ममता की छांव

आजकल मौसम शानदार और सुहाना है, ऊपर से   3 दिन की छुट्टी...यानि आज ईद.  कल शनिवार और फ़िर रविवार. इसी का फ़ायदा उठाकर आज का सारा दिन जंगलों में भटकते हुये बिताया.  परिवार के साथ बाहर घूमने का अपना आनंद है. आज का दिन बेहतरीन गुजरा.

ममता की छांव

जंगल में घुंमते हुये एक चट्टान पर एक मादा बंदर अपनी गोद में अपने लाडले को दुबकाये हुये  कितने ममत्व से भरी बैठी है.  उसको देखते हुये एक अजीब सी अनुभुति हुई...उसे देखता ही रह गया.

यह इधर उधर उछल कूद कर रही थी और मैं उसकी एक अदद फ़ोटो खींचने के मूड में था....आखिर काफ़ी देर बाद उसने इस अंदाज में शान से पोज दिया.

51 comments:

  कौशल लाल

9 August 2013 at 20:10

अदभुत है ये छाव.……… ।

  डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक'

9 August 2013 at 21:53

बहुत सुन्दर प्रस्तुति...!
आपको सूचित करते हुए हर्ष हो रहा है कि आपकी इस प्रविष्टी का लिंक कल शनिवार (10-08-2013) को “आज कल बिस्तर पे हैं” (शनिवारीय चर्चा मंच-अंकः1333) पर भी होगा!
सादर...!
डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक'

  Asha Joglekar

10 August 2013 at 00:36

छुट्टी का दिन और फोटोग्राफी भी कमाल की ।

  sushila

10 August 2013 at 17:01

बहुत ही सुंदर चित्र....ममत्व के भाव जगाता। बहुत सुंदर

  संगीता स्वरुप ( गीत )

10 August 2013 at 22:12

आप फोटोग्राफी में भी माहिर हैं ... बहुत सुंदर ।

  Rohit

11 August 2013 at 23:39

वाह आखिर ताउ घूम ही आए..छुट्टियां ऐसी ही होती हैं औऱ ममता की छांव तो हर प्राणी में दिखती है..बस इंसानी लोगो में कम होती जा रही है

  Suman

12 August 2013 at 16:48

बहुत ही सुन्दर फोटो खिंची है आपने
पोज कितना बढ़िया दिया है उसने, बहुत खूब !

  वसुन्धरा पाण्डेय

15 August 2013 at 19:17

बहुत सुन्दर ताऊ जी...
कुछ इसी तरह की पिक मैंने भी एक ली है,अंतर ये हैं की उसमे उसका बच्चा दूध पी रहा है ...

  SM

16 August 2013 at 20:08

बहुत ही सुन्दर प्रस्तुती

  PBCHATURVEDI प्रसन्नवदन चतुर्वेदी

16 August 2013 at 22:26

लाजवाब...बहुत बहुत बधाई...

  Asha Lata Saxena

19 August 2013 at 07:27

तस्वीर बहुत सुन्दर आई है |
|
आशा

  शिवनाथ कुमार

20 August 2013 at 13:52

यह छांव सबको मिले
सुन्दर फोटो !

  सदा

20 August 2013 at 16:26

इस छाँव के नीचे हर बचपन पले .....

  Anonymous

22 August 2013 at 18:35

हिंदी ब्लॉगर्स चौपाल {चर्चामंच} के शुभारंभ पर आप को आमंत्रित किया जाता है। कृपया पधारें!!! आपके विचार मेरे लिए "अमोल" होंगें | आपके नकारत्मक व सकारत्मक विचारों का स्वागत किया जायेगा |

  Ankur Jain

30 August 2013 at 20:47

शानदार प्रस्तुति।।।

  Ankur Jain

30 August 2013 at 20:48

बेहतरीन...

  चन्द्र भूषण मिश्र ‘ग़ाफ़िल’

31 August 2013 at 13:09

क्या बात वाह!

  वीना श्रीवास्तव

1 September 2013 at 20:37

सबसे खूबसूरत छांव...

