ताऊ की चौपाल मे : दिमागी कसरत - 15

ताऊ की चौपाल मे आपका स्वागत है. ताऊ की चौपाल मे सांस्कृतिक, राजनैतिक और ऐतिहासिक विषयों पर सवाल पूछे जायेंगे. आशा है आपको हमारा यह प्रयास अवश्य पसंद आयेगा.

सवाल के विषय मे आप तथ्यपुर्ण जानकारी हिंदी भाषा मे, टिप्पणी द्वारा दे सकें तो यह सराहनीय प्रयास होगा.


आज का सवाल नीचे दिया है. इसका जवाव और विजेताओं के नाम अगला सवाल आने के साथ साथ, इसी पोस्ट मे अपडेट कर दिया जायेगा.


आज का सवाल :-

मंत्र संख्या के आधार पर उपनिषदों में सबसे लघु उपनिषद कौन सा है और उसकी मंत्र संख्या कितनी हैं ?

अब ताऊ की रामराम.

उत्तर :-

12 मंत्रसंख्या वाला "मांडूक्य उपनिषद" ही सबसे लघु उपनिषद है, जिसमें कि ओंकार एवं ब्रह्म के रहस्यों का निरूपण किया गया है।

सही जवाब दिया है श्री उडनतश्तरी
सुश्री निर्मला कपिला ने और विस्तृत जवाब के लिये प.श्री डी.के. शर्मा "वत्स", की टिप्पणि इसी पोस्ट पर पढिये.




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Promoted By : ताऊ और भतीजाएवम कोटिश:धन्यवाद

6 comments:

  Udan Tashtari

13 December 2009 at 08:15

Mandukya Upanishad


with 12 mantras. :)

  Udan Tashtari

13 December 2009 at 08:16

मांडुक्या उपनिषद जिसकी मंत्र संख्या मात्र १२ है.

  रंजन

13 December 2009 at 08:23

ताऊ उपनिषद.. अभी केवल नाम रखा है.. मंत्र एक भी नहीं लिखा.. "0" मंत्र.. है न छोटा..:)

  Udan Tashtari

13 December 2009 at 08:45

हा हा!! आज तो रंजन जीत कर मानेंगे. :)

  निर्मला कपिला

13 December 2009 at 12:53

रंजन जी ने सही कहा है। ये 10वां ताऊ उपनिश्द हो जाये गा
खौर कुल उपनिष्द 9 हैं और मन्डूक उपनिषद सब से लघु है।

  पं.डी.के.शर्मा"वत्स"

13 December 2009 at 16:15

उपनिषद जो कि वास्तव में कोई स्वतन्त्र ग्रन्थ नहीं है। जिस प्रकार से भागवतगीता महाभारत ग्रन्थ का एक भाग है, ठीक उसी प्रकार से उपनिषद भी वेद, वेदों की शाखाओं, ब्राह्मणग्रन्थों तथा अरण्यकों के विशेष भाग ही हैं
प्रमाणिक तौर पर तो उपनिषदों की संख्या 108 है लेकिन 250 से भी अधिक उपनिषद इस समय उपलब्ध हैं....मांडूक्य उपनिषद को कुछ परम्परागत लोग अथर्वेद से निकला हुआ मानते हैं...एकमात्र उपलब्ध "गोपथ ब्राह्मण" में इस उपनिषद का कहीं उल्लेख नहीं मिलता...इसलिए 108 प्रमाणिक उपनिषदों में तो ईशावास्योपनिषद(यजुर्वेद की काण्वशाखा का 40वां अध्याय) ही सबसे लघु उपनिषद है जिसकी मन्त्रसंख्या 18 है, लेकिन सभी उपलब्ध उपनिषदों की बात की जाए तो उनमें 12 मंत्रसंख्या वाला "मांडूक्य उपनिषद" ही सबसे लघु उपनिषद है, जिसमें कि ओंकार एवं ब्रह्म के रहस्यों का निरूपण किया गया है।

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