खुल्ला खेल फ़र्रुखाबादी (185) : आयोजक उडनतश्तरी

बहनों और भाईयों, मैं उडनतश्तरी इस फ़र्रुखाबादी खेल में आप सबका आयोजक के बतौर हार्दिक स्वागत करता हूं.

आपका इस खेल को संचालित करने मे मुझे पुर्ण सहयोग मिलता आया है और उम्मीद करता हूं कि अब आने वाले दिनों में भी मिलता रहेगा. और मुझे आपका सहयोग लगेगा ही, क्योंकि मेरी सजा पूरी होने के पहले ही आप लोग मुझे नई सजा दिलवा देते हैं. लगता है अब मुझे आयोजक की भूमिका मे ही आप लोग ज्यादा पसंद करते हैं. जैसी आपकी इच्छा.

इस खेल मे आप लोगो के सहयोग से रोचकता बरकरार है. सभी इसका आनंद ले रहें हैं. आगे भी लेते रहें. तो आईये अब आज का बहुत ही आसान सवाल आपको बताते हैं :-

नीचे का चित्र देखिये और बताईये कि ये क्या है?



तो अब फ़टाफ़ट जवाब दिजिये. इसका जवाब कल शाम को 4:00 तक आचार्य हीरामन "अंकशाश्त्री" देंगे. आज मैं और डाक्टर झटका खेल दौरान आपके साथ रहेंगे.

"बकरा बनाओ और बकरा मेकर बनो"

टिप्पणियों मे लिंक देना कतई मना है..इससे फ़र्रुखाबादी खेल खराब हो जाता है. लिंक देने वाले पर कम से कम २१ टिप्पणियों का दंड है..अधिकतम की कोई सीमा नही है. इसलिये लिंक मत दिजिये.



Promoted By :धन्यवाद

92 comments:

  सुनीता शानू

28 January 2010 at 18:07

नमस्कार! किसी जानवर का पैर लग रहा है शायद गाय या घोड़ा या कोई और...

  Udan Tashtari

28 January 2010 at 18:12

हाजिर ऑन ड्यूटी!

सलाम..

  सुनीता शानू

28 January 2010 at 18:14

ये सफ़ेद और काले दो कुत्ते खड़े हैं

  Yashwant Mehta

28 January 2010 at 18:14

jo aa gaye hei unko ram ram
jo ane wale hei unko bhi ram ram

  Yashwant Mehta

28 January 2010 at 18:15

This comment has been removed by the author.
  Yashwant Mehta

28 January 2010 at 18:16

ये किसी इन्सान का पैर है

  अनाम

28 January 2010 at 18:19

ये तो घोडे की भुजा अथवा टाँग प्रतीत हो रही है.

  Gagan Sharma, Kuchh Alag sa

28 January 2010 at 18:20

गगन किनारे बैठ कर खुल्ले खेल का तमाशा देख :)

  दिगम्बर नासवा

28 January 2010 at 18:25

Ghodon ki tang .......

hamaari raam raam sabhi ko ......

  "सन्नी"

28 January 2010 at 18:30

विस्तार से बता देता हूँ
एक इन्सान की टांग और एक जानवर की टांग

  पं.डी.के.शर्मा"वत्स"

28 January 2010 at 18:34

पहेली तो बाद में भी बूझ ली जाएगी..कहीं भागी थोडा जा रही है:) उस से पहले एक विज्ञापन ठेल कर अपने समय की कुछ कीमत ही वसूल ली जाए:)

चिट्ठाद्योग सेवा संस्थान........

  "सन्नी"

28 January 2010 at 18:41

बहुत बढिया उद्योग है
आप प्रचार भी कर रहे हो

  anjana

28 January 2010 at 18:42

सभी को हमारी राम राम

  Rekhaa Prahalad

28 January 2010 at 18:42

hume to ye hybrid mooli aur baigan lag rahe hai; ho sakata hai kuch hormonal injection de kar inko mota kiya ho;)

  Udan Tashtari

28 January 2010 at 18:44

काफी मेहनती पहेली है.

  anjana

28 January 2010 at 18:45

ये कोई जानवर लगते है।घोडा और कुत्ता है!

  सुनीता शानू

28 January 2010 at 18:47

रेखा जी बिलकुल सही कहा आपने करामाती इंजेक्शन ने बहुत ही कमाल किया है आप पढ़ना चाहेगी तो मेरे ब्लॉग "कुछ विशेष" पर देखियेगा। यहाँ लिंक देना मना है जाने कब सज़ा लगा दे:)

  सुनीता शानू

28 January 2010 at 18:49

अरे काले-सफ़ेद कुत्ते दो टाँग पर खड़े हैं कोई बैंगन मूली नही जो काट कर खा जाओ...चलो अब हम जाते हैं. चाय पीनी हो तो बताओ। आज हम पिलाने के मूड मे हैं बस।

  "सन्नी"

28 January 2010 at 18:58

सब चुप बैठ गए , पहेली कठिन हैं लगता हैं
मकरंद कहा गया????

