खुल्ला खेल फ़र्रुखाबादी (142) : आयोजक उडनतश्तरी

बहनों और भाईयों, मैं उडनतश्तरी इस फ़र्रुखाबादी खेल में आप सबका हार्दिक स्वागत करता हूं.

जैसा कि आप मुझसे भी ज्यादा अच्छी तरह से जानते हैं कि मैं क्यों ५ सप्ताह तक इस खेल का आयोजक रहूंगा. इस खेल के सारे नियम कायदे सब कुछ पहले की तरह ही रहेंगे. सिर्फ़ मैं आपके साथ प्रतिभागी की बजाय आयोजक के रुप मे रहुंगा. डाक्टर झटका भी पुर्ववत मेरे साथ ही रहेंगे.

आशा करता हूं कि आपका इस खेल को संचालित करने मे मुझे पुर्ण सहयोग मिलता रहेगा क्योंकि अबकी बार आयोजकी एक दिन की नही बल्कि ५ सप्ताह की है. और इस खेल मे हम रोचकता बनाये रखें और आनंद लेते रहें. यही इसका उद्देष्य है. तो अब आज का सवाल :-

नीचे का चित्र देखिये और बताईये कि ये क्या हो रहा हैं??




तो अब फ़टाफ़ट जवाब दिजिये. इसका जवाब कल शाम को 4:00 बजे दिया जायेगा, मैं और डाक्टर झटका खेल दौरान आपके साथ रहेंगे.


"बकरा बनाओ और बकरा मेकर बनो"


.टिप्पणियों मे लिंक देना कतई मना है..इससे फ़र्रुखाबादी खेल खराब हो जाता है. लिंक देने वाले पर कम से कम २१ टिप्पणियों का दंड है..अधिकतम की कोई सीमा नही है. इसलिये लिंक मत दिजिये.


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Promoted By : ताऊ और भतीजाएवम कोटिश:धन्यवाद

131 comments:

  रंजन

13 December 2009 at 18:02

बन्दर बन्दर से खेल रहा लगता है...

  बाबा निठ्ठल्लानंद जी

13 December 2009 at 18:06

कहां हैं सब बच्चे लोग...हर हर महादेव...

  श्री श्री १००८ बाबा समीरानन्द जी

13 December 2009 at 18:12

जय हो.




भक्तों को बाबा का बहुत आशीष.

बाबा के आश्रम पधार कर आशीर्वाद ले लो...

नोट:

. पहेली में भी जीतने के लिए आश्रम में हवन करवाया जाता है.

. हमारी कोई ब्रान्च नहीं है.

. नकलचियों से सावधान.

. ब्लॉगजगत के एकमात्र सर्टीफाईड एवं रिक्गनाईज्ड बाबा.

-सबका कल्याण हो!!


सूचना:

-बाबा प्रॉडक्टस के लिए आश्रम पधारें-

कुंभ की विशेष छूट

बेहद सस्ते दामों पर

महा सेल-महा सेल-महा सेल

नोट:

ऐसा मौका फिर १२ साल बाद आयेगा.

  श्री श्री १००८ बाबा समीरानन्द जी

13 December 2009 at 18:13

बाबा निठ्ठल्लानंद जी


प्रणाम!

  Udan Tashtari

13 December 2009 at 18:14

आजकल लोग बहुत आरामतलबी से आते हैं पहेली में, जब से हम बाहर हुए. :)

  बाबा निठ्ठल्लानंद जी

13 December 2009 at 18:15

बाबा समीरानंद जी को प्रणाम. कैसे हैं महाराज? आश्रम वासी कैसे हैं?

  बाबा निठ्ठल्लानंद जी

13 December 2009 at 18:16

हमारी दिव्य दृष्टी बता रही है कि ८ लोग इस वक्त यहां मौजूद हैं. सब छुपे क्यों है भाई?

