खुल्ला खेल फ़र्रुखाबादी (149) : आयोजक उडनतश्तरी

बहनों और भाईयों, मैं उडनतश्तरी इस फ़र्रुखाबादी खेल में आप सबका हार्दिक स्वागत करता हूं.

जैसा कि आप मुझसे भी ज्यादा अच्छी तरह से जानते हैं कि मैं क्यों ५ सप्ताह तक इस खेल का आयोजक रहूंगा. इस खेल के सारे नियम कायदे सब कुछ पहले की तरह ही रहेंगे. सिर्फ़ मैं आपके साथ प्रतिभागी की बजाय आयोजक के रुप मे रहुंगा. डाक्टर झटका भी पुर्ववत मेरे साथ ही रहेंगे.

आशा करता हूं कि आपका इस खेल को संचालित करने मे मुझे पुर्ण सहयोग मिलता रहेगा क्योंकि अबकी बार आयोजकी एक दिन की नही बल्कि ५ सप्ताह की है. और इस खेल मे हम रोचकता बनाये रखें और आनंद लेते रहें. यही इसका उद्देष्य है. तो अब आज का सवाल :-

नीचे का चित्र देखिये और बताईये कि इस कंबल या बेडशीट में कोन सा जानवर यहां आपको दिखाई दे रहा है? या कि सिर्फ़ यह प्रिंट है?





तो अब फ़टाफ़ट जवाब दिजिये. इसका जवाब कल शाम को 4:00 बजे दिया जायेगा, मैं और डाक्टर झटका खेल दौरान आपके साथ रहेंगे.


"बकरा बनाओ और बकरा मेकर बनो"


.टिप्पणियों मे लिंक देना कतई मना है..इससे फ़र्रुखाबादी खेल खराब हो जाता है. लिंक देने वाले पर कम से कम २१ टिप्पणियों का दंड है..अधिकतम की कोई सीमा नही है. इसलिये लिंक मत दिजिये.


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Promoted By : ताऊ और भतीजाएवम कोटिश:धन्यवाद

191 comments:

  Rekhaa Prahalad

20 December 2009 at 18:07

namaskar, bedsheet ke niche koi janwaar to hai par kaunsa?
kutta/billi/walrus/dolphin?
inme se koi ek to jaroor hai:)

  अल्पना वर्मा

20 December 2009 at 18:09

'She-dog' hai.

  अल्पना वर्मा

20 December 2009 at 18:10

Link ..tuition se aa kar 'Makrand dega..

  अल्पना वर्मा

20 December 2009 at 18:12

Billi hai..pahla jawab cancel

  makrand

20 December 2009 at 18:16

सभी उपस्थित आंटी..और अंकलों को नमस्कार...

  makrand

20 December 2009 at 18:17

यहां सिर्फ़ डिजाईनदार कंबल है. ये मेरे पास भी है.

  makrand

20 December 2009 at 18:17

यहां कुत्ता बिल्ली कुछ भी नही है.

  अल्पना वर्मा

20 December 2009 at 18:17

Makrand..jaldi se is chitr ka link de do..main chaay banane ja rahi hun..laut kar dekhti hun..ok??

  Rekhaa Prahalad

20 December 2009 at 18:19

Hello Alpana ji, lagata hai aaj sabhi outing ke liye gaye hue hai:)

  अल्पना वर्मा

20 December 2009 at 18:20

Nmaste Rekha ji..main bhi shaam ki chaay banane ja rahi hun...Makrand help karega .

  अल्पना वर्मा

20 December 2009 at 18:21

Waise -taau ji dot com par paheli ka---ek din Ladies & children 's day special-- rakhna chaheeye..

  Rekhaa Prahalad

20 December 2009 at 18:21

are makaranda kambal ko achi tarah dekho tent ke niche kuch dikehga, ek bacha bhi ho sakata hai.

  Rekhaa Prahalad

20 December 2009 at 18:22

Alpanaji idea super hai, ab rampyari kya kahti hai?

  अल्पना वर्मा

20 December 2009 at 18:23

Jaate jaate ..
aisa lagta hai ki ya aadi ya laviza ka blanket aur unka khilona laaye hain---

waise mera pahla aur final jawab billi hi hai..

  श्री श्री १००८ बाबा समीरानन्द जी

20 December 2009 at 18:24

जय हो.




भक्तों को बाबा का बहुत आशीष.

बाबा के आश्रम पधार कर आशीर्वाद ले लो...

नोट:

. पहेली में भी जीतने के लिए आश्रम में हवन करवाया जाता है.

. हमारी कोई ब्रान्च नहीं है.

. नकलचियों से सावधान.

. ब्लॉगजगत के एकमात्र सर्टीफाईड एवं रिक्गनाईज्ड बाबा.

-सबका कल्याण हो!!


सूचना:

-बाबा प्रॉडक्टस के लिए आश्रम पधारें-

कुंभ की विशेष छूट

बेहद सस्ते दामों पर

महा सेल-महा सेल-महा सेल

नोट:

ऐसा मौका फिर १२ साल बाद आयेगा.

