खुल्ला खेल फ़र्रुखाबादी (165) : आयोजक उडनतश्तरी

बहनों और भाईयों, मैं उडनतश्तरी इस फ़र्रुखाबादी खेल में आप सबका हार्दिक स्वागत करता हूं.

जैसा कि आप जानते हैं कि आज मैं ये 34 वां अंक आयोजक के बतौर पेश कर रहा हूं. कल मेरी सजा का आखिरी दिन है तो परसों से मैं भी आपके साथ प्रतिभागी के तौर पर शामिल रहुंगा.

आपका इस खेल को संचालित करने मे मुझे पुर्ण सहयोग मिलता आया है और उम्मीद करता हूं कि अब बाकी बचे दिनों मे भी मिलता रहेगा. इस खेल मे आप लोगो के सहयोग से रोचकता बरकरार है. सभी इसका आनंद ले रहें हैं. आगे भी लेते रहें और अब रिजल्ट पेश करने के लिये आचार्य हीरामन "अंकशाश्त्री" भी अमेरिका से पलट आये है. तो आईये अब आज का सवाल आपको बताते हैं :-

नीचे का चित्र देखिये और बताईये कि ये कौन हैं ?



तो अब फ़टाफ़ट जवाब दिजिये. इसका जवाब कल शाम को 4:00 तक आचार्य हीरामन "अंकशाश्त्री" देंगे. आज मैं और डाक्टर झटका खेल दौरान आपके साथ रहेंगे.

"बकरा बनाओ और बकरा मेकर बनो"

.टिप्पणियों मे लिंक देना कतई मना है..इससे फ़र्रुखाबादी खेल खराब हो जाता है. लिंक देने वाले पर कम से कम २१ टिप्पणियों का दंड है..अधिकतम की कोई सीमा नही है. इसलिये लिंक मत दिजिये.


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Promoted By : ताऊ और भतीजाएवम कोटिश:धन्यवाद

293 comments:

  Murari Pareek

8 January 2010 at 18:02

Rafael-nadal

  makrand

8 January 2010 at 18:04

मुरारी अंकल नाम्स्ते

  makrand

8 January 2010 at 18:04

मेरे को तो ये इमरान खान लग रियो है

  Murari Pareek

8 January 2010 at 18:06

makrand kaise ho bhaai namste!!!

  makrand

8 January 2010 at 18:07

अंकल हाल खराब हैं.

  Murari Pareek

8 January 2010 at 18:09

kyon hal khraab huaa

  makrand

8 January 2010 at 18:11

अब क्या बताऊं अंकल? ठंद इय्तनी खतरनाक है और स्कूल के लिये ६ बजे निकलना पडता है.

  M VERMA

8 January 2010 at 18:24

मुरारी जी नमस्कार
मकरन्द जी नमस्कार

  M VERMA

8 January 2010 at 18:24

मुरारी जी बधाई

  M VERMA

8 January 2010 at 18:25

Rafael-nadal ही लग रहे है

  M VERMA

8 January 2010 at 18:25

और लोग कहाँ हैं

  M VERMA

8 January 2010 at 18:25

आप लोग भी चले गये क्या?

  M VERMA

8 January 2010 at 18:26

लगता है मै अकेले ही हूँ

  M VERMA

8 January 2010 at 18:26

अकेलेपन का मज़ा ही कुछ और है

  M VERMA

8 January 2010 at 18:27

कोई है?

  M VERMA

8 January 2010 at 18:27

सर्दी मे यही होता है

  Murari Pareek

8 January 2010 at 18:28

vermaaji main tha par kuchh kaam padaa !!!

  पं.डी.के.शर्मा"वत्स"

8 January 2010 at 18:30

इतनी आसान पहेली!

  anjana

8 January 2010 at 18:36

सभी को राम राम

  anjana

8 January 2010 at 18:38

पंडित जी प्रणाम ।

  पं.डी.के.शर्मा"वत्स"

8 January 2010 at 18:41

प्रणाम अंजाना जी!!!
लेकिन आप अंजाने तो नहीं लग रहे...कुछ कुछ जाने पहचाने से लग रहे हैं!

  डाँ. झटका..

8 January 2010 at 18:42

सूचना : अभी भी सही जवाब नही आया है. कोशीश करते रहें.

धन्यवाद

  पं.डी.के.शर्मा"वत्स"

8 January 2010 at 18:42

माफ कीजिएगा..शायद आपका नाम अंजना है, रोमन में लिखा होने के कारण जिसे कि हम अंजाना समझ बैठे।

  makrand

8 January 2010 at 18:43

पंडितजी पाय लागूं.

  makrand

8 January 2010 at 18:43

पंडितजी पाय लागूं.

  makrand

8 January 2010 at 18:44

अंजना आंटि नमस्ते

  पं.डी.के.शर्मा"वत्स"

8 January 2010 at 18:50

आयुष्मान भव: बालक मकरन्द्!!!

  पी.सी.गोदियाल

8 January 2010 at 18:51

साभी को राम-राम !

