खुल्ला खेल फ़र्रुखाबादी (164) : आयोजक उडनतश्तरी

बहनों और भाईयों, मैं उडनतश्तरी इस फ़र्रुखाबादी खेल में आप सबका हार्दिक स्वागत करता हूं.

जैसा कि आप जानते हैं कि आज मैं ये 33 वां अंक आयोजक के बतौर पेश कर रहा हूं. सिर्फ़ 2 अंक की बात और है फ़िर मैं भी आपके साथ प्रतिभागी के तौर पर शामिल रहुंगा.

आपका इस खेल को संचालित करने मे मुझे पुर्ण सहयोग मिलता आया है और उम्मीद करता हूं कि अब बाकी बचे दिनों मे भी मिलता रहेगा. इस खेल मे आप लोगो के सहयोग से रोचकता बरकरार है. सभी इसका आनंद ले रहें हैं. आगे भी लेते रहें और अब रिजल्ट पेश करने के लिये आचार्य हीरामन "अंकशाश्त्री" भी अमेरिका से पलट आये है. तो आईये अब आज का सवाल आपको बताते हैं :-

नीचे का चित्र देखिये और बताईये कि ये किसका चित्र हैं ?



तो अब फ़टाफ़ट जवाब दिजिये. इसका जवाब कल शाम को 4:00 तक आचार्य हीरामन "अंकशाश्त्री" देंगे. आज मैं और डाक्टर झटका खेल दौरान आपके साथ रहेंगे.

"बकरा बनाओ और बकरा मेकर बनो"

.टिप्पणियों मे लिंक देना कतई मना है..इससे फ़र्रुखाबादी खेल खराब हो जाता है. लिंक देने वाले पर कम से कम २१ टिप्पणियों का दंड है..अधिकतम की कोई सीमा नही है. इसलिये लिंक मत दिजिये.


हिंट का निम्न चित्र ता: 7 दिसंबर 2010 को रात्रि 8:30 PM पर लगाया गया!




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Promoted By : ताऊ और भतीजाएवम कोटिश:धन्यवाद

177 comments:

  Murari Pareek

7 January 2010 at 18:00

chuha!! safed chuhaa!!

  Murari Pareek

7 January 2010 at 18:00

नमस्कार दोस्तों कई दिन से घुमा फिरि में आ नहीं सका माफ़ी चाहता हूँ !!!

  M VERMA

7 January 2010 at 18:02

मुरारी जी बधाई! आते ही चौका मार दिया

  M VERMA

7 January 2010 at 18:03

यह तो सफेद चूहा ही है

  Murari Pareek

7 January 2010 at 18:05

verma ji abhi confident nahi hun!!!

  ललित शर्मा

7 January 2010 at 18:05

पामेरियन कुत्ता है।

  Rekhaa Prahalad

7 January 2010 at 18:05

This comment has been removed by the author.
  Rekhaa Prahalad

7 January 2010 at 18:06

Jawaab: Hamster

  ललित शर्मा

7 January 2010 at 18:06

मुरारी जी, वर्मा जी, रेखा जी, सादर प्रणाम
अत्र कुशलम तत्रास्तु।

  ललित शर्मा

7 January 2010 at 18:07

रेखा जी हिंदी मे क्या बोलते हैं?

  Murari Pareek

7 January 2010 at 18:08

namskaar lalitji nayaa look cool!!

  Rekhaa Prahalad

7 January 2010 at 18:08

हम्सटर

  M VERMA

7 January 2010 at 18:11

रेखा जी बधाई!

  ललित शर्मा

7 January 2010 at 18:11

@मुरारी जी-मजा आया कि नही?

  M VERMA

7 January 2010 at 18:11

ललित जी नमस्कार!

  Murari Pareek

7 January 2010 at 18:13

majaa aa gayaa lalitjij!!!

  पी.सी.गोदियाल

7 January 2010 at 18:13

सभी प्रतियोगियों को मेरा राम-राम !

