ताऊ की चौपाल मे : दिमागी कसरत - 52


नमस्कार दोस्तों. मैं आचार्य हीरामन "अंकशाश्त्री" आज सुबह की दिमागी कसरत की कक्षा मे आपका स्वागत करता हूं. आप अगर मेरी क्लास में नियमित आते रहे तो आपका दिमाग बिल्कुल मेरी तरह यानि तेज कैंची की तरह चलने लगेगा. तो आज हम आपको एक बिल्कुल सीधा सा सवाल पूछ रहे हैं. इसका जवाब दिजिये. फ़िर हम आपकी कापी चेक करके बतायेंगे कि आपके दिमाग की कसरत कितनी हुई?

सवाल यह रहा :-


सोचिये कि आप एक नाव में बैठे समुन्द्र की सैर कर रहे हैं और नाव डूबने लगी तथा आप चारों ओर से शार्कों से घिर गये. आप कैसे बचेंगे??


तो फ़टाफ़ट जवाब दिजिये!

आभार : श्री समीरलाल "समीर"

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Promoted By : ताऊ और भतीजाएवम कोटिश:धन्यवाद

11 comments:

  raveesingh

20 January 2010 at 08:07

इसमें क्या दिक्कत है?
सोचना बन्द कर देंगे और सारी की सारी शार्क गायब.
शार्कों की जगह सामने ब्लागवाणी, फिर कैसा खतरा?

  Rekhaa Prahalad

20 January 2010 at 08:11

soch badal denge;)kuch dusara sochenge hahaaa

  Udan Tashtari

20 January 2010 at 08:21

बाप रे, शार्क!! हम तो पूजा करने लगेंगे!!


हे प्रभु, आज बस रक्षा कीजो!!
अवगुण पे मेरे, चित्त न दीजो!!

  Ratan Singh Shekhawat

20 January 2010 at 08:52

हम तो बाबा ताऊ आनंद को याद करेंगे |
हे बाबा कोई चमत्कार कर इन शार्क से बचने का कोई ताऊ नुमा फार्मूला सुझा दो !!

  संगीता पुरी

20 January 2010 at 09:18

आप डर क्‍यूं गए समीर जी .. शार्क मारने के लिए नहीं .. आपको बचाने के लिए आए हैं .. बस इतना ही समझ सकी मैं !!

  Murari Pareek

20 January 2010 at 11:11

हम तो बचे हुए ही हैं नाव डूबी तो नहीं न!!! डूबेगी तो देखा जाएगा!!!

  K. D. Kash

20 January 2010 at 11:15

हेलिकॉप्टर की मदद से

  K. D. Kash

20 January 2010 at 11:16

फोन करके हेलिकॉप्टर मंग्वाएंगे

  पी.सी.गोदियाल

20 January 2010 at 11:54

ताऊ-ताऊ चिल्लाना शुरू कर दूंगा :)

  Sadhana Vaid

20 January 2010 at 16:50

जिन समुद्रों में शार्क्स होती है वहाँ खुली नावों में सैर करने की अनुमति ही नहीं होती ।

  Sadhana Vaid

20 January 2010 at 16:50

जिन समुद्रों में शार्क्स होती है वहाँ खुली नावों में सैर करने की अनुमति ही नहीं होती ।

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