खुल्ला खेल फ़र्रुखाबादी : विशेष सूचना

बहनों और भाईयो, नमस्कार!

मैं समीरलाल "समीर" आज रामप्यारी पहेली कमेटी की तरफ़ से कुछ जरुरी घोषणाएं कर रहा हूं जो कि निम्नानुसार है.

1. खुल्ला खेल फ़र्रुखाबादी का प्रकाशन अब से सिर्फ़ मंगलवार और शुक्रवार शाम को 4:44 PM पर ही किया जायेगा. यानि अब से इसका प्रकाशन नित्य नही होगा और समय भी शाम 6:00 बजे से बदलकर शाम 4:44 का कर दिया गया है.
कृपया नोट करें.

२. दिमागी कसरत का सवाल भी अब से नित्य प्रति ना होकर कभी कभी होगा और उसका प्रकाशन समय भी बदलकर सुबह 4:44 AM का किया गया है. यानि जब भी दिमागी कसरत का सवाल प्रकाशित होगा वो सुबह 4:44 AM बजे ही होगा.

3. इनकी जवाबी पोस्ट सुविधानुसार तय कर ली जायेगी.

४. खेल के कायदे कानून सब पुर्ववत ही रहेगें.

५. खुल्ला खेल फ़र्रुखाबादी - 188 वाली पहेली का सही जवाब आने तक वो चालू रहेगी. आप अपने जवाब देना वहां पर चालू रख सकते हैं. सही जवाब आने पर जवाबी पोस्ट प्रकाशित की जायेगी.

६. आपके सुझावों का हमेशा स्वागत है.

आभार सहित

-समीरलाल "समीर"

वास्ते : "रामप्यारी पहेली कमेटी"

10 comments:

  Devendra

1 February 2010 at 18:09

4.44 में तो हम कभी खेल ही नहीं पाएंगे! 6.06,7.07,8.08,9.09या फिर 10.10 होता तो भी ठीक था. लगता है ४.४४ समय किसी बड़ी ज्योतिषाचार्य की सलाह पर रखा गया है.

  अल्पना वर्मा

1 February 2010 at 18:14

in paheliyon ke din badal gaye --theek hai,,,magar.....
dimagi kasrat ka सुबह 4:44 AM ka samay..adhiktar pratiyogiyon ke anukul nahin hoga...

mere vichar mein is samy ko at least 8 baje to karnaa hi chaheeye..

  पी.सी.गोदियाल

1 February 2010 at 18:23

ताऊ जी, ये समीर जी भी न.. यहाँ भी लगता है कनैडियन व्यवस्था थोपने जा रहे है, समय भी क्या लगाया ४.४४ मिनट वो भी तडके सुबह के इंडिया के हिसाब से ! हमें तो बीबी की तरफ से खड़े उठने की पहली लात ही उसके ठीक २ घंटे बाद पड़ती है , तो हम कहाँ से पहेली जीत पाएंगे ? :)

  संगीता पुरी

1 February 2010 at 18:41

किसी ज्‍योतिषी से पूछकर समय तय किया गया लगता है !!

  संगीता पुरी

1 February 2010 at 18:41

This comment has been removed by the author.
  Gagan Sharma, Kuchh Alag sa

1 February 2010 at 18:47

Are bhaai, ham to 6 hi baje nahi pahuch pate the. ee char pe auur doo thho chaar!!!
bahute mushkil hai, hamare aate tak to relam-pel ho na jayega. chaliye auur kuchhuu nahii to baiith ke tamasha ee dekhege.

  पं.डी.के.शर्मा"वत्स"

1 February 2010 at 18:48

चलिए ये भी बढिया रहा...हमारा भी पिंड छूटा वर्ना रोज रोज पहेली के लिए समय निकालना बहुत मुश्किल हो जाता था :)

  डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक

1 February 2010 at 20:33

जानकारी देने के लिए शुक्रिया!

  Sadhana Vaid

1 February 2010 at 23:33

दिमागी कसरत के लिए सुबह ४.४४ का समय बिलकुल भी सही नहीं है | काफी प्रतिभागी तो इस समय तक सोये हुए ही होंगे | जीत की शर्त सबसे पहले और सही जवाब देना है | यहां तो इसकी कोई चुनौती रह ही नहीं जायेगी क्योंकि उत्तर देने के लिए जागना भी तो ज़रूरी है |

  डाँ. झटका..

2 February 2010 at 00:17

जरुरी सूचना : ज्यादातर माननिय सदस्यों के सुझाव पर गौर करते हुये दिमागी कसरत के सवाल का प्रकाशन समय यथावत सुबह आठ बजे ही रहेगा.

धन्यवाद

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