  पी.सी.गोदियाल

8 January 2010 at 18:52

उफ्फ्फ एक तो इतनी देर से पोस्ट किया वो भी गलत
सभी को राम राम

  पी.सी.गोदियाल

8 January 2010 at 18:53

अभी से उनको कैसे बे-बफा कहूं ,
मंजिलो की बात है रास्ते में क्या कहू ?

  makrand

8 January 2010 at 18:53

गोदियाल अम्कल नमस्ते

  Murari Pareek

8 January 2010 at 18:54

bolo lalitji

  पी.सी.गोदियाल

8 January 2010 at 18:55

चिरंजीव बेटा मकरंद ! आज मैं आपके साथ पहली बार शुद्ध हिन्दुस्तानी लहजे में बोला !
isn't it ? aa gayaa n angrej kee aulaad apnee aukaat pe !

  anjana

8 January 2010 at 18:57

मकरन्द जी नमस्कार

  पी.सी.गोदियाल

8 January 2010 at 18:58

आज मेरे पास समय बहुत कम है इसलिए चलता हूँ राम-राम ! सोमबार को मुका-लात होगी !

  पं.डी.के.शर्मा"वत्स"

8 January 2010 at 18:59

गोदियाल जी,
आज ही आपकी टिप्पणी पढी तो पता चला कि आपको हमारे ब्लाग पर कुछ दिक्कत अनुभव हो रही है.... मैने कुछ विजेट्स हटा दिए हैं...निवेदन है कि कृ्प्या एक बार देखकर जरूर बताएँ कि क्या अभी भी वो समस्या बरकरार है या ठीक हो गई है।
हमारी वजह से आपको हुई असुविधा के लिए खेद है!

  makrand

8 January 2010 at 19:00

आज रेखा आंटि, संगीता आंटी और अल्पना आंटि नही दिखी अभी तक?

  makrand

8 January 2010 at 19:02

अब मैं तो जारहा हूं. मेरी मम्मी आवाज लगा रही है. अगर नही गया तो ठंड में मेरी कुटाई होजायेगी.

  M VERMA

8 January 2010 at 19:04

Federer

  anjana

8 January 2010 at 19:09

बिल्कुल सही मेरा नाम अंज‌ना ही है । आप के ब्लांक पर जाना हुआ लेकिन आप का ब्लांक ज‌ल्दी से खुलता नही है अगर खुल जाए तो हमारा कमप्युटर चेतावनी स्वरुप ब्लोक क‌ा आदेशा दे देता है क्या कारण है ?हम ने टिप्पणी देनी चाही लेकिन दे ना पाये !

  पं.डी.के.शर्मा"वत्स"

8 January 2010 at 19:14

अंजना जी, आपको हुई असुविधा के लिए खेद है! किन्ही तकनीकी विशेषज्ञ से पता करते हैं कि इस समस्या का क्या कारण है.हम तो इन मामलों में निपट अनाडी हैं.

  Murari Pareek

8 January 2010 at 19:20

Grigor Dimitrov

  Udan Tashtari

8 January 2010 at 19:20

जय हो!! जय हो!!


सभी उपस्थितों को प्रणाम!!

  Udan Tashtari

8 January 2010 at 19:22

मुरारी बाबू कहाँ कहाँ से नाम निकाल कर ला रहे हो...मकरंद को भी बताओ लिंक. उसे भी खोजना है.

  anjana

8 January 2010 at 19:31

प्रणाम समीर जी

  Udan Tashtari

8 January 2010 at 19:35

प्रणाम अंजना जी..क्या हाल हैं??

  Udan Tashtari

8 January 2010 at 19:37

अभी आपके ब्लॉग से आ रहा हूँ अंजना जी....





मकरंद कहाँ गये भई???

  Udan Tashtari

8 January 2010 at 19:38

सब चले गये लगता है बिना सही जबाब दिये????

  Udan Tashtari

8 January 2010 at 19:38

कोई तो होगा जो सही जबाब जानता होगा...५०

  Murari Pareek

8 January 2010 at 19:43

Kim Clijsters

  anjana

8 January 2010 at 19:46

जवाब है Andy Murray

  Udan Tashtari

8 January 2010 at 19:47

ये जो नाम आप लोग बता रहे हैं वो किस खेल से संबंधित हैं??

  Udan Tashtari

8 January 2010 at 19:48

या कोई फिल्म वाले हैं क्या?

  anjana

8 January 2010 at 19:49

यही है समीर जी ,सही उत्तर की खोज बीन कर रहे थे

  Udan Tashtari

8 January 2010 at 19:50

अंजना जी, आप ब्लॉगवाणी पर हैं कि नहीं??

  Murari Pareek

8 January 2010 at 19:50

wimbledon se sameerji!!!

  Udan Tashtari

8 January 2010 at 19:50

डॉ झटका...इधर आते दिखे अभी मुझे..शायद कोई क्लू ला रहे हैं????

  anjana

8 January 2010 at 19:52

डाँ. झटका जी ,जरा हिंट तो दीजिए

  डाँ. झटका..

8 January 2010 at 19:52

हिंट:


मुरारी जी खेल सही ढ़ूंढ़ रहे हैं मगर नाम तक अभी नहीं पहुँचे हैं.

  Udan Tashtari

8 January 2010 at 19:53

पंडित जी की दिलेरी बढ़ गई..जब से पेनाल्टी भरने का प्रेशर खत्म हुआ!!! :)

  anjana

8 January 2010 at 19:54

अभी यही पर हुं समीर जी

  Udan Tashtari

8 January 2010 at 19:54

डॉ झटका के हिंट से लगता तो है कि टेनिस खिलाड़ी ही होना चाहिये...क्यूँ??

  Murari Pareek

8 January 2010 at 19:55

सभी उपस्थित जनों से आग्रह है की कल के शो के लिए मुझे नए नए जोक्स बताएं कम से कम १० !!!!