  Gagan Sharma, Kuchh Alag sa

13 December 2009 at 18:18

बंदर कितना भी बूढा हो जाए, गुलाटी मारना नहीं छोड़ता।

  Vivek Rastogi

13 December 2009 at 18:19

बन्दर खेल रहा है

हम भी हैं इस पहेली में आज

वैसे पहेली का समय ७ बजे कर देना चाहिये

  श्री श्री बाबा शठाधीश जी महाराज

13 December 2009 at 18:20

अलख निरंजन, बाबा लोगों को प्रणाम, आप लोग हमारे धुणे मे भी चरण रखो मै कई दिनों से ईंतजार कर रहा हुँ।

  Vivek Rastogi

13 December 2009 at 18:22

कुत्ता है

  श्री श्री बाबा शठाधीश जी महाराज

13 December 2009 at 18:23

बच्चा लोगों को आशीर्वाद, ये मदारी का खेल कौन दिखा रहा है भाई, कहीं मुरारी बच्चा तो नही है। जब से हमारी लंगोटी ले गया है, तब से ना लंगो्टी आई ना मुरारी बच्चा दिखा। अलख नि्रंजन

  बाबा निठ्ठल्लानंद जी

13 December 2009 at 18:26

हम चले महाराज. सभी को परणाम और आशीश.

  Rekhaa Prahalad

13 December 2009 at 18:31

Namaskar, sabhi babao ko naman, lagta hai aap sab kumbh ki taiyari isi manch se kar rahe hai:)

मदारी का खेल lagta hai jisme bandar khuch stunts kar raha hai:-)

  makrand

13 December 2009 at 18:33

सभी उपस्थित आंटियो, अंकलो, और बाबाओं को बालक का प्रणाम

  makrand

13 December 2009 at 18:35

यह बंदर और मदारी का खेल है.

  महफूज़ अली

13 December 2009 at 18:36

आदरणीय समीरजी, नमस्कार,
ललित जी राम राम
गोदियाल जी राम राम
संगीता जी नमस्कार
पंडित जी नमस्कार
गगन जी नमस्कार
रंजन जी नमस्कार
रेखा जी नमस्कार
सुनीता दी नमस्कार
श्री श्री बाबा शठाधीश जी महाराज जी राम राम
बाबा निठ्ठल्लानंद जी नमस्कार
श्री श्री १००८ बाबा समीरानन्द जी राम राम
Vivek Rastogi जी नमस्कार
मुरारी जी जय हिंद....
मकरंद को प्यार...

रामप्यारी I Love you......

  महफूज़ अली

13 December 2009 at 18:37

हम भी आ गया हूँ.... मैदान मा....


अरे ! पर हम लोटा तो भूल आया हूँ....

  Udan Tashtari

13 December 2009 at 18:38

नमस्कार सभी को!!

  महफूज़ अली

13 December 2009 at 18:38

रुकिए लेके आते हैं....

आजकल याददाश्त कमज़ोर हो गई है.... रामप्यारी के प्यार में हम पागल हो गया हूँ....होस ही नहीं रहता है......

  श्री श्री १००८ बाबा समीरानन्द जी

13 December 2009 at 18:39

सबका कल्याण हो!!




सूचना

कृप्या आश्रम पधार कर Followers बटन पर घंटी बजा बाबा समीरानन्द के भक्त बन कर पुण्य कमायें एवं बाबाश्री का आशीर्वाद पायें.

-आश्रम मेनेजमेन्ट

  डाँ. झटका..

13 December 2009 at 18:40

सूचना


पहेली का सवाल है कि यह क्या हो रहा है!!!

  महफूज़ अली

13 December 2009 at 18:40

आह ! अब जा के चैन मिला है......

हाँ! अब बताइए का सवाल है?

रुकिए तनिक हाथ धो लें....

  महफूज़ अली

13 December 2009 at 18:41

श्री श्री १००८ बाबा समीरानन्द जी

परनाम ......


पांय लागिन.....

  Udan Tashtari

13 December 2009 at 18:41

आज डॉ झटका बड़ी जल्दी चले आये.


हाँ मित्रों, सवाल तो ध्यान से ही पढ़ना चाहिये.

