरा इसका लिंक दिजियेगा कि इतनी जानकारी कौन सी साईत पर है?

  ललित शर्मा

1 December 2009 at 18:41

@समीर भाई कल हमने 19999/- वाला चांदी का खड़ाउ लिया है, वत्स महाराज से। इसलिए आज हमारा शनि उतर गया। आप भी ट्राई किजिए। बहुत और तुरंत फ़लदायक है हमने आज आजमा के देख लिया। बलिहारी है तोहार वत्स महाराज

  makrand

1 December 2009 at 18:42

ये खस और बच एक ही है या अलग अलग?

कोई बताये.

  Udan Tashtari

1 December 2009 at 18:42

मकरंद, लिंक हमारे पास है सॉलिड....


आज संगीता जी हमारा साथ नहीं दे रहीं तो आज तो उनकी भविष्यवाणी गलत करके ही मानेंगे.

  Udan Tashtari

1 December 2009 at 18:43

ललित भाई

थोड़ी देर और आस्था बनाये रखो...कल आप ही नारे लगाओगे इनके खिलाफ...जब हम जीतेंगे...बिना लिंक इतनी बड़ी बात थोड़े न करेंगे हम. :)

  Udan Tashtari

1 December 2009 at 18:44

बालक...बच औषधिय पौधा होता है और खस..खुशबू वाला ऑरोमेटिक.

अन्तर है मकरंद बालक!!

  पी.सी.गोदियाल

1 December 2009 at 18:44

राम राम - महफूज भाई को
और या अली इन सब सज्जनों को ;
आदरणीय ताऊ जी
समीरजी,
ललित जी
संगीता जी पंडित वत्स जी
मुरारे जी
बाबा शठा धीश, मठा धीस और पठाधीस जी

  ललित शर्मा

1 December 2009 at 18:46

@समीर भाई अगर आप इतने स्योर हो तो लिंक दिजिए?

  Udan Tashtari

1 December 2009 at 18:47

ललित भाई

सिर्फ आपके लिए..दो मिनट बाद मिटा दूंगा...दंड लगा तो आधा भरोगे साथ में

  ललित शर्मा

1 December 2009 at 18:47

राम-राम गोदियाल जी

  Udan Tashtari

1 December 2009 at 18:48

गोदियाल साहेब जिन्दाबाद..प्रणाम

  Udan Tashtari

1 December 2009 at 18:49

५१

  संगीता पुरी

1 December 2009 at 18:49

पोस्‍ट करके गोदियाल जी सीधा इधर आ गए !!

  ललित शर्मा

1 December 2009 at 18:49

समीर भाई आज मेरी तरफ़ से लिंक की मांग है
पुरी की जाय नही तो हड़ताल-इंकलाब जिंदा बाद
संगीता जी थोड़ा सहयोग किजिए आन्दोलन मे

  Udan Tashtari

1 December 2009 at 18:49

कहाँ गये ललित भाई

  पं.डी.के.शर्मा"वत्स"

1 December 2009 at 18:49

भई ललित जी, ये बाबा लोगों की लंगोटी धोने का पुण्य प्रताप है :)

  पी.सी.गोदियाल

1 December 2009 at 18:49

आज मैं खुश था इसलिए ले के आया हूँ

  पी.सी.गोदियाल

1 December 2009 at 18:50

अब आप लोग पूछोगे कि कुश क्यों थे जनाव ?

  संगीता पुरी

1 December 2009 at 18:50

किस बात का हडताल !!

  Udan Tashtari

1 December 2009 at 18:50

अच्छा लिजिये और जरा चटका कर देखिये...फिर पंडित वत्स जी से अपने पैसे वापस मांगिये:

http://www.agriculture-industry-india.com/products/swe.html

  makrand

1 December 2009 at 18:50

आप तो लिंक दिजिये समीर अंकल,

  पी.सी.गोदियाल

1 December 2009 at 18:50

अगले टिपण्णी में जाबाब की प्रतीक्षा कीजिये

  Udan Tashtari

1 December 2009 at 18:51

ललित भाई

१९९९९ बचवायें है आपके..१०००० तो हमारे बनते हैं अब??

  पी.सी.गोदियाल

1 December 2009 at 18:52

Ham aapke saath hai lalit jee !

