खुल्ला खेल फ़र्रुखाबादी (153) : आयोजक उडनतश्तरी

बहनों और भाईयों, मैं उडनतश्तरी इस फ़र्रुखाबादी खेल में आप सबका हार्दिक स्वागत करता हूं.

जैसा कि आप मुझसे भी ज्यादा अच्छी तरह से जानते हैं कि मैं क्यों ५ सप्ताह तक इस खेल का आयोजक रहूंगा. इस खेल के सारे नियम कायदे सब कुछ पहले की तरह ही रहेंगे. सिर्फ़ मैं आपके साथ प्रतिभागी की बजाय आयोजक के रुप मे रहुंगा. डाक्टर झटका भी पुर्ववत मेरे साथ ही रहेंगे.

आशा करता हूं कि आपका इस खेल को संचालित करने मे मुझे पुर्ण सहयोग मिलता रहेगा क्योंकि अबकी बार आयोजकी एक दिन की नही बल्कि ५ सप्ताह की है. और इस खेल मे हम रोचकता बनाये रखें और आनंद लेते रहें. यही इसका उद्देष्य है.

हम आज का सवाल शुरु करें उसके पहले एक खुशखबर : कल के सवाल १५२ पर १०,००० वीं सौभाग्यशाली टिप्पणी कर्ता रही सुश्री रेखा प्रहलाद , हार्दिक बधाई!

रामप्यारी मैम की तरफ़ से यह सम्मान पत्र आपको देते हुये मैं प्रशन्नता का अनुभव कर रहा हूं. और आपको मैं साक्षात्कार के लिये आमंत्रित करता हूं. कृपया समय निर्धारित करें.




पुन: बधाई और शुभकामनाओं के साथ आज का खेल शुरु करते हैं.

तो अब आज का सवाल :-

नीचे के चित्र में ताऊ ऊंटगाडी पर ताई को बैठा कर ले जारहा है. और अब ये बताईये कि उसकी ऊंट गाडी के नीचे वाले चित्र मे कौन हैं?



तो अब फ़टाफ़ट जवाब दिजिये. इसका जवाब कल शाम को 4:00 बजे दिया जायेगा, मैं और डाक्टर झटका खेल दौरान आपके साथ रहेंगे.

"बकरा बनाओ और बकरा मेकर बनो"

.टिप्पणियों मे लिंक देना कतई मना है..इससे फ़र्रुखाबादी खेल खराब हो जाता है. लिंक देने वाले पर कम से कम २१ टिप्पणियों का दंड है..अधिकतम की कोई सीमा नही है. इसलिये लिंक मत दिजिये.


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Promoted By : ताऊ और भतीजाएवम कोटिश:धन्यवाद

118 comments:

  Udan Tashtari

24 December 2009 at 18:03

सुश्री रेखा प्रहलाद जी को १०००० वीं टिप्पणी की विजेता बनने की हार्दिक बधाई!



सुना है सब बाबा समीरानन्द जी के आशीर्वाद ’विजयी भवः’ से संभव हो पाया.


जय हो बाबा समीरानन्द जी की.

  संगीता पुरी

24 December 2009 at 18:05

10,000 वीं टिप्‍पणी की विजेता बनने के लिए रेखा जी को हार्दिक बधाई !!

  Murari Pareek

24 December 2009 at 18:09

bakri aur au bakri ka bachaa

  Murari Pareek

24 December 2009 at 18:10

rekhaji ne baaji maar li badhaai ho!!!

  संगीता पुरी

24 December 2009 at 18:10

भेड का बच्‍चा और मादा भेड

  Udan Tashtari

24 December 2009 at 18:11

संगीता जी



श्री मुरारी पारिक बापू जी


-शत शत नमन एवं हार्दिक अभिनन्दन-

  M VERMA

24 December 2009 at 18:12

रेखा प्रहलाद जी को बहुत बहुत बधाई.