  पी.सी.गोदियाल

28 January 2010 at 19:03

सभी को राम-राम जय हिंद और वन्देमातरम

  पी.सी.गोदियाल

28 January 2010 at 19:03

घोड़े की टांग लग रही है मन्ने तो

  पी.सी.गोदियाल

28 January 2010 at 19:04

मकरंद शायद अभी ट्यूशन से लौटा नहीं !

  anjana

28 January 2010 at 19:26

डाँ झटका जी जल्दी से हिंट दीजिऎ

  makrand

28 January 2010 at 19:47

सभी को नमस्ते आज अभी ट्युशन से आया हूं. से आया हुं.

आखिर डाक्टर झटका ने अपनी औकात दिखा ही दी?

  makrand

28 January 2010 at 19:48

सभी को नमस्ते आज अभी ट्युशन से आया हूं. से आया हुं.

आखिर डाक्टर झटका ने अपनी औकात दिखा ही दी?

  makrand

28 January 2010 at 19:48

सभी को नमस्ते आज अभी ट्युशन से आया हूं. से आया हुं.

आखिर डाक्टर झटका ने अपनी औकात दिखा ही दी?

  makrand

28 January 2010 at 19:48

सभी को नमस्ते आज अभी ट्युशन से आया हूं. से आया हुं.

आखिर डाक्टर झटका ने अपनी औकात दिखा ही दी?

  makrand

28 January 2010 at 19:48

सभी को नमस्ते आज अभी ट्युशन से आया हूं. से आया हुं.

आखिर डाक्टर झटका ने अपनी औकात दिखा ही दी?

  Udan Tashtari

28 January 2010 at 19:48

ट्यूशन में प्रेम से बोला!! :)

  makrand

28 January 2010 at 19:49

सुनिता आंटी नमस्ते. यह कुत्ते नही एक सफ़ेद और एक काला गधेडा है...लिंक मेरे पास है. दूं क्या?

  makrand

28 January 2010 at 19:49

सुनिता आंटी नमस्ते. यह कुत्ते नही एक सफ़ेद और एक काला गधेडा है...लिंक मेरे पास है. दूं क्या?

  makrand

28 January 2010 at 19:49

सुनिता आंटी नमस्ते. यह कुत्ते नही एक सफ़ेद और एक काला गधेडा है...लिंक मेरे पास है. दूं क्या?

  makrand

28 January 2010 at 19:49

सुनिता आंटी नमस्ते. यह कुत्ते नही एक सफ़ेद और एक काला गधेडा है...लिंक मेरे पास है. दूं क्या?

  makrand

28 January 2010 at 19:49

सुनिता आंटी नमस्ते. यह कुत्ते नही एक सफ़ेद और एक काला गधेडा है...लिंक मेरे पास है. दूं क्या?

  makrand

28 January 2010 at 19:50

समीर अंकल नाम्स्ते. आअप्ने मुझे सजा चिपकवा दी और खुद बच गये?

  makrand

28 January 2010 at 19:50

समीर अंकल नाम्स्ते. आअप्ने मुझे सजा चिपकवा दी और खुद बच गये?

  makrand

28 January 2010 at 19:50

समीर अंकल नाम्स्ते. आअप्ने मुझे सजा चिपकवा दी और खुद बच गये?

  Udan Tashtari

28 January 2010 at 19:50

सुनिता आंटी दिख रही हैं मकरंद...हम नहीं?? क्यूँ..

  makrand

28 January 2010 at 19:50

समीर अंकल नाम्स्ते. आअप्ने मुझे सजा चिपकवा दी और खुद बच गये?

  makrand

28 January 2010 at 19:50

समीर अंकल नाम्स्ते. आअप्ने मुझे सजा चिपकवा दी और खुद बच गये?