  Murari Pareek

7 January 2010 at 18:14

Godiyalji pranaam!!!

  पी.सी.गोदियाल

7 January 2010 at 18:14

Murari ji को मेरा राम-राम !

  ललित शर्मा

7 January 2010 at 18:14

पामेरियन कुत्ता है। रामप्यारी हमारा उत्तर आधा लाक किया जाए।

  पी.सी.गोदियाल

7 January 2010 at 18:14

Varma jiको मेरा राम-राम !

  पी.सी.गोदियाल

7 January 2010 at 18:15

Lalitjiको मेरा राम-राम !

  M VERMA

7 January 2010 at 18:15

लिंक मिल गया है किसी को चाहिये तो दे सकता हूँ

  M VERMA

7 January 2010 at 18:15

गोदियाल जी नमस्कार

  ललित शर्मा

7 January 2010 at 18:15

गोदियाल जी-प्रणाम
कैसे है?

एक हो जाए

  पी.सी.गोदियाल

7 January 2010 at 18:15

Rekha jiको मेरा राम-राम !

  पी.सी.गोदियाल

7 January 2010 at 18:16

ललित जी मैंने छोड़ दी, सची में कल से अभी तक नहीं ली ! :)

  पी.सी.गोदियाल

7 January 2010 at 18:17

हां-हाँ वर्मा जी लिंक देदो

  anjana

7 January 2010 at 18:17

Hamster ही है।बधाई रेखा जी

  Murari Pareek

7 January 2010 at 18:18

vermaji link pakdaaiye to!!

  पी.सी.गोदियाल

7 January 2010 at 18:18

ये घूस है

  पी.सी.गोदियाल

7 January 2010 at 18:20

हाँ, रेखाजी ने सही जबाब दिया बधाई ! पांच बार लगातार जीतने को क्या बोलते है पंचांग ?

  Murari Pareek

7 January 2010 at 18:22

पन्चोड़ा !!! rekhaji ka

  Murari Pareek

7 January 2010 at 18:23

hamster ko hindi me kyaa kahte hain???

  ललित शर्मा

7 January 2010 at 18:25

गोदियाल जी-मै एक शेर हो जाए कह रहा था:)

  makrand

7 January 2010 at 18:25

सबको नमस्ते.

  makrand

7 January 2010 at 18:26

हैमस्टर क्या होता है रेखा आंटी?

  Murari Pareek

7 January 2010 at 18:26

sher ho jaye lalitji!! makrand kahaan se aa rahe bhaai !!! namskaar!!!

  पी.सी.गोदियाल

7 January 2010 at 18:26

इसे हिन्दी में भी हैम्स्टर ही कहते है वह चुहे की जाति का एक जानवर जिसके जबडों में जालीदार थैलियाँ होती है और वह इनमें अनाज भर कर जाडे के लिए अपने बिल में इकठ्ठा करता है

  makrand

7 January 2010 at 18:26

लिंक देदो आप तो अगर हिंदी मे नाम नही मालूम होतो

  पी.सी.गोदियाल

7 January 2010 at 18:27

मकरंद जी को भी राम-राम !

  Rekhaa Prahalad

7 January 2010 at 18:27

AAap sabhi ko meri ram ram aur namaskar.

@ Murarijim mai vo hi dhund rahi hu par kahi bhi iska Hindi me naam nahi mil raha hai:(

  Rekhaa Prahalad

7 January 2010 at 18:28

baar baar typing mistake ho rahi hai mera chasma kahi rah gaya:)

  makrand

7 January 2010 at 18:28

गोदियाल अंकल नमस्ते

  Murari Pareek

7 January 2010 at 18:28

rekha ji mujhe bhi nahi mil raha! ye chuhaa ka mameraa bhai hai !!

  makrand

7 January 2010 at 18:28

मुरारी अंकल को नमस्ते, अंकल इत्ते दिन कहां गायब थे?

  makrand

7 January 2010 at 18:29

ललित अंकल नमस्ते

  makrand

7 January 2010 at 18:29

वर्मा अंकल न्मस्ते

  Murari Pareek

7 January 2010 at 18:29

चूहे की प्रजाति है यानी सफ़ेद चूहा !!! वैसे ये चूहों के ममेरे भाई होते है !!!

