खुल्ला खेल फ़र्रुखाबादी (192) : आयोजक उडनतश्तरी

बहनों और भाईयों, मैं उडनतश्तरी इस फ़र्रुखाबादी खेल में आप सबका आयोजक के बतौर हार्दिक स्वागत करता हूं.

जैसा कि आप जानते हैं कि अब खुल्ला खेल फ़र्रुखाबादी का आयोजन सिर्फ़ मंगलवार और शुक्रवार शाम को 4:44 PM पर किया जाता है. आईये अब खेल शुरु करते हैं.

नीचे का चित्र देखिये और बताईये कि यह किस चीज के पौधे है?



तो अब फ़टाफ़ट जवाब दिजिये. आज मैं और डाक्टर झटका खेल दौरान आपके साथ रहेंगे.

"बकरा बनाओ और बकरा मेकर बनो"

टिप्पणियों मे लिंक देना कतई मना है..इससे फ़र्रुखाबादी खेल खराब हो जाता है. लिंक देने वाले पर कम से कम २१ टिप्पणियों का दंड है..अधिकतम की कोई सीमा नही है. इसलिये लिंक मत दिजिये.



Promoted By : लतश एवम शिल्कर, धन्यवादको पंकज

34 comments:

  संगीता पुरी

12 February 2010 at 16:57

ईख के पौधे !!

  Rekhaa Prahalad

12 February 2010 at 17:06

spider lily (Hymenocallis occidentalis)

  मोहसिन

12 February 2010 at 17:07

प्याज(onion)का पौधा लग रहा है.

  यशवन्त मेहता "सन्नी"

12 February 2010 at 17:23

लहसुन के

  पी.सी.गोदियाल

12 February 2010 at 17:54

यह कैक्टस किस्म के कांटे का पहाडी पौधा है, जिसके आगे एक नोकीला मोटा काँटा होता है ! मेरे दादाजी अपने पहाडी खेतो की बाउंड्री वाल के रूप में इनका उपयोग करते थे इन्हें बौन्द्री पर रोप कर ~!

  पी.सी.गोदियाल

12 February 2010 at 17:56

इसे पहाडी भाषा में सुल्लू या फिर शूरु कहते है !

  पी.सी.गोदियाल

12 February 2010 at 17:58

अरे नहीं नहीं , मैं भी गया आँखों से , ये तो गन्ने का पौधा है !

  पी.सी.गोदियाल

12 February 2010 at 17:59

सभी को राम-राम और शिवरात्री की हार्दिक शुभकामनाये !

  पं.डी.के.शर्मा"वत्स"

12 February 2010 at 18:12

लहसुन के पौधे

  makrand

12 February 2010 at 18:36

संगीता आंटी को नमस्ते

  makrand

12 February 2010 at 18:36

रेखा आंटी नमस्ते

  makrand

12 February 2010 at 18:37

मोहसिन अंकल नाम्स्ते

  makrand

12 February 2010 at 18:37

फ़कीरा अंकल नमस्ते

  makrand

12 February 2010 at 18:37

गोदियाल अंकल नाम्स्ते

  makrand

12 February 2010 at 18:38

वत्स अंकल नाम्स्ते

  makrand

12 February 2010 at 18:38

आज छुट्टि है फ़िर भी सब गायब? क्या बात है?

  makrand

12 February 2010 at 18:38

समीर अंकल मुरारी अंकल कहां हैं आप लोग? गायब?

  makrand

12 February 2010 at 18:39

तो ठीक है मैं जवाब देकर बढता हूं अब.

  makrand

12 February 2010 at 18:39

ये मुझे सुदर्शन के पेड लग रहे हैं.

  makrand

12 February 2010 at 18:40

ये हमारी स्कूल के बगीचे मे खडा है.

  makrand

12 February 2010 at 18:40

कान मे दर्द होने पर इसके पत्तों का रस निकाल कर कान में टपका देने से कान का दर्द बंद हो जाता है.

  makrand

12 February 2010 at 18:40

कान मे दर्द होने पर इसके पत्तों का रस निकाल कर कान में टपका देने से कान का दर्द बंद हो जाता है.

  makrand

12 February 2010 at 18:41

कान मे दर्द होने पर इसके पत्तों का रस निकाल कर कान में टपका देने से कान का दर्द बंद हो जाता है.

  makrand

12 February 2010 at 18:41

मेरा फ़ायनल जवाब है सुदर्शन का पेड या झाड जो भी आप कहें.

  Hiral

12 February 2010 at 18:42

Sugarcane

  Hiral

12 February 2010 at 18:43

ईख

  Devendra

12 February 2010 at 20:59

मुझे तो गेहूं की बालियाँ लगती हैं.

  Udan Tashtari

12 February 2010 at 21:43

महाशिवरात्री की आपको बहुत शुभकामनाएँ.

  Rekhaa Prahalad

13 February 2010 at 07:08

प्याज(onion) का पौधा लग रहा है!!

  Sadhana Vaid

13 February 2010 at 08:23

यह एलो वेरा का पौधा है | इसे देसी भाषा में ग्वार पाठा भी कहते हैं |

  Sadhana Vaid

13 February 2010 at 08:57

ग्वारपाठा का प्रयोग दवा के रूप में कई तरह से किया जाता है | यह झाडी के रूप में ही होता है | इसका रस और गूदा दोनों ही बहुत फायदेमंद होते हैं |

  RAJNISH PARIHAR

13 February 2010 at 21:01

ये गन्ने का पौधा है !
मेरा एक निवेदन है सबसे...जब पहेली में कोई प्रशन पूछा गया है तो ज़ाहिर है उसका उत्तर देना है..फिर काहे जवाब नहीं देकर इधर उधर की बातें हो रही है..

  Udan Tashtari

14 February 2010 at 00:37

रजनीश भाई

जबाब के साथ साथ मनोरंजन भी होता रहे तो क्या फरक पड़ता है. चार लोग आते हैं, जबाब देते हैं, बातचीत करते हैं और निकल जाते हैं.

गंभीरतावश जीने के लिए तो फिर पहाड़ सा सारा दिन रात सामने है ही.

आशा है अन्यथा न लेंगे.

  RAJNISH PARIHAR

14 February 2010 at 21:15

ji THANX....

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