  ललित शर्मा

13 December 2009 at 18:42

सभी लोगो को राम-राम,बाबा लोगों को प्रणाम

  महफूज़ अली

13 December 2009 at 18:42

इ गंजा कुतव्वा संग खेल रहा है.....

  श्री श्री १००८ बाबा समीरानन्द जी

13 December 2009 at 18:43

खुश रहो भक्त महफूज!!

  makrand

13 December 2009 at 18:43

अब हमने सही जवाब दिया है ना कि यह बंदर मदारी का खेल है, क्यों अंकल?

  महफूज़ अली

13 December 2009 at 18:43

उल्टा लटकाए दिया है कुतव्वा को....

  महफूज़ अली

13 December 2009 at 18:45

काट लेगा न गंजा को.... तब उ को पता चलेगा.... चवदा ठो इंजेक्सन लगेगा न .... तब पता चलेगा उ को....

  Udan Tashtari

13 December 2009 at 18:45

मकरंद आज लिंक नहीं मांग रहे किसी से??

  ललित शर्मा

13 December 2009 at 18:45

ये कुत्ता है जम्प मार कर गेन्द उठा रहा है।

  महफूज़ अली

13 December 2009 at 18:46

देखिये ना .....कुतव्वा का टंगड़ी ऊपर कर दिया है...

  makrand

13 December 2009 at 18:46

लिंक किससे मांगू? आज तो मैं ही विजेता हूं. बंदर और मदारी का खेल है.

  makrand

13 December 2009 at 18:47

इसको कुत्ता बताने वाले लिंक दें तब माना जायेगा.

  महफूज़ अली

13 December 2009 at 18:47

आज इ गंजा बचेगा नहीं.... कुतव्वा जरुर काटेगा.....

  makrand

13 December 2009 at 18:47

लिंक नही दिया तो यह बंदर ही रहेगा.

  महफूज़ अली

13 December 2009 at 18:47

इ कौनो बिदेसी मदारी है.....

  महफूज़ अली

13 December 2009 at 18:48

पूंछ से तो हिटलरी देस का लग रहा है....

  महफूज़ अली

13 December 2009 at 18:51

http://www.aspca.org/aspca-nyc/images-misc-sizes/woman-playing-with-dog.jpg


जरा इ लिंक देखिएगा सब लोग.....

  महफूज़ अली

13 December 2009 at 18:53

हम बहुत दिनों के बाद खेल रहा हूँ न...इसिलए हम जोस में हूँ....

  makrand

13 December 2009 at 18:56

डाक्टर झटका जल्दी आवो..लिंक दिया है महफ़ूज अंकल ने..

  makrand

13 December 2009 at 18:56

अरे भाई जल्दी..करिये. बहुत दिनों बाद किसी शेर ने लिंक दिया है

  महफूज़ अली

13 December 2009 at 18:58

अरे! भई ....इ सेर जंगल का नहीं है....

  महफूज़ अली

13 December 2009 at 18:59

कहाँ चले गए सब लोग.... ?

  makrand

13 December 2009 at 19:01

अब तो अंकल आपको डाक्टर झटका ही बतायेंगे कि आप कौन से शेर जंगल के हैं?:)

जय हो

  makrand

13 December 2009 at 19:01

बस डाक्टर आता ही होगा.

  makrand

13 December 2009 at 19:01

मुझे भी इस डाक्टर ने एक रोज मेरी मम्मी से भौत पिटवाया था. आज क्या होगा अंकल?

  डाँ. झटका..

13 December 2009 at 19:01

सूचना


महफूज़ जी का केस कमेटी में विचार के लिए भेजा जा चुका है. लिंक देना कतई मना है. कमेटी के निर्णय का इन्तजार करिये.

  makrand

13 December 2009 at 19:02

वाह वाह आगये डाक्टर साब

  makrand

13 December 2009 at 19:02

्डाक्टर के राज मे देर है पर अंधेर नही.

  makrand

13 December 2009 at 19:03

डाक्टर साहब कम से कम १०१ का दंड तो लगना ही चाहिये.