  Udan Tashtari

8 January 2010 at 19:55

न न!! अभी का नहीं पूछ रहा हूँ अंजना जी...मैं तो यह पूछ रहा था कि आपका ब्लॉग क्या ब्लॉगवाणी पर दिखता है??

  Udan Tashtari

8 January 2010 at 19:57

अच्छा, चुटकुला कोई सुनाओ भई मुरारी बाबू को..

  अल्पना वर्मा

8 January 2010 at 19:59

wimbledon champion-Roger Federer

  Udan Tashtari

8 January 2010 at 20:00

एक जोक ब्लॉग से चुराया हुआ:

हिंदी के शिक्षक ने पूछा : "काल कितने प्रकार के होते हैं ?
भागीरथ : "सर पांच प्रकार के।
शिक्षक : नाम बताओ।
भागीरथ : "जी, भागीरथ"।
शिक्षक : "अपना नहीं काल के पांचो प्रकार का नाम बताओ।
भागीरथ : "जी..... लोकल काल, एसटीडी काल, आईएसडी काल, ट्रंक काल और............ मिस्ड काल।

  अल्पना वर्मा

8 January 2010 at 20:01

Pat Cash of Australia

  Murari Pareek

8 January 2010 at 20:02

sameerji ye jok bol chukaa main

  Murari Pareek

8 January 2010 at 20:02

internet me koi jok mere se nahi bacha hai!!!

  Udan Tashtari

8 January 2010 at 20:03

अच्छा, एक और चुरा कर लाया हूँ:


एक लड़का था राहुल। राहुल अपने क्लास से निकला। बहोत भूखा था। पहुँचा कैंटीन में। जल्दी से एक पाव-भाजी का आर्डर दिया। सफ़ेद प्लेट में, तुरत पाव-भाजी हाजिर। उसने जैसे ही पाव उठाया, तो देखता है उसके नीचे प्लेट पर जन्नत लिखा हुआ था। अब आप बताइये, की राहुल के सर कौन हैं ?

समझे ?

अजी समझे ??

अजी अभी भी नही समझे ???

ओह्हो.... इसमें इतना दिमाग क्यूँ लगाना ? आपने शाहरुक खान वाली दिल से मूवी का गाना नही सुना क्या ? 'पाव के नीचे जन्नत होगी...... जिनके सर हो इश्क की छांव।' तो राहुल के सर हुए न.... इश्क की छांव

  Udan Tashtari

8 January 2010 at 20:03

अल्पना जी....सादर प्रणाम!!!

  Murari Pareek

8 January 2010 at 20:04

roger fedrer

  Udan Tashtari

8 January 2010 at 20:05

एक और ले आया चुरा कर:


एक पागलखाने में मंत्रीजी आने वाले थे। मैनेजर ने सभी पागलों को बता दिया कि जब नेताजी आएं तो बोलना “देश का नेता ज़िंदाबाद, हमारा नेता ज़िंदाबाद।“

सभी पागलों ने मंत्रीजी के आने के बाद ऐसा ही किया। तभी मंत्रीजी की नज़र पास खड़े व्यक्ति पर गई। वह कुछ नहीं बोल रहा था। मंत्रीजी ने उससे पूछा, “तुम नेताजी ज़िंदाबाद, हमारा नेता ज़िंदाबाद का नारा क्यों नहीं लगा रहे हो?”

वह व्यक्ति बोला, “जी मैं कोई पागल थोड़े ही हूँ। मैं तो यहां का चौकीदार हॅँ।“

  Murari Pareek

8 January 2010 at 20:06

ha..ha,,, ye achchaa hai sameerji latest thanks

  Udan Tashtari

8 January 2010 at 20:07

बड़ी हिन्ट


एक हिन्ट देता हूँ..सब लोग मुझे धन्यवाद कहना.


इस प्लेयर का लास्ट नेम और मेरा पहला नाम एक ही अक्षर से शुरु होता है...



चलो, आभार व्यक्त करिये सब लोग!!!

  Murari Pareek

8 January 2010 at 20:07

badhiyaa dono mast!!!

  anjana

8 January 2010 at 20:07

नही समीर जी

  लंगोटा नंदजी महाराज

8 January 2010 at 20:08

कल्याण हो! कल्याण हो!! कल्याण हो!!! बच्चा लोग हम तो हिमालय की चोटी पर बैठकर टिपिया रहे हैं, हमें तो हर जगह बाबा शठाधीश महाराज ही दिखता है सो हमारा जवाब यही है की दाढ़ी-मूंछ साफ़ करवाके यह उडंत शठाधीश ही है !

  अल्पना वर्मा

8 January 2010 at 20:09

Sameer ji sahit sab ko--सादर प्रणाम!!!

  Murari Pareek

8 January 2010 at 20:09

Pete Sampras

  Udan Tashtari

8 January 2010 at 20:10

अच्छा अंजना जी, हम करवा देते हैं आपको ब्लॉगवाणी पर रजिस्टर.

  Udan Tashtari

8 January 2010 at 20:10

एक और चोरी का चुटकुला मिला है, सुनाऊँ क्या???

  अल्पना वर्मा

8 January 2010 at 20:11

Pete Sampras

  Udan Tashtari

8 January 2010 at 20:11

और जबाब दिजिये...मौका है अभी बाकी!!!

  लंगोटा नंदजी महाराज

8 January 2010 at 20:12

श्री श्री सांडनाथ बाबा आप भी पधारकर चले गए,कल्याण हो! भक्तों, सावधान! सांडनाथ बाबा की सिंग नोकीली और धारदार बनवा दी गई है !