-----------------------------------------------------------------------------------------

  makrand

20 December 2009 at 18:26

अल्पना आंटी आप चाय मेरे लिये भी बना लिजियेगा. मैं लिंक ढूंढने जा रहा हूं. मिलते ही लिंक देता हूं.

god promise

  डाँ. झटका..

20 December 2009 at 18:27

लेड़ीज एण्ड चिल्ड्रन स्पेशल

अल्पना जी,

आपका सुझाव कमेटी को भेजा जा रहा है. क्या इसमें प्रतिभागी सिर्फ महिलाएँ और बच्चे होंगे या पहेली उनसे संबंधित होगी और प्रतिभागी सभी हो सकते हैं?

  Udan Tashtari

20 December 2009 at 18:29

सभी को बहुत नमस्कार!!

  दिगम्बर नासवा

20 December 2009 at 18:34

KUTTA HAI BHAI .......

  अल्पना वर्मा

20 December 2009 at 18:35

@Dr.Jhtaka...प्रतिभागी सिर्फ महिलाएँ और बच्चे हों!!!!!!!!!:D

[Soch samjh kar decide kareeyega...mujhe dosh na dena- baad mein..ki main bhed bhaav kar rahi hun!]

  अल्पना वर्मा

20 December 2009 at 18:37

Sabhi ko namasate--
hamen to YAHAN ladies special treatment ki adat hai.

-Fun City 'mein bhi week mein ladies & children day ka ek din hota hai..

-ek Park bhi ladeis only hai :)
...etc..etc...

  अल्पना वर्मा

20 December 2009 at 18:38

Ladies & Childrens special paheli day

  ललित शर्मा

20 December 2009 at 18:44

ई तो कुकुर है, अलार्म डाग

  ललित शर्मा

20 December 2009 at 18:45

रेखा जी, अल्पना जी, समीर भाई, मकरंद, डाक्टर झटका,दिनेश जी, सबको राम-राम

  डाँ. झटका..

20 December 2009 at 18:45

कमेटी ने अल्पना जी के सुझाव पर विचार किया.


अब आप ही पहेली का समय, दिन और नियम निर्धारित करके बताये तो उसी तरह आयोजन की व्यवस्था कराई जा सकती है.

  mehek

20 December 2009 at 18:46

ek doggy hi lagta hai

  डाँ. झटका..

20 December 2009 at 18:46

This comment has been removed by the author.
  Udan Tashtari

20 December 2009 at 18:48

मेरा सभी नवांगतुको को प्रणाम पहुँचे.

  Udan Tashtari

20 December 2009 at 18:50

वाह जी, महिलाओं एवं बच्चों के लिए स्पेशल व्यवस्था.

  श्री श्री १००८ बाबा समीरानन्द जी

20 December 2009 at 18:51

सबका कल्याण हो!!




सूचना

कृप्या आश्रम पधार कर Followers बटन पर घंटी बजा बाबा समीरानन्द के भक्त बन कर पुण्य कमायें एवं बाबाश्री का आशीर्वाद पायें.

-आश्रम मेनेजमेन्ट

  महफूज़ अली

20 December 2009 at 18:52

आदरणीय समीरजी, नमस्कार,
ललित जी राम राम
गोदियाल जी राम राम
संगीता जी नमस्कार
पंडित जी नमस्कार
गगन जी नमस्कार
रेखा जी नमस्कार
सीमा जी नमस्कार...
अल्पना जी नमस्कार...
दिगम्बर जी नमस्कार...
महक जी नमस्कार..
सुनीता दी नमस्कार
श्री श्री बाबा शठाधीश जी महाराज जी राम राम
श्री श्री १००८ बाबा समीरानन्द जी राम राम
मुरारी जी जय हिंद....
मकरंद को प्यार...

रामप्यारी I Love you......

  महफूज़ अली

20 December 2009 at 18:53

आज फिर मेरे बचपन का फोटो छाप दिया है.... बस शक्ल गायब कर दिया है....

  Udan Tashtari

20 December 2009 at 18:54

महफूज़ भाई की नमस्ते लिस्ट तो काफी बड़ी हो गई है अब. :)

  महफूज़ अली

20 December 2009 at 18:54

श्री श्री १००८ बाबा समीरानन्द जी ...

बाबा परनाम.....

पांय लागिन.....

  महफूज़ अली

20 December 2009 at 18:55

हम आज अल्पना जी के साथ हूँ..... हमरा जवाब भी बिल्ली ही है..... फूल एंड फाइनल.....

  श्री श्री १००८ बाबा समीरानन्द जी

20 December 2009 at 18:56

भक्त महफूज़ को बाबा का प्रणाम एवं अनन्त आशीष.


खुश रहो, बालक.

  सुनीता शानू

20 December 2009 at 18:57

सबको राम-राम यह हाथ के द्वारा बनाई गई कलाकृति नजर आ रही है,जैसे कि अँगुली और अँगुठे से कोई आकार बनाया गया है।

  Udan Tashtari

20 December 2009 at 18:58

मकरंद लिंक लेने गये थे, लौटे नहीं?? कहीं रास्ते में खेलने लग गया होगा. :)

  Udan Tashtari

20 December 2009 at 18:59

सुनीता जी की निगाह तो बड़ी पैनी निकली... :)

नमस्ते..क्या हाल हैं?