  Udan Tashtari

1 December 2009 at 18:52

बालक मकरंद...भूले से भी दंड लगा तो आधे तुम भी भर देना...

  makrand

1 December 2009 at 18:52

समीर अंकल आज तो बन गये..जिंदाबाद जिंदाबाद..पहले बकरा आफ़ ताऊजी डाट काम..हुर्रे

  makrand

1 December 2009 at 18:53

डाक्टर झटका जल्दी आईये

  पं.डी.के.शर्मा"वत्स"

1 December 2009 at 18:53

समीर जी, हमारे यहाँ बिका माल वापिस नहीं होता ओर न ही पैसे वापिस किए जाते हैं :)

  पी.सी.गोदियाल

1 December 2009 at 18:53

ये मक्की को छीलकर यहाँ पेस्ट किया गया है बरगलाने के लिए

  पी.सी.गोदियाल

1 December 2009 at 18:54

Makrand ji,
डाक्टर झटका बकरा काटने में बीजी है अभी नहीं आयेंगे !

  ललित शर्मा

1 December 2009 at 18:54

हा हा हा हा हा बधाई समीर भाई आज हम जीत गये।

  पं.डी.के.शर्मा"वत्स"

1 December 2009 at 18:55

समीर जी, आज तो मकरन्द नें आपको लपेटे में ले लिया :)
151 टिप्पणियों का दण्ड लगा समझिए...भई डा. झटका कहाँ हो...जरा जल्दी आओ भई..बडी मुश्किल से तो आज एक मुर्गा फँसा है :)

  पी.सी.गोदियाल

1 December 2009 at 18:55

वत्स साहब फिर तो लगता है आप यु पी या बिहार से बिलोंग करते है !

  पी.सी.गोदियाल

1 December 2009 at 18:57

बत्स जी आप समीर जी को मुर्गा कह कर पुकार रहे है ? :)

  पं.डी.के.शर्मा"वत्स"

1 December 2009 at 18:57

अजी गोदियाल जी....नहीं भई! हम तो शुद्ध पंजाबी हैं :)

  ललित शर्मा

1 December 2009 at 18:58

डाक्दर झटका हाजिर हो।
हिंट दिजिए

  पी.सी.गोदियाल

1 December 2009 at 18:58

फिर तो आप बाघा बोर्डर के आस पास के होंगे

  पं.डी.के.शर्मा"वत्स"

1 December 2009 at 18:58

गोदियाल जी....जो फँस जाए, हमारे यहाँ उसे मुर्गा ही कहा जाता है :)

  makrand

1 December 2009 at 18:58

मैने समीर अंकल का दिया हुआ लिंक चेक किया. वहां का रिजल्ट यह है.

Botanical Name: Acorus Calamus
Family: Araceae
Hindi name: Bach, Gorabach
Part Used: Rhizome

अब मैं ललित जी से भी अनुरोध करुंगा कि वो भी अपने खस के सपोर्ट मे लिंक देवे जिससे तय किया जा सके कि विजेता कौन है?

हां तो ललित जी अब आपकी बारी है लिंक देने की.

  पं.डी.के.शर्मा"वत्स"

1 December 2009 at 18:59

जी, नहीं ...लुधियाना से..

  पं.डी.के.शर्मा"वत्स"

1 December 2009 at 19:00

मकरन्द...आज दो दो बकरे बनाने के चक्कर मे हो :)

  Udan Tashtari

1 December 2009 at 19:00

मकरंद....हमसे बदमाशी....डॉ झटका जब तक आयेंगे मैं लिंक हटा लेता हूँ.. :) फिर??

  पी.सी.गोदियाल

1 December 2009 at 19:01

वत्स साहब प्रसंता हुई आप से मिलकर , बाघ तो मैंने इस लिए कह दिया था कि शायद माल पकिस्तान से तस्करी का हो इसलिए न माल वापस न पैसे !:)

  Udan Tashtari

1 December 2009 at 19:01

ललित जी के पास कोई लिंक होगा तब न देंगे और तो पंडित जी के झांसे में आ गये.

  makrand

1 December 2009 at 19:02

वो लिंक डाँ.झटका की मेल मे सेव हैं. अगर हटाये तो डबल दंड पक्का ही लगायेगा डाक्टर.:)

  ललित शर्मा

1 December 2009 at 19:02

मकरंद समीर जी को बकरा बना के अब हमारा नम्बर लगा रहे हो। इतने तो मुरख हम भी नही है।
अभी हमारे पास दंड देने की शक्ति नही है।

  Udan Tashtari

1 December 2009 at 19:02

ललित जी मूँछे देख कर तो नहीं लगता कि उनके पैसे पंडित जी हजम कर पायेंगे, वो तो वसूल कर मानेंगे :)

  पी.सी.गोदियाल

1 December 2009 at 19:03

bhai markand jee aap daktar jhatkaa kaa paksh kyo le rahe ho ?

