ताऊ की चौपाल मे : दिमागी कसरत - 17

ताऊ की चौपाल मे आपका स्वागत है. ताऊ की चौपाल मे सांस्कृतिक, राजनैतिक और ऐतिहासिक विषयों पर सवाल पूछे जायेंगे. आशा है आपको हमारा यह प्रयास अवश्य पसंद आयेगा.

सवाल के विषय मे आप तथ्यपुर्ण जानकारी हिंदी भाषा मे, टिप्पणी द्वारा दे सकें तो यह सराहनीय प्रयास होगा.


आज का सवाल नीचे दिया है. इसका जवाव और विजेताओं के नाम अगला सवाल आने के साथ साथ, इसी पोस्ट मे अपडेट कर दिया जायेगा.


आज का सवाल :-

प्रश्न:- सूर्य की अपनी एक पत्नि संज्ञा से कितनी संताने थी और उनके क्या नाम हैं ?

अब ताऊ की रामराम.

उत्तर :-


इसका जवाब है कुल 5 संताने........मनु, यम, यमुना तथा अश्विनी कुमार(जुडवां पुत्र)थे.


सुश्री सीमा गुप्ता ने इस संबंध मे कुछ रोचक विवरण प्रस्तुत किया है, इसी पोस्ट की टिप्पणीयों मे पढे.

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Promoted By : ताऊ और भतीजाएवम कोटिश:धन्यवाद

6 comments:

  seema gupta

15 December 2009 at 08:22

सूर्य भगवान की पत्नि का नाम संज्ञा देवी है। इनकी दो संताने पुत्र यमराज तथा कन्या यमुना हैं।

regards

  seema gupta

15 December 2009 at 08:23

एक बार संज्ञा देवी अपने पति सूर्य की उदीप्त किरणों को सहन न कर सकने के कारण उत्तरी ध्रुव प्रदेश में छाया बनकर रहने चली गईं। उसी छाया से ताप्ती नदी तथा शनिदेव का जन्म हुआ। इधर छाया का व्यवहार यम तथा यमुना से विमाता जैसा था। यम ने खिन्न होकर अपनी अलग यमपुरी बसाई।




यमुना अपने भाई को यमपुरी में पापियों को दंडित करने का कार्य करते देख गोलोक चली आईं, जो कृष्णावतार के समय भी थीं। इसी प्रकार समय व्यतीत होता गया। यम व यमुना लंबे समय तक अलग रहें। यमुना ने कई बार यमराज को अपने घर आने का निमंत्रण दिया। परंतु यम आ न सके। एक दिन यमराज ने अपनी बहन को मिलने का मन बनाया तथा अपने दूतो को भेजकर यमुना जी की खोज करवाई।

फिर गोलोक में विश्राम घाट पर उनका मिलन यमुना जी से हुआ। यमुना ने हर्ष विभोर होकर उनका सम्मान किया। उन्हें नाना प्रकार के भोजन करवाए। तब यम ने प्रसन्न होकर वर मांगने को कहा। यमुना बोलीं- ‘भैया, मैं आपसे यह वरदान चाहती हूं कि जो नर-नारी मेरे जल में स्नान करें उसे यमपुरी न जाना पड़े।’ यमराज असमजंस में पड़ गए। चूंकि इस प्रकार तो यमपुरी का आसित्व ही समाप्त हो जाता।




भाई को धर्मसंकट में देख यमुना पुन: बोलीं- ‘आप चिंता न करें। मुझे यह वरदान दीजिए कि जो लोग आज के दिन मथुरा नगरी में विश्राम घाट पर यमुना स्नान करें तथा अपनी बहन के घर भोजन करें, वे तुम्हारे लोक को न जाएं।’ यमराज ने यमुना के वचन सुनकर ‘तथास्तु’ कह दिया। तभी से भैया दूज का त्योहार मनाया जाता है।

regards

  seema gupta

15 December 2009 at 08:25

श्रीमद्भागवत" में सूर्य की तीन पत्नियों का वर्णन है- विश्वकर्मा की पुत्री संज्ञा, रैवत की पुत्री राज्ञी और प्रभा।
regards

  Vivek Rastogi

15 December 2009 at 09:23

सीमा जी ने सही उत्तर दे दिया है यमराज और यमुना ।

  निर्मला कपिला

15 December 2009 at 09:56

सीमा जी अभी बधाई ले लें बिलकुल सही कहा आपने। ताऊ जी राम राम

  RAJ SINH

15 December 2009 at 14:10

ताऊ जी मान गए ,ज्ञानियों की कमी नहीं और दिमाग ऊपर से कसरती , आपके यहाँ तो ज्ञान पर्व चलता है . अपनी ज्ञान वृद्धि तो कर लेता हूँ पर खुद लाल बुझक्कड़ होने के कारन प्रवेश द्वार पर ही हूँ अब तक .
सीमा जी को बधाई !

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