  ललित शर्मा

20 December 2009 at 19:01

महफ़ुज भाई, नमस्ते

  ललित शर्मा

20 December 2009 at 19:02

सुनीता जी नमस्ते।

  अल्पना वर्मा

20 December 2009 at 19:03

Sunita ji aur mahak ...
Is sujhav ke bare mein aap ka kya khyal hai?
महिलाओं एवं बच्चों के लिए स्पेशल paheli day!
Rekha ji ne pass kar diya..

  Udan Tashtari

20 December 2009 at 19:04

मेरी सजा कब खत्म होगी??

मुझे भी खेलना है...कोई से ५ नियमित खिलाड़ी मेरी रिकमेन्डेशन करें तो डॉ झटका के यहाँ सुनवाई हो सकती है मगर शायद!!

  अल्पना वर्मा

20 December 2009 at 19:05

main sifarish karti hun..

  सुनीता शानू

20 December 2009 at 19:06

समीर भाई नमस्ते हम बिलकुल ठीक हैं आप कैसे हैं बताईये।

  अल्पना वर्मा

20 December 2009 at 19:06

baki 4..

  Udan Tashtari

20 December 2009 at 19:06

इत्ती देर मे बस १. :( अल्पना जी, बहुत आभार. :)

  ललित शर्मा

20 December 2009 at 19:07

समीर भाई-दर्शक भी जरुरी है।

  Udan Tashtari

20 December 2009 at 19:07

सुनीता, नमस्ते से नहीं चलेगा...मेरी सिफारिश तो करो...डॉ झटका से सजा कम करने की और फिर वो महिला एवं चिल्ड्रन स्पेशल की.

  अल्पना वर्मा

20 December 2009 at 19:07

Sunita ji bhi sifarish kar dengi..i am sure

  सुनीता शानू

20 December 2009 at 19:08

ललित जी नमस्कार। अल्पना जी आपका सुझाव श्रेष्ठ है। बहुत अच्छा सोचा है। इससे बच्चे भी हिस्सा ले सकेंगे उत्साह के साथ ) वैसे एक बच्चा तो अभी भी लगा ही रहता है। मकरंद पढ़ते भी हो या पहेली बुझने मे अटके रह जाते हो...:)

  Udan Tashtari

20 December 2009 at 19:08

ललित भाई से एक और उम्मीद थी, वो जाती रही. :)

  Rekhaa Prahalad

20 December 2009 at 19:08

Oh noooooooo! Alpna ji ye aap kah gayi:( agar Sameer ji khelte hai to jeet sirf unhi ki hogi!!!

  Udan Tashtari

20 December 2009 at 19:09

चलो, रेखा जी भी माईनस...लगता है हम तो गये काम से..सब मिल बढ़वा ही न दें सजा.. :)

  सुनीता शानू

20 December 2009 at 19:09

कितना अच्छा लग रहा है समीर भाई आप खेल से बाहर हा हा हा

  अल्पना वर्मा

20 December 2009 at 19:10

Shukriya Sunita ji..
Sameer ji khud apne liye bhi kuchh kah rahe hain use bhi dekheeyega..

  Rekhaa Prahalad

20 December 2009 at 19:10

CORRECTION:mera maltalab ye kya aap kah gayi.

  Udan Tashtari

20 December 2009 at 19:10

टोटल एक रिकमेन्डेशन में तो डॉक्टर झटका सुन चुके!!!

  Udan Tashtari

20 December 2009 at 19:11

आप भी वापस ले लो, अल्पना जी...


हम हरिद्वार जाकर रहेंगे अब!!

  अल्पना वर्मा

20 December 2009 at 19:11

oh haan Rekha ji aur Sunita ji..aap dono ek side hain---theek hai..main bhi apna vote/sifarish wapas leti hun! ha ha ha!Sorry Sameer ji!

  महफूज़ अली

20 December 2009 at 19:11

सुनीता दी.... आप छोटे भाई को भूल गयीं... ऊँ ऊँ ऊँ ऊँ ऊँ ऊँ ऊँ ऊँ ....

  Udan Tashtari

20 December 2009 at 19:12

मुझे बुरा नहीं लगा, अल्पना जी...:)

  अल्पना वर्मा

20 December 2009 at 19:12

:)

  ललित शर्मा

20 December 2009 at 19:13

ड़ाक्टर झटका-समीर भाई को वापस लिया जाए, अब ज्यादा दिन बाहर रखना ठीक नही है, हमारा वोट भी गिन लि्या जाए।

  महफूज़ अली

20 December 2009 at 19:14

एक वोट मेरा भी...

  makrand

20 December 2009 at 19:14

ये तो लिंक मिल गया. ये कुत्ते का पिल्ला है.

