रामप्यारी का खुल्ला खेल फ़र्रुखाबादी (133) : आयोजक उडनतश्तरी

बहनों और भाईयों, मैं उडनतश्तरी इस फ़र्रुखाबादी खेल में आप सबका हार्दिक स्वागत करता हूं.

जैसा कि आप मुझसे भी ज्यादा अच्छी तरह से जानते हैं कि मैं क्यों ५ सप्ताह तक इस खेल का आयोजक रहूंगा. इस खेल के सारे नियम कायदे सब कुछ पहले की तरह ही रहेंगे. सिर्फ़ मैं आपके साथ प्रतिभागी की बजाय आयोजक के रुप मे रहुंगा. डाक्टर झटका भी पुर्ववत मेरे साथ ही रहेंगे.

आशा करता हूं कि आपका इस खेल को संचालित करने मे मुझे पुर्ण सहयोग मिलता रहेगा क्योंकि अबकी बार आयोजकी एक दिन की नही बल्कि ५ सप्ताह की है. और इस खेल मे हम रोचकता बनाये रखें और आनंद लेते रहें. यही इसका उद्देष्य है.

अब आज का सवाल :-

नीचे के चित्र में देखिये...असल मे हुआ ये कि हम आज के सवाल के लिये फ़ोटोग्राफ़ी करते फ़िर रहे थे. कि हमको एक एक द्विपद और एक चतुष्पद प्राणी एक साथ दिखे. हम उनकी फ़ोटो खींच रहे थे कि उसी समय रामप्यारी मैम अपने गधे पर बैठ कर सैर करती हुई कैमरे और उनके बीच मे आगई. अब आप ये बताईये कि रामप्यारी के पीछे ये दोनों प्राणी कौन हैं? और क्या कर रहे हैं?




तो अब फ़टाफ़ट जवाब दिजिये. इसका जवाब कल शाम को 4:00 बजे दिया जायेगा, मैं और डाक्टर झटका खेल दौरान आपके साथ रहेंगे.


"बकरा बनाओ और बकरा मेकर बनो"



.टिप्पणियों मे लिंक देना कतई मना है..इससे फ़र्रुखाबादी खेल खराब हो जाता है. लिंक देने वाले पर कम से कम २१ टिप्पणियों का दंड है..अधिकतम की कोई सीमा नही है. इसलिये लिंक मत दिजिये.


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Promoted By : ताऊ और भतीजाएवम कोटिश:धन्यवाद

76 comments:

  पं.डी.के.शर्मा"वत्स"

4 December 2009 at 18:01

कुत्ता और लडकी...

  Murari Pareek

4 December 2009 at 18:01

ek to bakri ka bachha hai ek aadmi ka ha..ha..

  पं.डी.के.शर्मा"वत्स"

4 December 2009 at 18:01

मेमना और लडकी

  ललित शर्मा

4 December 2009 at 18:02

बकरी है और बालक है, पत्ते खिला रहा है।

  M VERMA

4 December 2009 at 18:03

एक लडकी और एक मेमना

  संगीता पुरी

4 December 2009 at 18:03

रामप्‍यारी की पहेली इतनी आसान तो नहीं होती .. शायद दोनो का नाम बताना हो !!

  श्री श्री १००८ बाबा समीरानन्द जी

4 December 2009 at 18:06

भक्तों को बाबा का बहुत आशीष.


बाबा के आश्रम पधार कर आशीर्वाद ले लो और लॉकेट खरीद कर सर्वमनोकामना पूरी करो.

नोट: १.यहाँ भी जीतने के लिए आश्रम में हवन करवाया जाता है.

२. हमारी कोई ब्रान्च नहीं है.

३. नकलचियों से सावधान.

४. ब्लॉगजगत के एकमात्र सर्टीफाईड बाबा.


-सबका कल्याण हो!!

  संगीता पुरी

4 December 2009 at 18:06

यदि आसान है तो यही जबाब मेरा भी !!

  Udan Tashtari

4 December 2009 at 18:08

सभी को मेरा प्रणाम.

  ललित शर्मा

4 December 2009 at 18:10

उपस्थित सभी बंधु बान्धवियों को राम-राम
संगीत जी प्रश्न मे ये भी लिखा है कि 'ये क्या कर रहे हैं"

  संगीता पुरी

4 December 2009 at 18:10

समीर जी , प्रतिभागी थे तो रा राम करते थे .. नमस्‍कार करते थे .. आयोजक बन गए तो प्रणाम कर रहे हैं .. स्‍टैडर्ड घटा या बढा ??