  पं.डी.के.शर्मा"वत्स"

1 December 2009 at 19:03

भई गोदियाल जी....ठीक कहा ...हा हा हा :)

  Udan Tashtari

1 December 2009 at 19:03

ललित भाई, मूँछों की शान का सवाल अटक गया है आज तो!!

  makrand

1 December 2009 at 19:04

हां तो ललित भाई कहां गये? जल्दी लिंक दिजिये..वर्ना समीर अंकल पक्का जीत रहे हैं..उन्होने तो हेट्रिक के चक्कर डाक्टर का कोप भाजन बनने की भी परवाह नही पाली..जल्दी दिजिये लिंक..आज समीर जी को हेट्रिक से रोकना ही है..जरा मजबूत सा लिंक दिजिये..

  पी.सी.गोदियाल

1 December 2009 at 19:04

Samer ji, haathee ke daant ......:)

  makrand

1 December 2009 at 19:06

गोदियाल जी सवाल पक्ष का नही है.और डाक्टर झटका का पक्ष लो कि विपक्ष लो..उसको तो हलाल करने का काम है. हमको कर देगा अगर उसके हत्थे चढे तो.

हम तो अपना धंधा कर रहे हैम और वत्स जीऔर ललित भाई समझ गये हैं.:)

  Gagan Sharma, Kuchh Alag sa

1 December 2009 at 19:06

अच्छा भला एकदम सही उत्तर ऊपर देने लगा था। नीचे आते-आते पता नहीं कहां मेले में खो गया। अब तो 'पकने' पर ही पता चलेगा कि क्या था क्या हो गया।

  makrand

1 December 2009 at 19:07

जल्दी लिंक दिजिये ललित भाई.

  पं.डी.के.शर्मा"वत्स"

1 December 2009 at 19:07

समीर जी, गंगा गई अस्थियाँ कभी वापिस नहीं आती :)

  पी.सी.गोदियाल

1 December 2009 at 19:07

Ye Gagan jee kaa swaagat kiyaa jaaye sameer ji

  makrand

1 December 2009 at 19:07

अरे वत्स जी आपके पास हों तो आप लिंक दिजिये..अपने को तो बस समीर अंकल को रोकना है किसी भी तरह..आज हेट्रिक से.

  makrand

1 December 2009 at 19:08

मुरारी भाई, महफ़ूज भाई कहां गये सब?

  ललित शर्मा

1 December 2009 at 19:08

मकरंद हम नियम के विरुद्ध कार्य नही करते। लेकिन हमने जो कहा वो सही है, ध्रुव सत्य है अब निर्णय का कार्य रामप्यारी का है और पं वत्स पहले सभी भाषाओं मे नाम छाप चुके है।

  Udan Tashtari

1 December 2009 at 19:08

अरे नहीं गौदियाल साहब...वो हाथी के दांत नहीं है...पंडित जी के लिए काफी हैं. :)

  makrand

1 December 2009 at 19:10

ललित भाई समीर अंकल ने जो लिंख दिया है उस पर कहीं भी खस नही लिखा है. अगर वत्स जी ने लिखा है तो उनसे लींक दिलवाईये..जिससे हेट्रिक रोकी जा सके.

वत्स्जी जरा जल्दी दिजिये लींक कि कहां खस लिखा है?

  पं.डी.के.शर्मा"वत्स"

1 December 2009 at 19:11

अब चाहे वो बच हो या फिर खस...क्या फर्क पडता है...हमारे वाला calamus तो सही है न... हम तो बस इतने में ही प्रसन्न हैं :)

  पी.सी.गोदियाल

1 December 2009 at 19:11

मार्कंड जी
हमारे ये ललित जी ३६ गढ़ से बिलोंग करते है वे नियम के विरुद्ध काम नहीं करते क्योंकि वहाँ पर ऐसाकोई अनैतिक काम नहीं होता जैसा की झारखंड में होता है, कोड़ा साहब की जय !