  Udan Tashtari

13 December 2009 at 19:03

ये क्या किया महफूज़ भाई..कमेटी में हल्ला मचा हुआ है. वहीं से चला आ रहा हूँ.

  makrand

13 December 2009 at 19:03

मैं अब चला, मेरी मम्मी आवाज लगा रही है.

  makrand

13 December 2009 at 19:04

्डाक्टर के न्याय पर भरोसा है. मैं ट्युशन पढकर वापस आरहा ःऊं.

  महफूज़ अली

13 December 2009 at 19:07

अरे ! भई ....लिंक्वा तो देखिये पहिले....

  महफूज़ अली

13 December 2009 at 19:08

ए! रामप्यारी..... हम बहुत प्यार करता हूँ हूँ तुमसे..... कहो तो टंकी पे भी चढ़ के बोल सकते हैं इ बात...... पर हमको दंड से बचा लो..... देखो.... लइकी कि बात सब मानते हैं..... रामप्यारी बचा लो हमको....

  डाँ. झटका..

13 December 2009 at 19:09

निर्णय


सारे तथ्यों को नजर में रखते हुए, लिंक के फाल्स घोषित होने की वजह से महफूज़ जी को मात्र ११ टिप्पणियों का दंड दिया जा रहा है.

साथ ही भविष्य के लिए चेतावनी दी जाती है कि पहेली से संबंधित, सही या गलत, लिंक देना सल्ह्त मना है.


महफूज़ जी अपने दंड की ११ टिप्पणियाँ तुरंत खजाने में जमा कर पंचो से क्लिरेंस लें

  महफूज़ अली

13 December 2009 at 19:09

समीरजी .... रामप्यारी सिफारिश लेके आई है.... प्लीज़ मान जाइये....

  महफूज़ अली

13 December 2009 at 19:11

अरे! लगता है.... रामप्यारी कि सिफारिश काम नहीं कि....

बताइए आजकल लोग लड़कियों कि बात भी नहीं मानते हैं....

  महफूज़ अली

13 December 2009 at 19:13

अरे! रामप्यारी .... हमको मरवा दिया.... तूने.... सारा टोटका बेकार हो गया..... श्री श्री १००८ बाबा समीरानन्द जी.... ज़रा नज़र कवच भेज दीजिये....

  महफूज़ अली

13 December 2009 at 19:13

अरे! हम जानबूझ के गलत लिंक दिए रहे.....

  महफूज़ अली

13 December 2009 at 19:14

फेर भी हमको कोई नहीं छोरा .....

  महफूज़ अली

13 December 2009 at 19:14

इ..... रामप्यारी भी.... हमको धोखा दे गई....

  महफूज़ अली

13 December 2009 at 19:15

फिर भी रामप्यारी..... हम बहुत प्यार करता हूँ तुसे......

  महफूज़ अली

13 December 2009 at 19:15

अरे! कोई टिप्पणी भी गिनता रहे हमारी.....

  Udan Tashtari

13 December 2009 at 19:16

रामप्यारी और हमने मिल कर कमेटी में बहुत जोर लगाया, तब जाकर ५१ से ११ पर ला पाये. अब इतना तो भरना ही पड़ेगा..हम लोग भी हाँ कर आये हैं.

  महफूज़ अली

13 December 2009 at 19:17

अरे! कोई गिनो न.... हम थक गया हूँ.... ह्म्म्फ़ ह्म्म्फ़.....हम्म्म्फ़...हम्म्म्म फफफफफ फ .......

  Udan Tashtari

13 December 2009 at 19:17

पंच गिन रहे हैं..

  महफूज़ अली

13 December 2009 at 19:17

अरे! मतलब..... हमरी रामप्यारी कि बात मान ली गई थी....?

  महफूज़ अली

13 December 2009 at 19:18

अब हमें रामप्यारी को मनाना पड़ेगा ...उ नाराज़ हो गई है.....