  सुनीता शानू

20 December 2009 at 19:14

अरे रोते नही। कैसे भूल सकती हूँ छोटे भाई को? तुम्हारी यादो को हमने महफ़ूज़ रखा है।

  सुनीता शानू

20 December 2009 at 19:17

नही डॉक्टर झटका जी सज़ा तो सज़ा होती है मै अपने भाई की सिफ़ारिश नही करूँगी।

  Udan Tashtari

20 December 2009 at 19:18

मकरंद, प्यारे बच्चे...एक वोट दे दो मुझे वापस पहेली में लेने के लिए...५ चाहिये...३ हुए थे..एक घट गया..अब दो बचे हैं. :)

  Udan Tashtari

20 December 2009 at 19:19

सुनीता


मत भूलो कि ऐसी मुसीबत किसी पर भी कभी भी आ सकती है. डॉ झटका का कोई भरोसा नहीं. :)

  Udan Tashtari

20 December 2009 at 19:21

मैं अपनी कोशिश के लिए जंग जारी रखने की घोषणा करते हुए एक मुक्तक सुनाना चाहता हूँ, शायद लोगों का दिल पसॊजे...रेखा जी भी सुनिये:


वो अपनी हरकतों से बाज नहीं आयेगा
बिना खिलाफत राम राज नहीं आयेगा.
नाकामियों से अपनी निराश मत होना
बिना कोशिशों के ये ताज नहीं आयेगा.

-समीर लाल ’समीर’

  ललित शर्मा

20 December 2009 at 19:23

बिना कोशिशों के ये ताज नहीं आयेगा. वाह-वाह
समीर भाई-कोशिस जारी रखिये, सफ़लता अवश्य मिलेगी।

  Udan Tashtari

20 December 2009 at 19:23

संगीता जी आज यहाँ होती, तो पक्का अब तक तीन वोट हो जाते. :)

  Udan Tashtari

20 December 2009 at 19:25

न गोदियाल जी आये

न मुरारी बाबू

न पंडित शर्मा वत्स

न वो..

-----आज सारे सपोर्टर ही गुम!!

  सुनीता शानू

20 December 2009 at 19:27

समीर भाई आपतो नेताओ जैसी बात करने लगे। चलो मै भी आपको वोट दे ही देती हूँ। बहन हूँ साथ तो देना ही पड़ेगा। वैसे अच्छा था आप सज़ा पूरी करते खैर.. शेर को खुला छोड़ना भी खतरनाक ही है:)

  Udan Tashtari

20 December 2009 at 19:28

बोल्ड में वो जिनसे अभी उम्मीद बाकी है:


ललित जी राम राम
गोदियाल जी राम राम
संगीता जी नमस्कार
पंडित जी नमस्कार
गगन जी नमस्कार
रेखा जी नमस्कार
सीमा जी नमस्कार...
अल्पना जी नमस्कार...
दिगम्बर जी नमस्कार...
महक जी नमस्कार..
सुनीता दी नमस्कार
मुरारी जी जय हिंद....
मकरंद को प्यार...

  सुलभ सतरंगी

20 December 2009 at 19:29

हम भी कभी प्यारे प्यारे पिल्ले थे.

  श्री श्री बाबा शठाधीश जी महाराज

20 December 2009 at 19:30

अलख निरंजन, कैसे हो बच्चा लोग, क्या समस्या है?

  makrand

20 December 2009 at 19:30

समीर अंकल सशर्त वोट दे सकता हूं.आप आज का लिंक दिजिये. मैं आपको विट दूंगा...मेरी मम्मी आगई है...मैं २० मिनट बाद वापस आता हूं.

  Udan Tashtari

20 December 2009 at 19:30

अरे वाह!! १ और आ गया.


उपर लिस्ट में सुनीता का नाम बोल्ड में समझा जाये.

  Udan Tashtari

20 December 2009 at 19:32

अभी सजा काटे नहीं कट रही मकरंद...तुम तो बढ़वाने के इन्तजाम में लग गये.

  Udan Tashtari

20 December 2009 at 19:33

सुलभ जी को नमस्कार मिले मेरा!!

  सुनीता शानू

20 December 2009 at 19:36

अच्छा भई सबको राम राम अलविदा जाते हैं...समीर भाई शुभकामनाएं...:)

  श्री श्री बाबा शठाधीश जी महाराज

20 December 2009 at 19:36

हम तो सोचत रहे कउनो चुनाव बा। सोचे के एको भोट दे दें, ईंहा हमरे भोट का केहुके जरुरते नाहि बा त हम चली, अलख निरंजन

  ललित शर्मा

20 December 2009 at 19:38

सुनीता जी- थे चाल पड़या कांई?

  Rekhaa Prahalad

20 December 2009 at 19:43

Sameer ji lagta hai aap bura mangaye main to majak kar rahi thi. parantu/kintu/lekin saja to saja hai puri kaatni hi padegi. shayad ek-do hafte aur. Naye saal me kheliyega:)

  makrand

20 December 2009 at 19:45

डाक्टर झटका से अपील:-

समीर अंकल सजा से बचने की साजिश रच रहे हैं. अत: इनका इस अपराध मे दंड डबल करने की मैं अपील करता हूं.

और जिन्होने भी इनको सपोर्ट करके उकसाया है उन पर कम से कम ५१ - ५१ टिपणीयों का दंड लगाया जाये. ज्यादा लगाये तो कोई हर्ज नही है.

वैसे हमको डाक्टर झटका की न्यायप्रियता और अनुशाशन पर पूरा भरोसा है.

  Udan Tashtari

20 December 2009 at 19:46

अरे नहीं रेखा जी


बुरा क्या मानना...स्टार्स ठीक नहीं चल रहे बस!!