  पी.सी.गोदियाल

7 January 2010 at 18:29

हा-हा-हा=-हा ललित जी आप तो जानते ही है कि मुल्ले के दौड़ मस्जिद तक ;

तमन्ना ने जिंदगी के पहलु में सिर रख कर पूछा कि मैं कब पूरी हुंगी
जिन्दगी ने हंस कर कहा, जो पूरी हो जाए वो तमन्ना ही क्या ?

  M VERMA

7 January 2010 at 18:30

मकरन्द जी कैसे है?

  Murari Pareek

7 January 2010 at 18:30

क्या बताऊँ मकरंद छांगुल घुमने निकल जाता था !!! बड़ा आनंद आया कंचन जंघा और बाबा हरभजन का मंदिर देख कर आया!!!

  M VERMA

7 January 2010 at 18:31

पिछली बार लिंक देने के चक्कर में 21 टिप्पणियों का द्ण्ड भुगत चुका हूँ

  पी.सी.गोदियाल

7 January 2010 at 18:32

वर्मा जी डरा मत करो हम हूँ न :)

  makrand

7 January 2010 at 18:33

वर्मा अंकल क्या बताऊं कि कैसा हूं? ठंड बहुत ज्यादा और मम्मी स्कूल की तडी मारने नही देती. सुबह ६ बजे घर से निकलना होता है, आप ही समझ लिजिये कि कैसा हूं?

  ललित शर्मा

7 January 2010 at 18:33

वाह वाह! गोदियाल साब एक और हो जाए।

  Murari Pareek

7 January 2010 at 18:35

Opossum

  Murari Pareek

7 January 2010 at 18:35

ye Opossum hai

  M VERMA

7 January 2010 at 18:35

शेर आपका बेहतरीन, नेक आपका खयाल
तुस्सी ग्रेट हो श्रीमान पी. सी. गोदियाल

  पी.सी.गोदियाल

7 January 2010 at 18:36

ये लीजिये ;
ये दुनिया वाले भी बड़े अजीब होते है
कभी दूर तो कभी क़रीब होते है
दर्द ना बताओ तो हमे कायर कहते है
और दर्द बताओ तो हमे शायर कहते है

  ललित शर्मा

7 January 2010 at 18:36

मकरंद-कैसे हो, मम्मी ने धुलाई नही की क्या?
वो होटल वाला बिल लेकर तुम्हारे घर गया था।

  पी.सी.गोदियाल

7 January 2010 at 18:38

ये लीजिये एक और ;
महफिल न सही तन्हाई तो मिलती है,
मिलन न सही जुदाई तो मिलती है,
कौन कहता है मोहब्बत में कुछ नही मिलता,
वफ़ा न सही बेवफाई तो मिलती है

  ललित शर्मा

7 January 2010 at 18:39

वाह वाह वाह! क्या फ़ायर किया है,


पुरा दर्द ही उतर आया है
जैसे ये मेरा हम साया है

  पी.सी.गोदियाल

7 January 2010 at 18:40

एक और लीजिये ;
फूल नहीं, तितली नहीं चाँद नहीं अफताब नहीं !
यही जबाब है मेरा, कि आपका कोई जबाब नहीं !

  Murari Pareek

7 January 2010 at 18:40

waah godiyaalji jhadi laagaa di

  Udan Tashtari

7 January 2010 at 18:41

सभी की जय हो!!

  ललित शर्मा

7 January 2010 at 18:41

तु नही मिलती तो कोई बात नही
छत से तेरी परछाई तो मिलती है

  पी.सी.गोदियाल

7 January 2010 at 18:41

अब रखता हूँ , राम-राम !

  Udan Tashtari

7 January 2010 at 18:42

रेखा जी तो चार चार बार जीत कर नये रिकार्ड बनाये जा रही हैं....



