फ़र्रुखाबादी विजेता (130) : उडनतश्तरी की फ़िर हेट्रिक

"खुल्ला खेल फ़र्रुखाबादी" (130) के सही जवाब का चित्र यह रहा !



औरफ़र्रुखाबादी विजेता हैं उडनतश्तरी और इसी के साथ उड़न तश्तरी के समीर लाल जी पुनः हैट्रिक विजेता. बधाई!


Udan Tashtari said...
बच है जिसे sweet flag कहते हैं

औषधिय पौधा है.

हमारे जबलपुर मे खूब होता है.

01 December 2009 18:28


एक जरुरी सूचना


उड़न तश्तरी के समीर लाल जी के पुनः हैट्रिक विजेता बनने पर अनेकों ईमेल प्राप्त हुए. लोगों का कहना है कि उनके याने उड़न तश्तरी के पास अतिरिक्त गति का, विदेश में रहने के कारण, इन्टरनेट उपलब्ध है अतः कोई और जीत नहीं पाता और हर बार वही जीत जाते हैं.

इस विचार को मद्दे नजर रखते हुए रामप्यारी पहेली कमेटी भारी मन से इस निष्कर्ष पर पहुँची है कि उड़न तश्तरी बहुत जीत चुकी है. अब उन्हें विराम लेना होगा. अतः अगले तीन सप्ताह तक वो इस पहेली में हिस्सा नहीं ले सकेंगे और अन्य प्रतिभागियों की भावनाओं का सम्मान करेंगे.

अगर वो इच्छा जाहिर करें तो उन्हें इस दौरान आयोजक बनाया जा सकता है मगर वो पहेली में हिस्सा नहीं ले सकेंगे.

आशा है लोगों द्वारा जाहिर संशय का निवारण हुआ होगा और उड़न तश्तरी इस निर्णय का सम्मान करेगी. यह फ़ैसला त्वरित प्रभाव से लागू माना जाये.

और इस विषय पर आपके विचारों का भी स्वागत है कि यह निर्णय सही है या गलत.


कल उडनतश्तरी पर ५१ और मकरंद पर २१ टिप्पणी का जुर्माना लगाया गया था. जिसको आज यानि सवाल १३१ में भरने का कहा गया था. अत: कल के सवाल १३० पर दीगई उनकी टिप्पणीय़ां मान्य नही होंगी.

आप दोनों से अनुरोध है कि आप आज अपनी टिप्पणीयां जमा करवाये और इनको गिनने का काम कोई भी पंच लर सकता है.

अगला फ़र्रुखाबादी सवाल आज शाम को ठीक ६ बजे. तब तक रामप्यारी की तरफ़ से नमस्ते.



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Promoted By : ताऊ और भतीजाएवम कोटिश:धन्यवाद

8 comments:

  रंजन

2 December 2009 at 16:41

विजेता और सजा साथ साथ.. बहुत नाइंसाफी है..

आज तो समीर जी को दो सजाये एक साथ हुई है.. वैसे मुझे लगता है उन्हे पहेली में भाग लेते रहना चाहिये.. आप पहले तीन सही जबाब देने वालों को संयुक्त विजेता घोषित करे दे.. बाकी पंच परमेश्वर..

राम राम

  Murari Pareek

2 December 2009 at 16:43

बधाई हो समीरजी हत्रिच्क के लिए और त्रिपानियों के जुर्माने के लिए बेहद खेद!! पर टिप्पणिया जमा करा देवें!!! चलियी आज कई दिनों का सपना साकार हुआ!!!

  Murari Pareek

2 December 2009 at 16:44

बधाई हो समीरजी hatrick के लिए और टिप्पणियों के जुर्माने के लिए बेहद खेद!! पर टिप्पणिया जमा करा देवें!!! चलिए आज कई दिनों का सपना साकार हुआ!!!

  ललित शर्मा

2 December 2009 at 17:13

बधाई हो समीर भाई हैट्रिक के लिए,

  ललित शर्मा

2 December 2009 at 17:15

हमने भी अपने हिसाब से सही कहा था। लेकिन हम नेट पर लिंक तलाश नही कर सकते। इसलिए लिंक नही दे सके, क्योंकि हमारा ज्ञान पुस्तकीय है, अब पुस्तक को स्केन करके इतनी जल्दी लिंक नही बना सकते। लेकिन दावा हमारा भी था, जो सबूत के अभाव मे रामप्यारी ने खारिज कर दिया। हम तो नहा धो कर घोड़ी चढने चढने के लिए तैयार बैठे थे। लेकिन दो दुल्हे ठीक नही है।

  पं.डी.के.शर्मा"वत्स"

2 December 2009 at 17:38

समीर जी को हैट्रिक की बधाई ओर साथ में दंड की भी.अखिर सस्ते में जो छूट गये :)

रामप्यारी...ये तूने गलत किया...भई समीर जी के बिना पहेली का क्या मजा ? एक उन्ही से तो मुकाबला करने में मजा आता था (चाहे हमेशा उनसे मुकाबले में पराजित होते रहे :)
आशा है पंचायत अपने निर्णय पर दुबारा से विचार करेगी !

  Murari Pareek

2 December 2009 at 17:52

पंडित जी से १०००% सहमत हूँ समीरजी चाहे रोज जीतें हम रोज हारें कोई बात नहीं उनके बिना तो पहेली संसार सूना हो जाएगा!!!

  महेन्द्र मिश्र

2 December 2009 at 20:23

समीर जी को हैट्रिक की बधाई ...

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