  Udan Tashtari

20 December 2009 at 19:46

ओए, मकरंद.....


ये क्या कर रहे हो...मरावा डालोगे क्या!!

  makrand

20 December 2009 at 19:47

रेखा आंटी जिंदाबाद..न्याय की बात कही आपने आंटी...अगर सजा माफ़ की गई तो मैं आंदोलन करुंगा...वत्स जी जिंदाबाद..जिंदाद करने आ जाईये.

  Udan Tashtari

20 December 2009 at 19:48

बाबा शठाधीश का वोट तो चलेगा नहीं..नियमित खिलाड़ी चाहिये मगर बाबा, अपील कर दो!!

  makrand

20 December 2009 at 19:48

आज आंदोलन होके रहेगा...हमे न्याय चाहिये..हमे न्याय चाहिये!

  makrand

20 December 2009 at 19:48

आज आंदोलन होके रहेगा...हमे न्याय चाहिये..हमे न्याय चाहिये!

  Udan Tashtari

20 December 2009 at 19:48

मकरंद



किसी दिन फंसोगे तब बदला निकालूँगा :)

  ललित शर्मा

20 December 2009 at 19:49

बेटा मकरंद-तुम काहे आग लगा रहे हो। पढ़ो, लिखो, खेलो, कुदो, और ये काम शकुनि मामा पर छोड़ो

  makrand

20 December 2009 at 19:49

बाबा शठाधीष जी का वोट नही चलेगा...नही चलेगा...

आज आंदोलन होके रहेगा...हमे न्याय चाहिये..हमे न्याय चाहिये!

  makrand

20 December 2009 at 19:49

आज आंदोलन होके रहेगा...हमे न्याय चाहिये..हमे न्याय चाहिये!

  makrand

20 December 2009 at 19:49

अरे लोगो आवो..अन्याय के खिलाफ़ आवाज उठावो...आज आंदोलन होके रहेगा...हमे न्याय चाहिये..हमे न्याय चाहिये!

  ललित शर्मा

20 December 2009 at 19:50

यलगार हो।

  ललित शर्मा

20 December 2009 at 19:50

100

  makrand

20 December 2009 at 19:51

अरे ललित अंकल..आज हम मुश्किल से जीता हूं..यहां भी और ताऊ डाट इन पर भी...मेरा शनी आज ही उतरा है..

आज मम्मी से मार भी नही खाई..

इसलिये आज आंदोलन होके रहेगा...हमे न्याय चाहिये..हमे न्याय चाहिये!

  Rekhaa Prahalad

20 December 2009 at 19:52

Makrand kahi lene ke dene na pade. Yaad hai na tumko warning di gayi hai. ab bus bhi karo. link dundho!

  ललित शर्मा

20 December 2009 at 19:53

बेटा मकरंद-तुम्हारी भी आदत खराब हो गयी है। जब तक रोज मम्मी की मार ना खालो तब तक खाना हजम नही होता, और आज फ़िर मम्मी से कुटने की राह पर चल रहे हो, आन्दोलन करोगे तो पुलिस पकड के ले जाएगी, फ़िर मम्मी की मार.......

  makrand

20 December 2009 at 19:55

रेखा आंटी हमको स्कूल मे सिखाया गया है कि गलत बात मत सहो..पाप लगेगा..और मुझे पाप नही लगाना...

  Udan Tashtari

20 December 2009 at 19:55

कल डॉ झटका से संभलना मकरंद...अभी मिले थे.

  दिगम्बर नासवा

20 December 2009 at 19:55

KUTTE SE MILTA JULTA JAANVAR KOUN HO SAKTA HAI ....... AUR SOCHNA PADHEGA .....

  makrand

20 December 2009 at 19:56

और लिंक तो मेरे पास हैं..पर आज नही दूंगा...आप भी जवाब बदल कर कुत्ते का पिल्ला कर लिजिये आंटी..पका कुत्ते का पिल्लूरा है...

  दिगम्बर नासवा

20 December 2009 at 19:57

SAMEER BHAI MERA POORA SAMARTHAN HAI ...

  Udan Tashtari

20 December 2009 at 19:58

लिंक तो आंटी को बेटा मकरंद...कोई कैसे मानेगा तुम्हारी बात?

  Udan Tashtari

20 December 2009 at 19:59

वाह!! ४ हो गये दिगम्बर भाई को मिला कर...बस..कोई वापस न ले समर्थन...तो एक और का जुगाड़ करना है.

  makrand

20 December 2009 at 20:00

डाक्टर झटका,

नासवा अंकल को भी १०१ टिप्पणी का दंड लगाया जाये..ये मेरी विनम्र अपील है...मना करने के बावजूद समर्थन दिया है.

  ललित शर्मा

20 December 2009 at 20:04

क्या करें भाई मकरंद पर तरस आ रहा है। बच्चा है बात सुननी पड़ती है।
मकरंद के समर्थन मे हम अपना समर्थन वापस लेते हैं, समीर भाई नाराज ना होना, बच्चे का दिल रखना पड़ता है।

  Udan Tashtari

20 December 2009 at 20:05

मकरंद को भड़काऊ बयान देने के लिए २५१ टिप्पणी का दंड़ देने का सविनय नम्र निवेदन है.

  makrand

20 December 2009 at 20:06

न्यायप्रिय ललित अंकल, जिंदाबाद.