अब हमारी सजा खत्म कर उनको आयोजक बनाया जाये!! ५ हफ्ते के लिए. :)

  पी.सी.गोदियाल

7 January 2010 at 18:42

समीर जी मैंने पहेली नो ४३ में आपको राम-राम कहा और आप ने मुद के भी नाहे देखा !गुड मोर्निंग कनाडा के हिसाब से और गुड इवनिंग इंडिया के हिसाब से ~!

  ललित शर्मा

7 January 2010 at 18:43

मोम की सीढियाँ चढ कर छुना चाहते थे आफ़ताब,
फ़ूल से चेहरों को ये खता मंहगी पडी

  Murari Pareek

7 January 2010 at 18:44

तु नही मिलती तो कोई बात नही
छत से तेरी परछाई तो मिलती है

waah lalit ji kyaa baat hai parchhai se khush ho liye!

  M VERMA

7 January 2010 at 18:44

समीर जी को नमस्कार

  Murari Pareek

7 January 2010 at 18:45

wallah kyaa baat hai!!!

  Murari Pareek

7 January 2010 at 18:47

sameer da raam raam

  M VERMA

7 January 2010 at 18:47

आप जिनको कह रहे कि माहताब है
उन फूलों के दिल में भी आफताब है

  Murari Pareek

7 January 2010 at 18:48

waah vermaaji !!!

  M VERMA

7 January 2010 at 18:50

लगता है लोग खिसकने लगे हैं
क्यो मुरारी जी

  ललित शर्मा

7 January 2010 at 18:50

समीर भाई राम-राम

  ललित शर्मा

7 January 2010 at 18:54

यही तो ईश्क है मुरारी जी
हम तो हर हाल मे खुश हैं।

चाहे वो मोनिका लेवेंस्की या
बिल क्लिंगट्न जार्ज बुश है

  Murari Pareek

7 January 2010 at 18:54

white possum

  Udan Tashtari

7 January 2010 at 18:55

तु नही मिलती तो कोई बात नही
छत से तेरी परछाई तो मिलती है

-बहुत खूब, ललित भाई!!

  Murari Pareek

7 January 2010 at 18:55

vermaaji log bich bich me gayab ho jaate hain!!!

  Udan Tashtari

7 January 2010 at 18:55

वर्मा जी, यहीं हैं...क्या हाल हैं आपके??

  Murari Pareek

7 January 2010 at 18:55

khush rahnaa hi jidagi hai lalitji!!!

  Udan Tashtari

7 January 2010 at 18:56

मकरंद कहाँ भाग गया होमवर्क करने...

  Udan Tashtari

7 January 2010 at 18:57

आप जिनको कह रहे कि माहताब है
उन फूलों के दिल में भी आफताब है


खूब रही वर्मा जी यह भी!!!

  महेन्द्र मिश्र

7 January 2010 at 18:58

मुझे खरगोश की आंखे दिख रही है ...

  Murari Pareek

7 January 2010 at 18:58

ये ताउजी और अंक शास्त्री हिरमन जी के चलते नए नए प्राणी देखने को मिल रहे हैं!!!! गूगल ने भांति भांति के जिनावर पाल राखे हैं !! एक ढूंढो तो अनेक मिलते है!!!!!!

  M VERMA

7 January 2010 at 18:58

परछाई के मिलने से क्या होता है
तू नही मिलती तो मेरा दिल रोता है

  Udan Tashtari

7 January 2010 at 18:58

गोदियाल भाई..क्षमा क्षमा क्षमा!!!



आपको भी यथोचित...याने शुभ शाम!!

  Murari Pareek

7 January 2010 at 18:59

waah vermaaji tadkaa lagaa diya!!!

  Udan Tashtari

7 January 2010 at 18:59

वाह वाह वर्मा जी..आज तो डायरी लेकर बैठे हैं आप!!

