खुल्ला खेल फ़र्रुखाबादी (190) : आयोजक उडनतश्तरी

बहनों और भाईयों, मैं उडनतश्तरी इस फ़र्रुखाबादी खेल में आप सबका आयोजक के बतौर हार्दिक स्वागत करता हूं.

जैसा कि आप जानते हैं कि अब से इस खेल के दिन मंगलवार और शुक्रवार निर्धारित कर दिये गये हैं. समय शाम 4:44 PM. रहेगा. आईये अब खेल शुरु करते हैं.

नीचे का चित्र देखिये और बताईये कि इस पेड पर यह काहे की लता चढ रही है?



तो अब फ़टाफ़ट जवाब दिजिये. आज मैं और डाक्टर झटका खेल दौरान आपके साथ रहेंगे.

"बकरा बनाओ और बकरा मेकर बनो"

टिप्पणियों मे लिंक देना कतई मना है..इससे फ़र्रुखाबादी खेल खराब हो जाता है. लिंक देने वाले पर कम से कम २१ टिप्पणियों का दंड है..अधिकतम की कोई सीमा नही है. इसलिये लिंक मत दिजिये.

54 comments:

  vishal

5 February 2010 at 16:51

Money Plant

  पी.सी.गोदियाल

5 February 2010 at 17:38

मनी प्लांट नहीं है, दो अलग अलग जंगली बेले है लेकिन नाम नहीं याद आ रहा !

  पी.सी.गोदियाल

5 February 2010 at 17:40

सभी आगंतुको (जो आ गए और आने वालो ) दोनों को मेरा राम-राम !

  Rekhaa Prahalad

5 February 2010 at 18:06

kaali mirch black pepper

  Udan Tashtari

5 February 2010 at 18:20

स्वागत है सभी मित्रों का.

  निर्मला कपिला

5 February 2010 at 18:33

पहली बार कुछ समझ पाये मगर मुझ से पहले आने वाले बाजी मार गये मनी पलांट ही है।

  makrand

5 February 2010 at 18:40

विशाल अंकल नाम्स्ते

  makrand

5 February 2010 at 18:40

गोदियाल अंकल नाम्स्ते

  makrand

5 February 2010 at 18:40

रेखा आंटी को प्रणाम

  makrand

5 February 2010 at 18:40

अब समीर अंक्ल को प्रणाम

  Udan Tashtari

5 February 2010 at 18:41

हमें नहीं नमस्ते किया मकरंद

  makrand

5 February 2010 at 18:41

निर्मला आंटी नमस्ते

  makrand

5 February 2010 at 18:41

बाद मे आने वाले सभी अंकलो और आंटियों को प्रणाम

  Udan Tashtari

5 February 2010 at 18:41

चौकीदार को सबसे बाद में...वो भी जैसे बला टला रहे हो??

  makrand

5 February 2010 at 18:42

और अब मेरा जवाब, यह मनी प्लांट ही है. लिंक मिल चुका है.

  makrand

5 February 2010 at 18:43

नही समीर अंकल, मैने नम्बरवाईज सलाम मारा है सभी को? आज कल लोग यहां दिखते नही हैं? क्या बात है?

  Udan Tashtari

5 February 2010 at 18:44

सब गायब हो गये हैं ठंड में..

  दीपक "तिवारी साहब"

5 February 2010 at 18:44

सभी बंधू बांधवियों को सलाम नमस्ते

  Udan Tashtari

5 February 2010 at 18:45

एक्ज़ाम पास आ रहे हैं सब के.

  makrand

5 February 2010 at 18:45

अब तो ठंड कम हो गई?:)

  Udan Tashtari

5 February 2010 at 18:45

तिवारी साहेब को सलाम!

  makrand

5 February 2010 at 18:45

मुरारी अंकल कहां गये?

  दीपक "तिवारी साहब"

5 February 2010 at 18:46

नमस्ते समीर जी...

  Udan Tashtari

5 February 2010 at 18:46

हाँ, लेकिन अब तक रजाई में दुबके रहने की आदत तो नहीं छूटी.. :)

  दीपक "तिवारी साहब"

5 February 2010 at 18:46

ालक मकरंद जरा लिंक दे तो

  Udan Tashtari

5 February 2010 at 18:46

मुरारी अंकल मिमिक्रि में व्यस्त हैं यू ट्यूब पर

  makrand

5 February 2010 at 18:47

तिवारी साहब अब दण्ड भरने की मेरी औकात नही है इस लिये लिंक नही दे सकता.