  Udan Tashtari

20 December 2009 at 20:07

बच्चे का दिल रखने के चक्कर में हम तो घट कर फिर ३ पर आ गये..बड़ा नटखट बच्चा है... :)

  makrand

20 December 2009 at 20:08

नही समीर अंकल, आज मैं न्याय की बात कर रहा हूं...भडकाऊ बयान नही देरहा हूं. वर्ना अभी तक तो डाक्टर झटका की तलवार मेरी गर्दन पर चल चुकी होती,

वत्स जी ने बताया है कि मेरा शनि सुधर गया है, अब चिंता की कोई बात नही है.:)

  अजय कुमार झा

20 December 2009 at 20:11

अबे भैया बीच बीच में एक आध जने उत्तर भी दे दिया करो ..कंबल के नीचे घुसे कुत्ते को बहुत गुस्सा आ रहा है ..कह रहा है ..मुझे कोई पहचान नहीं रहा ..यहां सब राजनीति चल रही है /.....कोई वोट मांग रहा है तो ..कोई आंदोलन कर रहा है ...
जवाब है डायनासोर .....अरे बच्चा है यार इसलिए छोटा है ...तो जीत पक्की समझूं न ..अब ये मत कहना कि ऊपर तो पहले कुत्ता कहा फ़िर डायनासोर

  Udan Tashtari

20 December 2009 at 20:17

यह जबाब कम बातचीत मंच है..अजय ाई. आया करिये मौका निकाल कर...हम तो खैर सजा याफ्ता हैं सिर्फ बात करना एलाउड है. :)

  दिगम्बर नासवा

20 December 2009 at 20:17

MAKARAND KO PATA NAHI MERE PAAS VEETO POWER HAI ... DR JHATKA KI VISHESH KRIPA SE ...

  अल्पना वर्मा

20 December 2009 at 20:17

@@@Oho--Sunita ji aap ki wajah se main ne apna Vote badlaa tha....

aur bhi palat gayin...!!

Ye achchee baat nahin hai!

-------
@Dr.Jhatkaa...ladies & childrens' day wala idea theek nahin rahega..main ne mazaak kiya tha...isliye wah idea main wapas leti hun.. :)
---------

Makrand...Link mil jaye to jaldi de dena..

  Udan Tashtari

20 December 2009 at 20:24

मकरंद,

चलो, अल्पना आंटी को लिंक दो!!

  makrand

20 December 2009 at 20:26

पक्का दे दूं क्या अंकल? डाक्टर झटका को आप सम्भाल लिजियेगा.

  Udan Tashtari

20 December 2009 at 20:27

151 से कम न लगाये ये जरुर देख लूंगा :)

  Rekhaa Prahalad

20 December 2009 at 20:29

kabse ink ka intezaar kar rahi hu makranda, link do to uttar badlu:)

  अल्पना वर्मा

20 December 2009 at 20:32

haan makrand..dekho Rekha ji bhi maang rahi hain

  अजय कुमार झा

20 December 2009 at 20:33

मिल गया मिल गया लिंक मिल गया .....पिंक कलर का है ...मगर उसमें नीला इंक लगा हुआ है ..इसलिए ...वो हीरोईन है न मिंक ....उसने कहा है लैट अस थिंक ....वाह ये तो लिंक के साथ साथ ...पता नहीं क्या क्या हो गया ...और किसी को चाहिए लिंक ..हाथ उठाओ ...मगर हाथ कैसे उठाएंगे जी ...सबकी तो खाली शक्ल दिख रही है ...हा हा हा ..देखा फ़ंस गए न ..।
मकरंदवा तो इ लिंक के चक्कर में एतना पिटाएगा न मम्मी से ...कि बस ...सबको प्रणाम करके निकल लेगा । हम तुम्हरे साथ हैं ....बच्चा ..एक दम फ़िकर नौट करो ....मम्मी से पिटैय्या खाते रहो ..और लिंक खोज के लाते रहो

  अल्पना वर्मा

20 December 2009 at 20:34

Makrand kahan dekha tumne ye chitr???

  अल्पना वर्मा

20 December 2009 at 20:34

Ajay ji Link dijeeye//main bhi jawab badal lun..

  अल्पना वर्मा

20 December 2009 at 20:39

Makrand picture ka link??

  अजय कुमार झा

20 December 2009 at 20:41

अच्छा अच्छा अल्पना जी ,
मत करिए ऐसी कल्पना जी ॥

हमें नहीं देना आपको कोई लिंक,
यो डा. झटका करने लगेंगे थिंक ॥

और इसके बाद हमपे भी लग जाएगा दंड,
जिसके लिए यहां पर एक ही बच्चा है मकरंद ॥

वाह वाह ...वाह वाह ...तो कहिए ..तभी तो महफ़िल जमेगी

चलिए छोडिए ..दरअसल डायनासोर का लिंक है न बहुते बडा है जी ...एकदम बडका गो ...नहीं जुड रहा है

  makrand

20 December 2009 at 20:42

अब आंटी आप इतना कह ही रहीहैं तो ये लिजिये लिंक...