  Udan Tashtari

24 December 2009 at 18:15

श्री एम वर्मा जी



-शत शत नमन एवं हार्दिक अभिनन्दन-

  पं.डी.के.शर्मा"वत्स"

24 December 2009 at 18:20

कुत्ता और बकरी का बच्चा

  ललित शर्मा

24 December 2009 at 18:20

कुतरे हैं। हम तो इसी मे जीते थे 149वीं आज भी जीत जाएंगे

  Udan Tashtari

24 December 2009 at 18:21

श्री पं.डी.के.शर्मा"वत्स" जी

-शत शत नमन एवं हार्दिक अभिनन्दन-

  ललित शर्मा

24 December 2009 at 18:21

सभी हाजिर नाजिर को राम-राम
संगीता जी को प्रणाम

  Udan Tashtari

24 December 2009 at 18:21

श्री ललित शर्मा जी

-शत शत नमन एवं हार्दिक अभिनन्दन-

  ललित शर्मा

24 December 2009 at 18:23

समीर भाई-आज क्या 11111 टिप्पनी करना है क्या? आपकी गति देखकर तो यही लग रहा है।

  संगीता पुरी

24 December 2009 at 18:24

शत शत नमन समीर जी अौर अन्‍य उपस्थित सज्‍जन !!

  Udan Tashtari

24 December 2009 at 18:25

सुश्री संगीता पुरी जी
श्री मुरारी पारिक बापू जी
श्री एम वर्मा जी
श्री पं.डी.के.शर्मा"वत्स" जी
श्री ललित शर्मा जी

-शत शत नमन एवं हार्दिक अभिनन्दन-

आपके आने से इस मंच की शोभा बढ़ी है-

  Udan Tashtari

24 December 2009 at 18:26

:)

  makrand

24 December 2009 at 18:26

सभी उपस्थित आंटियों और अंकलों को बालक प्रणाम करता है.

  makrand

24 December 2009 at 18:27

अपुन की २ जनवरी तक छूट्टी है. जम के खेलूंगा.

  संजय बेंगाणी

24 December 2009 at 18:27

यो के पूछ लिया ताऊ तन्ने....कभी कुत्ता लागे तो कभी घोड़ा....

  ललित शर्मा

24 December 2009 at 18:28

ये लटुरा भी आ गया, कल तो इसने कमाल कर दिया।

  Udan Tashtari

24 December 2009 at 18:28

कविता सुनिये:


आँसू
अमृत की बूंदें

इन्हें मैं रोकता नहीं...
तुम भी मत रोकना.

सींचना इनसे
अपने दुखों की बगिया को..

जानती हो..

कांटों पर ही
खिलते हैं...
गुलाब !!

कितने सुन्दर होते हैं न...
गुलाब!!!

  Udan Tashtari

24 December 2009 at 18:29

श्री मकरंद जी
श्री संजय बैंगाणी जी

-शत शत नमन एवं हार्दिक अभिनन्दन-

आपके आने से इस मंच की शोभा बढ़ी है-

  makrand

24 December 2009 at 18:29

समीर अंकल वाह वाह...

  Udan Tashtari

24 December 2009 at 18:30

थैंकूउउउउ, श्री मकरंद जी.

  श्री श्री बाबा शठाधीश जी महाराज

24 December 2009 at 18:30

अलख निरंजन बच्चा लोग

  makrand

24 December 2009 at 18:31

वत्स जी गोड लागूं...कहां है आप? कल भी चुपचाप निकल लिये...मुरारी अंकल कहां गये?

  Udan Tashtari

24 December 2009 at 18:32

श्री श्री श्री बाबा शठाधीश जी महाराज जी

-शत शत नमन एवं हार्दिक अभिनन्दन-

आपके आने से इस मंच की शोभा बढ़ी है-

  makrand

24 December 2009 at 18:32

श्री श्री बाबा शठाधीश जी महाराज को दण्डवत...
बाबा आज जिताने का प्रबंध करो...