  किरण राजपुरोहित नितिला

5 February 2010 at 18:47

बेल तो ठीक है पर पेड़ के तने की आकृति बहुत बढिया है सा। मनीप्लांट से और निखर आया है पेड़ ।

  दीपक "तिवारी साहब"

5 February 2010 at 18:47

ये कहीं लौकी की की लता तो अन्ही है बालक मकरंद?

  makrand

5 February 2010 at 18:48

किरण आंटी जी नमस्ते, प्रणाम.

  Udan Tashtari

5 February 2010 at 18:49

स्वागत है!

  दीपक "तिवारी साहब"

5 February 2010 at 18:49

बालक मकरंद तुमने मेरी बात का जवाब नही दिया?

  makrand

5 February 2010 at 18:50

तिवारी साहब आप क्युं बेवकूफ़ बना रहे हैं? लौकी की लता भी कोई इत्ने उंचे पेड पर चढती है क्या?

  दीपक "तिवारी साहब"

5 February 2010 at 18:51

मकरंद तू अभी आजा..मेरे घर के सामने ही है...तेरे को अभी दिखा देता हूं

  makrand

5 February 2010 at 18:55

तिवारी अंकल आपके यहां पिछले बार भी आया था आप्ने बिना चाकलेट दिलाये ही भगा दिया...अब नही आऊंगा...आप तो लिंक दे दिजिये...

  makrand

5 February 2010 at 18:56

अब मैं ट्युशन जा रहा हूं वापसी में मिलुंगा...

  Udan Tashtari

5 February 2010 at 18:56

मकरंद के पास लिंक है तिवारी साहेब...वो काहे आपकी बात मानेगा.

  दीपक "तिवारी साहब"

5 February 2010 at 18:57

समीर जी, बालक बडा चंचल है..निकल लिया पतली गली से...

  दीपक "तिवारी साहब"

5 February 2010 at 18:58

कांटा फ़ंसाने मे बडा माहिर है.:)

  यशवन्त मेहता "सन्नी"

5 February 2010 at 18:59

काली कमली वाले बाबा की जय
सब को राम राम
मकरंद बेटा कैसे हो????

  दीपक "तिवारी साहब"

5 February 2010 at 19:00

"सन्नी" साहब नमस्ते, मकरंद बेटा तो बढ लिया ट्युशन के बहाने.:)

  यशवन्त मेहता "सन्नी"

5 February 2010 at 19:02

आज के तुक्के

१. मनी प्लांट
२. लॊकी की बेल
३. अमर बेल
अभी और सोच कर बताते है
झटका जी लोक करें

  Udan Tashtari

5 February 2010 at 19:02

वो ट्यूशन का बोल कर गली में क्रिकेट खेलता है. :)

  यशवन्त मेहता "सन्नी"

5 February 2010 at 19:05

तिवारी साहब नमस्ते
प्यार से "फ़कीरा" बुला सकते है
सन्नी तो घर में बुलाया जाता है मुझे

  Udan Tashtari

5 February 2010 at 19:07

वाह जी..फकीरा तो बेहतरीन नाम है. :)

  यशवन्त मेहता "सन्नी"

5 February 2010 at 19:13

समीर जी आपको अच्छा लगा नाम, धन्यवाद
आइये आज आपको दिल्ली के दिल कनॉट प्लेस घुमाते है, अपने ब्लोग से

  Udan Tashtari

5 February 2010 at 19:18

आते हैं अभी!! :)

  पं.डी.के.शर्मा"वत्स"

5 February 2010 at 19:35

जै रामप्यारी चौपाल की:)

  Udan Tashtari

5 February 2010 at 20:00

आ ही गये रामप्यारी की चौपाल में पंडित जी...जय हो!!

  Udan Tashtari

5 February 2010 at 20:01

मकरंद आपको याद कर रहा था..बड़े उदास मन से फिर ट्यूशन का कह कर निकला है.

  neelima sukhija arora

6 February 2010 at 13:13

मनीप्लांट

  anjana

6 February 2010 at 16:54

मनीप्लांट

  अल्पना वर्मा

6 February 2010 at 22:29

'black pepper vine' hi hai.
[iski leaves par veins ka pattern special hai---]

  डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक

7 February 2010 at 18:14

ये तो अमर बेल है!

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