ताऊ की चौपाल मे : दिमागी कसरत - 42


नमस्कार दोस्तों. मैं आचार्य हीरामन "अंकशाश्त्री" आज सुबह की दिमागी कसरत की कक्षा मे आपका स्वागत करता हूं. आप अगर मेरी क्लास में नियमित आते रहे तो आपका दिमाग बिल्कुल मेरी तरह यानि तेज कैंची की तरह चलने लगेगा. तो आज हम आपको एक बिल्कुल सीधा सा सवाल दे रहे हैं. इसे हल करके जवाब दिजिये. फ़िर हम आपकी कापी चेक करके बतायेंगे कि आपके दिमाग की कसरत कितनी हुई?

सवाल यह रहा :-


ऐसा क्या है जो जितना बढ़ता है, उतना कम दिखता है.


तो फ़टाफ़ट जवाब दिजिये!

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Promoted By : ताऊ और भतीजाएवम कोटिश:धन्यवाद

15 comments:

  डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक'

10 January 2010 at 08:21

ये तो लालच ही हो सकता है जी!

  डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक'

10 January 2010 at 08:21

इसे लोभ कहते हैं जी!

  Anonymous

10 January 2010 at 08:26

andhera?

  Gyan Darpan

10 January 2010 at 08:41

यह तो बहुत टेढ़ा सवाल है आचार्य जी !

  Sadhana Vaid

10 January 2010 at 08:45

अँधेरा ।

  निर्मला कपिला

10 January 2010 at 09:11

िआँखों मे जरूर मोतिया उतर आता होगा। मोतिया जितना बढता है उतना कम दिखता है।

  निर्मला कपिला

10 January 2010 at 09:13

वैसे ताऊ जी ये अन्धेरा है जितना बढता है उतना कम दिखाई देता है।
अन्धेरा सही है।

  प्रेमलता पांडे

10 January 2010 at 09:19

जीवन/आयु

  ज़मीर

10 January 2010 at 09:30

उम्र

  Alpana Verma

10 January 2010 at 09:40

Simple hai...

Andhera [darkness]

jitna badhega hamen dikhayee kam dega.

  दिनेशराय द्विवेदी

10 January 2010 at 10:16

बुढ़ापा!

  sangita puri

10 January 2010 at 11:14

आंखों में मोतिया और जीवन में उम्र दोनो जितना बढता है उतना कम दिखता है .. इसके अलावे भी कुछ हो सकते हैं .. कई जबाबों वाली पहेली है ये !!

  Unknown

10 January 2010 at 12:33

अँधेरा और उम्र दोनों

  शमीम

10 January 2010 at 16:56

Doori .

  मोहसिन

10 January 2010 at 17:00

प्रेम या धन ।

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