  श्री श्री बाबा शठाधीश जी महाराज

24 December 2009 at 18:33

मकरंद बच्चा को आशीर्वाद
तुम्हारे लिए हम ताबीज लाएं है बिना पढे पास हो जाओगे। सिर्फ़ पेपर मे बाबाजी का नाम लिख देना।

  Udan Tashtari

24 December 2009 at 18:34

सूत्र

सम्मान पाना चाहते हो तो दूसरों का सम्मान करो.

  पी.सी.गोदियाल

24 December 2009 at 18:36

सबको घणी राम-राम !

  ललित शर्मा

24 December 2009 at 18:37

मुरारी जी-कहां टिपिया रहे है?

  पी.सी.गोदियाल

24 December 2009 at 18:37

ऊंट और मेमना

  पी.सी.गोदियाल

24 December 2009 at 18:37

क्रिसमस की हार्दिक शुभकामनाये सभी ब्लोगर मित्रो को !

  Udan Tashtari

24 December 2009 at 18:37

श्री पी.सी.गोदियाल जी


-शत शत नमन एवं हार्दिक अभिनन्दन-

आपके आने से इस मंच की शोभा बढ़ी है-


सूत्र

सम्मान पाना चाहते हो तो दूसरों का सम्मान करो.

  पी.सी.गोदियाल

24 December 2009 at 18:38

आपका व्यवहार ही आपका प्रथम परिचय है

  makrand

24 December 2009 at 18:38

ये बकरी और भेड है.

  पं.डी.के.शर्मा"वत्स"

24 December 2009 at 18:38

द्वारपाल समीर जी, आप को भी कोटी कोटी नमन :)

  ललित शर्मा

24 December 2009 at 18:38

गोदयाल जी राम-राम
आपके टेम्पलेट मे हेडर की जगह है क्या?

  Udan Tashtari

24 December 2009 at 18:38

गोदियाल जी


क्या आपने रामप्यारी को अपना ईमेल पता भेज दिया सर्टीफिकेट के लिए?

  makrand

24 December 2009 at 18:39

गोदियाल अंकल नाम्स्ते

  ललित शर्मा

24 December 2009 at 18:39

मतलब "अंधड़" में।

  makrand

24 December 2009 at 18:39

कल डाक्टर झटका आपका इमेल के पते का पता मांग रहा था.

  Udan Tashtari

24 December 2009 at 18:39

श्री पं.डी.के.शर्मा"वत्स" जी


मेरी सजा पूरी होते ही आप इस पद को सुशोभित करेंगे. :)

  makrand

24 December 2009 at 18:40

वत्स अंकल नाम्स्ते

  ललित शर्मा

24 December 2009 at 18:40

मकरंद "उस दिन" का होट्ल का बिल मिला क्या?

  पी.सी.गोदियाल

24 December 2009 at 18:40

समीर जी को शत-शत प्रणाम !

  पी.सी.गोदियाल

24 December 2009 at 18:41

चलती गाडी में शरीर का अंग बाहर न निकाले !

  पं.डी.के.शर्मा"वत्स"

24 December 2009 at 18:41

भाई ललित जी, म्हारे टैम्पलेट में भी हैडर के लिए बहुत जगह खाली पडी है :)

  पी.सी.गोदियाल

24 December 2009 at 18:41

जगह मिलने पर जगह दी जायेगी !

  पी.सी.गोदियाल

24 December 2009 at 18:41

पहाड़ पर चड्ती गाडी को रास्ता दे !

  पी.सी.गोदियाल

24 December 2009 at 18:41

चलती गाडी में ड्राइवर से बात न करे !
!

  पी.सी.गोदियाल

24 December 2009 at 18:41

मोड़ो पर हार्न बजाये !

  पी.सी.गोदियाल

24 December 2009 at 18:41

शराब पीकर गाडी न चलाये !

  पी.सी.गोदियाल

24 December 2009 at 18:42

ये न भूले की घर पर कोई आपका इन्तजार कर रहा है !