  श्री श्री साढ़े सात हजार बाबा सांडनाथ !!

8 January 2010 at 20:12

आज लंगोटा नंदजी के पीछे दौड़ना होगा हमारे शठाधिस महाराज को परेशान कर रखा है अपने फर्जी मन्त्रों से !!

  अल्पना वर्मा

8 January 2010 at 20:13

Michael Detlef Stich

  Udan Tashtari

8 January 2010 at 20:13

बाबा लोगों को नमस्कार...दौड़ने दौड़ाने का खेल बाहर मैदान में...यहाँ हॉल में अव्यवस्था फैल जायेगी. :)

  लंगोटा नंदजी महाराज

8 January 2010 at 20:14

बच्चा मकरंद, कल्याण हो ! बच्चा,दिनभर नेट पर टिपियाते रहते हो, पढ़ाई-लिखाई पर भी ध्यान दिया करो !

  पं.डी.के.शर्मा"वत्स"

8 January 2010 at 20:14

Andy Roddick

  Udan Tashtari

8 January 2010 at 20:14

एक और हिंट दूँ क्या??

  Udan Tashtari

8 January 2010 at 20:15

पहले वाले हिंट का कोई धन्यवाद तो दो, तब न नये हिन्ट का उत्साह आयेगा

  अल्पना वर्मा

8 January 2010 at 20:16

Ab aap ke naam ka pahla akshar S hai to sare talaash kar liye ..ek aur bacha hai--Stanley Roger Smith
lekin yah bhi jawab nahin ho sakta --

  Udan Tashtari

8 January 2010 at 20:16

हिन्ट चाहिये तो पहले वाले के लिए धन्यवाद दिजिये.. :)

  श्री श्री साढ़े सात हजार बाबा सांडनाथ !!

8 January 2010 at 20:17

लंगोटा नंदजी शाठाधिश जी के कोप से बच के रहियो वो हमारे आदरणीय गुरुदेव हैं!!!

  अल्पना वर्मा

8 January 2010 at 20:17

@Sameer ji--hint dijeeye
mere pass 5 min aur hain ..dekhti hun mil jaye to--
waise aap ki yah second last ayonjan hai na-isliye bahut khush nazar aa rahe hain????:)

  anjana

8 January 2010 at 20:17

धन्यवाद समीर जी

  श्री श्री साढ़े सात हजार बाबा सांडनाथ !!

8 January 2010 at 20:17

धन्यवाद दे दीरा के नाकि करो भाइयों !!! आगे की बात बने!!! मेरी तरफ से धन्यवाद बड़ा वाला !!

  अल्पना वर्मा

8 January 2010 at 20:18

pahle sabhi hint ke liye kya dhnywaad...kuchh jawab to mila nahin--
ek saath sare dhnywaad lijeeyega....agla hint dijeeye...please

  Udan Tashtari

8 January 2010 at 20:18

अच्छा.....


इस प्लेयर के देश का नाम आज खेल रही महिला पहेली खिलाड़ियों के प्रथम अक्षर से है.

  Murari Pareek

8 January 2010 at 20:19

sahi hai aandre agaasi

  पं.डी.के.शर्मा"वत्स"

8 January 2010 at 20:20

मियाँ मुरारी जी के लिए एक चुटकुला:-----
ये चोरी का माल नहीं है:)

एक जापानी महिला अपनी सहेली के साथ सिंगापुर की सड़कों से गुजर रही थी। तभी एक महिला ने अपने प्रेमी को खिड़की के बाहर धक्का दिया जो नीचे रखे कूड़ेदान में जा गिरा।

यह देखकर जापानी महिला ने अपनी सहेली से कहा - ये सिंगापुरी महिलाएं बहुत फिजूलखर्च होती हैं।

- वो कैसे ? सहेली ने पूछा ।

- अब देखो न ! यह आदमी अभी और चार-पांच साल इसके काम आ सकता था।

  Udan Tashtari

8 January 2010 at 20:20

agaasi के शुरु में s साइलेन्ट है क्या???

  अल्पना वर्मा

8 January 2010 at 20:20

aandre agaasi to bald hai!

  Murari Pareek

8 January 2010 at 20:20

andre agassi

  Udan Tashtari

8 January 2010 at 20:21

हा हा! पंडित जी ओरिजनल आईटम लाये हैं.

  anjana

8 January 2010 at 20:22

Serena Williams

  Udan Tashtari

8 January 2010 at 20:22

देश का नाम A से हैं..प्लेयर का लास्ट नेम S से है...फोटो १० साल पहले का है...




अब क्या नाम भी बता दूँ??

  अल्पना वर्मा

8 January 2010 at 20:22

Andreas Seppi

  पं.डी.के.शर्मा"वत्स"

8 January 2010 at 20:23

एक ओर झेलिए:-

तरक्की की सीढी
बॉस ने अपने एक कर्मचारी को ऑफिस में बुलाया और कहा - मि. गोपाल, तुमने एक साल पहले यह कंपनी बतौर क्लर्क ज्वाइन की थी। चार महीने के भीतर ही तुम्हारा प्रमोशन मैनेजर के पद पर हो गया। उसके चार महीने बाद तुम कंपनी के वाइस-चेयरमेन पद तक पहुंच गए। मेरे विचार से अब समय आ गया है कि तुम इस कंपनी का पूरा भार ग्रहण कर लो और मैं रिटायरमेंट ले लूं।

- जी । कर्मचारी ने कहा।

- तुम इस संबंध में कुछ कहना चाहते हो।

- जी हां। मैं आपको थैंक्यू कहना चाहता हूं।

- बस सिर्फ थैंक्यू ? और कुछ नहीं कहना ।

- ओह सॉरी ! थैंक्यू पापा ........ !

  anjana

8 January 2010 at 20:23

James Blake है पक्का

  Udan Tashtari

8 January 2010 at 20:24

इसने दस साल पहले एतिहासिक जीत हासिल की थी...