  Udan Tashtari

28 January 2010 at 19:51

अरे, दिख गये...हमारी भी तो सजा हुई...३ हफ्ते चौकीदारी और बढ़ गई..अब मार्च के आखिर तक चौकीदार//

  makrand

28 January 2010 at 19:51

यशवंत मेहता अंकल नमस्ते....मेरे साथ जोर से बोलिये..डाक्टर झटका हाय...हाय..

  makrand

28 January 2010 at 19:51

यशवंत मेहता अंकल नमस्ते....मेरे साथ जोर से बोलिये..डाक्टर झटका हाय...हाय..

  makrand

28 January 2010 at 19:51

यशवंत मेहता अंकल नमस्ते....मेरे साथ जोर से बोलिये..डाक्टर झटका हाय...हाय..

  makrand

28 January 2010 at 19:52

यशवंत मेहता अंकल नमस्ते....मेरे साथ जोर से बोलिये..डाक्टर झटका हाय...हाय..

  makrand

28 January 2010 at 19:52

यशवंत मेहता अंकल नमस्ते....मेरे साथ जोर से बोलिये..डाक्टर झटका हाय...हाय..

  makrand

28 January 2010 at 19:52

यशवंत मेहता अंकल नमस्ते....मेरे साथ जोर से बोलिये..डाक्टर झटका हाय...हाय..

  Udan Tashtari

28 January 2010 at 19:53

मकरंद हाय हाय मत करो..सजा और बढ़ा देंगे डॉ झटका..बहुत गुस्से वाले हैं.

  makrand

28 January 2010 at 19:53

अरे समीर अंकल मैं उपर से देखके नमस्ते करता आरहा था...बाद मे आपको भी करली..थी ना अंकल

  makrand

28 January 2010 at 19:53

अरे समीर अंकल मैं उपर से देखके नमस्ते करता आरहा था...बाद मे आपको भी करली..थी ना अंकल

  makrand

28 January 2010 at 19:54

अरे समीर अंकल मैं उपर से देखके नमस्ते करता आरहा था...बाद मे आपको भी करली..थी ना अंकल

  makrand

28 January 2010 at 19:54

अरे समीर अंकल मैं उपर से देखके नमस्ते करता आरहा था...बाद मे आपको भी करली..थी ना अंकल

  makrand

28 January 2010 at 19:54

अरे समीर अंकल मैं उपर से देखके नमस्ते करता आरहा था...बाद मे आपको भी करली..थी ना अंकल

  makrand

28 January 2010 at 19:54

अरे समीर अंकल मैं उपर से देखके नमस्ते करता आरहा था...बाद मे आपको भी करली..थी ना अंकल

  makrand

28 January 2010 at 19:54

अरे समीर अंकल मैं उपर से देखके नमस्ते करता आरहा था...बाद मे आपको भी करली..थी ना अंकल

  Udan Tashtari

28 January 2010 at 19:56

हिन्ट


इस तस्वीर में इन्सान नहीं हैं.

  makrand

28 January 2010 at 19:56

तो अब क्या डाक्टर झटका को बाय बाय करुं? बिना टिप्पणी लिये तो मानेगा नही? आज पूरी नही की तो कल डबल कर देगा...आप जरा गिनिये शायद पूरी होगई हैं...इत्ती देर होगई..

  makrand

28 January 2010 at 19:56

तो अब क्या डाक्टर झटका को बाय बाय करुं? बिना टिप्पणी लिये तो मानेगा नही? आज पूरी नही की तो कल डबल कर देगा...आप जरा गिनिये शायद पूरी होगई हैं...इत्ती देर होगई..

  Udan Tashtari

28 January 2010 at 19:56

हाँ देख लिया...नमस्ते मकरंद!

  makrand

28 January 2010 at 19:56

तो अब क्या डाक्टर झटका को बाय बाय करुं? बिना टिप्पणी लिये तो मानेगा नही? आज पूरी नही की तो कल डबल कर देगा...आप जरा गिनिये शायद पूरी होगई हैं...इत्ती देर होगई..

  makrand

28 January 2010 at 19:56

तो अब क्या डाक्टर झटका को बाय बाय करुं? बिना टिप्पणी लिये तो मानेगा नही? आज पूरी नही की तो कल डबल कर देगा...आप जरा गिनिये शायद पूरी होगई हैं...इत्ती देर होगई..

  makrand

28 January 2010 at 19:56

तो अब क्या डाक्टर झटका को बाय बाय करुं? बिना टिप्पणी लिये तो मानेगा नही? आज पूरी नही की तो कल डबल कर देगा...आप जरा गिनिये शायद पूरी होगई हैं...इत्ती देर होगई..

  makrand

28 January 2010 at 19:56

तो अब क्या डाक्टर झटका को बाय बाय करुं? बिना टिप्पणी लिये तो मानेगा नही? आज पूरी नही की तो कल डबल कर देगा...आप जरा गिनिये शायद पूरी होगई हैं...इत्ती देर होगई..

  makrand

28 January 2010 at 19:57

तो अब क्या डाक्टर झटका को बाय बाय करुं? बिना टिप्पणी लिये तो मानेगा नही? आज पूरी नही की तो कल डबल कर देगा...आप जरा गिनिये शायद पूरी होगई हैं...इत्ती देर होगई..

