खुल्ला खेल फ़र्रुखाबादी (139) : आयोजक उडनतश्तरी

बहनों और भाईयों, मैं उडनतश्तरी इस फ़र्रुखाबादी खेल में आप सबका हार्दिक स्वागत करता हूं.

एक जरुरी सूचना : कुछ लोग की ऐसी राय और मांग है कि इस पहेली का शुरु होने का समय शाम को ६ बजे के बजाये आठ बजे कर दिया जाये. आपसे सलाह मांगी जाती है कि ये नया समय कैसा रहेगा? आपके सुझाव आमंत्रित है.


जैसा कि आप मुझसे भी ज्यादा अच्छी तरह से जानते हैं कि मैं क्यों ५ सप्ताह तक इस खेल का आयोजक रहूंगा. इस खेल के सारे नियम कायदे सब कुछ पहले की तरह ही रहेंगे. सिर्फ़ मैं आपके साथ प्रतिभागी की बजाय आयोजक के रुप मे रहुंगा. डाक्टर झटका भी पुर्ववत मेरे साथ ही रहेंगे.

आशा करता हूं कि आपका इस खेल को संचालित करने मे मुझे पुर्ण सहयोग मिलता रहेगा क्योंकि अबकी बार आयोजकी एक दिन की नही बल्कि ५ सप्ताह की है. और इस खेल मे हम रोचकता बनाये रखें और आनंद लेते रहें. यही इसका उद्देष्य है. तो अब आज का सवाल :-

नीचे का चित्र देखिये और बताईये कि ये क्या है?





तो अब फ़टाफ़ट जवाब दिजिये. इसका जवाब कल शाम को 4:00 बजे दिया जायेगा, मैं और डाक्टर झटका खेल दौरान आपके साथ रहेंगे.


"बकरा बनाओ और बकरा मेकर बनो"


.टिप्पणियों मे लिंक देना कतई मना है..इससे फ़र्रुखाबादी खेल खराब हो जाता है. लिंक देने वाले पर कम से कम २१ टिप्पणियों का दंड है..अधिकतम की कोई सीमा नही है. इसलिये लिंक मत दिजिये.


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Promoted By : ताऊ और भतीजाएवम कोटिश:धन्यवाद

60 comments:

  Murari Pareek

10 December 2009 at 18:01

kokroch

  श्री श्री १००८ बाबा समीरानन्द जी

10 December 2009 at 18:02

भक्तों को बाबा का बहुत आशीष.

बाबा के आश्रम पधार कर आशीर्वाद ले लो...

नोट:

. पहेली में भी जीतने के लिए आश्रम में हवन करवाया जाता है.

. हमारी कोई ब्रान्च नहीं है.

. नकलचियों से सावधान.

. ब्लॉगजगत के एकमात्र सर्टीफाईड एवं रिक्गनाईज्ड बाबा.

-सबका कल्याण हो!!

सूचना:




-बाबा प्रॉडक्टस के लिए आश्रम पधारें-


कुंभ की विशेष छूट


बेहद सस्ते दामों पर


महा सेल-महा सेल-महा सेल

नोट: ऐसा मौका फिर १२ साल बाद आयेगा.

  Murari Pareek

10 December 2009 at 18:02

chinti ki tange

  Murari Pareek

10 December 2009 at 18:03

babaji ye jinaawaar kahaan se mil gaye !!!

  श्री श्री १००८ बाबा समीरानन्द जी

10 December 2009 at 18:07

कृप्या आश्रम पधार कर Followers बटन पर घंटी बजा बाबा समीरानन्द के भक्त बन कर पुण्य कमायें एवं बाबाश्री का आशीर्वाद पायें.

-आश्रम मेनेजमेन्ट

  दीपक "तिवारी साहब"

10 December 2009 at 18:08

मुरारी भाई रामराम.

  दीपक "तिवारी साहब"

10 December 2009 at 18:08

बाबाजी राम राम.