अब सिर्फ नाम बताना शेष रह गया है हिन्ट में मेरे पास. :)

  Murari Pareek

8 January 2010 at 20:24

ha..haa.. bahut khub panditji dhanywaad!!!

  लंगोटा नंदजी महाराज

8 January 2010 at 20:24

बच्चा समीर,कल्याण हो! बच्चा,हमारे मठ में आकर भी शोभा बढ़ाया करो, चमत्कारी भभूत भी प्राप्त करो, ५० ग्राम की पुड़िया मात्र ५००/- में उपलब्ध है, और बच्चा भरोसा रखो, दौड़ा-दौड़ी नहीं होगी, तबतक जबतक शठाधीश बाबा नहीं आ जाता !

  Murari Pareek

8 January 2010 at 20:25

stefi graph

  Udan Tashtari

8 January 2010 at 20:25

वाह पंडित जी....

  अल्पना वर्मा

8 January 2010 at 20:25

Andrea Strnadová

  Udan Tashtari

8 January 2010 at 20:25

चोरी का सुनाता हूँ:



एक आदमी की मौत के बाद उसकी आत्मा ने स्वर्ग के द्वार पर दस्तक दिया।

चित्रगुप्त ने पूछा, ''बताओ तुम विवाहित हो या अविवाहित ?"

आत्मा, ''विवाहित।''

चित्रगुप्त, ''आ..हा..हा.. ! आ जाओ, आ जाओ.... तब पृथ्वी पर ही तुम ने बहुत सी सजाएं भुगत ली हैं। तुम्हारे लिए स्वर्ग का दरवाजा खुला है।''

मृतक की आत्मा को कुछ और लोभ हो गया।

उसने कहा, "श्रीमान मैं ने तो दो-दो शादियाँ की थी।"

चित्रगुप्त, (क्रोध में) "भागो यहाँ से... ! स्वर्ग में बेवकूफों के लिए कोई जगह नहीं है।''

  पं.डी.के.शर्मा"वत्स"

8 January 2010 at 20:26

Marat Safin

  Udan Tashtari

8 January 2010 at 20:26

जारी रहिये जबाब देना:

  Murari Pareek

8 January 2010 at 20:27

ha..ha.. sameerji thank s chaar ho gaye!! aur 6 chahiye!! panditji come on bhaai help!!

  Udan Tashtari

8 January 2010 at 20:28

सॉरी, एक क्लु गलत हो गया...२० साल पहले की फोटो है. :) गणित में जरा कमजोर हूँ..

  डाँ. झटका..

8 January 2010 at 20:28

सूचना :

उडनतश्तरी जी आप हिंट देकर जाते जाते खेल बिगाड रहे हैं.अत: आप पर जुर्माना लगाये जाने के बारे मे मिटिंग चल रही है. आपकी सजा बढायी जा सकती है.

  Udan Tashtari

8 January 2010 at 20:29

अरे भई, मैं तो जनता की डिमांड पर खेल में जुटा हूँ.....सबसे निवेदन है कि मददगार की डॉ झटका का विरोध कर रक्षा करें. :)

  पं.डी.के.शर्मा"वत्स"

8 January 2010 at 20:29

इतने बढिया चुटकुले सुनाए लेकिन कहीं से वन्स मोर की ध्वनि नहीं सुनाई दे रही :)

  डाँ. झटका..

8 January 2010 at 20:29

सही जवाब नही आया है. सालिड हिंट के लिये इंतजार करें.

  Murari Pareek

8 January 2010 at 20:30

Ann Jones

  anjana

8 January 2010 at 20:30

Stanislas Wawrinka है

  पं.डी.के.शर्मा"वत्स"

8 January 2010 at 20:31

मुरारी भाई एक ओर झेलिए:-

एक बार की बात है कि भाटिया जी को किसी विवाह समारोह में सम्मिलित होने का निमंत्रण प्राप्त हुआ। बस फिर क्या था, भाटिया जी पहुंच गये शादी की दावत में शामिल होने। अब जैसा कि अमूमन पंजाबी और हरियाणवी लोगों की आदत होती है कि भई जब 101 रूपये शगुन दिया है तो किसी न किसी तरीके से उसे वसूल भी तो करना है।लेकिन अब शगुन तो शगुन है कोई लोन की रकम थोडे ही है कि किश्तों में वसूली होगी। अब उन रूपयों की कीमत तो वहां दावत में खा पीकर ही वसूली जा सकती थी। खैर भाटिया जी लगे अपने नुक्सान की भरपाई करने। खाते खाते 2 घंटा बीत गये लेकिन वो तो रूकने का नाम ही नहीं ले रहे थे। ये देखकर वहां किसी सज्जन नें पूछ लिया " अब कितना खाओगे भाटिया जी"
भाटिया जी" अबे यार, मैं तो खुद खा खाकर परेशान हूं,लेकिन क्या करूं कार्ड में लिखा है कि डिनर 7 से 10 बजे तक"।

  Udan Tashtari

8 January 2010 at 20:31

एक बार फिर, चोरी का माल पेश है आपकी खिदमत में:

मरीज़, “डाक्टर साहब मैं एक महीने से अस्पताल में भर्ती हूँ। कम से कम मुझे मेरी बीमारी तो बताइए।“

डाक्टर, “तुम्हें तुम्हारी बीमारी की पड़ी है, मेरी समझ में यह नहीं आ रहा कि तुमसे मैं बिल किस बात का चार्ज़ करूँ?”

