खुल्ला खेल फ़र्रुखाबादी (138) : आयोजक उडनतश्तरी

बहनों और भाईयों, मैं उडनतश्तरी इस फ़र्रुखाबादी खेल में आप सबका हार्दिक स्वागत करता हूं.

जैसा कि आप मुझसे भी ज्यादा अच्छी तरह से जानते हैं कि मैं क्यों ५ सप्ताह तक इस खेल का आयोजक रहूंगा. इस खेल के सारे नियम कायदे सब कुछ पहले की तरह ही रहेंगे. सिर्फ़ मैं आपके साथ प्रतिभागी की बजाय आयोजक के रुप मे रहुंगा. डाक्टर झटका भी पुर्ववत मेरे साथ ही रहेंगे.

आशा करता हूं कि आपका इस खेल को संचालित करने मे मुझे पुर्ण सहयोग मिलता रहेगा क्योंकि अबकी बार आयोजकी एक दिन की नही बल्कि ५ सप्ताह की है. और इस खेल मे हम रोचकता बनाये रखें और आनंद लेते रहें. यही इसका उद्देष्य है. तो अब आज का सवाल :-

नीचे का चित्र देखिये और बताईये कि यह परिवार जो मोटर साईकिल पर जारहा है उसके पीछे जो लडकी है, वो कौन सा खेल खेल रही है?




तो अब फ़टाफ़ट जवाब दिजिये. इसका जवाब कल शाम को 4:00 बजे दिया जायेगा, मैं और डाक्टर झटका खेल दौरान आपके साथ रहेंगे.


"बकरा बनाओ और बकरा मेकर बनो"


.टिप्पणियों मे लिंक देना कतई मना है..इससे फ़र्रुखाबादी खेल खराब हो जाता है. लिंक देने वाले पर कम से कम २१ टिप्पणियों का दंड है..अधिकतम की कोई सीमा नही है. इसलिये लिंक मत दिजिये.


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Promoted By : ताऊ और भतीजाएवम कोटिश:धन्यवाद

130 comments:

  Murari Pareek

9 December 2009 at 18:00

kyaa bataayein???

  स्वामी ललितानंद महाराज

9 December 2009 at 18:02

हरि ओम, हरि ओम

  Murari Pareek

9 December 2009 at 18:02

long jump of handicap

  Murari Pareek

9 December 2009 at 18:02

lalitaanand ha..ha.. swagat hai prabhu!!!

  Murari Pareek

9 December 2009 at 18:03

महाराज आबू पर्वत से पधार्या हो के !!!

  स्वामी ललितानंद महाराज

9 December 2009 at 18:04

खुश रहो मुरारी बच्चा कैसे हो?

  makrand

9 December 2009 at 18:04

महाराज परणाम

  makrand

9 December 2009 at 18:05

कहां से आगम्न हुआ महाराज?

  Murari Pareek

9 December 2009 at 18:06

mahaaraaj aanand mangal hai !!!

  स्वामी ललितानंद महाराज

9 December 2009 at 18:06

बच्चा हम तो ढोसी के पहाड़ से स्वामी समी्रानद जी के आमंत्रण पर आए हैं।

  Murari Pareek

9 December 2009 at 18:11

स्वामी जी खुद कहां रह गए !! ये बालिका कोनसा उद्यम कर रही है स्वामी !!!

  Murari Pareek

9 December 2009 at 18:12

makrand kaise ho padhaai likhaai kaisi chal rahi hai!!!

  स्वामी ललितानंद महाराज

9 December 2009 at 18:13

मुरारी बच्चा, ये कन्या जीवन की बाधाएं दुर कर रही है। हरि ओम-हरि ओम

  Murari Pareek

9 December 2009 at 18:14

प्रभु कन्या को क्या पड़ी है बढ़ा दूर करने की हमसे कहा होता !!!

  स्वामी ललितानंद महाराज

9 December 2009 at 18:15

आशीर्वाद मकरंद बच्चा। तुम्हारे समीर अंकल नजर नही आए। हरि ओम हरि ओम

  makrand

9 December 2009 at 18:15

अरे मुरारी अंकल ..क्या बताऊं? पढने मे मन नही लगता और ममी मुझको रोज सटके मार मार कर स्कूल भेजती है...फ़िर ट्युशन भेजती है...अब भी मम्मी को ट्युशन जाने का बोलकर आया हूं और यहां आप लोगों के साथ खेल रहा हूं.

  makrand

9 December 2009 at 18:16

बाबा जी..समीर अंकल अभी सोकर उठे ही हैं..बस नहा धोकर आते ही होंगे?