मैने इसी लिंक पर देखी थी वो पिक्चर...dog in bed करके सर्च डाली थी...आप कुत्ते का पिल्ला जवाब कर लिजिये..पक्का..और मेरा दंड रेखा और अल्पना आंटी आप दोनो आधा आधा भर देना.

http://images.google.co.in/imgres?imgurl=http://www.dogcoats.net/catalog/images/ContentImages/quilts/Red_DogQuiltBed.jpg&imgrefurl=http://www.dogcoats.net/catalog/product_info.php%3Fproducts_id%3D122&usg=__KbDA1YKCjvDd9WA2DtUYM6Gr7fU=&h=521&w=900&sz=43&hl=en&start=27&um=1&tbnid=e4HI6l0EDyrgRM:&tbnh=85&tbnw=146&prev=/images%3Fq%3Ddog%2Bon%2Bbed%26ndsp%3D20%26hl%3Den%26sa%3DN%26start%3D20%26um%3D1

  Udan Tashtari

20 December 2009 at 20:43

वाह वाह अजय भाई तो शायर हो लिए. :)

  Udan Tashtari

20 December 2009 at 20:44

ये क्या किया...हाय मकरंद....



डॉ झटका!!! जल्दी.

  अल्पना वर्मा

20 December 2009 at 20:44

वाह वाह ...वाह वाह ajay ji!

  अल्पना वर्मा

20 December 2009 at 20:46

Makrand..ye galat picture hai..galat link dene ke apraadh mein tumhen shaniwar wali paheli mein sajaa dungi--thahro!

  makrand

20 December 2009 at 20:46

अब मेरी मम्मी बुला रही है, मैं घर जा रहा हूं. कल आऊंगा.

बाय बाय आंटी्ज एंड अंकल्स, गुडनाईट

  डाँ. झटका..

20 December 2009 at 20:47

घोषणा




कमेटी ने लिंक चैक किया. गलत निकला लेकिन फिर भी लिंक देना चूँकि कतई मना है ..अतः



कमेटी मकरंद को, उसकी उम्र देखते हुए, ३१ टिप्पणियों को दंड सुनाती है.

इसमें से ११ आज और २० कल की पहेली पर करके रसीद प्राप्त करें.


-घोषणा समाप्त

  डाँ. झटका..

20 December 2009 at 20:48

यदि आज की सजा भी कल पूरी करनी है तो कल पूरी ५१ करना होंगी.

  अल्पना वर्मा

20 December 2009 at 20:48

Makrand..sajaa mubarak ho1

  makrand

20 December 2009 at 20:48

१. अरे डाक्टर साहब ,,अभी मैने बोरिया बिस्तर भी नही समेटे और आपने दंड भी लगा दिया.

  Udan Tashtari

20 December 2009 at 20:49

हा हा, मजा आया हमें तो.

  अल्पना वर्मा

20 December 2009 at 20:49

ha ha ha!Makrand..aaj ginati kaun karega??

  Udan Tashtari

20 December 2009 at 20:49

बहुत बधाई श्री मकरंद जी को... :)

  Udan Tashtari

20 December 2009 at 20:50

मैं गिन दूँगा..उसकी चिन्ता मत करना मकरंद!!

  makrand

20 December 2009 at 20:50

अल्पना आधी आप भर दिजिये...मैने लिंक सेव नही किया. जानबूझकर नही गत नही दिया.

आपका इमेल मुझे दिजिये,मैं आपको वो चित्र ओरिजिनल अभी मेल कर देता हूं. जिसमे कुत्ता कंबल ओढकर बैठा है.

  अल्पना वर्मा

20 December 2009 at 20:50

Counting shuru hai...chalo pahla comment karo sazaa wala

  अल्पना वर्मा

20 December 2009 at 20:51

arre Sirf 31 hi to hain

Shuru karen

  makrand

20 December 2009 at 20:51

३. अब बताईये, जिसको ओरीजिनल चित्र चाहिये, वो मेल एडरेस लिखिये यहां, मैं अभी भेजता हूं.

  makrand

20 December 2009 at 20:52

५.इमेल एडरेस दिजिये तभी तो चित्र भेजूंगा.

  अल्पना वर्मा

20 December 2009 at 20:52

abhi 3 hui hain--

  अल्पना वर्मा

20 December 2009 at 20:53

ye cheating hai--1 ke baad 3 --ke baad 5?
tumhen maths kaun padhata hai?

  makrand

20 December 2009 at 20:53

५.अब दंड भरूं या मम्मी आवाज लगा रही है ..निकलूं यहां से?

  अजय कुमार झा

20 December 2009 at 20:54

हा हा हा चल बेटा मकरंदवा ...अब शुरू हो जाओ और हम तुम्हरी मम्मी को भी कहते हैं कि का का कर रहा है ई छौंडा ई हां ..गलत शलत लिंक बताता है ,,..और पेनाल्टी । चलो शुरू करो ..जय हो डा. झटका की ॥

  अल्पना वर्मा

20 December 2009 at 20:54

abhi 11 kal 20 ka punishment hai--

  makrand

20 December 2009 at 20:54

८.आंटी वो मैथ्स तो अय्यर मैडम पढाती है

  makrand

20 December 2009 at 20:55

४. एक दिन उन्होने पूछा...२ मे से ७ निकाले तो कितने बचे?

  makrand

20 December 2009 at 20:56

९. और एक दिन तो गजब ही कर दिया.