  Udan Tashtari

4 December 2009 at 18:12

वनवासी हैं तो प्रणाम कर रहें हैं. जगत की मिथ्या से परे हो गये हैं.

  Rekhaa Prahalad

4 December 2009 at 18:13

sab ko namskar aur baba ji ko pranam. babaji havan ka kitna kharcha hoga? krupaya batayiye:)

  Murari Pareek

4 December 2009 at 18:14

बच्ची, jo ki बकरी के बच्चे को प्यार से पुचकार रही है !!

  डाँ. झटका..

4 December 2009 at 18:15

अवधिया जी

आपने टिप्पणी दंड भर कर न्याय प्रक्रिया का सम्मान किया है, इसलिये यहाँ पर की गई टिप्पणी एज स्पेशल केस स्विकार की जाती हैं.

अन्यथा

सभी ध्यान दें, दंड टिप्पणी पहेली के दौरान पहेली पोस्ट पर दी जाना चाहिये.

  ललित शर्मा

4 December 2009 at 18:15

संगीता जी-आज किसको जीतना है? आपकी क्या राय है?

  Rekhaa Prahalad

4 December 2009 at 18:15

babaji kya aap dhayan me baith gaye? krupaya batayiye taaki hum bhi pahli, doosri, teesari, aur chauthi baar lagaatar jeet sake.

  श्री श्री बाबा शठाधीश जी महाराज

4 December 2009 at 18:17

अलख निरंजन बच्चा लोग,

  पी.सी.गोदियाल

4 December 2009 at 18:18

लडकी मेमने को बोतल से दूध पिला रही है !

  पी.सी.गोदियाल

4 December 2009 at 18:19

अरे, यह तो मैं भूल ही गया था कि : सभी उपस्थित सज्जनों ओर निठल्ले बाबाओ को मेरा राम-राम !

  श्री श्री बाबा शठाधीश जी महाराज

4 December 2009 at 18:19

आज गोदियाल बच्चा की जीत निश्चित है। अलख निरंजन

  makrand

4 December 2009 at 18:20

ये लिजिये एक बाबा गये और दुसरे हाजिर..अब निठ्ठल्लानंद जी भी आते ही होंगे? कुंभ के मौके पर ये सब बाबा लोग हिमालय की कंदराओं से निकल पदते है.

  Murari Pareek

4 December 2009 at 18:20

awadhiyaaji ne sachmuchh tippaniyaan bharkar ek mishaal kayam ki hai!!!

  पी.सी.गोदियाल

4 December 2009 at 18:20

फिर तो बाबाजी एक सोड मेरी तरफ से भी मार लीजिये !

  makrand

4 December 2009 at 18:20

सबको बालक प्रणाम करता है.. और तीनों बाबाओं को दंडवत.

  Murari Pareek

4 December 2009 at 18:21

महाराज जित मंत्र क्या है हत्रिच्क मंत्र क्या है स्वामी समीरानन्दजी और श्ठेश्वर नाथ जी !!!

  श्री श्री बाबा शठाधीश जी महाराज

4 December 2009 at 18:22

मुरारी बच्चा-हमारी लंगोटी कहां है? हम निठल्ले नही है, वो तो हमे अपनी लंगोटी के लिए आना पड़ता है।

  Murari Pareek

4 December 2009 at 18:24

बाबाजी आपकी लंगोटी के लिए ललित जी को कपड़ा भेजा गया है उनके ख़ास दरजी जो लंगोट स्पेस्लिस्ट हैं उनसे बनवा के तैयार की जा रही है !!!

  पी.सी.गोदियाल

4 December 2009 at 18:24

मुरारी जी, अब लाभी दो यार एक लगोट बाबा के लिए !

  पं.डी.के.शर्मा"वत्स"

4 December 2009 at 18:26

लडकी मेमने को बोतल से दूध पिला रही है...मेमना सफेद रंग का लेकिन उसका मुँह भूरे रंग का है....दूध की बोतल के ढक्कन का रंग नीला है...ओर दूध सफेद रंग का है :)

  पी.सी.गोदियाल

4 December 2009 at 18:26

हा-हा-हा, बाबा समीरानंद जी आजकल के सभेई बाबाओं का यह तो पेट डायलोग है

  ललित शर्मा

4 December 2009 at 18:26

मुरारी जी-लंगोट की मेरी कोई जिम्मेदारी नही है। वैसे भी बाबाजी लोगों को मेरा दूर से ही प्रणाम है।

  Murari Pareek

4 December 2009 at 18:27

गोदियाल्जी को बधाई हो बकरी के बच्चे को बोतल से दूध पिला रही है बच्ची बकरी के बच्चे का मुह ब्राउन कलर का है !!!

