वैशाखनंदन सम्मान प्रतियोगिता मे : अमित कुमार यादव

प्रिय ब्लागर मित्रगणों,
सभी प्रतिभागियों का वैशाखनंदन सम्मान प्रतियोगिता में भाग लेने के लिये हार्दिक आभार. इस प्रतियोगिता में सभी पाठकों का भी अपार स्नेह और सहयोग मिला, बहुत आभार आपका.

कुछ मित्रों की इंक्वायरी उनके शेष बचे आलेखों के बारे में आती रहती हैं. उनसे निवेदन है कि उनकी शेष रचनाएं क्रमश: प्रकाशित होंगी. अगर कोई रचना किसी त्रुटीवश नही मिल रही होगी तो आपसे इमेल द्वारा संपर्क किया जायेगा.

अब इस पोस्ट में श्री अमित कुमार यादव की रचना पढिये

लेखक परिचय :
नाम - अमित कुमार यादव
जन्म - 24 सितम्बर 1986, तहबरपुर, आजमगढ़ (उ0 प्र0)
शिक्षा - इलाहाबाद विश्वविद्यालय से स्नातक एवं तत्पश्चात इंदिरा गांधी नेशनल ओपेन
यूनिवर्सिटी से एम0ए0 (लोक प्रशासन),
विधा - मुख्य रूप से लेख व कवितायेँ.
प्रकाशन - विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं- हिन्दुस्तान, दैनिक आज, अमर उजाला काम्पैक्ट,
समरलोक, सबके दावेदार, सेवा चेतना, जीरो टाइम्स इत्यादि में रचनाओं का प्रकाशन।
सम्मान/पुरस्कार - आउटलुक पत्रिका द्वारा आयोजित प्रतियोगिता में पुरस्कृत।
अभिरूचियाँ - रचनात्मक लेखन व अध्ययन, ब्लाॅगिंग, भ्रमण।
संपर्क- अमित कुमार यादव, द्वारा-श्री राम शिव मूर्ति यादव,स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी (से0नि0),
तहबरपुर, पो0-टीकापुर, आजमगढ़ (उ0प्र0)-276208
ई-मेल- amitky86@rediffmail.com
ब्लॉग : ताका-झाँकी और युवा-मन


क्रिकेट का खेल

क्रिकेट का खेल देखो
बन गया है जुआ
खिलाड़ी-फ्रेंचाईजी खूब खाएं
अधिकारी खायें मालपुआ।

अन्दर पिच पर होता क्रिकेट
सबकी होती बल्ले-बल्ले
बीयर पीकर पार्टी उड़ायें
सब खिलाड़ी हो गए टल्ले

चीयर-लीडर्स डांस दिखाएँ
जब लगे चौका-छक्का
मैच तो पहले से फिक्स था
सब हो गए हक्का-बक्का .

-अमित कुमार यादव.

13 comments:

  Shekhar Kumawat

1 May 2010 at 16:54

BADHAI AAP KO

  Ghanshyam

1 May 2010 at 17:00

बेहतरीन कटाक्ष किया अमित जी ने आज के क्रिकेट पर..बधाई.

  ललित शर्मा

1 May 2010 at 17:02

वाह! बहुत बढिया रचना
आभार

  Ratnesh

1 May 2010 at 17:04

अमित जी....पूरा सिक्सर मारा. ललित मोदी जी आउट.

  Dr. Brajesh Swaroop

1 May 2010 at 17:10

IPL पर करार व्यंग्य..बहुत खूब !!

  Dr. Brajesh Swaroop

1 May 2010 at 17:10

IPL पर करार व्यंग्य..बहुत खूब !!

  अभिलाषा

1 May 2010 at 17:13

प्रासंगिक रचना... बधाई.

  अल्पना वर्मा

1 May 2010 at 17:48

सही कटाक्ष !

  अक्षिता (पाखी)

2 May 2010 at 12:03

बढ़िया लिखा..हहा..हा..हा..मजा आ गया.

  अक्षिता (पाखी)

2 May 2010 at 12:03

बढ़िया लिखा..हहा..हा..हा..मजा आ गया.

  ersymops

2 May 2010 at 15:48

खुबसूरत अभिव्यक्ति..समसामयिक चित्रण ! अमित जी को बधाई.

  इम्तियाज़ गाज़ी : गुफ्तगू

14 May 2010 at 12:45

चीयर-लीडर्स डांस दिखाएँ
जब लगे चौका-छक्का
मैच तो पहले से फिक्स था
सब हो गए हक्का-बक्का
...पोल आपने खोल ही दी...अमित जी को बधाई.

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