  Udan Tashtari

7 January 2010 at 19:00

अपने अंदर ही सिमट जाऊँ तो ठीक
मैं हर इक रिश्ते से कट जाऊँ तो ठीक.

मेरी चादर बढ़ सके मुमकिन नहीं
मैं ही थोड़ा सा सिमट जाऊँ तो ठीक.

  Murari Pareek

7 January 2010 at 19:00

कई दिन से दाग्धर साब से नहीं मिले कहाँ दाग्धर झटका साब ज़रा आकर हिंट ही दे दुजिये कोई सही जवाब आया की नहीं!!!

  Udan Tashtari

7 January 2010 at 19:00

महेन्द्र भाई, प्रणाम!!

  Udan Tashtari

7 January 2010 at 19:01

डॉ झटका...कहाँ हो??????

  M VERMA

7 January 2010 at 19:01

आप कह रहे है डायरी लेके बैठा हूँ
जी नहीं मैं तो शायरी लेके बैठा हूँ

  Murari Pareek

7 January 2010 at 19:01

वाह समीरजी !! रिश्तों की चादर को ज़रा बढ़ाइए और चौड़े चोखड़े हो कर सोइए!!!

  Murari Pareek

7 January 2010 at 19:01

ye 100 hai ya 101

  Murari Pareek

7 January 2010 at 19:01

101

  Murari Pareek

7 January 2010 at 19:02

waah vermaaji dayari binaa hi shayari!!!

  डाँ. झटका..

7 January 2010 at 19:03

अभी जबाब देना जारी रखिये. गुंजाईश बनी हुई है.

  Murari Pareek

7 January 2010 at 19:04

wombat

  Murari Pareek

7 January 2010 at 19:04

dactar saab thanks

  Udan Tashtari

7 January 2010 at 19:04

गुंजाईश बनी हुई है से क्या मतलब निकला मुरारी भाई???

  Murari Pareek

7 January 2010 at 19:05

दाग्धर साब बानरा तो नई बना रिया कठेई!!!!

  Murari Pareek

7 January 2010 at 19:06

मतलब अभी सही जवाब नई आया है !!!@sameerji!!! perhaps??

  Murari Pareek

7 January 2010 at 19:08

सब रुखसत हो लिए क्या महफ़िल सुनी सुनी हो गई!!!

  Murari Pareek

7 January 2010 at 19:09

दौरे जाम चलने दो भाई कहा गए अकेला छोड़कर!!! ये तो नाइंसाफी है!!!heloooooooooo!!!!!!!

  Murari Pareek

7 January 2010 at 19:09

mian hi hun khali???

  Udan Tashtari

7 January 2010 at 19:10

हिन्दु, मुस्लिम, सिख, ईसाई,
चिड़ियों ने यह जात न पाई.’

  संगीता पुरी

7 January 2010 at 19:11

rabbit

  Murari Pareek

7 January 2010 at 19:11

मेरे प्यारे समीर भाई |
इंसानों ने है जात बनाई!!!!

  M VERMA

7 January 2010 at 19:12

गये नही है डा. झटका के झटके से उबरने की कोशिश कर रहे हैं

  Murari Pareek

7 January 2010 at 19:12

sangeetaji well come!!! ha..ha..

  Udan Tashtari

7 January 2010 at 19:12

आईये संगीता जी..सादर अभिनन्दन!!

  Murari Pareek

7 January 2010 at 19:12

ha..ha... sahi kahaa vermaaji jor jhtkaa lagaa hai!!!

  Udan Tashtari

7 January 2010 at 19:14

डॉ झटका का काम भी ...भगवान मालिक है. :)

  M VERMA

7 January 2010 at 19:14

चिड़ियो मे जो ये 'जात' होती
चहकन मे उनके ये बात न होती

  Murari Pareek

7 January 2010 at 19:14

इंसान कितने अच्छे हैं बाँट बाँट कर खाते हैं ! धरती बांटी ! इंसानों को जात में बांटा ! अब गगन बाट रहे हैं!!!