  पं.डी.के.शर्मा"वत्स"

24 December 2009 at 18:42

मकरन्द...तुम्हे सर्टिफीकेट नहीं दिया इन लोगो नें ?

  makrand

24 December 2009 at 18:42

कहां मिला अंकल, वो तो मेरे को चिपक गये ...जेब खरच से चुकाया वो बिल

  Udan Tashtari

24 December 2009 at 18:43

अरे महाराज गोदियाल जी


जो पूछ रहे हैं, वो छोड़ बाकी सारी बातें बता रहे हो...ईमेल भिजवाये कि नहीं. :)

  पं.डी.के.शर्मा"वत्स"

24 December 2009 at 18:43

नमस्ते मकरन्द बेटा...सर्टीफिकेट मिला क्या ?

  makrand

24 December 2009 at 18:44

नही दिया अंकल.

  पी.सी.गोदियाल

24 December 2009 at 18:44

ललित जी को राम-राम !

  पी.सी.गोदियाल

24 December 2009 at 18:45

वत्स जी को राम-राम !

  पी.सी.गोदियाल

24 December 2009 at 18:45

मकरंद जी को भी राम राम !

  Udan Tashtari

24 December 2009 at 18:45

बेटा मकरंद


रेखा आंटी ने तुम्हें वो चॉकलेट वाले ३५ रुपये दिये कि नहीं??

  पी.सी.गोदियाल

24 December 2009 at 18:45

ललित जी अपना हेडर to pahle से ही साफ़ है

  पी.सी.गोदियाल

24 December 2009 at 18:45

यानी खाली है यानी अंधड़ का

  पी.सी.गोदियाल

24 December 2009 at 18:45

क्या आप कोई हेडर भेज रहे है ?

  पं.डी.के.शर्मा"वत्स"

24 December 2009 at 18:46

मकरन्द...ये तो बहुत अन्याय हो रहा है,तुम्हारे साथ । चलो इसी बात से सत्याग्रह किया जाए :)

  Udan Tashtari

24 December 2009 at 18:46

हैल्लो.....गोदियाल जी....हैल्लो...आवाज आ रही है क्या??

  पी.सी.गोदियाल

24 December 2009 at 18:47

समीर जी मेरा इ-मेल है
pcgulani@hotmail.com

  पं.डी.के.शर्मा"वत्स"

24 December 2009 at 18:47

गोदियाल जी सहित सभी वरिष्ठजनों को हमारा प्रणाम...एवं छोटों को स्नेह ।

  Udan Tashtari

24 December 2009 at 18:48

धन्य हुए...आपको सुनाई दे गया गोदियाल जी. :)

  Udan Tashtari

24 December 2009 at 18:48

पण्डित जी प्रेक्टिस कर रहे हैं :)

  ललित शर्मा

24 December 2009 at 18:49

कम्युटर हैंग हो गया था सुबह से लगा हुआ है......कल बड़े दिन की तैयारी में।

  ललित शर्मा

24 December 2009 at 18:50

गोदियाल जी भेज रहा हुँ, इसिलिए पुछ रहा हुँ, जगह है कि नही?

  डॉ टी एस दराल

24 December 2009 at 18:52

गाड्डी में ताई तै बैठी दिखै सै, पर ताऊ कोन्या। हा हा हा ।
समीर जी, आज म्हारी भी छुट्टी सै।

  पी.सी.गोदियाल

24 December 2009 at 18:52

ललित जी बहुत सारी जगह है, मैंने आज सुबह आपको एक mail भी भेजा था, क्या आपने चेक किया या फिर वह भी थ्रेस बिन में
चला गया ?

  Udan Tashtari

24 December 2009 at 18:53

सुश्री संगीता पुरी जी
श्री मुरारी पारिक बापू जी
श्री एम वर्मा जी
श्री पं.डी.के.शर्मा"वत्स" जी
श्री ललित शर्मा जी
श्री मकरंद जी
श्री संजय बैंगाणी जी
श्री श्री श्री बाबा शठाधीश जी महाराज जी
श्री पी.सी.गोदियाल जी


आप सभी को पहेली मंच से क्रिसमस की बधाई एवं शुभकामनाएँ.

