वैशाखनंदन सम्मान प्रतियोगिता मे : श्री अमृत लाल चंगेरिया (कुमावत)

प्रिय ब्लागर मित्रगणों,
आज वैशाखनंदन सम्मान प्रतियोगिता में श्री अमृत लाल चंगेरिया (कुमावत) की रचना पढिये.

लेखक परिचय :
लेखक : अमृत 'वाणी'
अमृत लाल चंगेरिया (कुमावत)
वास्तु शास्त्री एंव नक्शा नवीस
एम . ए. , एम. एड .
व्यवसाय : शिक्षा
प्राध्यापक (हिन्दी)
रा. उ. मा. वि. सेंथी चित्तौड्गढ़ (राज)
पता 134 B प्रताप नगर चित्तौड्गढ़ (राज)
फ़ोन +91 1472 244802 (R)
+91 9413180558 (M)
वेब साईट www.amritwani.com / www.amritwani.co.in

E-mail Id info@amritwani.com
amritwani8@gmail.com
रूचि पठन , लेखन तथा भ्रमण
रचनाएँ राजस्थानी व हिन्दी में पध-लेखन ,
समाचार पत्रों , आकाशवाणी व कवि सम्मेलनों में कविताओ की प्रस्तुति
प्रकाशित पुस्तकें आखर कुंडली , महालक्ष्मी चालीसा , सरस्वती चालीसा , साँवरा सेठ चालीसा ,भादवा माता चालीसा , चमत्कार चालीसा , नवी हनुमान चालीसा ,मीरा चालीसा ,जनगणना पर कुंडलिया , शिल्प कला पर सो कुंडलिया ,
प्रकाशन चेतन प्रकाशन
134 B प्रताप नगर चित्तौड्गढ़ (राज


बिकाउ साईकिल



साथियों
सच एक
अतिसुंदर साईकिल
बिकाउ है साहब ।
भगवान ही जाने
केरियर कहां पर
पेडल और पीछे का पहिया गायब ।।

सुंदरसी सीट है
गजब की घण्टी है
कितने
ग्यारह घण्टों की गारण्टी है ।
अतितीव्र गति से चलती
वायु में उड़ती
विषेशता
एक्सीडेण्ट
बहुत जल्दि करती है ।।

टूटा हुआ हेण्डल है
पहिले पहिये में
केवल पच्चीस पिंचर
ब्रेक फेल है
ट्र्ाईल के लिए
साईकिल के साथ में टिंचर है ।।

विषेश जानकारी के लिए
मुझसे मिले
मिलने के लिए
हेलीकोप्टर या कार करे ।
किसी भी सज्जन को
साईकिल पसंद आ गई हो तो
मुझे उसी वक्त
तुरंत तार करे ।।

मेरा पता कलकत्ता
बम्बई बाजार
चैड़ा रास्ता
चोरवाड़ा
बंग्ला नंबर बीस ।
किम्मत कहते
बड़ी शर्म आती
बाकी सब रूपये उधार
केश पेवमेण्ट
केवल चार सौ बीस ।।

3 comments:

  संजय भास्कर

8 May 2010 at 06:25

ढेर सारी शुभकामनायें.

  Udan Tashtari

8 May 2010 at 06:40

वैशाखनंदन सम्मान प्रतियोगिता मे श्रीअमृत लाल चंगेरिया (कुमावत) जी का पुनः स्वागत है एवं इस बेहतरीन रचना के लिए बहुत बधाई.

  Shekhar Kumawat

1 September 2010 at 17:27

BAHUT KHUB

ढेर सारी शुभकामनायें.

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