  M VERMA

7 January 2010 at 19:14

संगीता जी नमस्कार

  Murari Pareek

7 January 2010 at 19:14

waah vermaaji turtaturat!!!

  संगीता पुरी

7 January 2010 at 19:14

आने में देर हो गयी .. सबको नमस्‍कार !!

  Udan Tashtari

7 January 2010 at 19:15

सॉलिड

  Murari Pareek

7 January 2010 at 19:15

ये मुन्छोवाले भाई साब कहाँ पधार गए!!!

  Udan Tashtari

7 January 2010 at 19:17

मूंछ सेट कराने नाई के यहाँ गये हैं...

  M VERMA

7 January 2010 at 19:18

मूँछो वाले भाई साहब आपको बिना मूँछो वाले भाई साहब पुकार रहे है

  Murari Pareek

7 January 2010 at 19:19

मूंछे पहले से सैट हैं !! और कितना सैट करवाएंगे!!!

  Murari Pareek

7 January 2010 at 19:21

बिन हथियार का मिस्त्री और बिन मूंछो का जवान!!!
ये दोनों फीके लगें ज्यों बिना सुपारी पान!!!
HAA,HAA.

  पं.डी.के.शर्मा"वत्स"

7 January 2010 at 19:21

कोई जीव जन्तु दिखाई पडता है...

  Murari Pareek

7 January 2010 at 19:25

ये तो आपने नै जानकारी दी पंडितजी धन्यवाद!!!

  M VERMA

7 January 2010 at 19:26

बिना सुपारी पान वो खाये जिसके दाँतो मे न हो जान
अब मै थोड़ी देर में आऊँगा जा रहा हूँ खाने पान

  M VERMA

7 January 2010 at 19:27

वत्स जी को नमस्कार तो करता जाऊँ
वत्स जी! नमस्कार

  anjana

7 January 2010 at 19:28

Gerbils है

  Murari Pareek

7 January 2010 at 19:28

PAN ?? PAHOLE KHANAA KHAAIYE BHAAI JAAN!!!

  anjana

7 January 2010 at 19:29

सभी को राम राम

  Murari Pareek

7 January 2010 at 19:30

इस प्रजाति के बहुत से जिव हैं सब शक्ल सूरत से एक जैसे लगते हैं!!!

  M VERMA

7 January 2010 at 19:30

हम तो बनारसी है खाने में भी खाते है पान

  Murari Pareek

7 January 2010 at 19:30

ANJANAA JI RAAM RAAM!!!

  anjana

7 January 2010 at 19:30

Gerbils ही सही जवाब है

  M VERMA

7 January 2010 at 19:31

anjana जी को नमस्कार

  Murari Pareek

7 January 2010 at 19:31

बनारस वही जो पानो की है खान???

  M VERMA

7 January 2010 at 19:32

जी हाँ खई के पान बनारस वाला

  Murari Pareek

7 January 2010 at 19:33

वाह पान खा के जहां हो जायें मतवाला!!!

  Murari Pareek

7 January 2010 at 19:35

वर्माजी अब हम भी अपनी तशरीफ़ को यहाँ से ले चलते हैं !!!

  पं.डी.के.शर्मा"वत्स"

7 January 2010 at 19:35

सब को स्प्रेम नमस्कार्!!
आज सुबह से एक वायरस नें परेशान कर रखा है..बार बार कम्पयूटर खुद ही शटडाऊन हुए जा रहा है।

  Murari Pareek

7 January 2010 at 19:36

शुभ्ब रात्रि, गुड नाईट सब्बा खैर, अस्त्लाविस्ता शायोनारा< صبا خیر

  Sadhana Vaid

7 January 2010 at 19:41

गिनी पिग ।

  anjana

7 January 2010 at 19:41

नमस्कार वर्मा जी

  M VERMA

7 January 2010 at 19:46

साधना जी नमस्कार

  anjana

7 January 2010 at 20:02

मुरारी जी आप को भी राम राम

  डाँ. झटका..

