खुल्ला खेल फ़र्रुखाबादी (160) : आयोजक उडनतश्तरी

बहनों और भाईयों, मैं उडनतश्तरी इस फ़र्रुखाबादी खेल में आप सबका हार्दिक स्वागत करता हूं.

जैसा कि आप जानते हैं कि आज मैं ये 29 वां अंक आयोजक के बतौर पेश कर रहा हूं. सिर्फ़ 6 अंक की बात और है फ़िर मैं भी आपके साथ प्रतिभागी के तौर पर शामिल रहुंगा.

आपका इस खेल को संचालित करने मे मुझे पुर्ण सहयोग मिलता आया है और उम्मीद करता हूं कि अब बाकी बचे दिनों मे भी मिलता रहेगा. इस खेल मे आप लोगो के सहयोग से रोचकता बरकरार है. सभी इसका आनंद ले रहें हैं. आगे भी लेते रहें और अब रिजल्ट पेश करने के लिये आचार्य हीरामन "अंकशाश्त्री" भी अमेरिका से पलट आये है. तो आईये अब आज का सवाल आपको बताते हैं :-

नीचे का चित्र देखिये और बताईये कि इस चित्र में ये कौन कौन हैं ?



तो अब फ़टाफ़ट जवाब दिजिये. इसका जवाब कल शाम को 4:00 तक आचार्य हीरामन "अंकशाश्त्री" देंगे. आज मैं और डाक्टर झटका खेल दौरान आपके साथ रहेंगे.

"बकरा बनाओ और बकरा मेकर बनो"

.टिप्पणियों मे लिंक देना कतई मना है..इससे फ़र्रुखाबादी खेल खराब हो जाता है. लिंक देने वाले पर कम से कम २१ टिप्पणियों का दंड है..अधिकतम की कोई सीमा नही है. इसलिये लिंक मत दिजिये.


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Promoted By : ताऊ और भतीजाएवम कोटिश:धन्यवाद

46 comments:

  Rekhaa Prahalad

3 January 2010 at 18:05

sabko namaskar
char jeev dikhte hai
haathi aur uspar insan, bandar aur kutta

  संगीता पुरी

3 January 2010 at 18:05

नमस्‍कार .. जानवरों की पहेली में मैं जीरो हूं !!

  Rekhaa Prahalad

3 January 2010 at 18:07

haathi, chipanzee, kanya, kutta

  Rekhaa Prahalad

3 January 2010 at 18:08

correction :chipnanzee=chimpanzee

  M VERMA

3 January 2010 at 18:11

इस चित्र में हाथी के पैर के नीचे चींटी है.

  ललित शर्मा

3 January 2010 at 18:14

रेखा जी, संगीता जी, एम् वर्मा जी को सादर प्रणाम

  M VERMA

3 January 2010 at 18:14

ललित जी चित्र को क्या हो गया है

  M VERMA

3 January 2010 at 18:15

ओरिजनल चित्र कहाँ है

  M VERMA

3 January 2010 at 18:15

सभी को नमस्कार दूँ

  M VERMA

3 January 2010 at 18:16

मैनें सही उत्तर बताया है

  makrand

3 January 2010 at 18:16

सबको नमस्ते. ललित अंकल ये आप हो या आपका भूत है?

  M VERMA

3 January 2010 at 18:17

विश्वास न हो तो लिंक दूँ

  पं.डी.के.शर्मा"वत्स"

3 January 2010 at 18:17

हाथी की पीठ पर एक कन्या, कुत्ता और चिम्पैंजी

  M VERMA

3 January 2010 at 18:17

आज समीर जी अब तक कुछ नही बोले

  ललित शर्मा

3 January 2010 at 18:17

वर्मा जी-अब आदमी कहां रहे कार्टुन बन गए हैं

लोग बड़े विचित्र हैं मै दो साल से देख रहा हुं, चित्र से ही डर जाते हैं।:)

  ललित शर्मा

3 January 2010 at 18:19

लिंक दिजिए

ये कन्या नही "कनवा" है।

  पं.डी.के.शर्मा"वत्स"

3 January 2010 at 18:19

भाया ललित जी, ये फोटू कापी क्यूं लगा रखी है :)

  ललित शर्मा

3 January 2010 at 18:20

पंडित जी गोड लागी,

बच्चा मकरंद आशीर्वाद

आज मम्मी की पिटाई का डर नही है:)

  M VERMA

3 January 2010 at 18:20

ललित जी आपके कहने पर लिंक दे रहा हूँ
मुझे दोष कोई न दे
http://4.bp.blogspot.com/_BzibKzZ-zsU/R0us4BPan-I/AAAAAAAAAEY/U83HhcpopzA/s320/elephant.jpg

  M VERMA

3 January 2010 at 18:21

प्रतिबन्धित तो नहीं कर दिया जाऊँगा.