  पं.डी.के.शर्मा"वत्स"

24 December 2009 at 18:53

जब डयूटी लगनी ही है तो अभ्यास तो पहले कर ही लेना चाहिए...नहीं तो बाद में डयूटी में कोताही बरतने के फलस्वरूप कहीं दंड न भुगतना पड जाए :)

  ललित शर्मा

24 December 2009 at 18:53

डा.दराल साहब राम-राम

  Udan Tashtari

24 December 2009 at 18:54

डॉ टी एस दराल जी

-शत शत नमन एवं हार्दिक अभिनन्दन-

आपके आने से इस मंच की शोभा बढ़ी है-

सूत्र

सम्मान पाना चाहते हो तो दूसरों का सम्मान करो.

आप को पहेली मंच से क्रिसमस की बधाई एवं शुभकामनाएँ.

  ललित शर्मा

24 December 2009 at 18:56

भाई और बहनो और बाबा लोगों को मेरी तरफ़ से बड़े दिन की हार्दिक शुभकामनाएं।

  पी.सी.गोदियाल

24 December 2009 at 18:56

समीर जी, आपको भी किस्मस की हार्दिक शुभकामनाये ! वैसे मैंने शुरू में ही सबको थोक में दे दी थी

  Udan Tashtari

24 December 2009 at 18:58

जी, आपकी शुभकामनाएँ मेरा संबल हैं. :)

  Udan Tashtari

24 December 2009 at 18:58

ललित भाई एवं गोदियाल जी एवं मित्रों,


एक ताजा शेर:


जबसे तुम्हें हमने देखा है, नींद गई औ चैन गया
जाने कैसे जी लेते हैं, हो कर के बेगाने लोग.

  पी.सी.गोदियाल

24 December 2009 at 19:01

लीजिये हमें भी झेलिये फिर तो

  पी.सी.गोदियाल

24 December 2009 at 19:02

लिखी परदेश में जब किस्मत, वतन फिर याद क्या करना
जहा बेदर्द हो हाकिम, वहाँ फरियाद क्या करना

  ललित शर्मा

24 December 2009 at 19:03

वाह वाह जोरदार धांसु शेर,
एक हम भी ठेल हैं गरम गरम

  पी.सी.गोदियाल

24 December 2009 at 19:03

मेरी जिन्दगी एक छलकती हुई बोतल थी,
मेरी जिन्दगी एक छलकती हुई बोतल थी
कभी इधर छलकती तो कभी उधर छलकती
तुम क्या आये छलकना तो दूर, टपकना भी बंद हो गया
तुम क्या आये छलकना तो दूर, टपकना भी बंद हो गया
खुदा करे ! तुम जैसा ढक्कन सबको मिले !!!

  ललित शर्मा

24 December 2009 at 19:03

हमे भी मुहब्बत मे अनिद्रा रोग हो गया
ना जाने कब कातिल का मोबाईल आ जाए

  पी.सी.गोदियाल

24 December 2009 at 19:04

ये दुनिया वाले भी बड़े अजीब होते है
कभी दूर तो कभी क़रीब होते है
दर्द ना बताओ तो हमे कायर कहते है
और दर्द बताओ तो हमे शायर कहते है

  पी.सी.गोदियाल

24 December 2009 at 19:05

जिंदगी जब से उतरी तेरी गहराईयों में,
महफिल में भी रहे हम तनहाइयों में
इसे दीवानापन न कहे तो और क्या कहे
कि इंसान ढूंढते है हम परछाइयों में

  संगीता पुरी

24 December 2009 at 19:05

पहेली का ये मंच कवि सम्‍मेलन का मंच हो गया है !!

  पी.सी.गोदियाल

24 December 2009 at 19:06

अब चलता हूँ राम-राम !

  पी.सी.गोदियाल

24 December 2009 at 19:06

संगीता जी को भी क्रिसमस की हार्दिक शुभकामनाये !

