खुल्ला खेल फ़र्रुखाबादी (186) : आयोजक उडनतश्तरी

बहनों और भाईयों, मैं उडनतश्तरी इस फ़र्रुखाबादी खेल में आप सबका आयोजक के बतौर हार्दिक स्वागत करता हूं.

आपका इस खेल को संचालित करने मे मुझे पुर्ण सहयोग मिलता आया है और उम्मीद करता हूं कि अब आने वाले दिनों में भी मिलता रहेगा. और मुझे आपका सहयोग लगेगा ही, क्योंकि मेरी सजा पूरी होने के पहले ही आप लोग मुझे नई सजा दिलवा देते हैं. लगता है अब मुझे आयोजक की भूमिका मे ही आप लोग ज्यादा पसंद करते हैं. जैसी आपकी इच्छा.

इस खेल मे आप लोगो के सहयोग से रोचकता बरकरार है. सभी इसका आनंद ले रहें हैं. आगे भी लेते रहें. तो आईये अब आज का बहुत ही आसान सवाल आपको बताते हैं :-

नीचे का चित्र देखिये और बताईये कि ये क्या है?



तो अब फ़टाफ़ट जवाब दिजिये. इसका जवाब कल शाम को 4:00 तक आचार्य हीरामन "अंकशाश्त्री" देंगे. आज मैं और डाक्टर झटका खेल दौरान आपके साथ रहेंगे.

"बकरा बनाओ और बकरा मेकर बनो"

टिप्पणियों मे लिंक देना कतई मना है..इससे फ़र्रुखाबादी खेल खराब हो जाता है. लिंक देने वाले पर कम से कम २१ टिप्पणियों का दंड है..अधिकतम की कोई सीमा नही है. इसलिये लिंक मत दिजिये.

14 comments:

  Udan Tashtari

29 January 2010 at 18:09

अभी आने वालों का स्वागत है!!

  makrand

29 January 2010 at 18:41

सबको नाम्स्ते.

  makrand

29 January 2010 at 18:41

आज कोई दिखाई क्यूं नही देरहा भाई?

  Udan Tashtari

29 January 2010 at 18:48

किसे ढूंढ रहे हो मकरंद

  पी.सी.गोदियाल

29 January 2010 at 18:50

सबको राम-राम !

  पी.सी.गोदियाल

29 January 2010 at 18:50

मगरमच्छ की पूँछ है

  पी.सी.गोदियाल

29 January 2010 at 18:51

समीर जी को दंडवत प्रणाम !

  पी.सी.गोदियाल

29 January 2010 at 18:51

मकरंद जी को लाड-प्यार !

  Udan Tashtari

29 January 2010 at 18:52

भयंकर प्रणाम!!

  makrand

29 January 2010 at 18:56

गोदियाल अंकल नमस्ते, आज ठंड कुछ ज्यादा है क्या?

  Udan Tashtari

29 January 2010 at 19:06

गोदियाल अंकल को ठंड नहीं लगती.

  makrand

29 January 2010 at 19:34

ये कुत्ते की पूंछ है क्या?

  Udan Tashtari

29 January 2010 at 19:36

मुझे तो कोई और ही जानवर लग रहा है.

  makrand

29 January 2010 at 19:38

कौन सा जानवर है अंकल?

Followers