  पं.डी.के.शर्मा"वत्स"

8 January 2010 at 20:31

एक बार ताऊ पहली बार शहर घूमने गया। उसने गाँव मे सुन रखा था की, शहरवाले लोग भोले भाले गाँववाले लोगो को खूब बेवकूफ़ बनाते है! इसलिए उनसे सावधान रहना चाहिए! ताऊ सीधे एक होटल मे पहुचां और बोला "आपकी होटल मे सबसे अच्छा कमरा मिलेगा?! होटलवाले ने पहले तो ताऊ का ऊपर से नीचे तक विश्लेषण किया ओर फिर बोला "जी हां श्रीमान, सभी सुविधा वाला कमरा मिल जाएगा, हमारे पास सबसे बढ़िया कमरा एक हज़ार रूपए प्रतिदिन के किराये पर है" ताऊ ने रोबदार आवाज़ मे कहा " हमे किसी प्रकार की सुविधा की कमी तो नही होगी?" होटल वाले ने भरोसा दिलाते हुए कहा " नही श्रीमान,यहां आपको सबसे उत्तम सुविधा मिलेगी." ये कहकर होटल वाले ने एक आदमी को ताऊ का सामान देकर कमरा दिखाने के लिए भेजा। ओर वो आदमी ताऊ को ले के चला गया, फिर दरवाज़ा खोलकर सामान रखकर ताऊ को अंदर बुलाता है। ये क्या! ताऊ का चेहरा ग़ुस्से से लाल "ये क्या 4/6 का कमरा है, यहा पर तो एक आदमी आराम से सो भी नही सकता, और तो और ये तो यहा पर 6 लोग एक साथ खड़े भी नही हो सकते ! मणै इस होटल का सबसे अच्छा कमरा माँगा था इस कमरे का एक हज़ार ले रहे हो!मुझे ऎसा कमरा नही चाहिए " ये बोलते हुए ताऊ गुस्से में नथुने फुल्लाता बाहर आ गया। उस आदमी ने ताऊ को भोले पन से समझाते हुए कहा " साह्ब ये तो लिफ्ट है"

  Udan Tashtari

8 January 2010 at 20:32

जिनके ब्लॉग से चुरा कर ला रहा हूँ कहीं उनका पूरा ब्लॉग ही न यहाँ टिप्पणियों में फिर छप जाये... :)

  पं.डी.के.शर्मा"वत्स"

8 January 2010 at 20:33

समीर लाल जी :- रे ताऊ, तुम मेरे पैसे कब तक लौटा दोगे ?
ताऊ :- मुझसे क्या पूछते हो,मैं कोई ज्योतिषी हूं क्या ?

  पं.डी.के.शर्मा"वत्स"

8 January 2010 at 20:33

समीर लाल जी :- (अपनी धर्मपत्नि से) मेरी अगली कविता का शीर्षक है, आग-पानी- धुआं।
उनकी धर्मपत्नि :- तो सीधे सीधे क्यूं नहीं कहते कि 'हुक्का' है।

  Murari Pareek

8 January 2010 at 20:34

bhai panditji hai to achha par sun liyaa net pe aur show me bol bhi diyaa!!

  Udan Tashtari

8 January 2010 at 20:34

हा हा पंडित जी...आप तो ज्योतिष हो..बताओ, ताऊ कब तक लौटायेगा??

  Udan Tashtari

8 January 2010 at 20:35

डॉ झटका के विरोध मॆं कोई नारा लगाने नहीं आया....हम अकेले झेलें क्या...क्लु तो सबको चाहिये था...

  पं.डी.के.शर्मा"वत्स"

8 January 2010 at 20:35

.....................
एक बार की बात है कि समीर लाल जी और मुरारी लाल इक्कठे कहीं बाजार में घूम रहे थे। रास्ते में एक जगह पर चाय पीने के लिए रूके।जब पीने लगे तो चाय ज्यादा गर्म होने के कारण बेचारे समीर जी का मुहं जल गया। वहां से आगे चले तो रास्ते में एक जगह एक भिखारी खडा भीख मांग रहा था।
भिखारी :- "अल्लाह के नाम पे दे दे बाबा"
समीर जी :- " अले भैया, टमाटर खाओ टमाटर"
भिखारी :- "बाबूजी, टमाटर दे दो, वो ही खा लेंगे"
मियाँ मुरारी लाल :- "अरे भाई, इनका मुंह जल गया है. ये कह रहे हैं कि कमाकर खाओ,कमाकर!"

  Udan Tashtari

8 January 2010 at 20:36

अभी तक सही जबाब नहीं आया है.

  Udan Tashtari

8 January 2010 at 20:37

हा हा!! टमाटर.....भिखारी को शर्म नहीं आई इतनी मंहगी चीज मांगते.. :)

  अल्पना वर्मा

8 January 2010 at 20:39

Male hai ya Female??