  स्वामी ललितानंद महाराज

9 December 2009 at 18:16

बच्चा सभी के जीवन मे बाधाएं एक जैसी नही होती, अलग-अलग होती है। इसलिए उन्हें स्वयं ही दुर करना पड़ता। हरि ओम-हरि ओम

  Murari Pareek

9 December 2009 at 18:18

चलो मकरंद यहाँ भी पढ़ाई ही चल रही है बाबाजी को ज़रा चाय से पिला दो !! नए नए मोड़े हैं अभी चाय की आदत छुट्टी नहीं है !!!

  स्वामी ललितानंद महाराज

9 December 2009 at 18:19

बिना मक्खी की चाय चाहिए, मिलेगी तो लाना, नही तो हरि ओम-हरि ओम

  makrand

9 December 2009 at 18:21

मुरारी अंकल वो ताऊ की मक्खी गिरी हुई चाय ले आंऊ क्या सुबह वाली?

  Murari Pareek

9 December 2009 at 18:22

बाबाजी मक्खी जूस नहीं पीते मकरंद !! मक्खी को निचोड़कर फेंक दो !!!

  makrand

9 December 2009 at 18:24

आपके लिये भी वही लाऊं या मलाई मारके ताजी लाऊं अंकल?

  Rekhaa Prahalad

9 December 2009 at 18:24

Lo!!!!!! ek aur baba aa gaye:) babaji naman

  makrand

9 December 2009 at 18:25

रेखा आंटी जी नमस्ते. चाय आपके लिये भी लाऊं क्या?

  Murari Pareek

9 December 2009 at 18:25

क्या मकरंद मैं कोई बाबाजी थोड़े ही हूँ !! मुझे ताजा (मलाई मरना मत ऊपर से चट कर जाते हो मलाई ??) मलाई सहित ही ले आओ !!!

  स्वामी ललितानंद महाराज

9 December 2009 at 18:25

जीव हत्या नही बच्चा लोग, ताऊ जी वाली तो मक्षिकासुंदरी है, अगर उसे निचोड़ दोगे तो उसकी सेना का हमला हो जाएगा। हरि ओम हरिओम

  makrand

9 December 2009 at 18:25

मुरारी अंकल समोसे भी गर्म बने हैं..ले आऊं क्या सबके लिये?

  Murari Pareek

9 December 2009 at 18:26

रेखा जी प्रणाम !!!

  Murari Pareek

9 December 2009 at 18:26

ले आओ पर बाबाजी को बाल निकाल कर देना !!!

  स्वामी ललितानंद महाराज

9 December 2009 at 18:27

आशीर्वाद बच्चा, कुशल मंगल है?

  makrand

9 December 2009 at 18:27

लो ये ताजा चाय आगई..और ये गर्मागर्म समोसे भी..बाबाजी आपके उपर चटनी डालूं क्या?

  दीपक "तिवारी साहब"

9 December 2009 at 18:29

नमस्कार सब उपस्थित सज्जनों को

  Murari Pareek

9 December 2009 at 18:29

ha..ha.. babaji ke upar chatani shaitaani karte ho balak babaji kupit ho jayenge!!!

  Murari Pareek

9 December 2009 at 18:29

tiwari ji raam raam

  स्वामी ललितानंद महाराज

9 December 2009 at 18:30

बड़ा नटखट बच्चा है,

  अल्पना वर्मा

9 December 2009 at 18:30

namaskar ,pranaam,

Q-चित्र देखिये और बताईये कि यह परिवार जो मोटर साईकिल पर जारहा है उसके पीछे जो लडकी है, वो कौन सा खेल खेल रही है?
Ans-yah 'Paralympic race' hai.

  दीपक "तिवारी साहब"

9 December 2009 at 18:31

अरे मकरंद बावली बूच..बाबाजी के उपर चटनी क्यों डाल रहा है? समोसे पर डाल चटनी..ला एक समोसा हमको भी खिला..

  makrand

9 December 2009 at 18:32

मुरारी अंकल वो की बोर्ड पर हाथ फ़िसल गया था...अंकल समोसा और दूं क्या?

  makrand

9 December 2009 at 18:32

अल्पना आंटी नमस्ते.