  पी.सी.गोदियाल

4 December 2009 at 18:27

वत्स साहब हमारे देश में एक कहावत तो आपने सूनी ही होगी वो क्या कहते है खिसियाई बिल्ली बोतल नोचे :)

  Murari Pareek

4 December 2009 at 18:28

ललितजी मरवाएंगे क्या एन वक़्त पर मुकर गए !!! अधि अधूरी ही बावा के ला देते !!

  ललित शर्मा

4 December 2009 at 18:30

मुरा्री जी-गलत उत्तर, ये बकरे का बच्चा है।

  पं.डी.के.शर्मा"वत्स"

4 December 2009 at 18:30

गोदियाल जी...आप कह सकते हैं...भई आज आपका वक्त है :)

  पी.सी.गोदियाल

4 December 2009 at 18:32

वत्स साहब, आखिर बकरी की माँ भी कब तक खैर मनाती ? :)

  ललित शर्मा

4 December 2009 at 18:33

बकरे का बच्चा है, और भुरे बाल वाला कन्या बोतल से दूध पिला रही है। रामप्यारी हमारा उत्तर लाक किया जाए और हमे विजयी घोषित किया जाए, बाकियों ने अपने उत्तर अभी तक लाक नही करवाए हैं, उनका ताला खुल्ला पड़ा है।

  पं.डी.के.शर्मा"वत्स"

4 December 2009 at 18:33

ठीक कहा गोदियाल जी...आखिर 12 साल में तो रूडी के भाग भी जाग जाते हैं :)

  पी.सी.गोदियाल

4 December 2009 at 18:36

अरे ललित साहब क्यों कबाब में खाम खा हड्डी..... :)

  श्री श्री बाबा शठाधीश जी महाराज

4 December 2009 at 18:36

गो्दियाल बच्चा-देखा! आज संतो के आशीर्वाद का कमाल, बिना ताबीज के ही जीत करवा दी, अलख निरंजन, और वत्स कैसे हो, लाल झंडा उतरा की नही?

  पी.सी.गोदियाल

4 December 2009 at 18:39

अरे बाबा जी फिर तो एड्रेस बतावो मैं रोज पांच बजकर पचपन मिनट पर आपके आशीर्वाद के लिए पहुँच जाउंगा !

  पी.सी.गोदियाल

4 December 2009 at 18:40

समीर जी गायब हो गए? लगता है मेरी जीत की संभावना से खुश नहीं है :)

  पं.डी.के.शर्मा"वत्स"

4 December 2009 at 18:41

गोदियाल जी...आप तो आज ही बधाई ले लो...कल का क्या भरोसा..हम यहाँ हो न हों :)

  पी.सी.गोदियाल

4 December 2009 at 18:42

नहीं-नहीं वत्स साहब ऐसा मत बोलो कल आपकी जीत पक्की !

  श्री श्री बाबा शठाधीश जी महाराज

4 December 2009 at 18:43

शठाश्रम धाम पहुंचिए आपको नित्य लिंक भी मिल जाएगा और सतसंग भी हो जाएगा धुणे पे। शास्त्रों मे कहा है ना" सत्संगति किम ना करोति पुंसाम"

  पी.सी.गोदियाल

4 December 2009 at 18:45

अरे बाबाजी मेरी प्रोब्लम ये है कि ये आश्रम है कहाँ पर ?

  ललित शर्मा

4 December 2009 at 18:46

पंडित वत्स जी - कल फ़ौजी ताऊ आपकी तारीफ़ कर रहे थे, आपका जादु चल गया है।

  ललित शर्मा

4 December 2009 at 18:48

कल अवधिया जी मुफ़त मे ही फ़ंस गये इसलिए आज नही आए लगता है।

  पी.सी.गोदियाल

4 December 2009 at 18:48

ललित जी राम-राम एक बार फिर से !

  पं.डी.के.शर्मा"वत्स"

4 December 2009 at 18:48

भई ललित जी, कोन से फौजी ताऊ ?

  ललित शर्मा

4 December 2009 at 18:49

पंडित वत्स जी-आज हमारी जीत के विषय मे आपका क्या ख्याल है। विजय होगी की नही?