  ललित शर्मा

13 December 2009 at 19:18

http://bspabla.blogspot.com/2009/12/blog-post_13.html ,ये लो भाई एक लिंक हम भी दे रहे हैं ये शेर है

  Udan Tashtari

13 December 2009 at 19:18

मकरंद सजा दिलवा कर भाग गया. बहुत लोगों को फंसाया है उसने. जरा संभल कर.

  महफूज़ अली

13 December 2009 at 19:19

अरे! पंचों ..... बोरा में से चावल का दाना गिन रहे हो क्या? हम थक गया हूँ....

  ललित शर्मा

13 December 2009 at 19:19

और ये दुसरा लिंक भी गौर फ़रमाएं, हमे विजयी घोषित कि्या जाए। http://chitthacharcha.com/

  महफूज़ अली

13 December 2009 at 19:20

इ देखिये सेर तो कोई और निकला.... हम फालतू में सज़ा पा गए....

  पं.डी.के.शर्मा"वत्स"

13 December 2009 at 19:20

हमने सुना कि आज डा. झटका ने कोई बकरा हलाल किया है....कौन हैं वो बकरा श्री ?

  महफूज़ अली

13 December 2009 at 19:21

अरे! इ मकरंद ...देखन में छोट लगे.... घाव करे गंभीर.... भाग गया बचवा.... हमका फंसाई के....

  डाँ. झटका..

13 December 2009 at 19:22

सूचना


ललित शर्मा जी का लिंक कमेटी ने देखा. वो पहेली से संबंधित नहीं है.

वह एक पोस्ट का विज्ञापन है.

आईंदा ऐसे विज्ञापन करने पर शुल्क के रुप में ११ टिप्पणी देय होगी.



-सूचना समाप्त

  महफूज़ अली

13 December 2009 at 19:22

अरे! पंडित जी.... बचाइए हमको.... हम ही उ बकरा हूँ....

  ललित शर्मा

13 December 2009 at 19:22

राम-राम समीर भाई-सलाम मिया जी
पांय लागी पंडित जी-दंडवत बाबा जी

  महफूज़ अली

13 December 2009 at 19:23

अरे! डॉक्टर झटका जी.... हमरा टिप्पणी गिन के बताइए न.... थक गया हूँ न.....

  पं.डी.के.शर्मा"वत्स"

13 December 2009 at 19:23

राम राम सब जनों को...

  महफूज़ अली

13 December 2009 at 19:23

अब का खून भी पीयेंगे का.....

  महफूज़ अली

13 December 2009 at 19:24

इस बकरे का...

  पं.डी.के.शर्मा"वत्स"

13 December 2009 at 19:25

अरे भई महफूज जी...आप भी कहाँ मकरन्द के चक्कर में फँस गये... अरे उसकी तो यहाँ कमीशन बँधी हुई है...वो बकरे फाँस कर लाता है ओर डा. झटका झट से उसे हलाल कर देता है :)

  ललित शर्मा

13 December 2009 at 19:25

डाक्टर झटका हमे भी पता नही था कि ये विज्ञापन है, कोई दे गया तो हम भी सोचे सबको भेज देते है। आगे गलती नही होगी,आपके आदेश का पालन होगा।

  Udan Tashtari

13 December 2009 at 19:25

अब तो विज्ञापन शुल्क भी लगने लगा यहाँ.

  महफूज़ अली

13 December 2009 at 19:25

अरे! कोई है टिप्पणी गिनने वाला..... या सब .... हमें फंसाए के चले गए हैं....

  पं.डी.के.शर्मा"वत्स"

13 December 2009 at 19:26

चलिए खैर जो हुआ उसे भूल जाईये....अब तो कुछ नहीं किया जा सकता....अब तो दंड भरना ही पडेगा.....आप दंड भरिये हम आपकी टिप्पणी की गिनती करता हूँ..

  महफूज़ अली

13 December 2009 at 19:26

सब कमाने का जरिया है..... कोई विज्ञापन से कमाता है.... तो कोई दंड दिलवा के...कमीशन खाता है....

