ताऊ की चौपाल मे : दिमागी कसरत - 63


नमस्कार दोस्तों. मैं आचार्य हीरामन "अंकशाश्त्री" आज सुबह की दिमागी कसरत की कक्षा मे आपका स्वागत करता हूं. आप अगर मेरी क्लास में नियमित आते रहे तो आपका दिमाग बिल्कुल मेरी तरह यानि तेज कैंची की तरह चलने लगेगा. तो आज हम आपको एक बिल्कुल सीधा सा सवाल पूछ रहे हैं. इसका जवाब दिजिये. फ़िर हम आपकी कापी चेक करके बतायेंगे कि आपके दिमाग की कसरत कितनी हुई?

सवाल यह रहा :-


-
घर अंधियारा क्यों...?
फकीर बिगड़ा क्यों...?



तो फ़टाफ़ट जवाब दिजिये!

8 comments:

  Sadhana Vaid

31 January 2010 at 08:05

'दिया' न था इसलिए घर अधियारा था | फ़कीर को भिक्षा में कुछ दिया न गया इसलिए वह बिगड गया |

  मोहसिन

31 January 2010 at 08:11

diya nahi tha.

  दिनेशराय द्विवेदी Dineshrai Dwivedi

31 January 2010 at 08:22

दिया नहीं था।

  raveesingh

31 January 2010 at 08:22

दिया न था

  Udan Tashtari

31 January 2010 at 08:24

दिया नही था

दिया नहीं था..

  Rekhaa Prahalad

31 January 2010 at 08:33

ghar me nahi jala DIYA so andhiyara
fakir ko kuch nahi DIYA to gussa aaya ;)

  राहुल प्रताप सिंह राठौड़

31 January 2010 at 08:53

ताउजी "दिया नहीं था"|

====
सार
===

घर में अँधियारा इसलिए था क्यूंकि "दिया नहीं था"|
फकीर बिगड़ा इसलिए क्यूंकि "दिया नहीं था"|

  अंतर्मन | Inner Voice

31 January 2010 at 12:52

क्योंकि - दिया नहीं था!

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