  जी.के. अवधिया

9 December 2009 at 18:33

जैसे हिन्दी ब्लोगिंग में ब्लोगरों की संख्या बढ़ते जाती है और पाठकों की संख्या कम होते जाती है वैसे ही यहाँ पर बाबा लोगों की संख्या बढ़ते और भक्तों की संख्या घटते जा रहे है!

  Murari Pareek

9 December 2009 at 18:34

दरअसल अवधिया जी सब बाबा द्युति लगा रहे हैं कभी एक आता है तो दुसरा नहीं आता !!!

  दीपक "तिवारी साहब"

9 December 2009 at 18:34

ये लडकी लगता है उंची कूद वाला खेल खेल रही है..पर ये आगे हसिया जैसा क्या है?

  दिगम्बर नासवा

9 December 2009 at 18:35

TRIPLE JUMP ......

  दिगम्बर नासवा

9 December 2009 at 18:35

LONG JUMP .....

  दिगम्बर नासवा

9 December 2009 at 18:36

HIGH JUMP .......

  Murari Pareek

9 December 2009 at 18:36

मकरंद संभल के चाबी पट ( की बोर्ड) चलाया करो वरना बाबाजी की शान में गुस्ताखी का नतीजा नहीं जानते क्या !! मंतर मारा हुआ पानी का कमंडल हाथ में ही रखते हैं!!!

  दीपक "तिवारी साहब"

9 December 2009 at 18:36

अवधिया जी नाम्स्ते, मुरारी जी नाम्स्ते..बाबा महाराज को दंडवत प्रणाम..मकरंद बालक तेरा समोसा बडा स्वादिष्ट था..ला अब चाय पिला दे..अवधिया जी को भी पिला..

  श्री श्री १००८ बाबा समीरानन्द जी

9 December 2009 at 18:36

भक्तों को बाबा का बहुत आशीष.

बाबा के आश्रम पधार कर आशीर्वाद ले लो...

नोट:

. पहेली में भी जीतने के लिए आश्रम में हवन करवाया जाता है.

. हमारी कोई ब्रान्च नहीं है.

. नकलचियों से सावधान.

. ब्लॉगजगत के एकमात्र सर्टीफाईड एवं रिक्गनाईज्ड बाबा.

-सबका कल्याण हो!!

सूचना:




-बाबा प्रॉडक्टस के लिए आश्रम पधारें-


कुंभ की विशेष छूट


बेहद सस्ते दामों पर


महा सेल-महा सेल-महा सेल

नोट: ऐसा मौका फिर १२ साल बाद आयेगा.

  संजय बेंगाणी

9 December 2009 at 18:37

लम्बी कूद

  दिगम्बर नासवा

9 December 2009 at 18:37

MAALIK KOI NA KOI JUMP TO HOGA .... KISI BHI TARAH KA JUMP ......

  Murari Pareek

9 December 2009 at 18:37

are bhai babaji kahaan gayab ho gaye !! lagataa hai apni ID change kar rahe hain!!

  makrand

9 December 2009 at 18:38

दिगंबर नासवा अंकल आपने तो सारे जंप करवा दिये...अब कौन सा नकल मारे? आप तो एक काम करिये एक लिंक दे दिजिये हम देख कर जवाब दे देंगे? क्यों मुरारी अंकल?

  Murari Pareek

9 December 2009 at 18:38

ये बिना ब्रांच वाले बाबाजी भी आ धमके !!! बाबाजी प्रणाम आपको बोला था या तो एक ब्रांच खोल लो या ब्रांच भाड़े पे ले लो!!!

  श्री श्री १००८ बाबा समीरानन्द जी

9 December 2009 at 18:38

स्वामी ललितानंद महाराज जी


प्रणाम, शिष्य. अच्छा किया जो हमारी अनुपस्थिति में यहाँ का कार्यभार संभाल लिया. हम खुश हुए. अब आश्रम कुछ जरुरी घोषणा करने जा रहे हैं.

  Murari Pareek

9 December 2009 at 18:39

सही मकरंद !!! इतने जुमप में कोई न कोई तो सही हो!!!

  Murari Pareek

9 December 2009 at 18:39

मकरंद अंकल मत बोल !! बोल भैया !!! अच्छा लगता है !!