  Anju (Anu) Chaudhary

4 September 2013 at 16:54

माँ तो माँ ही है

  Dr.NISHA MAHARANA

12 September 2013 at 09:05

wah...kaam ka kaam aaram ka aaram ..ise kahte hain sukhmay pal ....mamta ki chhanh ke sath ..

  virendra sharma

18 September 2013 at 22:21

सुन्दर छायांकन और रिपोर्ट भी उतनी ही सुन्दर।

  मुकेश कुमार सिन्हा

30 September 2013 at 14:39

khubsurat pose :D
majedaar ho aap :)

  Durga prasad mathur

3 October 2013 at 16:25

ताऊ जी सुन्दर प्यार भरा चित्र, बधाई ।

  संतोष पाण्डेय

3 October 2013 at 17:24

सुन्दर चित्र और आपकी दृष्टि भी अद्भुत।

  Surendra shukla" Bhramar"5

6 October 2013 at 17:41

बहुत सुन्दर छवि ..ममता होती ही ऐसे है त्याग ही त्याग
भ्रमर ५

  Kavita Rawat

7 October 2013 at 22:53

माँ कोई भी उसकी छावं में सभी को सुकूं मिलता है ...बहुत प्यारी ममताभरी प्रस्तुती ..

  Ankur Jain

11 October 2013 at 21:29

सुंदर प्रस्तुति।।।

  Jyoti khare

12 October 2013 at 23:02

नवरात्र की हार्दिक शुभकामनायें

माँ जीवन का सृजन हैं
बहुत सुंदर और सार्थक रचना
सादर

आग्रह है-
पीड़ाओं का आग्रह---

  Rajput

14 October 2013 at 10:37

फोटोग्राफी मे भी ताऊ जी अच्छा दखल रखते हो। कभी संसद के बंदरों से भी रूबरू करवाएँ।

  Smart Indian

31 October 2013 at 05:38

बहुत सुंदर!

  travel ufo

19 November 2013 at 18:58

बहुत सुंदर ताउ

  Kailash Sharma

21 November 2013 at 14:48

बहुत सुन्दर...

  Asha Joglekar

22 November 2013 at 15:23

Tasweer bolatee hai shabdon se bhee jyada.

  PBCHATURVEDI प्रसन्नवदन चतुर्वेदी

8 December 2013 at 22:46

बहुत उम्दा भावपूर्ण प्रस्तुति...बहुत बहुत बधाई...
नयी पोस्ट@ग़ज़ल-जा रहा है जिधर बेखबर आदमी

  Dr (Miss) Sharad Singh

9 December 2013 at 17:02

बहुत रोचक प्रस्तुति....

  Maheshwari kaneri

11 December 2013 at 19:41

बहुत ही सुंदर चित्र...अदभुत है ये छाव.…आभार

  Anita Lalit (अनिता ललित )

23 December 2013 at 18:22

कितनी क्यूट फ़ोटो है...!

~सादर

  Rakesh Kumar

5 January 2014 at 05:46

भावपूर्ण, बहुत सुन्दर

नववर्ष की हार्दिक शुभकामनाएँ ताऊ श्री को

  Aditya Tikku

12 January 2014 at 21:52

atulniy

  Udan Tashtari

9 July 2014 at 06:46

अद्भुत!!

  सु-मन (Suman Kapoor)

25 November 2014 at 12:37

बहुत सुंदर ...ममता की छाँव

  विक्रांत बेशर्मा

4 October 2015 at 21:07

बहुत सुन्दर :)

  Unknown

13 October 2015 at 11:42

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  रश्मि प्रभा...

24 September 2016 at 13:02

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  POOJA...

2 July 2017 at 11:44

अरे वाह ताऊ... फ़ोटो तो बड़ी शानदार है...
आपको इसके लिए जंगल की सैर पे जाना पड़ा, कानपूर आइये, घर बैठे-बैठे ऐसे नज़ारे दिनभर मिलते हैं... पर यहाँ बन्दर मिलेंगे...

  Maheshwari kaneri

3 July 2017 at 22:00

बहुत खूब ताऊ जी ...सब को घेर लिया .?लेकिन अच्छा लगा

  Maheshwari kaneri

3 July 2017 at 22:02

बहुत खूब ..

  shashi purwar

11 July 2017 at 14:38

nice pic

  Atoot bandhan

23 July 2017 at 21:13

बहुत सुन्दर चित्र

  Unknown

3 May 2018 at 07:28

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