  पं.डी.के.शर्मा"वत्स"

1 December 2009 at 19:12

मकरन्द...जरा अपना मेलबाक्स चैक करो...हमने लिंक भेज दिया है :)

  पी.सी.गोदियाल

1 December 2009 at 19:13

हा-हा-हा, सच में बहुत मजा आया आज, खुश इसलिए था की आज एक लेख दो-दो जगह छप गया बस !

  Udan Tashtari

1 December 2009 at 19:15

गगन जी जिन्दाबाद...स्वागत है!! प्रणाम!!

  makrand

1 December 2009 at 19:16

वत्स जी अभी मेल बाक्स यहां अन्ही खुलेगा. आप तो लिंक चेप दिजिये यहीं पर. वर्ना अपन समीर अंकल को हेट्रिक से कैसे रोक पायेंगे?

  Udan Tashtari

1 December 2009 at 19:17

गोदियाल सहब

लेख का लिंक तो दे दो..तो हम भी बांच लें..कहाँ कहाँ छप गये??

  Udan Tashtari

1 December 2009 at 19:18

मकरंद

परिक्षा खत्म हो गई क्या?? ट्यूशन???

  ललित शर्मा

1 December 2009 at 19:19

गोदियाल फ़िर कुछ हो जाय्। अस्सी और तुस्सी और समीर भाई

  Udan Tashtari

1 December 2009 at 19:20

पंडित जी


calamus कहना वैसा ही है जैसे कि आप चना, अरहर इन सब की जगह कहें...दलहन की खेती या अनाज की खेती... गलत जबाब!!

:)

  Udan Tashtari

1 December 2009 at 19:20

मान जाओ भाई..काहे हैट्रिक तुड़वा रहे हो...:)

  ललित शर्मा

1 December 2009 at 19:20

गोदियाल साब! फ़िर कुछ हो जाय्। अस्सी और तुस्सी और समीर भाई

  पी.सी.गोदियाल

1 December 2009 at 19:21

समीर जी म इतना बेवकूफ "Bhee" नहीं हूँ जो लिंक देकर खुद वा खुद 'आ बैल मुझे मार बोलू !

  Udan Tashtari

1 December 2009 at 19:21

बैठक तो जमा ही लो, ललित भाई...खम्भा गोदियाल जी ले आयेंगे और चखना हम!! हाहा!!

  makrand

1 December 2009 at 19:22

समीर अंकल आठ बजे जाना था ट्युशन? पर आज मम्मी नही है तो ट्युशन क्लास बंक करदी और यहां बकरे बनाने का धंधा कर रहा हूं. पहला ही तगडा बकरा बनाया है.:)

दूसरा लगता है आज फ़ंसेगा नही और ऐसा मौका जल्दी से आयेगा नही. इसलिये लगा हूं आज यहां पर.:)

  पं.डी.के.शर्मा"वत्स"

1 December 2009 at 19:22

आज तो मकरन्द पक्का जलूस में शामिल होगा :)

  Udan Tashtari

1 December 2009 at 19:22

अरे, लेख के लिंक से इस पहेली का क्या लेना देना?? गोदियाल साहब

  पी.सी.गोदियाल

1 December 2009 at 19:22

ठीक है ललित जी 21 december 2012 तर गया तो दावत पक्की ! :)

  Udan Tashtari

1 December 2009 at 19:24

सूचना

यहाँ जितने लोग हैं क्या सब लोग उड़न तश्तरी पर कमेंट कर चुके हैं..अगर नहीं, तो तुरंत करके फिर यहाँ पधारें.

:)

  पी.सी.गोदियाल

1 December 2009 at 19:25

agar yah baat hai sameer jee to lekh kaa link yah hai ;

http://gurugodiyal.blogspot.com/2009/11/blog-post_29.html

aur kahaan chapaa iske liye paabalaa sahaab kaa blog dekhe !