  श्री श्री १००८ बाबा समीरानन्द जी

9 December 2009 at 18:40

हमारी कोई ब्रान्च नहीं है, बच्चा.

  makrand

9 December 2009 at 18:40

दंडवत परणाम श्री श्री १००८ बाबा समीरानन्द जी महाराज को..लो बाबाजी चाय पियो और समोसे खावो...सिर्फ़ १७० रुपये का बिल आया है वो दे दिजिये...आज आपकी तरफ़ से चाय समोसे आये थे महाराज

  Murari Pareek

9 December 2009 at 18:40

आश्रम की घोषणा सुनाये प्रभु क्या कोई नया कोचिंग सत्र शुरू कर रहे हैं!!!

  Murari Pareek

9 December 2009 at 18:41

भाई मकरंद ये बिल की बात बोल के क्यों हमें फिर बिल में घुसने पर मजबूर कर रहे हो!!!

  makrand

9 December 2009 at 18:42

मुरारी भैया ये दोनो बाबा कहां गये? बिल कौन देगा? आज मम्मी बहुत मारेगी अगर होटल वाला पैसे मांगने घर पहुंच गया तो?

  Murari Pareek

9 December 2009 at 18:43

स्वामी समीरानन्दजी महाराज आपकी कोई ब्रांच नहीं है ये आप अफ़सोस प्रकट कर रहे हैं या सावधान !!!

  Murari Pareek

9 December 2009 at 18:43

भैया ये बिल का नाम सुन कर वापस बिल में दुबक गए नाम में लिख देना !!!बिल देते तो बाबा क्यों बनते !!

  Murari Pareek

9 December 2009 at 18:44

lagtaa hai aaj koi nahi aaye ga makrand !!!

  स्वामी ललितानंद महाराज

9 December 2009 at 18:46

गुरुदेव प्रणाम, हरि ओम-हरिओम

  पी.सी.गोदियाल

9 December 2009 at 18:46

सभी उपस्थित सज्जनों को मेरी राम राम

  makrand

9 December 2009 at 18:46

हां मुरारी भैया ..आजकल शादियों का सीजन चल रहा है ना...

  पी.सी.गोदियाल

9 December 2009 at 18:46

पारिख भाई को भी,

  पी.सी.गोदियाल

9 December 2009 at 18:46

बाबा लोगो को भी

  पी.सी.गोदियाल

9 December 2009 at 18:47

समीर जी को भी

  makrand

9 December 2009 at 18:47

गोदियाल अंकल नमस्ते लो चाय पियो और दो समोसे भी बचे हैं..ले लिजिये

  Murari Pareek

9 December 2009 at 18:47

गुरुदेव का बिल चुकाइए ललितानंद महाराज!!! वरना मकरंद की आज खैर नहीं है!!!

  पी.सी.गोदियाल

9 December 2009 at 18:47

आज दिखाई नहीं दे रहे शायद उनके मिस्सिस्सौगा (टोरंटो में हवाओं संग बर्फ गिर रही है कहीं रजाई में दुबके बैठे होंगे !

  Murari Pareek

9 December 2009 at 18:47

godiyaal ji pranaam!!

  पी.सी.गोदियाल

9 December 2009 at 18:47

अवधिया जी को भी मेरा राम-राम

  Murari Pareek

9 December 2009 at 18:48

इतनी साड़ी रुकी हुई टिप्पणिया थी क्या!!!

  महेन्द्र मिश्र

9 December 2009 at 18:48

वह लड़की सीटी बजा रही है .....

  पी.सी.गोदियाल

9 December 2009 at 18:48

मकरंद जी को भी मेरा दिली राम-राम

  सर्किट

9 December 2009 at 18:48

अपुन आगयेला है..सभी कू नमस्ते कर रयेला है भाई लोग

  Murari Pareek

9 December 2009 at 18:49

लालितानंदजी हमें अभी निकलना होगा आज्ञा देवें सभी प्रणाम !!!

  पी.सी.गोदियाल

9 December 2009 at 18:49

महेंद्र मिश्र जी को भी मेरा राम-राम

  सर्किट

9 December 2009 at 18:49

मिश्रजी कू बी नमस्ते बोल रयेला है

  Murari Pareek

9 December 2009 at 18:49

महेन्द्रजी कोंसी लड़की सिटी बजा रही है????$$$$$$$$$$$$

  पी.सी.गोदियाल

9 December 2009 at 18:50

मिश्र जी आपकी और मेरी तो उम्र गई अब वो लडकी सीटी बजाये चाहे जो भी करे, हमारी बला से :)

  makrand

9 December 2009 at 18:50

अच्छा मुरारी भैया ..कल आना..पर लिंक तो देते जाईये...मैं क्या जवाब दूं?