  पं.डी.के.शर्मा"वत्स"

3 January 2010 at 18:23

"बकरा मेकर" ललित भाई को बधाई :)

  ललित शर्मा

3 January 2010 at 18:23

पंडित जी बहुत ही तगड़ा सुर्य ग्रहण पड़ने वाला है।
एक जोशी जी ने बताया की, मुछों को खतरा है। उसके बाल झड़ सकते हैं रेडियेशन से इस लिए, जितनी भी फ़ोटु थी सब कोल्ड स्टोरेज मे जमा कर दी, खामखां मुसीबत कौन मोल ले।

  M VERMA

3 January 2010 at 18:23

कल के विजेता देवेन्द्र जी लगता है पुरस्कार का जश्न मना रहे है तभी तो अब तक नहीं आये

  ललित शर्मा

3 January 2010 at 18:25

ड़ाक्टर झटका हाजिर हो और लिंक की तपास की जाए, सही तो एम वर्मा जी को ईनाम दिया जाए:)

  M VERMA

3 January 2010 at 18:25

कौन से कोल्ड स्टोरेज में उसका लिंक दीजिए --- मेरे बाल झड़ चुके हैं

  Devendra

3 January 2010 at 18:27

हाथी के ऊपर कुत्ता, चिम्पैंजी और एक लड़की

  ललित शर्मा

3 January 2010 at 18:28

वर्मा जी वो तो हाजिर वालों के लिए है, अब समझा मुछों पर खतरा मंडरा रहा। इन्स्योरेंस करवाना पड़ेगा अब मुछों का:)

  महेन्द्र मिश्र

3 January 2010 at 18:28

एक चूहा, एक हाथी,चिम्पाजी और एक कुत्ता..

  Devendra

3 January 2010 at 18:29

वर्मा जी
मैं देर से आया नहीं तो आज भी मैं जीतता...

  M VERMA

3 January 2010 at 18:31

देर से आईए पर दुरूस्त आईए

  M VERMA

3 January 2010 at 18:33

मेरे गुहार लगाने पर ही तो आये है

  M VERMA

3 January 2010 at 18:35

लिंक देख लिया अब तो यकीन हो गया कि हाथी के पैरों के नीचे चीटी है

  Udan Tashtari

3 January 2010 at 18:50

सभी को नमस्कार...


ये म्हारे ललित भाई को क्या हो गया...तबीयत खराब लाग रही है मन्ने तो!!

  दिनेशराय द्विवेदी Dineshrai Dwivedi

3 January 2010 at 18:51

सब को जै राम जी की!

  डाँ. झटका..

3 January 2010 at 18:55

सूचना



एम वर्मा जी, आपको लिंक देने के लिए २१ टिप्पणियाँ दंड स्वरुप भरना होंगी. लिंक देना कत्तई मना है.

कृप्या दंड टिप्पणी भरें.

  makrand

3 January 2010 at 18:55

अरे दाक्तर झटका जल्दी आईये..लिंक दिया है वर्मा जी अंकल ने.

  makrand

3 January 2010 at 18:56

द्विवेदी अंकल नमस्ते

  डाँ. झटका..

3 January 2010 at 18:56

सूचना

एम वर्मा जी, दंड भर कर रसीद प्राप्त करें.

२१ की गणना अब से प्रारंभ होगी.

  पं.डी.के.शर्मा"वत्स"

3 January 2010 at 19:06

ब्रेक टाईम हो गया है...तब तक एक
विज्ञापन झेल लीजिए:-
अपनी बद्धमूल धारणाओं को त्याग कर ही सत्य को उजागर किया जा सकता है!!!

  लंगोटा नंदजी महाराज

3 January 2010 at 19:28

बच्चा लोग, कल्याण हो ! हम बताते हैं- सबसे निचे श्री-श्री शठाधीशजी महाराज उनके ऊपर लंगोटा नंद जी और बगल में लापता बाबा सांडनाथजी हैं !

  लंगोटा नंदजी महाराज

3 January 2010 at 19:33

पं.डी.के.शर्मा"वत्स" कल्याण हो ! विज्ञापन एजेंसी खोल ली है क्या ? बार-बार ब्रेक ले रहे हो?

  M VERMA

3 January 2010 at 19:54

विजेता घोषित कर रहे हैं मुझे क्या?

  M VERMA

3 January 2010 at 19:55

मै तो दूध लेने चला गया था

  M VERMA

3 January 2010 at 19:55

यह तीसरा है

  Sadhana Vaid

3 January 2010 at 20:37

ओरांग, मानव, हाथी और भेड़िया ( भेड़िया प्रजाति का जीव ) ।

  Sadhana Vaid

3 January 2010 at 20:37

This comment has been removed by the author.

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