  makrand

28 January 2010 at 19:57

तो अब क्या डाक्टर झटका को बाय बाय करुं? बिना टिप्पणी लिये तो मानेगा नही? आज पूरी नही की तो कल डबल कर देगा...आप जरा गिनिये शायद पूरी होगई हैं...इत्ती देर होगई..

  makrand

28 January 2010 at 19:57

तो अब क्या डाक्टर झटका को बाय बाय करुं? बिना टिप्पणी लिये तो मानेगा नही? आज पूरी नही की तो कल डबल कर देगा...आप जरा गिनिये शायद पूरी होगई हैं...इत्ती देर होगई..

  makrand

28 January 2010 at 19:58

रघुपति राघव राजाराम
झटका पावन सीताराम

  makrand

28 January 2010 at 19:58

रघुपति राघव राजाराम
झटका पावन सीताराम

  makrand

28 January 2010 at 19:58

रघुपति राघव राजाराम
झटका पावन सीताराम

  makrand

28 January 2010 at 19:58

रघुपति राघव राजाराम
झटका पावन सीताराम

  makrand

28 January 2010 at 19:58

रघुपति राघव राजाराम
झटका पावन सीताराम

  makrand

28 January 2010 at 19:59

रघुपति राघव राजाराम
झटका पावन सीताराम

  makrand

28 January 2010 at 19:59

रघुपति राघव राजाराम
झटका पावन सीताराम

  makrand

28 January 2010 at 19:59

रघुपति राघव राजाराम
झटका पावन सीताराम
झटका को सन्मति दे भगवान

  makrand

28 January 2010 at 19:59

रघुपति राघव राजाराम
झटका पावन सीताराम
झटका को सन्मति दे भगवान

  makrand

28 January 2010 at 19:59

रघुपति राघव राजाराम
झटका पावन सीताराम
झटका को सन्मति दे भगवान

  makrand

28 January 2010 at 19:59

रघुपति राघव राजाराम
झटका पावन सीताराम
झटका को सन्मति दे भगवान

  makrand

28 January 2010 at 20:00

रघुपति राघव राजाराम
झटका पावन सीताराम
झटका को सन्मति दे भगवान

  makrand

28 January 2010 at 20:00

रघुपति राघव राजाराम
झटका पावन सीताराम
झटका को सन्मति दे भगवान

  makrand

28 January 2010 at 20:00

डाक्टर झटके मेरी पूरी होगई...कम हो तो बता देना. अब मैं घर जारहा हूं

  पं.डी.के.शर्मा"वत्स"

28 January 2010 at 20:07

मकरन्द, डा.झटका से ज्यादा सन्मति की जरूरत तुम्हे दिखाई पड रही है :) इत्ती बार दंड भुगत कर भी अक्ल नहीं आइ :)

  पं.डी.के.शर्मा"वत्स"

28 January 2010 at 20:11

सफेद गधा, काला गधा.....

  संगीता पुरी

28 January 2010 at 20:20

सबों को नमस्‍कार .. आज मकरंद को सजा मिली क्‍या ??

  Udan Tashtari

28 January 2010 at 21:12

मकरंद सजा की १३ टिप्पणी बची हैं.

  दिनेशराय द्विवेदी Dineshrai Dwivedi

28 January 2010 at 21:15

हम आए, जब सब चले गए। अपनी राम राम ही रह गई। कल तो ब्रॉडबैंड का बैंड बज रहा था।
हमें तो आज के फोटू में न घोड़ा नजर आ रहा है और न गधा। कोई जन्तु भी नजर नहीं आ रहा है। बस सफेदे (यूकेलिप्टस) के पेड़ का तना दिखाई दे रहा है।

  संगीता पुरी

28 January 2010 at 21:31

मूली जैसा लग रहा है !!

  Udan Tashtari

28 January 2010 at 21:38

मूली...वो भी कन्फर्म नहीं..मूली जैसी?? :)

  संगीता पुरी

28 January 2010 at 21:39

ओके .. मेरा जबाब मूली ही माना जाए !!

  Udan Tashtari

28 January 2010 at 21:43

एक मूली हो गया..दूसरा?? काली गाजर लिख लें क्या?

  Udan Tashtari

28 January 2010 at 21:44

नोट ही तो करना है..हा हा!! काली गाजर का देहरादून में एक बार हलवा खाया था...अह्ह!! क्या स्वाद था..ओह्ह!!

  संगीता पुरी

28 January 2010 at 22:47

यहां दो चीजें हैं क्‍या ??
मुझे लगा एक के बारे में ही बताना है।

  Udan Tashtari

28 January 2010 at 23:14

दूसरा नोट कराईये?

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