  पी.सी.गोदियाल

4 December 2009 at 18:49

ललित जी बाहर बहुत ठंडा है चलो एक चाय पीकर आते है :)

  ललित शर्मा

4 December 2009 at 18:49

वो ही भुवा-फ़ुफ़ा वाले

  ललित शर्मा

4 December 2009 at 18:51

मेरी जन्म तारीख समय आपको फ़ैक्स किया है मिला की नही?

  ललित शर्मा

4 December 2009 at 18:51

वो ही फ़ौजी ताऊ जिनका लिंक हमने कल यहां लगाया था।

  पी.सी.गोदियाल

4 December 2009 at 18:52

अरे भाई ललित जी मैं आपसे कुछ पूछ रहा हूँ , आप मेरी सुन ही नहीं रहे है ?

  पं.डी.के.शर्मा"वत्स"

4 December 2009 at 18:53

अच्छा वो भुआ-फूफा, बहन-जीजा वाले :)
थारी फैक्स तो इब तक कोणी मिली..किसी गलत पते पै तो नी भेज दी !

  पी.सी.गोदियाल

4 December 2009 at 18:53

अच्छा मत बोलो यार, मैं पैग लगाने जा रहा हूँ !

  पी.सी.गोदियाल

4 December 2009 at 18:55

वत्स साहब इन जनाब का पैक्स ओर इ-मेल तो लाजबाब है, मैंने पिछले महीने की २५ तारीख को मेल भेजा था इन्हें अभी तक नहीं मिला !:)

  पं.डी.के.शर्मा"वत्स"

4 December 2009 at 18:56

हा हा हा...सही कहा गोदियाल जी !

  ललित शर्मा

4 December 2009 at 19:01

गोदियाल साब-मै आपके वोटर गिनने गया था। थोड़े ज्यादा हो गये इसलिए लेट हुआ।

  ललित शर्मा

4 December 2009 at 19:02

गोदि्याल जी रुको-रुको मैं भी आ रहा हुँ, बड़ी ठंड पड़ रही है।

  पी.सी.गोदियाल

4 December 2009 at 19:10

हाँ , अब कुछ आराम मिला ललित जी राम-राम ! दो-दो नजर आरहे है !

  ललित शर्मा

4 December 2009 at 19:15

दो-दो नजर आरहे है, कहीं कल की जीत अभी से तो नजर नही आ रही है। हा हा हा

  ललित शर्मा

4 December 2009 at 19:16

पंडित वत्स जी-मिल ग्यो के मेरो फ़ैक्स? रसीद नही आई इब तक्।

  पं.डी.के.शर्मा"वत्स"

4 December 2009 at 19:19

मिल गया जी....भई बडी तेज स्पीड है थारी फैक्स आल्ली मशीन की :)

  Udan Tashtari

4 December 2009 at 19:26

सभी लोगों को मेरा प्रणाम!!



जरा एक मिटिंग में चला गया था वरना प्रसन्नता का तो पूछो मति.


मेरे बाहर होते ही जैसे सबके भाग्य खुल गये.


क्या मैं ही शनि बन कर सब पर छाता था क्या??

:)

  श्री श्री १००८ बाबा समीरानन्द जी

4 December 2009 at 19:28

रेखा जी

आश्रम चले आईये. सब उपाय किये जायेंगे फिर आपको कोई हरा नहीं सकता.

हाँ, नकली बाबाओं से सावधान रहियेगा.

मैं अकेला ब्लॉग जगत का सर्टिफाइड बाबा हूँ और हमारी कोई ब्रान्च नहीं है.


चले आईये- हवन करवा देते हैं और लॉकेट बनवा देते हैं-पूर्ण सिद्धि लॉकेट!!!

  Udan Tashtari

4 December 2009 at 19:29

बालक मकरंद आज जोश में नहीं दिख रहे. किसी से लिंक नहीं मांगा??

  ललित शर्मा

4 December 2009 at 19:33

समीर भाई आपके जाते ही दो्नो बाबाजी भी चले गये, क्या बात हो गयी? नाराज तो नही हो गये?

  Udan Tashtari

4 December 2009 at 19:40

:) बाबा लोगों का मुझ पर विशेष स्नेह है. :)

  ललित शर्मा

4 December 2009 at 19:44

बाबा समीरानंद जी-ये बाबा लोगों का पंजियन कहां पर हो रहा? कोई नया कार्यालय खुला है?

  Jyoti Sharma

4 December 2009 at 20:27

ye paheli hai ?????
he prabhu
kya hoga is desh ka ?

  Hiral

4 December 2009 at 22:28

ये तो मेमना ही है. अब क्या कर रहे हैं? ये नही मालूम।

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