  श्री श्री १००८ बाबा समीरानन्द जी

13 December 2009 at 19:26

निवेदन


बाबा जी के आश्रम का विज्ञापन चेरीटेबल कटॆगरी में फ्री किया जाये वरना बाबा जी सभी भक्तों के साथ आंदोलन करेंगे.

-सब का कल्याण हो.

  पं.डी.के.शर्मा"वत्स"

13 December 2009 at 19:27

महफूज जी...आप की 3 टिप्पणियाँ हो चुकी हैं...लगे रहिए धीरे धीरे बाकी भी हो जाएंगी :)

  महफूज़ अली

13 December 2009 at 19:27

अरे! पंडित जी अईसे कईसे भूल जाएँ.... दंड मिला है.... जान अटकी है.... गर्र गर्र गर्र

  ललित शर्मा

13 December 2009 at 19:28

समीर भाई-डाक्टर झटका अब पुरेकामर्सियल हो गये है।

  महफूज़ अली

13 December 2009 at 19:28

अरे! तीन टिप्पणी में इतना कोई थोड़े ही थकता है.... ? सही सही गिनिये....

  पं.डी.के.शर्मा"वत्स"

13 December 2009 at 19:29

बस हिम्मत न हारिए....जैसे तैसे बाकी की 8 टिप्पणियाँ भी कर दीजिए

  महफूज़ अली

13 December 2009 at 19:30

अच्छा! ठीक है.... कर रहे हैं.....

  डाँ. झटका..

13 December 2009 at 19:30

निर्णय


सारे तथ्यों को नजर में रखते हुए, चूँकि श्री श्री १००८ बाबा समीरानन्द जी ब्लॉगजगत के एकमात्र सर्टीफाईड एवं रिक्गनाईज्ड बाबा हैं,

अतः उन्हें एवं मात्र उन्हें इस विज्ञापन शुल्क से मुक्त रखा जाता है.

उनसे निवेदन है कि अपने भक्तों के लिए कृप्या ऐसी कोई सिफारिश न लायें. उस पर विचार नहीं किया जायेगा.

  ललित शर्मा

13 December 2009 at 19:30

100वीं

  पं.डी.के.शर्मा"वत्स"

13 December 2009 at 19:30

साढे तीन हो गई :)

  महफूज़ अली

13 December 2009 at 19:30

अरे! डाक्ट साहब ...हमरा भी ख्याल करिए कुछो......

  Udan Tashtari

13 December 2009 at 19:31

कमेटी आजकल फटाफट निर्णय देती है.

महफूज भाई का दंड लगभग पूरा हो गया लगता है. :)

  महफूज़ अली

13 December 2009 at 19:31

आयीं! बस साढ़े तीन ही......? रुकिए और फास्ट करें.....

  महफूज़ अली

13 December 2009 at 19:32

अरे! पर पंडित जी तो कह रहे हैं कि साढ़े तीन ही हुआ है..... लगता है हम आज पूरा बकरा बन ही गया हूँ.....

  ललित शर्मा

13 December 2009 at 19:32

साढे तीन हो गई :) महफ़ुज भाई काउंट करने वाली मशीन खराब हो गये है, जरा ध्यान से।

  महफूज़ अली

13 December 2009 at 19:32

बस .... मिमियाने का देर है.....

  श्री श्री १००८ बाबा समीरानन्द जी

13 December 2009 at 19:33

सूचना:

-बाबा प्रॉडक्टस के लिए आश्रम पधारें-

कुंभ की विशेष छूट

बेहद सस्ते दामों पर

महा सेल-महा सेल-महा सेल

नोट:

ऐसा मौका फिर १२ साल बाद आयेगा.

-----------------------------------------------------------------------------------------
सबका कल्याण हो!!





कृप्या आश्रम पधार कर Followers बटन पर घंटी बजा बाबा समीरानन्द के भक्त बन कर पुण्य कमायें एवं बाबाश्री का आशीर्वाद पायें.