  M VERMA

10 December 2009 at 18:09

मुरारी जी बधाई! काकरोच की टांग ही है

  दीपक "तिवारी साहब"

10 December 2009 at 18:10

ये तो पेड की जड है.

  makrand

10 December 2009 at 18:11

भी अंकल आंटियों को नमस्ते.

  makrand

10 December 2009 at 18:11

मुरारी अंकल चले गये क्या?

  दीपक "तिवारी साहब"

10 December 2009 at 18:13

हम तो पहले ही बटन दबा चुके.

  श्री श्री १००८ बाबा समीरानन्द जी

10 December 2009 at 18:14

सबका कल्याण हो!! बच्चा!!

  जी.के. अवधिया

10 December 2009 at 18:16

ब्लोगवाणी को फायरफॉक्स में खोलने पर उसके हमलावर साइट होने का संदेश मिल रहा है। क्या ब्लॉगवाणी सर्व्हर पर वायरस का हमला हुआ है?

  Udan Tashtari

10 December 2009 at 18:17

मकरंद, सबको नमस्ते और खोज खबर ही लेते रहोगे कि जबाब भी दोगे पहेली का?



सभी को मेरा प्रणाम.


आज की पहेली तो काफी सरल मालूम पड़ती है. जबाब दिजिये फटाफट.

  Udan Tashtari

10 December 2009 at 18:18

अवधिया जी

मेरे यहाँ भी ब्लॉगवाणी को हमला साईट दिखा रहा है. ब्लॉगवाणी को खबर की है.


क्या कोई भी ब्लॉगवाणी देख पा रहा है?

  Murari Pareek

10 December 2009 at 18:22

samay change karne ki baat to aisi hai mere liye to yahi samay upyukt hai@!!! 7-8 baje meraa anaa to sambhaw nahi hogaa!!!

  Murari Pareek

10 December 2009 at 18:22

makrand chalaa gayaa tha main aapki aawaz sun kar wapas aayaa !!!

  Murari Pareek

10 December 2009 at 18:23

कमाल है जब मैं भी ब्लॉग किसी का भी खोलता हूँ तो चेतावनी आती है !!!

  जी.के. अवधिया

10 December 2009 at 18:25

इंटरनेट एक्प्लोरर में तो ब्लोगवाणी सही चल रही है किन्तु फायरफॉक्स में नहीं।

  अमिताभ श्रीवास्तव

10 December 2009 at 18:40

cockroch he bhai.
vese me jitunga nahi iski poori sambhana rahti he..kher..apna kaam to kar hi dete he ji.

  Gagan Sharma, Kuchh Alag sa

10 December 2009 at 18:41

काक्रोच की टांगें।

मैं तो रात आठ बजे के पक्ष में हूं। क्योंकि सात के बाद ही लौटना हो पाता है।

  पी.सी.गोदियाल

10 December 2009 at 18:43

यहाँ पर मौजूद सभी धर्मो, जाति अथवा सम्प्रदाय के लोगो को मेरा राम-राम !

  पी.सी.गोदियाल

10 December 2009 at 18:43

बाबाओं को भी राम राम !

  पं.डी.के.शर्मा"वत्स"

10 December 2009 at 18:43

मगरमच्छ की टाँगें है !

  पी.सी.गोदियाल

10 December 2009 at 18:43

समीर जी को भी राम-राम !

  पी.सी.गोदियाल

10 December 2009 at 18:44

मकरंद जे को भी राम राम

  पी.सी.गोदियाल

10 December 2009 at 18:44

पारिख जी को भी राम राम

  पी.सी.गोदियाल

10 December 2009 at 18:44

अवधिया जी को भी राम राम

  पी.सी.गोदियाल

10 December 2009 at 18:44

ललित जी को भी राम-राम

  पी.सी.गोदियाल

10 December 2009 at 18:44

कोई छूट तो नहीं गया ?

  पी.सी.गोदियाल

10 December 2009 at 18:45

मकडी है !

  पी.सी.गोदियाल

10 December 2009 at 18:45

वत्स जी को भी राम-राम !