  ललित शर्मा

24 December 2009 at 19:07

शाम से पीने लगे रात तक पीते रहे युँ
सुबह हुई तो कम्प्युटर से हैग हो गए

  संगीता पुरी

24 December 2009 at 19:07

जी आप सबों को भी क्रिसमस की बहुत बहुत शुभकामनाएं !!

  ललित शर्मा

24 December 2009 at 19:08

100 की बधाई

  पी.सी.गोदियाल

24 December 2009 at 19:09

100

  पी.सी.गोदियाल

24 December 2009 at 19:12

१०० ठीक नहीं ये लीजिये १०१ ;
कितनी जल्दी ये मुलाक़ात गुज़र जाती है
प्यास भुजती नही बरसात गुज़र जाती है
अपनी यादों से कह दो कि यहाँ न आया करे
नींद आती नही और रात गुज़र जाती है

  makrand

24 December 2009 at 19:13

वाह वाह गोदियाल अंकल वाह वाह,,,

  डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक

24 December 2009 at 19:14

कल उत्तर देख कर बता देंगे!

  Udan Tashtari

24 December 2009 at 19:24

वाह जी वाह!! आनन्द आ गया. जरा चाय पीने निकल गया था. :)

  Udan Tashtari

24 December 2009 at 19:25

डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री मयंक जी
-शत शत नमन एवं हार्दिक अभिनन्दन-

आपके आने से इस मंच की शोभा बढ़ी है-



आप को पहेली मंच से क्रिसमस की बधाई एवं शुभकामनाएँ.

  K. D. Kash

24 December 2009 at 19:25

ए बन्दे तुज़मे है दम तो कुतुब मिनार हिलाकर देख

नही हिलति तो थोडी पी और हिलति कुतुब मिनार देख

  AKKU

24 December 2009 at 19:26

KUTA AUR BHED KA BCHA

  Udan Tashtari

24 December 2009 at 19:27

मकरंद ने हमारे शेर पर दाद नहीं उठाई इसलिए ५ टिप्पणी का दंड लगाया जाता है.

  Udan Tashtari

24 December 2009 at 19:28

श्री के डी काश जी

श्री अक्कू जी


-शत शत नमन एवं हार्दिक अभिनन्दन-

आपके आने से इस मंच की शोभा बढ़ी है-



आप को पहेली मंच से क्रिसमस की बधाई एवं शुभकामनाएँ.

  K. D. Kash

24 December 2009 at 19:37

कुत्ता और भेड का बच्चा

  Rekhaa Prahalad

24 December 2009 at 21:30

Babaji pranam aur dhanyawad ye aapke ashirwaad ka hi asar hai. aur aap sabhi bahiyo aur bahno ko bhi namaskar aur abhaar.aur makranda ko ashis. aaj mujhe ye kahete hue khushi ho rahi hai ki babaji ke ashirwaad se maine dusre pratiyogiyo ko pachad paayi ye sab babaji ki kurpa hi hai, aap sab bhi babaji ka ashirwaad payiye is manch dwara:)

Aaj kuch kaam vashat jaldi login nahi ho saki:(

  Rekhaa Prahalad

24 December 2009 at 21:37

This comment has been removed by the author.
  Rekhaa Prahalad

24 December 2009 at 21:38

jawaab: bull dog (big)kaalawaala aur memna (safed)

  Rekhaa Prahalad

24 December 2009 at 21:43

आप को पहेली मंच से क्रिसमस की बधाई एवं शुभकामनाएँ. Merry chirstmas, khub cake khayiye aur thandi ka lutfa uthayiye:)

  Rekhaa Prahalad

24 December 2009 at 21:44

Lagata hai main bahut deri se login hui hu sabhi chale gaye shayad:(

  संगीता पुरी

24 December 2009 at 21:45

रेखा जी बधाई !!

  "Aks"

25 December 2009 at 12:43

ye to kutta aur bakri ka memnaa hai!!!

  Murari Pareek

25 December 2009 at 12:44

ye to kutta aur bakri ka memnaa hai!!

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