[Dr.Jhtka ke virodh mein main hun aap ke saath]

  Udan Tashtari

8 January 2010 at 20:39

Female है अल्पना जी.....

  Murari Pareek

8 January 2010 at 20:40

bahut hi pyaare aur nyaare joks mil gaye panditji aur sameerji ko dil se dhanywaad!!!

  अल्पना वर्मा

8 January 2010 at 20:40

oho..main ise male samjh rahi thi

  Murari Pareek

8 January 2010 at 20:41

ye tamatar wala bol diyaa baaki upar ke do teen maine copy paste kar liye !!~

  डाँ. झटका..

8 January 2010 at 20:41

एक जरुरी सूचना :-

आज उडनतश्तरी को गैर वाजिब हिंट देने के मामले मे रामप्यारी पहेली कमेटी ने दोषी पाया है.

अत: पुरानी सजा पूरी होने के बाद दो सप्ताह तक आयोजन का जिम्मा सम्भालने की सजा सुनाई जाती है.

इस सजा की कहीं अपील नही हो सकती.

धन्यवाद.

  Udan Tashtari

8 January 2010 at 20:41

डॉ झटका का नाम अगर शॉ गटका होता तो फर्स्ट नेम का क्लु भी इनके नाम के पहले अक्षर से दे देता लिकिन उनका नाम तो डॉ झटका है.

  अल्पना वर्मा

8 January 2010 at 20:42

Gabriela Sabatini

  Udan Tashtari

8 January 2010 at 20:42

मर गये...मदद करने का जमाना लद गया...मैं उदास हो गया...चौकीदारी तो मेरी आदत बन कर ही मानेगी...

  Murari Pareek

8 January 2010 at 20:42

Maria Vanina Garcia Sokol

  Udan Tashtari

8 January 2010 at 20:43

कोई मुझे बचवा दो...पाँच बार सलाम साब कहूँगा!!!

  Udan Tashtari

8 January 2010 at 20:44

अब न हिन्ट के बारे में बात करुँगा...न कुछ बोलूँगा..बस, सलाम किया करुँगा!!

  Murari Pareek

8 January 2010 at 20:45

ha..ha.. yehi to nyaay hai!!

  Udan Tashtari

8 January 2010 at 20:45

पुरानी सजा कब खत्म होना है डॉ झटका.....रामप्यारी कहाँ गई...ब.हू..हू..

  anjana

8 January 2010 at 20:46

Mats Wilander ही है पक्का

  makrand

8 January 2010 at 20:46

समीर अंकल नाम्स्ते. क्या होगया? सलाम क्यों कर रहे हैं?

  Udan Tashtari

8 January 2010 at 20:46

मुरारी बाबू..याद रहे..कल से एकदम स्ट्रिक्ट खेल करवाऊँगा..पंडित जी को लिंक देने का शुल्क अदा करवाये बिना नहीं छोड़ा करुँगा...सबसे बदले निकालूँगा.

  पं.डी.के.शर्मा"वत्स"

8 January 2010 at 20:47

Gabriela Sabatini of Argentina

  Udan Tashtari

8 January 2010 at 20:47

मकरंद...भईये...सजा दो हफ्ते और बढ़ गई..मदद करने का जमाना नहीं रहा!

  अल्पना वर्मा

8 January 2010 at 20:47

Sahi jawab aaya ki nahin???

Sameer ji....badhaayee ho..aap ki Gorakhaa duty bani rahe!ha ha haa!

  पं.डी.के.शर्मा"वत्स"

8 January 2010 at 20:49

अपनी करनी का फल तो मनुष्य को भोगना ही पडता है :)

  अल्पना वर्मा

8 January 2010 at 20:49

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  Udan Tashtari

8 January 2010 at 20:49

अल्पना जी, आपको तो मैने अपना हितैषी समझ लगभग पूरा ही जबाब बता दिया था और आप भी????? यही जमाना आ गया है..:)

  Udan Tashtari

8 January 2010 at 20:49

पंडित जी, याद रहे विज्ञापन शुल्क...करनी का फल!!!

  अल्पना वर्मा

8 January 2010 at 20:49

:)---Sahi kahaa......अपनी करनी का फल तो मनुष्य को भोगना ही पडता है :)

  अल्पना वर्मा

8 January 2010 at 20:51

hitaishi hun Sameerji...

Dr.Jhtka ji se request hai--
JO CHaubaara vijeta ho use ab ayojan sunpa jaye!
Paheli mein bhaag na lene ke dard ko main samjh sakti hun Sameer ji...poori sahanubhuti hai.

[Rekha ji sun rahi hain na aap??}

  Udan Tashtari

8 January 2010 at 20:51

काश!! मै दुनिया पहचान पाता!!! मैं इतना सीधा क्यूँ हूँ!!!

  Udan Tashtari

8 January 2010 at 20:52

मैं छुपाना जानता तो जग मुझे साधू समझता
शत्रु मेरा बन गया है छलरहित व्यवहार मेरा।
-हरिवंश राय बच्चन

  पं.डी.के.शर्मा"वत्स"

8 January 2010 at 20:52

ऊपरवाले के यहाँ देर है लेकिन अन्धेर नहीं :)

  anjana

8 January 2010 at 20:53

Mark Anthony Philippoussis ही है

  makrand

8 January 2010 at 20:54

अरे समीर अंकल, उपर की टिप्पणीयां पढकर मालूम पडा कि डाक्टर झटका ने नाप दिया आपको?