  Murari Pareek

9 December 2009 at 18:50

किसको देख के बजा रही है!!! हा..हा..

  Murari Pareek

9 December 2009 at 18:51

handycaped long jump de do babaji ka naam lekar !!!

  पी.सी.गोदियाल

9 December 2009 at 18:51

ये ललिता नन्द जी भी लगता है अवैध एंट्री की वजह से ओबामा द्वारा अमेरिका से भगाए गए है ? इनको भी मेरा राम-राम !

  Murari Pareek

9 December 2009 at 18:53

गोदियालजी लगता है आज उनका सर्वर धीमी गति से कार्य कर रहा है !!

  Murari Pareek

9 December 2009 at 18:53

मकरंद मैंने सोचा जाते जाते १०० का आंकड़ा पार दिया जाये !!!

  makrand

9 December 2009 at 18:54

लिंक दो ना मुरारी भिया..मैं जरा कन्फ़र्म कर लूं तो तसल्ली होजाये

  Murari Pareek

9 December 2009 at 18:55

सभी निकल लिए क्या!!!!!!!!!!!!!!!!!!!सर्किट किधर को रे तू !!!

  makrand

9 December 2009 at 18:55

आजकल संगीता आंटी भी नही दिखाई देरही? कहां व्यस्त हैं?

  पी.सी.गोदियाल

9 December 2009 at 18:55

Muraariji, उनका सर्वर फास्ट कब था ?

  स्वामी ललितानंद महाराज

9 December 2009 at 18:55

आशीर्वाद गोदियाल बच्चा कैसे हो? हम तो अमेरिका गए ही नही। एयर पोर्ट से ही वापस हो गये। अपने देश मे बाबा लोगों के लिए राशन और भक्तों, सेवकों की कमी नही है। हरि ओम-हरि ओम

  Murari Pareek

9 December 2009 at 18:55

मकरंद अच्छे बच्चे जिद नहीं करते !!!

  सर्किट

9 December 2009 at 18:55

अपुन इदरिच है ना भाई

  Murari Pareek

9 December 2009 at 18:55

abhi 99

  Murari Pareek

9 December 2009 at 18:55

101

  पी.सी.गोदियाल

9 December 2009 at 18:56

सर्किट जी को भी राम-राम

  सर्किट

9 December 2009 at 18:56

पुन आज चर्चा की तैयारी कर रयेला है

  Murari Pareek

9 December 2009 at 18:57

कैसा है रे तू सर्किट तेरे को बोला था उधर बड़ा गंग्वाला सर्जोल काना को टपकाने का तो तुने उसके छोटे भाई हलकट काना को टपका डाला क्या रे यदा हो गयेला है क्या तू हाँ !!

  सर्किट

9 December 2009 at 18:58

गोदियालजी को सर्किट नमस्कार कर रयेला है...अपुन आजईच दिल्ली से आया..आपसे मिलने का भौत कोशीश करेला पण आपका पता नई मिला..क्या?

  सर्किट

9 December 2009 at 18:58

गोदियालजी को सर्किट नमस्कार कर रयेला है...अपुन आजईच दिल्ली से आया..आपसे मिलने का भौत कोशीश करेला पण आपका पता नई मिला..क्या?

  सर्किट

9 December 2009 at 19:00

मुरारी भाई अपुन एडा नी होयेला है..क्या? वो क्या है अपुन मुन्नी भाभी कू मिलने तिहाड गयेला था पण भाभी को मिअल्ने का परमिशनईच नी मिला तो अपुन गुस्से मे जो भी सामने आया उसको टपका डाला..... क्या?

  Murari Pareek

9 December 2009 at 19:00

इधरच साला ऐसेइच इतना मगज मारी है की आपुन का भेजा कामिच नहीं कर रिएला साला ऊपर से ये लिसनर लोग का मंच मंच कसम से अपनी खिसक गई न रेडियो टावर तोड़ के भंगार वाले को बेच डालेगा !!