  Udan Tashtari

1 December 2009 at 19:25

मम्मी को भेजता हूँ रामप्यारी का लिंक कि देखो मकरंद क्या कर रहा था. मम्मी का ईमेल मेरे ईमेल पर भेज देना. फिर अच्छी डांट पड़ेगी..:)

  पी.सी.गोदियाल

1 December 2009 at 19:25

maine kas diyaa bahut pahle !:)

  पं.डी.के.शर्मा"वत्स"

1 December 2009 at 19:26

पधार गए जी:)

  पं.डी.के.शर्मा"वत्स"

1 December 2009 at 19:27

समीर जी...हम नहीं मानते..हमारे वाला जवाब सही है...नैट पर इसका यही नाम दिया गया है ।

  Udan Tashtari

1 December 2009 at 19:29

पढ़ आये गोदियाल साहब!!

अब आप चाहें तो लिंक हटा सकते हैं..:)

  makrand

1 December 2009 at 19:30

प.वत्स जी,

आपके कहने से कुछ नही होगा. लिंक तो सबूत के तौर पर देना होगा ना?

एक काम करिये आप यहां लिंक छापिये मैं उसकी कापी करके मेरे नाम से छाप दूंगा तो आप पर दंड नही लगेगा.

  makrand

1 December 2009 at 19:30

प.वत्स जी,

आपके कहने से कुछ नही होगा. लिंक तो सबूत के तौर पर देना होगा ना?

एक काम करिये आप यहां लिंक छापिये मैं उसकी कापी करके मेरे नाम से छाप दूंगा तो आप पर दंड नही लगेगा.

  makrand

1 December 2009 at 19:30

प.वत्स जी,

आपके कहने से कुछ नही होगा. लिंक तो सबूत के तौर पर देना होगा ना?

एक काम करिये आप यहां लिंक छापिये मैं उसकी कापी करके मेरे नाम से छाप दूंगा तो आप पर दंड नही लगेगा.

  Udan Tashtari

1 December 2009 at 19:31

पंडित जी, दलहन कहने पर भी अरहर दिखा देगा... :) नेट का क्या है.


film actor likho yaa amitabh -दोनों में उसकी तस्वीर आती है तो क्या अमिताभ की तस्वीर का जबाब फिल्म एक्टर मान लें...


कहिये पंडित जी..हा हा!!


जीतने के लिए कितना बोलना पड़ता है!! :)

  Udan Tashtari

1 December 2009 at 19:32

मकरंद की उड़नतश्तरी पर प्रेजेन्ट लग गई है.

  makrand

1 December 2009 at 19:33

वत्स जी , बिना लिंक के आप हेट्रिक नही रोक सकते. आपने कह दिया ये फ़िल्म एक्टर है तो उसका नाम भी तो बतायेंगे? बस यही फ़र्क है. आप तो लिंक दिजिये.

  makrand

1 December 2009 at 19:34

आज मम्मी नही है तो अपनी बल्ले बल्ले है.:)

  ललित शर्मा

1 December 2009 at 19:34

2012 का क्या करना है गोदियाल साब, साथ लेके थोड़ी जाना है। जिन्दगी के मेले यहीं लगाने हैं, मै मै 10 को गरुड़ वाहन से आपके पास पहुंच रहा हुं।
फ़िर मेल बैठेगे दिवाने दो, क्नाट प्लेस मे रोहित बल की दुकान मे टेबल न.3 बुक है,

  Udan Tashtari

1 December 2009 at 19:37

हमें काट दिया का लिस्ट से, ललित भाई..

  Udan Tashtari

1 December 2009 at 19:39

कल का विष्य:


फिल्म


अब चलते हैं कुछ देर को!! :)

  पं.डी.के.शर्मा"वत्स"

1 December 2009 at 19:41

ये नैट की गलती है जी...हमारी नहीं !
हमें तो ये पता है कि हमारा जवाब सही है....अगर हमारे साथ कुछ घोखाघडी की गई तो हम तो आन्दोलन की रह पकड लेंगें....मकरन्द तो अपने साथ है ही :)

  Udan Tashtari

1 December 2009 at 19:42

मकरंद तो लिंक के साथ है...सत्य का पुजारी है बेचारा. :)

  ललित शर्मा

1 December 2009 at 19:47

समीर भाई-कल तो आपके साथ थे ही बड़े-बडे जग भर के............
आपका पुर्ण रुपेण स्वागत है, बबलु धमाल बैन्ड पार्टी को बुला लेगें, गरुड़ वाहन विश्राम स्थल पर।

  makrand

1 December 2009 at 19:51

वत्स जी , अभी डाक्टर झटका से बात हूई है फ़ोन पर. उसको बता दिया कि ऐसी ऐसी गडबड चल रही है. तो डाक्टर बोला कि - फ़ैसला दिये गये लिंक के हिसाब से होगा. अत: पंडितजी आप भी आपके समर्थन मे लिंक दे दिजिये, वर्ना तो आज समीर अंकल की हेट्रिक पक्की है.

