एक हसींना के इश्क में गिरफ़्तार ताऊ


ताऊ को एक हसीं परी जैसी सख्शियत से इश्क हो गया. वो अपनी दो चार सहेलियों के साथ रोज सुबह व  दोपहर आने लगी. दोनों का इशक परवान चढने लगा.  अपनी मधुर स्वर लहरियों में वो  कई कई राग सुनाती.  मुलाकातों का दौर बढता ही गया.

ताऊ अपने कमरे की खिडकी से बाहर बगीचे की तरफ़ उसके इंतजार में झांकता रहता. ताऊ को इस तरह खोया खोया सा रहता देखकर ताई ने पूछा - तुम्हें ये क्या होता जा रहा है? कहीं किसी भूत प्रेत या जिन्न का साया तो नही आ गया तुम पर?

ताऊ ने जवाब दिया - नही नही, तुम और तुम्हारे लठ्ठ के रहते  भूत प्रेत जिन्न तो क्या उनके वालदेन भी यहां नही फ़टक सकते.

ताई बोली - फ़िर तुम खोये खोये से  खिडकी के  बाहर क्या देखते रहते हो? कभी मुझे भी देख लिया करो.

ताऊ बोला - तुमको देखने के पहले ही मुझे तुम्हारा लठ्ठ दिखाई पडने लगता है.

ताई के पास उस समय लठ्ठ नही था सो भुनभुनाती हुई अपने काम में लग गई. ताई के जाते ही ताऊ की माशूक फ़िर  आ गई. ताऊ उसकी मधुर स्वर लहरियां सुनते हुये उसके निष्पाप सौंदर्य को निहारने  लगा.

ताऊ ने उससे कहा - मुझे तुम्हारी बहुत याद आती है. तुम दोपहर बाद तो आती ही नही हो? तुम अपना एक फ़ोटो खिंचवा लो जिसे मैं हमेशा अपने पास जेब में रखूंगा.

वो बोली - ना ताऊ, तुम मेरे पास मत आना. तुम जैसे ताऊ मनुष्यों से दूर की दोस्ती ही अच्छी है. तुम्हारा क्या भरोसा? और यह कहते हुये वो छूमंतर हो गयी.

    ताऊ की प्रेमिका - Red-Vented Bulbul

ताऊ ने भी ठान लिया  कि अब इसकी तस्वीर तो खींच के ही रहुंगा पर वो इतनी चंचल शोख थी कि कैमरे की फ़्रेम में आ ही नही पाती थी. कैमरे की क्लिक के पहले ही इधर से उधर हो जाती.


आखिर आज सुबह ताऊ को वो खिडकी के बाहर केबल वायर पर बैठे दिख ही गयी और हमेशा के लिये ताऊ की जेब में (कैमरे में)  कैद हो गयी. फ़ोटो Canon 650D कैमरे से अपरेचर कम करके ली गई है, जिससे बैकग्राऊंड गायब होकर सिर्फ़ प्रेमिका ही दिखाई दे रही है.:)

20 comments:

  दिनेशराय द्विवेदी

8 May 2013 at 15:05

ताऊ आज तो मैडल के लायक काम कर दिया। ताई भी लट्ठ को ढूंढती भन्नाती रह जाएगी।

  P.N. Subramanian

8 May 2013 at 15:24

बहुत ऐसे बुलबुल का एक जोड़ा हमारे घर (भोपाल) में हर सिंगार के पेड पर घोंसला बना रखा है

  Anurag Sharma

8 May 2013 at 18:17

आलेख और चित्र, दोनों ही - गजब!

  सुज्ञ

8 May 2013 at 19:29

कमाल की ताऊ प्रेम-कथा

  डॉ. मोनिका शर्मा

8 May 2013 at 21:41

रोचक ढंग से लिखा है .....चित्र अति सुंदर

  BS Pabla

9 May 2013 at 06:54

ऎसी प्रेमिकाएं सबके पास हैं लेकिन किसी को नज़र डालने की फुरसत नहीं

शानदार तस्वीर

  अन्तर सोहिल

9 May 2013 at 11:17

ताऊ की प्रेमिका बहुत प्यारी है, सचमुच परी

प्रणाम

  संगीता स्वरुप ( गीत )

10 May 2013 at 14:10

बहुत सुंदर :)

  expression

11 May 2013 at 08:54

:-)
प्रेम होना स्वाभाविक है...
एक तो सुन्दर और ऊपर से मधुरभाषी !!!
ताई का पत्ता कट!!!

सादर
अनु

  कालीपद प्रसाद

11 May 2013 at 10:28


रोचक प्रेम किस्सा !

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  पूरण खण्डेलवाल

11 May 2013 at 10:53

सुन्दर !!

  पूरण खण्डेलवाल

11 May 2013 at 10:55

सुन्दर !!

  Dr.NISHA MAHARANA

13 May 2013 at 08:29

waah ....

  Rajput

13 May 2013 at 10:47

ताऊ का दिल है की "मानता नहीं" कब कहाँ अटक जाए कोण जाने ।

  कविता रावत

18 May 2013 at 14:32

ऐसी ही सबकी प्रेमिका हो फिर क्या कहने ...... मुझे भी बुलबुल बहुत प्यारी लगती हैं ....जिस घर में हम साल भर पहले रहते थे वहां ४ बार मनीप्लांट में उसने घर बनाया तब बहुत अच्छा लगता था ..लेकिन जब नए घर में शिफ्ट हुए तो वह एक बार गाँव क्या गए बंद स्टोर रूम में पंखे की कटोरी में अपना घर बना गयी ..थोडा आश्चर्य हुआ .....लेकिन अब तो लगता है फाख्ता से प्यार हो गया हमें .. आप भी आईये ब्लॉग पर देखने आसानी से समझ जायेंगे ....बहुत भोली है हमारे घर से नाता जोड़ने वाली फाख्ता।।।

  jyoti khare

19 May 2013 at 21:41

वाह लाजवाब हसीना
एक चिड़िया के माध्यम से बहुत गहन बात कह दी भाई जी
बहुत बहुत बधाई


आग्रह है पढ़ें
http://jyoti-khare.blogspot.in


  Suman

20 May 2013 at 07:09

bahut pyari prem kahani hai :)

  premkephool.blogspot.com

26 July 2013 at 12:33

बहुत सुंदर

  Vinnie Pandit

8 August 2013 at 18:26

Interesting love story
Please visit my blog some times ,"Unwarat.com & after reading articles & stories do give your comments.
Vinnie

  Sumit Madan

27 November 2013 at 22:41

बहुत खूब.. बहुत खूब...

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