7 January 2010 at 20:16

सूचना : - सही जवाब अभी तक नही आया है. कोशीश जारी रखिये.

धन्यवाद.

  Murari Pareek

7 January 2010 at 20:22

WOMBAT

  डाँ. झटका..

7 January 2010 at 20:22

जरुरी सूचना :

थोडी ही देर मे हिंट का चित्र आज की पोस्ट मे जोडा जा रहा है.

धन्यवाद

  Murari Pareek

7 January 2010 at 20:25

white rat hi hai!!

  Murari Pareek

7 January 2010 at 20:26

thoda jaldi kijiye abhi koi nahi main akela hi hun ha..ha...

  Murari Pareek

7 January 2010 at 20:28

White Seal

  डाँ. झटका..

7 January 2010 at 20:30

हिंट का चित्र आज की पहेली पोस्ट मे जोड दिया गया है.

धन्यवाद

  M VERMA

7 January 2010 at 20:35

यह तो साही की आखे है

  M VERMA

7 January 2010 at 20:38

'साही' जिसके शरीर पर कांटे होते है.

  Murari Pareek

7 January 2010 at 20:41

sawaa sher kahte hain isko shuldhaari prani!

  Murari Pareek

7 January 2010 at 20:43

verma ji bilkul sahi hain ye saahi hi hai!!!

  डाँ. झटका..

7 January 2010 at 21:13

सूचना :-

अब भी सही जवाब नही मिला है. आगे और कोई हिंट नही दिया जायेगा.

धन्यवाद.

  निर्मला कपिला

7 January 2010 at 21:24

लो जी सही जवाब ये राम प्यारी की पूछ है अब सही?

  निर्मला कपिला

7 January 2010 at 21:26

इसका नाम नहीं पता मगर ये पौधे का फूल या फल कह सकते हैं मैने देखा हुया है

  anjana

7 January 2010 at 21:39

squirrel है सही जवाब ।

  अल्पना वर्मा

7 January 2010 at 22:50

Yah -Guinea pig (Cavia porcellus)- hai.

  अल्पना वर्मा

7 January 2010 at 22:51

'गिनी पिग 'जिन्हें मेडिकल रिसर्च में बहुत प्रयोग किया जाता है.

  अल्पना वर्मा

8 January 2010 at 01:32

Final jawab hai--

Hedgehog

  अल्पना वर्मा

8 January 2010 at 01:35

Wikipedia se copy paste--jaankari-
A hedgehog is any of the spiny mammals of the subfamily Erinaceinae and the order Erinaceomorpha. There are 17 species of hedgehog in five genera, found through parts of Europe, Asia, Africa, and New Zealand. There are no hedgehogs native to Australia, and no living species native to North America; those in New Zealand are introduced. Hedgehogs have changed little over the last 15 million years. Like many of the first mammals they have adapted to a nocturnal, insectivorous way of life. The name 'hedgehog' came into use around the year 1450, derived from the Middle English 'heyghoge', from 'heyg', 'hegge' = hedge, because it frequents hedgerows, and 'hoge', 'hogge' = hog, from its piglike snout.[2] Other folk names include 'urchin', 'hedgepig' and 'furze-pig' .
----WIKIPEDIA se sabhaar

  M VERMA

8 January 2010 at 05:23

अल्पना जी को बधाई तो दे ही दूँ

  M VERMA

8 January 2010 at 05:23

Hedgehog ही है

  Rekhaa Prahalad

8 January 2010 at 06:50

Hint to mai abhi dekh rahi hu, mera jawaab:porcupine

  Rekhaa Prahalad

8 January 2010 at 06:55

pet ya paltu hai isliye iske kante jaise baal kat diye gaye honge:)

  Rekhaa Prahalad

8 January 2010 at 07:08

koi to rodent hai, rampyari ke is paheli dwara kai aise janwaaro ki jaankari mili:)jinhe kabhi nahi dekha!

  संगीता पुरी

8 January 2010 at 08:34

अल्‍पना वर्मा जी को बधाई !!

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