आगे आप जानो.और हां ..डाक्टर झटका एक इमरजेंसी आपरेशन मे व्यस्त है. आपरेशन पूरा करके ही यहां आयेगा.

  रंजन

1 December 2009 at 19:53

बाजरा..

  रंजन

1 December 2009 at 19:55

लिंक पर लिंक.. लिंक पर लिंक.. झटका अंकल सो गये क्या....वैसे समीर जी तो जुर्माना भी भर चुके अब तक.. हा हा..

  पं.डी.के.शर्मा"वत्स"

1 December 2009 at 20:06

मकरन्द...हम तो लिंक देने से तौबा कर चुके ...एक बार पहले भुगत चुके हैं :)

  Jyoti Sharma

1 December 2009 at 20:10

itna time aata kahan se nithallon ke paas ?

ye kaddu ka khet hai. koyi shak ?

  बी एस पाबला

1 December 2009 at 20:11

वाह यहाँ तो महफ़िल जमी हुई है। गोदियाल जी से पार्टी भी ली जा रही सीट बुक कर!
हमें मत भूल जाईएगा!!

बी एस पाबला

  अमिताभ श्रीवास्तव

1 December 2009 at 20:15

itane saare javaab.......\
ham to yahi jaante he ki yah makka kaa khet he/ bhutte vaale/

  संगीता पुरी

1 December 2009 at 20:20

एक कोडा जी के कारण सारे झारखंड वासियों को सुनना पड रहा है .. क्‍या करूं , मैं भी सुनने को मजबूर हूं !!

  श्री श्री बाबा शठाधीश जी महाराज

1 December 2009 at 22:07

ये कौन मुरख बच्चा है, जो निट्ठला कह रही है। संत हमेशा प्रभु के भजन मे लीन रहते हैं। कभी निट्ठल्ले नही होते। क्या संतों के क्रोध का भी डर नही है। अलख निरंजन

  Udan Tashtari

1 December 2009 at 22:25

आज जबरदस्ती इतनी टिप्पणी कर दी दंड समझ कर, जबकि दंड लगा भी नहीं. :)

  makrand

1 December 2009 at 22:30

उडनतश्तरी

आज हम जरा आपरेशन मे व्यस्त थे इसलिए हम अभी यहां आये हैं. लिंक देने के जुर्म मे ५१ टिप्पणियां का जुर्माना आप पर किया किया है. इसे आप कल तक खजाने मे जमा करवा कर रसीद प्राप्त करें. आज ट्रेजरी बंद हो चुकी है.

  makrand

1 December 2009 at 22:35

आज तो लगता है डाक्टर झटका गायब है? अरे कहां हो डाक्तर झटका जी? आकर दंड वंड लगाईये...वो क्या कहते हैं? गवाह चुस्त मुद्दई सुस्त?

दंड लगवाने के लिये समीर अंकल आपको डःऊंढ रहे हैं और आप गायब हैं? या मैं ही लगादूं आपकी तरफ़ से १०१ टिप्पनियॊं का दंड?:)

  पं.डी.के.शर्मा"वत्स"

1 December 2009 at 22:42

सबसे पहले तो समीर लाल जी को हैट्रिक की बधाई.....वास्तव में ये "वच" ही है..

रामप्यारी, भाई ललित जी को एक सांत्वना पुरूस्कार तो दे ही देना..बेचारों नें बहुत मेहनत की है :) ललित जी, ऊपरवाले के यहाँ देर है पर अन्धेर नहीं...आपका नम्बर भी जरूर आएगा :)

  makrand

1 December 2009 at 22:46

बधाई समीर अंकल...पर आज डाक्टर झटका कहां हैं? कहीं डाक्टर किसी का गलत आपरेशन करके पुलिस के हत्थे तो नही चढ गया? अभी तक नही आया दंड देने.