आंदोलन करो अंकल.मैं आपके साथ हूं...डाक्तर झटका की दादागिरी नही चलेगी ...नही चलेगी..

  अल्पना वर्मा

8 January 2010 at 20:54

HURRAY!!!!!!!!!!
Link mil gyaa..Sameer ji--link de dun kya??

  makrand

8 January 2010 at 20:55

डाक्टर झटका हाय हाय...डाक्टर झटका हाय हाय...डाक्टर झटका हाय हाय...डाक्टर झटका हाय हाय..

  अल्पना वर्मा

8 January 2010 at 20:55

Makrandaa..

link de dun--aap sazaa bhugat lena???okay bachhe?

  Udan Tashtari

8 January 2010 at 20:55

अन्जना जी की खिलाड़ी भावना को नमन. :)

  अल्पना वर्मा

8 January 2010 at 20:55

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  makrand

8 January 2010 at 20:55

अल्पना आंटी नम्स्ते ..आप तो लिंक दिजिये फ़टाफ़ट

  makrand

8 January 2010 at 20:56

डाक्टर झटका हाय हाय...डाक्टर झटका हाय हाय...डाक्टर झटका हाय हाय...डाक्टर झटका हाय हाय...

  Udan Tashtari

8 January 2010 at 20:56

चका जाम लगा दो, मकरंद!! पटरी पर लेट जाओ..रेल रोको आंदोलन करो!!!

  अल्पना वर्मा

8 January 2010 at 20:56

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  पं.डी.के.शर्मा"वत्स"

8 January 2010 at 20:56

मियाँ मुरारी जी, कुछ ओर चुटकुले चाहिएं हो तो बताईये....

  makrand

8 January 2010 at 20:57

वाह अल्पना आंटी...आपने तो सचमुच लिंक देदिया...डाक्टर झटका जरा जल्दी...आवो

  Udan Tashtari

8 January 2010 at 20:57

हम तो लिंक के लिए कुछ बोलेंगे नहीं...दिन ठीक नहीं चल रहे. :)

  अल्पना वर्मा

8 January 2010 at 20:57

GOOD NIGHT :) SABHI KO>>>>>>>>>>>>>>>>>>>>>>>>>>>>>>>>>>>>>>>>>>>>>>>>>.......................................................................................:)Makarandaaa bete sambhal lena--bye

  makrand

8 January 2010 at 20:58

डाक्टर झटका हाय हाय...डाक्टर झटका हाय हाय...डाक्टर झटका हाय हाय...डाक्टर झटका हाय हाय...दादा गिरी नही चलेगी...डाक्टर झटका हाय हाय...डाक्टर झटका हाय हाय...डाक्टर झटका हाय हाय...डाक्टर झटका हाय हाय...

  अल्पना वर्मा

8 January 2010 at 20:58

GOOD NIGHT :) SABHI KO>>>>>>>>>>>>>>>>>>>>>>>>...........................:)Makarandaaa bete sambhal lena--bye

  makrand

8 January 2010 at 20:58

डाक्टर झटका हाय हाय...डाक्टर झटका हाय हाय...डाक्टर झटका हाय हाय...डाक्टर झटका हाय हाय...दादा गिरी नही चलेगी...डाक्टर झटका हाय हाय...डाक्टर झटका हाय हाय...डाक्टर झटका हाय हाय...डाक्टर झटका हाय हाय...

  अल्पना वर्मा

8 January 2010 at 20:59

GOOD NIGHT :) SABHI k0....:)Makarandaaa bete sambhal lena--bye bye bye....main chali....

  makrand

8 January 2010 at 20:59

डाक्टर झटका हाय हाय...डाक्टर झटका हाय हाय...डाक्टर झटका हाय हाय...डाक्टर झटका हाय हाय...दादा गिरी नही चलेगी...डाक्टर झटका हाय हाय...डाक्टर झटका हाय हाय...डाक्टर झटका हाय हाय...डाक्टर झटका हाय हाय...

  अल्पना वर्मा

8 January 2010 at 20:59

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  डाँ. झटका..

8 January 2010 at 21:01

जरुरी सूचना :-

मकरंद पर बेवजह आंदोलन करने की वजह से ३१ टिप्पणीयों का दंड लगाया गया है.

तुरंत भरा जाये. कोई अफिल नही होगी.

  Udan Tashtari

8 January 2010 at 21:03

ये लो अल्पना जी लिंक भी दे गईं..अब तो कल दंड देंगे ही डॉ झटका ...पक्का!! मैं तो बीच में कुछ बोलूंगा नहीं..

  डाँ. झटका..

8 January 2010 at 21:03

जरुरी सूचना :-

अल्पना जी पर लिंक देने के आरोप को सही पाया जाता है और २१ पहली बार के लिये और २१ दूसरी बार के लिये कुल ४२ टिप्पणीयों का दंड आरोपित किया गया है. समय सीमा २४ घंटे हैं.

उडनतश्तरीजी मकरंद और अल्पना जी की टिप्पणियां गिनकर रसीद देवे और खजाने मे जमा करें.

धन्यवाद

  Udan Tashtari

8 January 2010 at 21:04

आ जाओ मकरंद..मैं तो निष्पक्ष हो गया हूँ.

  अल्पना वर्मा

8 January 2010 at 21:04

:) link delete kar diya...makaranada ke liye tha..

  makrand

8 January 2010 at 21:05

समीर अंकल अब तो आपके साथ साथ मैं भी नप गया?

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