  पी.सी.गोदियाल

10 December 2009 at 18:47

मुझे तो डायनासोर की टाँगे लग रही है !

  पी.सी.गोदियाल

10 December 2009 at 18:47

अच्छा राम-राम !

  पं.डी.के.शर्मा"वत्स"

10 December 2009 at 18:47

राम-राम गोदियाल जी....
वैसे हम छूट भी जाते तो हम तो आपसे कोई ऎतराज भी नहीं करते :)

  Udan Tashtari

10 December 2009 at 18:49

फर्शी प्रणाम सभी उपस्थित सभासदों को इन्क्लूडिंग मकरंद...

  डाँ. झटका..

10 December 2009 at 19:48

सूचना


कृप्या जबाब देना जारी रखें.

हिंट: अभी तक सही जबाब नहीं आया है.


नोट: गरम गरम चाय पी कर आते हैं, आप जबाब देते रहिये.

  संगीता पुरी

10 December 2009 at 20:18

housefly.

  संगीता पुरी

10 December 2009 at 20:19

Lesser house fly.

  Murari Pareek

10 December 2009 at 20:23

टांटिया हा..हा..हा... (tataiyaa)

  Nirbhay Jain

10 December 2009 at 20:24

makdi rani (spider)

  संगीता पुरी

10 December 2009 at 20:25

legs of lesser housefly.

  Murari Pareek

10 December 2009 at 20:25

dudh waali makkhi||
makkhi

  Udan Tashtari

10 December 2009 at 20:28

संगीता जी को प्रणाम पहुँचे.

  Murari Pareek

10 December 2009 at 20:29

rajsthaani me isko kasaari kahate hain aur hindi me jhingur

  Murari Pareek

10 December 2009 at 20:30

lagtaa hia sangeetaji ne baaji maar li

  Murari Pareek

10 December 2009 at 20:36

cricket

  संगीता पुरी

10 December 2009 at 20:37

प्रणाम समीर जी ..

  संगीता पुरी

10 December 2009 at 20:37

और बाकी लोगों को भी प्रणाम ..

  Murari Pareek

10 December 2009 at 20:38

sangeeta ji o salaam duaa pahunche!!

  Murari Pareek

10 December 2009 at 20:39

sameerji ko naman!!!

  संगीता पुरी

10 December 2009 at 20:39

देर हो जाती है आजकल .. कंप्‍यूटर और इंटरनेट से बहुत परेशान हूं आजकल !!

  संगीता पुरी

10 December 2009 at 20:40

अभी नेट ठीक होते ही भाग्‍य भी चल गया .. पर लिंक मत मांगिएगा कोई !!

  Udan Tashtari

10 December 2009 at 20:44

नमस्कार मुरारी बाबू..

संगीता जी, लिंक देना तो सदाशयता की निशानी है, इसमें घबराना कैसा?

सभी तो दे चुके हैं कभी न कभी और हम तो उस चक्कर में वनवास पर हैं. :)

भय निकाल फेकिये.

  गिरीश बिल्लोरे 'मुकुल'

10 December 2009 at 23:01

मकड़ी के पैर

  प्रवीण शाह

11 December 2009 at 13:06

This comment has been removed by the author.
  अर्शिया

11 December 2009 at 15:07

अरेभई, चित्र दिखाई दे तब तो पहचानें।

संगीता जी, ये क्या कह रही हैं आप? आप और परेशानी? अपनी कुंडली चेक करिए और उसका उपचार करिए।
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शानदार रही लखनऊ की ब्लॉगर्स मीट
नारी मुक्ति, अंध विश्वास, धर्म और विज्ञान।

  K. D. Kash

11 December 2009 at 17:40

आप को पता ना हो तो सभी शास्त्रग्या से पूछो मेरे खयाल से तो स्पाइडरमॅन की ही हो सकती ऐसी तन्गोसे उसे दिवाल पर चढना आसानीसे जमता है

  K. D. Kash

11 December 2009 at 17:42

mere khayal se to ye jarur kisiki tange hai

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