रामराम.

  पं.डी.के.शर्मा"वत्स"

1 December 2009 at 22:49

डा. झटका...भई कहाँ हो आज दिखाई नहीं दे रहे...दंड विधान तो यही कहता है कि इस समय तक तो तुम्हे आ जाना चाहिए था...हमारी बारी में तो तुमने 5 मिन्ट की भी देरी नहीं की थी..अते ही झट से दंड ठोक दिया था....आज समीर लाल जी फँसे हैं तो तुम्हारे दर्शन भी नहीं हो रहे...कहीं अन्दर खाते कुछ ले देकर इनके साथ कोई समझौता-वमझौता तो नहीं हो गया :)
हम कहे देते हैं कि जनता ऎसी धाँधली नहीं चलने देने वाली....आज जनता जागरूक हो चुकी है :) जरा जल्दी आओ.....

  पं.डी.के.शर्मा"वत्स"

1 December 2009 at 22:50

ओर हाँ कम से कम 101 टिप्पणियाँ का दंड लगना चाहिए....तभी जाकर ललित जी के कलेजे को कुछ ठंड पडेगी :)

  डाँ. झटका..

1 December 2009 at 23:34

सूचना :-

अति व्यस्तता के कारण हम आज लेट हुये हैं. आपसे क्षमा चाहते हैं.

उडनतश्तरी पर लिंक देने के जुरम मे ५१ टिप्पणीयों का जुर्माना किया जाता है. कल पंचों के सामने गिनती करवा कर जमा करवा कर रसीद प्राप्त करें.

मकरंद पर २१ टिप्पणियों का दंड किया जाता है. क्योंकि उसने हमारी अनुपस्थिति मे हमारी नकल करने की गुस्ताखी की है. मकरंद भी कल पंचों के सामने टिप्पणीय़ां जमा करवा कर रसीद प्राप्त करें.

धन्यवाद.

  Vivek Rastogi

2 December 2009 at 00:06

केवल ५१ टिप्पणियों का दण्ड सजा तो ज्यादा होनी चाहिये।

  Udan Tashtari

2 December 2009 at 03:49

पहली टिप्पणी:


खुशी है मकरंद को दंड मिला. डॉक्टर की नकल करने निकले थे. :)

  Udan Tashtari

2 December 2009 at 03:49

हमारी सजा हम ऑलरेडी न्यायालय स्थगन के दौरान काट चुके हैं.

  Udan Tashtari

2 December 2009 at 03:51

अपराध और न्याय आने के बीच का पीरियड में कैसी जितने दिन बंद रह चुका होता है, उसे सजा में से माईनस किया जाता है.

  Udan Tashtari

2 December 2009 at 03:51

बाकी अगर कुछ बच भी गई हों, तो अच्छे आचरण के चलते बाकी की सजा माफ.

  Udan Tashtari

2 December 2009 at 03:52

दो टिप्पणी १५ अगस्त की, २ टिप्पणी २६ जनवरी और २ गाँधी जयंति पर माफ.

  Udan Tashtari

2 December 2009 at 03:52

५ टिप्पणी देश में बाढ़ से आई विपदा के मद्दे नजर माफ.

  Udan Tashtari

2 December 2009 at 04:01

अच्छे आचरण, उच्च विचार, संयमित वाणी, ईश्वर एवं कानून में आस्था, बेस्ट अटेंडेन्स, पास्ट गुड performance grade A+, मानवीय संबंध, सभी प्रतिभागियों से मधुर संबंध आदि के आधार पर बची ७ टिप्पणियाँ...वो अच्छे आचरण वाले एकाउन्ट में माफ.

  Udan Tashtari

2 December 2009 at 04:01

अब बालक मकरंद शुरु हो जाओ.

हमने शहादत दी मगर तुम बदमाशी की सजा काटोगे.

  Udan Tashtari

2 December 2009 at 04:13

फाईनल हिसाब:

काण्ड के बाद टिप्पणियाँ: ३३
१५ अगस्त : २
२६ जनवरी : २
गाँधी जयंति: २
बाढ़: ५
अच्छे आचरण: ७

= ३३+२+२+२+५+७ =५१ (सजा पूरी)

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