-आश्रम मेनेजमेन्ट

  पं.डी.के.शर्मा"वत्स"

13 December 2009 at 19:34

तनिक जल्दी कीजिए...4 होने ही वाली है

  महफूज़ अली

13 December 2009 at 19:34

अरे! अभी भी साढ़े तीन..... ? अरे मसीन जल्दी ठीक करवाइए....

  महफूज़ अली

13 December 2009 at 19:35

श्री श्री १००८ बाबा समीरानन्द जी

बाबा.... हमरा नज़र कवच का ...का हुआ? माँगा था न आपसे....

  महफूज़ अली

13 December 2009 at 19:35

हम तो फालोवर भी हूँ.... आपका....

  Udan Tashtari

13 December 2009 at 19:36

पंचों के सरपंच माननीय पं. वत्स जी गिन रहे हैं, महफूज़ भाई.

  पं.डी.के.शर्मा"वत्स"

13 December 2009 at 19:36

मुरारी लाल नहीं दिखाई दे रहे....आजकल वो बहुत गैरहाजिर रहने लगे हैं...बस उसी रोज दिखाई देते हैं..जिस दिन पहेली में गधे से रिलेटेड कोई सवाल पूछा जाए:)

  महफूज़ अली

13 December 2009 at 19:36

पंडित जी...देखिये ज़रा....केतना हुआ?

  महफूज़ अली

13 December 2009 at 19:37

मुरारी जी.... आज जुलाब का गोली खाए थे..... अभी खेत के किनारे जो तालाब है ...वहीँ बैठे हैं...उकडूं हो के.....

  पं.डी.के.शर्मा"वत्स"

13 December 2009 at 19:37

सवा 4 हो गई हैं :)
जल्दी कीजिए...हमारे पास टाईम नहीं है ।

  महफूज़ अली

13 December 2009 at 19:38

हम अपना लोटा उन्ही को दे के आया हूँ....

  श्री श्री १००८ बाबा समीरानन्द जी

13 December 2009 at 19:38

भक्त महफूज़,

आश्रम पधार कर गुहार लगाओ. हमारे यहाँ प्रॉडक्ट बस आश्रम से बेचे जाते हैं. होम डिलेवरी या यहाँ डिलेवरी नहीं की जाती.


. हमारी कोई ब्रान्च नहीं है.

. नकलचियों से सावधान.

  महफूज़ अली

13 December 2009 at 19:39

अच्छा! अरे हम कर रहा हूँ ..जल्दी जल्दी..... मुरारी जी से भी बोले थे..जल्दी करिए ....जल्दी करिए.......

  महफूज़ अली

13 December 2009 at 19:39

मुरारी जी ....खेत में अजीब अजीब आवाज़ निकाल रहे थे....

  महफूज़ अली

13 December 2009 at 19:40

लगता तो ऐसे ही था कि मूंह से निकाल रहे हैं.....

  महफूज़ अली

13 December 2009 at 19:42

अरे! अब केतना हुआ.... पंडित जी.... ?

  महफूज़ अली

13 December 2009 at 19:42

पांच हो गया?

  महफूज़ अली

13 December 2009 at 19:43

श्री श्री १००८ बाबा समीरानन्द जी

अच्छा ! हम आश्रम आता हूँ....

  महफूज़ अली

13 December 2009 at 19:44

अब हम थक गया हूँ..... पानी पी के आता हूँ..........

  पं.डी.के.शर्मा"वत्स"

13 December 2009 at 19:45

साढे चार हो गई

  महफूज़ अली

13 December 2009 at 20:20

लगता है अब सब चले गए.... चाय पानी करने..... हम तो आ गया हूँ..... अब थकान उतर गई है.....

  डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक

13 December 2009 at 21:27

बन्दर और बन्दरिया!

  पं.डी.के.शर्मा"वत्स"

14 December 2009 at 00:32

न्यूँ लगै कि कोई कुत्ता किसी सिकंजे मैंह फँस गया अर यो भला आदमी उसनै काढन की कौशिश करण लाग रया सै......

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