  Murari Pareek

9 December 2009 at 19:01

तुझा महिते ना माझा दिमाग बरोबर काम नहीं करतोच !!

  makrand

9 December 2009 at 19:01

अरे मुरारी अंकल आप ये किसको पकड लाये? टपकाने की बाते करके बच्चे को क्यों डरा रहे हो? मैं तो चला..अब मम्मी मारेगी जरुर ..होटल वाले का बिल कहां से जुगाड करुंगा?

  Murari Pareek

9 December 2009 at 19:02

इधर ये मकरंद दिमाग का दही कर रिएला इसको बिल देनेका आपुन का पोच्केट में बोले तो चवन्नी भी नहीं है क्या करेंगा अब!!

  सर्किट

9 December 2009 at 19:03

मुरारी भाई ये तोड फ़ोड करने का काम होयेंगा तो अपुन को बताने का..क्या? अपुन तुम्हारा रेडियो टेशन एईसेईच तोड डालेगा...क्या?

  Murari Pareek

9 December 2009 at 19:03

इ स्याने होटल वाले को बुला उसकी तो अभी बजा डालेगा !!

  Murari Pareek

9 December 2009 at 19:05

वो बाबा लोग किधर को खिसक लिए सर्किट बाबा लोग को ५ खोखा का पावती पकडाने का १० दिन का टाइम देने का क्या !!!

  Murari Pareek

9 December 2009 at 19:06

अभी आपुन यहाँ से खिसक रिएला है !!! लगता है पोलिस को बुलाने को गयेला है ये मकरंद !! सर्किट तुम इधरिच संभालने का क्या!!

  सर्किट

9 December 2009 at 19:07

मुरारी भाई..कुंभ का मौसम मे बाबा लोगों से एबलाई नई करने का..क्या? अबी बाबा लोग कुंभ मे दूकान लगायेगा..उदर से कमायेंगा..उसका बाद इनसे वसूली करने का..क्या?

  सर्किट

9 December 2009 at 19:08

पुन तो पहलेईच इदर जा चुकेला है बाप..पुलिस का चक्कर नई मंगता अबी...

  संगीता पुरी

9 December 2009 at 19:15

सबको मेरा राम राम .. मुझे कंप्‍यूटर और इंटरनेट दोनो परेशान कर रहे हैं !!

  संगीता पुरी

9 December 2009 at 19:15

पहेली का जबाब मिला या नहीं ??

  डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक

9 December 2009 at 19:27

जय श्री राम!

  श्री श्री १००८ बाबा समीरानन्द जी

9 December 2009 at 19:33



स्वामी ललितानंद महाराज जी आश्रम के महा-प्रबंधक घोषित-महंत का दर्जा


-बधाई-

  पं.डी.के.शर्मा"वत्स"

9 December 2009 at 19:41

in racing Dutch golden medal winner Fatima Moreiro de Melo.......

  स्वामी ललितानंद महाराज

9 December 2009 at 19:41

जय हो महाराज कृपा बरसती रहे।

  ललित शर्मा

9 December 2009 at 19:51

in racing Dutch golden medal winner Fatima Moreiro de Melo....... रामप्यारी हमारा उत्तर लाक किया जाए, वैसे हम भी आज बहुत देर से लिंक ले के बैठे थे लेकिन किसी ने मांगा नही,

  Vivek Rastogi

9 December 2009 at 19:59

handicapped long jump

  Vivek Rastogi

9 December 2009 at 20:00

ये हमारी मांग है कि पहेली का समय शाम ६ बजे से हटाकर ७-८ बजे करना चाहिये हम भी यह पहेली खेलना चाहते हैं।

  Vivek Rastogi

9 December 2009 at 20:00

नहीं तो हम नारे लगायेंगे।

हमारी मांगे पूरी करो...
हमारी मांगे पूरी करो...
हमारी मांगे पूरी करो...
हमारी मांगे पूरी करो...
हमारी मांगे पूरी करो...
हमारी मांगे पूरी करो...

  Vivek Rastogi

9 December 2009 at 20:01

Annette Roozen, a Dutch paraplegic, competes in the long jump.

  'अदा'

9 December 2009 at 20:14

Ye Annette Roozen hain Holland ki jo Para lympic Games mein Long Jump kar rahi hain...

  रंजन

9 December 2009 at 20:36

लम्बी कुद..

  पं.डी.के.शर्मा"वत्स"

9 December 2009 at 22:30

लम्बी कूद.......

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