  अल्पना वर्मा

20 December 2009 at 20:56

8 ke baad 4 --kya kar rahe ho Makrand??

  अल्पना वर्मा

20 December 2009 at 20:56

kyaa??

  makrand

20 December 2009 at 20:57

१०..मै ने पूछा कि मानलो तुम्हारे बाडे मे दस भेड हैं और एक भाग गई तो कितनी बची?

  makrand

20 December 2009 at 20:58

१३. मैने जवाब दिया..मैडम एक भी नही बचेगी.

  अल्पना वर्मा

20 December 2009 at 20:58

zero

  अल्पना वर्मा

20 December 2009 at 20:58

sahi jawab diya

  makrand

20 December 2009 at 20:58

१५. और मैडम ने तड से एक थप्पड धर दिया मुझको.

  makrand

20 December 2009 at 20:59

१७. मैडम बोली ..अबे बेवकूफ़...९ बचेगी ना.

  अल्पना वर्मा

20 December 2009 at 20:59

oho..galat hai!

  makrand

20 December 2009 at 21:00

२१. मैने कहा..मैडम आप मेरी भेडों को जानती नही हो..अगर एक को भी भागने का रास्ता मिल गया तो सारी उसके पीछे चली जायेगी.

  makrand

20 December 2009 at 21:01

१२. तब मैडम बोली...ओहो, मकरंद बेटे...sorry..I am.very sorry...You are right perhaps...

  makrand

20 December 2009 at 21:02

२१. और ये अपनी सजा पूरी हुई...आंटी..आपका ईमेल दिजिये ना चित्र के लिये...

  अल्पना वर्मा

20 December 2009 at 21:03

10 aur baki hain makrand

  makrand

20 December 2009 at 21:04

और कुछ सजा बची हो तो बता दो डाक्टर झटका...आज का काम कल पर नही रखता मैं...

  makrand

20 December 2009 at 21:05

ब आंटी आप ठीक से गिनिये, पूरी तो करदी.

  makrand

20 December 2009 at 21:06

अब मुझे आजाद करो डाक्टर झटका...सही गिनती लगाईये आंटी..अब मम्मी मुझे बहुत मारने वाली है...मुझे जाने दिजिये...देर हो गई..

  अजय कुमार झा

20 December 2009 at 21:06

ओ बेटा मकरंद ,
मम्मी बुला रही हैं कह रही हैं ..कोई बात नहीं दंड और मकरंद तो दोनों साथी हैं ...कह रही हैं आज हमारा राजा बेटा थक गया है ..सो आज के ३१ छोड के कल एके साथ हाफ़ सेंचुरी मारेगा ....
हम कहे कि ई भी ठीक है ..अब एतना तो डा.साहब मानिए लेंगे ...आखिर मकरंदवा परमानेन्ट ..दंड क्लाएंट है ..

  makrand

20 December 2009 at 21:07

कोई तो जवाब दो..

  makrand

20 December 2009 at 21:07

सब चले गये क्या बच्चे को अकेला छॊडकर?

  makrand

20 December 2009 at 21:08

अजय झा अंकल जरा आप ही गिन दिजिये...

  makrand

20 December 2009 at 21:09

भी तो १७ ही हुई है ..ये १८

  makrand

20 December 2009 at 21:10

भी तो १७ ही हुई है ..ये १९...

  makrand

20 December 2009 at 21:10

भी तो १७ ही हुई है ..ये २०

  Udan Tashtari

20 December 2009 at 21:10

८ दिख रही हैं मुझे

  makrand

20 December 2009 at 21:10

भी तो १७ ही हुई है ..ये २१

  makrand

20 December 2009 at 21:10

भी तो १७ ही हुई है ..ये भूल चूक की २२

  Udan Tashtari

20 December 2009 at 21:11

कट पेस्ट वाली माईनस हो जाती है. :)

  makrand

20 December 2009 at 21:11

भी तो १७ ही हुई है ..ये भूल चूक की २३

  makrand

20 December 2009 at 21:11

भी तो १७ ही हुई है ..ये भूल चूक की २४

  Udan Tashtari

20 December 2009 at 21:11

उठक बैठक की सजा में स्कूल में भी यही करते हो क्या..२ लगाई और बाकी कट पेस्ट??

  makrand

20 December 2009 at 21:12

भी तो १७ ही हुई है ..ये भूल चूक की २५ और अब मैं घर चला. बस आया मम्मी..एक मिनट मे आया.....

  Udan Tashtari

20 December 2009 at 21:12

भी तो १७ ही हुई है


ये क्या तकिया कलाम है?

  Udan Tashtari

20 December 2009 at 21:14

अभी तो घर पर भी मार पड़ेगी..मम्मी से मेरी बात हो गई कि यहाँ आंदोलन जलूस निकाल रहा था

  Udan Tashtari

20 December 2009 at 21:16

कविता सुनायें..मन लगा रहेगा

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